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Dk Mahesh vlogs 117 नाम का चैनल अपने दर्शकों से जुड़ने की अपील कर रहा है। चैनल के संचालक ने बताया है कि जो लोग उनके चैनल को सब्सक्राइब और फॉलो करेंगे, उन्हें 'Dk Mahesh vlogs 117' पर उपलब्ध सभी वीडियो देखने को मिलेंगी, जिनमें व्लॉग्स भी शामिल हैं।

16 hrs ago
user_Mahesh Ajnar
Mahesh Ajnar
Psychologist झाबुआ, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
16 hrs ago
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Dk Mahesh vlogs 117 नाम का चैनल अपने दर्शकों से जुड़ने की अपील कर रहा है। चैनल के संचालक ने बताया है कि जो लोग उनके चैनल को सब्सक्राइब और फॉलो करेंगे, उन्हें 'Dk Mahesh vlogs 117' पर उपलब्ध सभी वीडियो देखने को मिलेंगी, जिनमें व्लॉग्स भी शामिल हैं।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • दाहोद में राम देव पीर की जयकार की गई है, और दाहोद का भी गुणगान हुआ है। संजेली में आदिवासी समाज के बीच स्थापित रामपीरमन्दिर की भी जय-जयकार की गई है।
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    दाहोद में राम देव पीर की जयकार की गई है, और दाहोद का भी गुणगान हुआ है। संजेली में आदिवासी समाज के बीच स्थापित रामपीरमन्दिर की भी जय-जयकार की गई है।
    user_Bhiku Vasuniya
    Bhiku Vasuniya
    Farmer भावरा, अलीराजपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को बांसवाड़ा के कुशलगढ़ स्थित मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में योगाभ्यास के साथ-साथ मतदाता जागरूकता पर भी जोर दिया गया, जिसे "योग भी – वोट भी" थीम के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपस्थित विद्यार्थियों और अन्य लोगों को योग के महत्व और मतदान की उपयोगिता दोनों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक धर्मेन्द्र देवड़ा ने सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया, साथ ही योग को एक स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया। महाविद्यालय के प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास, नशामुक्त जीवन शैली अपनाने तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मतदान करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रभावी माध्यम है, जबकि एक जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है। प्रोफेसर लक्ष्मणलाल परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र कुमार मकवाना ने किया, जिसमें महाविद्यालय के सभी आचार्यगण, शिक्षकगण, गणमान्यजन, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थितजनों को योग और मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई। प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और जन-जागरूकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कुशलगढ़ उपखंड स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी योग दिवस मनाया गया। इनमें मोहकमपुरा, बड़ी सरवा, पाटन, वरसाला, छोटी सरवा और बस्सी जैसे गाँव शामिल थे। ग्राम पंचायत भंवर्दा मुख्यालय पर भी योगासन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें सरपंच साहब तेर सिंह, भाई प्रकाश जी, सी एस ओ दिलीप जी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोराज के प्रधानाध्यापक बलवंत सिंह गणावा, एएनएम, समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम पंचायत के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को बांसवाड़ा के कुशलगढ़ स्थित मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में योगाभ्यास के साथ-साथ मतदाता जागरूकता पर भी जोर दिया गया, जिसे "योग भी – वोट भी" थीम के तहत निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपस्थित विद्यार्थियों और अन्य लोगों को योग के महत्व और मतदान की उपयोगिता दोनों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक धर्मेन्द्र देवड़ा ने सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया, साथ ही योग को एक स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया। महाविद्यालय के प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास, नशामुक्त जीवन शैली अपनाने तथा लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए मतदान करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रभावी माध्यम है, जबकि एक जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है। प्रोफेसर लक्ष्मणलाल परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र कुमार मकवाना ने किया, जिसमें महाविद्यालय के सभी आचार्यगण, शिक्षकगण, गणमान्यजन, पत्रकार बंधु और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थितजनों को योग और मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई गई।

