ग्राउंड रिपोर्ट: बेलहरी में बदहाल सरकारी स्कूल, कंचों के खेल में बर्बाद हो रहा बच्चों का भविष्य बेलहरी (बलिया, उत्तर प्रदेश): जनपद बलिया के बेलहरी क्षेत्र से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है, जहाँ सरकारी शिक्षा व्यवस्था की लाचारी और बच्चों का भटकता बचपन साफ़ देखा जा सकता है। जहाँ एक ओर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की हालत खस्ताहाल बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर गाँव के मासूम नौनिहाल पढ़ाई छोड़कर दिनभर कंचों (गोलियों) के खेल में अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। बेलहरी की गलियों का हाल: पढ़ाई से दूरी, खेल में गुम बचपन बेलहरी गाँव की गलियों और चौपालों में सुबह होते ही बच्चों की टोलियाँ जमा हो जाती हैं। जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, वे दिनभर कंचे सँभालने में व्यस्त हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाँव के भोदू (कोहँड़ा), अनीश आंडी, पेड़ा, सूरज भदुआ और सामिल जैसे कई बच्चे सुबह से शाम तक गलियों और पीपल की छाँव में कंचे खेलते नज़र आते हैं। समय और शिक्षा का नुकसान: स्कूल जाने के समय ये बच्चे गाँव के कोनों में कंचों की बाज़ी लगाते हैं, जिससे इनका पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो चुका है। आचरण में बदलाव: दिनभर खेल में उलझे रहने के कारण बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि ख़त्म हो रही है। साथ ही आपस में कहासुनी, गाली-गलौज और छोटी-मोटी शर्त लगाने जैसी नकारात्मक आदतें भी पनप रही हैं। बदहाल सरकारी स्कूल और प्रशासनिक अनदेखी बेलहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति भी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है। पढ़ाई के माहौल का अभाव: प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल न होने से बच्चे स्कूल जाने के बजाय बाहर भटकना ज़्यादा पसंद करते हैं। निगरानी की कमी: शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अध्यापकों की तरफ से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर कोई सख्त निगरानी नहीं रखी जा रही है। अभिभावक और समाज की ज़िम्मेदारी ग्रामीण इलाकों में अधिकांश अभिभावक अपनी रोज़मर्रा की मजूदरी और खेती-किसानी में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे बच्चों पर लगातार नज़र नहीं रख पाते। लेकिन यदि समय रहते भोदू, अनीश, पेड़ा, सूरज और सामिल जैसे बच्चों को इस भटकाव से नहीं निकाला गया, तो इनका शैक्षणिक भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा। सुधार की अपील: बेलहरी के प्रबुद्ध नागरिकों और शिक्षा विभाग को मिलकर पहल करनी होगी ताकि स्कूलों की व्यवस्था दुरुस्त हो और इन बच्चों को दोबारा किताबों की दुनिया से जोड़ा जा सके।
ग्राउंड रिपोर्ट: बेलहरी में बदहाल सरकारी स्कूल, कंचों के खेल में बर्बाद हो रहा बच्चों का भविष्य बेलहरी (बलिया, उत्तर प्रदेश): जनपद बलिया के बेलहरी क्षेत्र से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है, जहाँ सरकारी शिक्षा व्यवस्था की लाचारी और बच्चों का भटकता बचपन साफ़ देखा जा सकता है। जहाँ एक ओर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की हालत खस्ताहाल बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर गाँव के मासूम नौनिहाल पढ़ाई छोड़कर दिनभर कंचों (गोलियों) के खेल में अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। बेलहरी की गलियों का हाल: पढ़ाई से दूरी, खेल में गुम बचपन बेलहरी गाँव की गलियों और चौपालों में सुबह होते ही बच्चों की टोलियाँ जमा हो जाती हैं। जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, वे दिनभर कंचे सँभालने में व्यस्त हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाँव के भोदू (कोहँड़ा), अनीश आंडी, पेड़ा, सूरज भदुआ और सामिल जैसे कई बच्चे सुबह से शाम तक गलियों और पीपल की छाँव में कंचे खेलते नज़र आते हैं। समय और शिक्षा का नुकसान: स्कूल जाने के समय ये बच्चे गाँव के कोनों में कंचों की बाज़ी लगाते हैं, जिससे इनका पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो चुका है। आचरण में बदलाव: दिनभर खेल में
