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जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील स्थित बिशनगढ़ के रहने वाले रामनिवास मीणा ने अपने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रामनिवास का कहना है कि उनका पड़ोसी गिरधारीलाल मीणा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा है।
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जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील स्थित बिशनगढ़ के रहने वाले रामनिवास मीणा ने अपने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रामनिवास का कहना है कि उनका पड़ोसी गिरधारीलाल मीणा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा है।
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- पांवटा स्थित कुजोता-अजीतपुरा कलां संघर्ष समिति के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली जाकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल से मुलाक़ात की। समिति के सदस्यों ने उन्हें अवगत कराया कि 2 जून को नेशनल लाइम स्टोन कम्पनी और ग्रामीणों के बीच जो समझौता हुआ था, वही बरकरार रहना चाहिए। इस पर हनुमान बेनीवाल ने दूरभाष के माध्यम से कोटपूतली बहरोड़ की कलेक्टर और एडिशनल SP नाज़िम अली खान से बात की। बेनीवाल ने अधिकारियों से कहा कि उनके और उनकी टीम के साथ हुए समझौते में किसी प्रकार का फेरबदल नहीं होना चाहिए और A ब्लॉक पूरी तरह निरस्त व बंद रहना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को मदद का आश्वासन देते हुए चेतावनी दी कि यदि बंद किए गए A ब्लॉक को फिर से चलाने की कोशिश की गई, तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ग्रामीणों के लिए फिर से पुरज़ोर तरीक़े से आंदोलन करेगी। दिल्ली में हुई इस वार्ता के दौरान संघर्ष समिति के सचिव महेन्द्र मीणा, शीशराम होलदार, भागीरथ मीणा, जगदीश मीणा और अशोक समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- जयपुर के विराटनगर क्षेत्र के राजकीय आयुर्वेद औषधालय किशनपुरा में पिछले कई वर्षों से भारी अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों और मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। औषधालय परिसर और उसके आसपास पिछले कई सालों से गंदा पानी जमा है, जिससे क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ-साथ संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके अलावा, अस्पताल के गोदाम की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। बारिश के मौसम में गोदाम की छत से पानी टपकता है, जिससे वहां रखी बेशकीमती सरकारी दवाइयों और रिकॉर्ड के खराब होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन इस गंभीर समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है। औषधालय में स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल की चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका भारद्वाज ने बताया कि औषधालय में लंबे समय से कंपाउंडर (नर्स) और सफाई कर्मचारी के पद खाली पड़े हैं। स्टाफ न होने के कारण उन्हें मरीजों को देखने के साथ-साथ कंपाउंडिंग, दवा वितरण, साफ-सफाई और कागजी कार्रवाई तक का सारा काम खुद अकेले ही संभालना पड़ रहा है, जिससे उन पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि औषधालय के बाहर से गंदे पानी की तुरंत निकासी करवाई जाए, टपकती छत की मरम्मत हो और रिक्त पदों पर जल्द से जल्द स्टाफ की नियुक्ति की जाए ताकि मरीजों को सुचारू रूप से इलाज मिल सके।1
- कोटपूतली-बहरोड़ के जिला कलेक्ट्रेट सभागार स्थित जिला महिला सभागार में जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और वन स्टॉप सेंटर के प्रभावी संचालन की समीक्षा करना था। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों तथा विभागीय समन्वय पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को समयबद्ध, संवेदनशील और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक संरक्षण प्रदान करने की व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, कलेक्टर ने महिला सुरक्षा से जुड़े सभी मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और जरूरतमंद महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक के दौरान महिला अधिकारिता सहायक निदेशक जुगल किशोर निठारवाल ने महिला अत्याचार से संबंधित मामलों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में महिला सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने और पीड़ितों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, नगर परिषद, पंचायती राज और विधिक सेवा प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- दिल्ली में पेपर लीक मामले को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने देशभर में अपना विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के साथ पुलिस ने बर्बरता की, जिसके विरोध में राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान इन दोनों वरिष्ठ नेताओं ने स्वेच्छा से अपनी गिरफ्तारी दी और पुलिस के साथ थाने पहुंचे। शाम होते-होते पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में भरा और विभिन्न थानों के लिए रवाना किया। इस दौरान कांग्रेस से जुड़े युवाओं ने बसों को रोककर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की, हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए हिरासत की कार्रवाई जारी रखी।1
- जयपुर में ओला कैब चालक 10 किलोमीटर दूर से आ रहे राइड निमंत्रण के कारण परेशान हैं। चालकों को इतनी लंबी दूरी से एयरपोर्ट पर आने का निमंत्रण भेजा जा रहा है, जिससे ओला के ड्राइवर भाइयों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील स्थित बिशनगढ़ के रहने वाले रामनिवास मीणा ने अपने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रामनिवास का कहना है कि उनका पड़ोसी गिरधारीलाल मीणा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा है।1
- जयपुर में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा जी सहित कई कांग्रेस विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। शांतिपूर्वक अपनी बात रख रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई इस गिरफ्तारी की कार्रवाई को बेहद निंदनीय बताया गया है।1