प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन और जन-जागरूकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कुशलगढ़ उपखंड स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी योग दिवस मनाया गया। इनमें मोहकमपुरा, बड़ी सरवा, पाटन, वरसाला, छोटी सरवा और बस्सी जैसे गाँव शामिल थे। ग्राम पंचायत भंवर्दा मुख्यालय पर भी योगासन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें सरपंच साहब तेर सिंह, भाई प्रकाश जी, सी एस ओ दिलीप जी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोराज के प्रधानाध्यापक बलवंत सिंह गणावा, एएनएम, समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम पंचायत के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    59 min ago
  • आलीराजपुर जिले में संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से शनिवार रात 8 बजे हवाई हमले और ब्लैकआउट की एक सफल मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर के निर्देशन और अपर कलेक्टर श्री सोहन कनास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आपदा या आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता और समन्वय की जांच करना था। ड्रिल के दौरान, शहर की विद्युत आपूर्ति को निर्धारित समय के लिए बंद करके ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित की गई और सायरन बजाकर नागरिकों को सतर्क किया गया। इस अभ्यास में पुलिस विभाग, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा और चिकित्सा दलों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन टीमों ने त्वरित बचाव, राहत और आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया, जिससे विभिन्न एजेंसियों की तत्परता का परीक्षण हुआ। अपर कलेक्टर श्री सोहन कनास ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल से आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होती है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जिला प्रशासन किसी भी संभावित आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और मुस्तैद है। इस सफल आयोजन से जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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    आलीराजपुर जिले में संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से शनिवार रात 8 बजे हवाई हमले और ब्लैकआउट की एक सफल मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर के निर्देशन और अपर कलेक्टर श्री सोहन कनास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य आपदा या आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता और समन्वय की जांच करना था।

ड्रिल के दौरान, शहर की विद्युत आपूर्ति को निर्धारित समय के लिए बंद करके ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित की गई और सायरन बजाकर नागरिकों को सतर्क किया गया। इस अभ्यास में पुलिस विभाग, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा और चिकित्सा दलों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन टीमों ने त्वरित बचाव, राहत और आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया, जिससे विभिन्न एजेंसियों की तत्परता का परीक्षण हुआ।

अपर कलेक्टर श्री सोहन कनास ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल से आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होती है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जिला प्रशासन किसी भी संभावित आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और मुस्तैद है। इस सफल आयोजन से जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
    user_आलीराजपुर समाचार
    आलीराजपुर समाचार
    Local News Reporter अलीराजपुर, अलीराजपुर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • यह पाठ 'बुढ़ापे का सहारा' विषय पर आधारित एक कहानी प्रस्तुत करता है।
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    यह पाठ 'बुढ़ापे का सहारा' विषय पर आधारित एक कहानी प्रस्तुत करता है।
    user_Shyam Pokra
    Shyam Pokra
    Hindi sahitya writer. Ratlam, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, बांसवाड़ा के मयूर नगर, लोधा स्थित आर एस डब्ल्यू एम लिमिटेड में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एलएनजे परिवार के सदस्यों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देना था। महा प्रबंधक लीगल एवं पीआर मनोज शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य संचालन अधिकारी शंभू कुमार शर्मा रहे। योग प्रचारक घनश्याम जोशी के सान्निध्य में मयूर परिवार के लगभग 150 अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्य अतिथि शंभू कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में प्रकृति से जुड़कर शरीर को स्वस्थ रखने पर जोर दिया और प्रतिदिन 20 से 25 मिनट योग के लिए निकालने की सलाह दी। योग प्रचारक घनश्याम जोशी ने योग के माध्यम से विभिन्न बीमारियों से बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण योगासन भी करवाए। कार्यक्रम के दौरान, महा प्रबंधक प्रीतम गुजर ने सभी उपस्थित सदस्यों को नियमित योग करने और स्वस्थ जीवन अपनाने की शपथ दिलाई। संस्थान के श्रमिकों ने भी योग के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उच्च अधिकारी क्षितिज आनन्द, वीरेन्द्र कुमार चौधरी, नरेंद्र भंडारी, परेश हाटकर, महेश लडडा, देव गोपाल, उपेंद्र सिंह, मनोज्ञ लडडा सहित महिला क्लब सदस्य इंद्रा भंडारी, शशि द्विवेदी एवं ममता तिवारी सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अभिमन्यु सिंह ने किया, जिन्होंने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, बांसवाड़ा के मयूर नगर, लोधा स्थित आर एस डब्ल्यू एम लिमिटेड में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एलएनजे परिवार के सदस्यों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देना था।