उलझे रहने के कारण बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि ख़त्म हो रही है। साथ ही आपस में कहासुनी, गाली-गलौज और छोटी-मोटी शर्त लगाने जैसी नकारात्मक आदतें भी पनप रही हैं। बदहाल सरकारी स्कूल और प्रशासनिक अनदेखी बेलहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति भी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है। पढ़ाई के माहौल का अभाव: प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल न होने से बच्चे स्कूल जाने के बजाय बाहर भटकना ज़्यादा पसंद करते हैं। निगरानी की कमी: शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अध्यापकों की तरफ से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर कोई सख्त निगरानी नहीं रखी जा रही है। अभिभावक और समाज की ज़िम्मेदारी ग्रामीण इलाकों में अधिकांश अभिभावक अपनी रोज़मर्रा की मजूदरी और खेती-किसानी में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे बच्चों पर लगातार नज़र नहीं रख पाते। लेकिन यदि समय रहते भोदू, अनीश, पेड़ा, सूरज और सामिल जैसे बच्चों को इस भटकाव से नहीं निकाला गया, तो इनका शैक्षणिक भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा। सुधार की अपील: बेलहरी के प्रबुद्ध नागरिकों और शिक्षा विभाग को मिलकर पहल करनी होगी ताकि स्कूलों की व्यवस्था दुरुस्त हो और इन बच्चों को दोबारा किताबों की दुनिया से जोड़ा जा सके।
- 🌾💦 रजवाहा टूटा, 50 एकड़ धान की फसल जलमग्न! 😱 किसानों में मचा हाहाकार 📍 गड़वार के जनऊपुर में नहर टूटने से किसानों की बढ़ी चिंता गड़वार (बलिया)। क्षेत्र के जनऊपुर गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्थान के पास रविवार दोपहर रतसर-सुखपुरा रजवाहा अचानक टूट गया। रजवाहा टूटने से देखते ही देखते करीब 50 एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई। फसल जलमग्न होने से किसानों के सामने भारी नुकसान का संकट खड़ा हो गया है। 🌾💧 ग्रामीणों के अनुसार रजवाहा टूटने की जानकारी रात में ही विभागीय कर्मचारियों को दे दी गई थी, लेकिन दूसरे दिन तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। 🚜 ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा नहर टूटने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर टूटे हिस्से को बांधने का प्रयास किया, लेकिन लगातार मिट्टी खिसकने के कारण सफलता नहीं मिली। देखते ही देखते टूटे स्थान की चौड़ाई दो मीटर से अधिक हो गई और पानी खेतों में फैल गया। 👨🌾 किसान गिरीश पाण्डेय, उमाशंकर, सुरेंद्र राम, सुदर्शन राम, उतिल गोड़ और राकेश पांडेय ने बताया कि पिछले दो वर्षों से इसी स्थान पर रजवाहा बार-बार टूट रहा है, जिससे हर साल सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित हो रही है। किसानों ने स्थायी समाधान की मांग की है। 📢 क्या आपके गांव में भी नहर या रजवाहे की ऐसी समस्या है? हमें कमेंट में बताएं और यह खबर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए शेयर करें। 🔔 बलिया की हर स्थानीय खबर सबसे पहले पाने के लिए चैनल को Follow/Subscribe जरूर करें। 🌾 #किसान_समस्या 💧 #रजवाहा_टूटा 🚨 #बलिया_न्यूज 📍 #गड़वार 📰 #BalliaNews 👉 “किसानों की आवाज दबनी नहीं चाहिए—खबर शेयर करें, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों तक बात पहुंचे।” 🌾📢2