महा प्रबंधक लीगल एवं पीआर मनोज शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य संचालन अधिकारी शंभू कुमार शर्मा रहे। योग प्रचारक घनश्याम जोशी के सान्निध्य में मयूर परिवार के लगभग 150 अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्य अतिथि शंभू कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में प्रकृति से जुड़कर शरीर को स्वस्थ रखने पर जोर दिया और प्रतिदिन 20 से 25 मिनट योग के लिए निकालने की सलाह दी। योग प्रचारक घनश्याम जोशी ने योग के माध्यम से विभिन्न बीमारियों से बचाव एवं उपचार की जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण योगासन भी करवाए।

कार्यक्रम के दौरान, महा प्रबंधक प्रीतम गुजर ने सभी उपस्थित सदस्यों को नियमित योग करने और स्वस्थ जीवन अपनाने की शपथ दिलाई। संस्थान के श्रमिकों ने भी योग के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उच्च अधिकारी क्षितिज आनन्द, वीरेन्द्र कुमार चौधरी, नरेंद्र भंडारी, परेश हाटकर, महेश लडडा, देव गोपाल, उपेंद्र सिंह, मनोज्ञ लडडा सहित महिला क्लब सदस्य इंद्रा भंडारी, शशि द्विवेदी एवं ममता तिवारी सपरिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अभिमन्यु सिंह ने किया, जिन्होंने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र की वरसाला ग्राम पंचायत में स्थित पांच डुंगरी और कर्ण घाटी, महाभारत काल से ही धार्मिक आस्था का केंद्र रही हैं। अज्ञातवास के समय पांडवों ने इन स्थलों पर घोर तपस्या की थी, जिससे ये स्थान द्वापर युग की घटनाओं के जीवंत साक्षी बन गए हैं, हालांकि सरकारी उपेक्षा के कारण ये अभी भी पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ पाए हैं। प्राइम न्यूज़ राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कौरवों द्वारा मामा शकुनि की चाल से छल-कपट कर पांडवों को अज्ञातवास दिया गया था, इस शर्त के साथ कि यदि अज्ञातवास भंग हुआ तो उन्हें दोबारा अज्ञातवास भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान, पांडवों ने भेस बदलकर माता कुंती और पांचाली द्रौपदी के साथ बांसवाड़ा जिले के घोटीया आंबा में शरण ली। बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी या लघु काशी भी कहा जाता है, और घोटीया आंबा में आज भी पांचों पांडवों की प्रतिमाएं तथा दो छल कुंड मौजूद हैं, जहाँ गोमुख से निर्मल जलधारा बहती है और प्रतिवर्ष मेला लगता है। इसी पवित्र धाम पर पांडवों ने जप-तप, यज्ञ-हवन और विधि-विधान से पूजा अर्चना की, तब भगवान शिव ने असत्य पर सत्य की जीत का आशीर्वाद दिया। किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव के बताए विधि-विधान से पांडवों ने अपनी माता कुंती व पांचाली द्रौपदी के साथ पांच डुंगरी पर बैठकर आराधना शुरू की। जब सुत पुत्र कर्ण को पांडवों के पांच डुंगरी पर होने का पता चला, तो वह अपनी विशाल सेना लेकर अज्ञातवास भंग करने आया। किंतु ईश्वरीय शक्ति के आगे कर्ण भी नतमस्तक हो गया, वह दिग्भ्रमित होकर पांडवों को पहचान नहीं पाया और उल्टे पांव वापस लौट गया। यह स्थल आज कर्ण घाटी के नाम से जाना जाता है। जनश्रुति के अनुसार, पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी द्वारा तपस्या की गई पांच डुंगरी और उनकी दो अलग डुंगरिया आज भी इस बियाबान जंगल में विद्यमान हैं। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, जांबुखंड के औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ और वरसाला के वर्तमान सरपंच भुरसिंह खराडी ने बताया कि पांच डुंगरी जन आस्था का केंद्र बिंदु है, जहाँ महाभारत की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, यह प्राचीन स्थल सरकारी प्रशासन और पुरा संपदा की अनदेखी का हमेशा से शिकार रहा है। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ ने इस पवित्र स्थल के जीर्णोद्धार की एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें पांचों पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी की लघु प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ गुरुकुल, गौशाला, साधु-संतों के लिए आश्रम और सुंदर बगीचे का भी निर्माण किया जाएगा। इस संदर्भ में, संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ, राजस्थान मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनी सहित संघ के सभी सम्मानित पदाधिकारियों ने पांच डुंगरी का अवलोकन किया। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पवित्र स्थल जन आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
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    राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र की वरसाला ग्राम पंचायत में स्थित पांच डुंगरी और कर्ण घाटी, महाभारत काल से ही धार्मिक आस्था का केंद्र रही हैं। अज्ञातवास के समय पांडवों ने इन स्थलों पर घोर तपस्या की थी, जिससे ये स्थान द्वापर युग की घटनाओं के जीवंत साक्षी बन गए हैं, हालांकि सरकारी उपेक्षा के कारण ये अभी भी पूरी तरह अस्तित्व में नहीं आ पाए हैं।

प्राइम न्यूज़ राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कौरवों द्वारा मामा शकुनि की चाल से छल-कपट कर पांडवों को अज्ञातवास दिया गया था, इस शर्त के साथ कि यदि अज्ञातवास भंग हुआ तो उन्हें दोबारा अज्ञातवास भुगतना पड़ेगा। इसी दौरान, पांडवों ने भेस बदलकर माता कुंती और पांचाली द्रौपदी के साथ बांसवाड़ा जिले के घोटीया आंबा में शरण ली। बांसवाड़ा जिले को लोड़ी काशी या लघु काशी भी कहा जाता है, और घोटीया आंबा में आज भी पांचों पांडवों की प्रतिमाएं तथा दो छल कुंड मौजूद हैं, जहाँ गोमुख से निर्मल जलधारा बहती है और प्रतिवर्ष मेला लगता है। इसी पवित्र धाम पर पांडवों ने जप-तप, यज्ञ-हवन और विधि-विधान से पूजा अर्चना की, तब भगवान शिव ने असत्य पर सत्य की जीत का आशीर्वाद दिया। किंवदंती के अनुसार, भगवान शिव के बताए विधि-विधान से पांडवों ने अपनी माता कुंती व पांचाली द्रौपदी के साथ पांच डुंगरी पर बैठकर आराधना शुरू की। जब सुत पुत्र कर्ण को पांडवों के पांच डुंगरी पर होने का पता चला, तो वह अपनी विशाल सेना लेकर अज्ञातवास भंग करने आया। किंतु ईश्वरीय शक्ति के आगे कर्ण भी नतमस्तक हो गया, वह दिग्भ्रमित होकर पांडवों को पहचान नहीं पाया और उल्टे पांव वापस लौट गया। यह स्थल आज कर्ण घाटी के नाम से जाना जाता है। जनश्रुति के अनुसार, पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी द्वारा तपस्या की गई पांच डुंगरी और उनकी दो अलग डुंगरिया आज भी इस बियाबान जंगल में विद्यमान हैं।

राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ के संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, जांबुखंड के औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ और वरसाला के वर्तमान सरपंच भुरसिंह खराडी ने बताया कि पांच डुंगरी जन आस्था का केंद्र बिंदु है, जहाँ महाभारत की यादें ताजा हो जाती हैं। हालांकि, यह प्राचीन स्थल सरकारी प्रशासन और पुरा संपदा की अनदेखी का हमेशा से शिकार रहा है। राष्ट्रीय मानव धर्म सक्षा संघ ने इस पवित्र स्थल के जीर्णोद्धार की एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें पांचों पांडवों, माता कुंती और पांचाली द्रौपदी की लघु प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, यहाँ गुरुकुल, गौशाला, साधु-संतों के लिए आश्रम और सुंदर बगीचे का भी निर्माण किया जाएगा। इस संदर्भ में, संघ प्रमुख संत नरसिंह गिरी महाराज, औघड़ संत प्रेमनाथ ईश्वर नाथ, राजस्थान मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सोनी सहित संघ के सभी सम्मानित पदाधिकारियों ने पांच डुंगरी का अवलोकन किया। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह पवित्र स्थल जन आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • यूट्यूब पर 'dk Mahesh vlogs 117' नामक चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, यह भी अनुरोध किया गया है कि इस चैनल को सभी दोस्तों के साथ शेयर करें।
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    यूट्यूब पर 'dk Mahesh vlogs 117' नामक चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, यह भी अनुरोध किया गया है कि इस चैनल को सभी दोस्तों के साथ शेयर करें।
    user_Mahesh Ajnar
    Mahesh Ajnar
    Psychologist झाबुआ, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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