- शिवरामपुर तेलिया टोला में बच्चों ने निकाली तिरंगा यात्रा, गूंजे देशभक्ति के नारे बलिया। विश्व आदिवासी दिवस और अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर शनिवार 9 अगस्त को मदर टेरेसा बाल शिक्षा सेवा समिति द्वारा ग्राम सभा शिवरामपुर, तेलिया टोला में देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों बच्चों को राष्ट्रीय गीतों की किताबें, राष्ट्रीय ध्वज, बिल्ला और तिरंगा पट्टा वितरित कर प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी के दौरान बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर पूरे गांव का भ्रमण किया। इस दौरान “गांधी जी अमर रहें”, “जवाहरलाल नेहरू अमर रहें”, “भारत माता की जय”, “जय हिंद” और “जय भारत” जैसे देशभक्ति नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम में महात्मा गांधी के “अंग्रेजों भारत छोड़ो” के आह्वान और स्वतंत्रता आंदोलन के महान बलिदानियों को भी याद किया गया। तिरंगा यात्रा के समापन के बाद बच्चों को मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सोशल वर्कर जाकिर हुसैन ने किया। इस अवसर पर शिवानी पटेल, अंशु पटेल, संगम, मनीषा, शिवम, अदीब खान, नैना, सत्यम, माही, रिया, कृति, अफजल, अरबाज, आमिर, श्याम जी, खुशी और प्रिया सहित बड़ी संख्या में बच्चे व ग्रामीण मौजूद रहे। 📲 आपके गांव या क्षेत्र में भी हुआ कोई खास सामाजिक, सांस्कृतिक या देशभक्ति कार्यक्रम? खबर और फोटो हमारे साथ साझा करें।1
- ग्राउंड रिपोर्ट: बेलहरी में बदहाल सरकारी स्कूल, कंचों के खेल में बर्बाद हो रहा बच्चों का भविष्य बेलहरी (बलिया, उत्तर प्रदेश): जनपद बलिया के बेलहरी क्षेत्र से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है, जहाँ सरकारी शिक्षा व्यवस्था की लाचारी और बच्चों का भटकता बचपन साफ़ देखा जा सकता है। जहाँ एक ओर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की हालत खस्ताहाल बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर गाँव के मासूम नौनिहाल पढ़ाई छोड़कर दिनभर कंचों (गोलियों) के खेल में अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। बेलहरी की गलियों का हाल: पढ़ाई से दूरी, खेल में गुम बचपन बेलहरी गाँव की गलियों और चौपालों में सुबह होते ही बच्चों की टोलियाँ जमा हो जाती हैं। जिन हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, वे दिनभर कंचे सँभालने में व्यस्त हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाँव के भोदू (कोहँड़ा), अनीश आंडी, पेड़ा, सूरज भदुआ और सामिल जैसे कई बच्चे सुबह से शाम तक गलियों और पीपल की छाँव में कंचे खेलते नज़र आते हैं। समय और शिक्षा का नुकसान: स्कूल जाने के समय ये बच्चे गाँव के कोनों में कंचों की बाज़ी लगाते हैं, जिससे इनका पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो चुका है। आचरण में बदलाव: दिनभर खेल में उलझे रहने के कारण बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि ख़त्म हो रही है। साथ ही आपस में कहासुनी, गाली-गलौज और छोटी-मोटी शर्त लगाने जैसी नकारात्मक आदतें भी पनप रही हैं। बदहाल सरकारी स्कूल और प्रशासनिक अनदेखी बेलहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति भी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है। पढ़ाई के माहौल का अभाव: प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल न होने से बच्चे स्कूल जाने के बजाय बाहर भटकना ज़्यादा पसंद करते हैं। निगरानी की कमी: शिक्षा विभाग के अधिकारियों और अध्यापकों की तरफ से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर कोई सख्त निगरानी नहीं रखी जा रही है। अभिभावक और समाज की ज़िम्मेदारी ग्रामीण इलाकों में अधिकांश अभिभावक अपनी रोज़मर्रा की मजूदरी और खेती-किसानी में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे बच्चों पर लगातार नज़र नहीं रख पाते। लेकिन यदि समय रहते भोदू, अनीश, पेड़ा, सूरज और सामिल जैसे बच्चों को इस भटकाव से नहीं निकाला गया, तो इनका शैक्षणिक भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा। सुधार की अपील: बेलहरी के प्रबुद्ध नागरिकों और शिक्षा विभाग को मिलकर पहल करनी होगी ताकि स्कूलों की व्यवस्था दुरुस्त हो और इन बच्चों को दोबारा किताबों की दुनिया से जोड़ा जा सके।2
- road sikayat ke liye panjwar gav ka road1
- tarai Kshetra Ramnagar mein छोटे-छोटे bacche Puri ka hotel lagakar gadi per gadi Pilibhit tahsil kalinagar Thana Madhav Tanda ke Sarai Kshetra Ramnagar mein छोटे-छोटे bacche sardaron ke Khushi rishtedar ki gadi Hai usmein hotel laga hua hai police ka police gadi Hai Nai gadi Scorpio use gadi ko gaon ke andar hotel Baja ke chalate hue ghumte hain aur Davangere dikha rahe hain छोटे-छोटे bacche police ka hotel inke jo rishtedar hai vah police mein Hai to unka gadi lekar yah log chala rahe hain bacche jinka umra Abhi 16 17 sal honge jinke pass licence vagaira to nahin hoga fir bhi unko kis liye log gadi de rahe hain apni aur yah log dabang Kshetra mein voter Baja ke gadi ka hamare Thana prabhari Ji Se anurodh hai ki jald se jald chij ke liye Koi action le1
- बाबा महेंद्रनाथ मंदिर में हजारों ने किया दुग्धाभिषेक सिसवन (सिवान)सावन के कृष्ण पक्ष एकादशी पर बाबा महेंद्रनाथ धाम मेहंदार में आस्था का सैलाब उमड़ा। यादव समुदाय सहित सारण और यूपी के बलिया से आए हजारों श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष के बीच बाबा का दुग्धाभिषेक किया। पुजारियों के अनुसार दोपहर तक शिवलिंग का अरघा दो दर्जन बार दूध से भरा गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।1
- बलिया में मेधावी छात्रों का भव्य सम्मान, शिक्षा के प्रति बढ़ा उत्साह; डॉ. सुनील कुमार ठाकुर ने कही बड़ी बात 📍 बलिया बलिया नगर के कदम चौराहा स्थित गणिनाथ मंदिर के सामने एक लॉज में रविवार को ऑल इंडिया महापद्मनंद कम्युनिटी एजुकेटेड एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश, जनपद बलिया की ओर से भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हाईस्कूल, इंटरमीडिएट एवं डिप्लोमा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश महासचिव उदय नारायण नंद तथा विशिष्ट अतिथि मंडल अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार ठाकुर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नथुनी राम नंद ने की, जबकि संचालन चंद्रहास नंद ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद श्रेया कुमारी ने बुद्ध वंदना प्रस्तुत की। समारोह में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट एवं डिप्लोमा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सुजीत कुमार, अनीस कुमार, वैभव कुमार, प्रियांसु कुमार, प्रिन्स कुमार, विवेक कुमार, प्रीति शर्मा, श्रुति कुमारी, कशिश कुमारी, रवी ठाकुर सहित कई मेधावी विद्यार्थियों को मेडल, मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सुमन नंदा, ई. अशोक कुमार नंद, एडवोकेट निर्मल कुमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। 🎤 अब सुनिए डॉ. सुनील कुमार ठाकुर ने मेधावी छात्रों और शिक्षा को लेकर क्या कुछ कहा... आपको क्या लगता है—ऐसे सम्मान समारोह से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ता है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।1
- बलिया: किशोरी को बहला- फुसलाकर ले जाने का आरोप, बाल अपचारी को हिरासत, मुकदमा सुखपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी को कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ गलत कृत्य किए जाने का आरोप सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि पड़ोस का ही एक युवक किशोरी को कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।1