राजस्थान के करौली जिले के हिण्डौन ग्राम पंचायत गुनसार के गांव कुतुकपुर में सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण विफल होती दिख रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, गांव में टंकी के निर्माण को एक साल बीत जाने पर भी पानी की सप्लाई चालू नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही के विरोध में प्रदर्शन किया है। शनिवार दोपहर 3:00 बजे, सलाम, अय्यूब, कुम्हेर, कल्लू, हसनु, सद्दीक, शकील और जहीर सहित प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के लगभग तीन साल बाद, टंकी वर्ष 2025 में बनकर तैयार हुई थी। शुरुआती चरण में जलापूर्ति का ट्रायल भी किया गया था, लेकिन घरों तक पानी पहुंचने से पहले ही पूरी योजना की खामियां उजागर हो गईं। इसके परिणामस्वरूप, गांव के लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं और परिवार की महिलाओं को पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें पानी नहीं मिला है, जिससे जल जीवन मिशन की यह महत्वपूर्ण योजना कुतुकपुर में पूरी तरह से विफल साबित हुई है।
राजस्थान के करौली जिले के हिण्डौन ग्राम पंचायत गुनसार के गांव कुतुकपुर में सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण विफल होती दिख रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, गांव में टंकी के निर्माण को एक साल बीत जाने पर भी पानी की सप्लाई चालू नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही के विरोध में प्रदर्शन किया है। शनिवार दोपहर 3:00 बजे, सलाम, अय्यूब, कुम्हेर, कल्लू, हसनु, सद्दीक, शकील और जहीर सहित प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के लगभग तीन साल बाद, टंकी वर्ष 2025 में बनकर तैयार हुई थी। शुरुआती चरण में जलापूर्ति का ट्रायल भी किया गया था, लेकिन घरों तक पानी पहुंचने से पहले ही पूरी योजना की खामियां उजागर हो गईं। इसके परिणामस्वरूप, गांव के लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं और परिवार की महिलाओं को पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें पानी नहीं मिला है, जिससे जल जीवन मिशन की यह महत्वपूर्ण योजना कुतुकपुर में पूरी तरह से विफल साबित हुई है।
- राजस्थान के करौली जिले के हिण्डौन ग्राम पंचायत गुनसार के गांव कुतुकपुर में सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण विफल होती दिख रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, गांव में टंकी के निर्माण को एक साल बीत जाने पर भी पानी की सप्लाई चालू नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही के विरोध में प्रदर्शन किया है। शनिवार दोपहर 3:00 बजे, सलाम, अय्यूब, कुम्हेर, कल्लू, हसनु, सद्दीक, शकील और जहीर सहित प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के लगभग तीन साल बाद, टंकी वर्ष 2025 में बनकर तैयार हुई थी। शुरुआती चरण में जलापूर्ति का ट्रायल भी किया गया था, लेकिन घरों तक पानी पहुंचने से पहले ही पूरी योजना की खामियां उजागर हो गईं। इसके परिणामस्वरूप, गांव के लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं और परिवार की महिलाओं को पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें पानी नहीं मिला है, जिससे जल जीवन मिशन की यह महत्वपूर्ण योजना कुतुकपुर में पूरी तरह से विफल साबित हुई है।1
- मौजूदा जानकारी के अनुसार, सफाई व्यवस्था का अभाव है।1
- सवाई माधोपुर के गंगापुर में भोलेनाथ की प्राण प्रतिष्ठा समारोह भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में 'ओम नमः शिवाय' का जय घोष गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत शिव मंदिर में एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जहाँ संतों को दान-दक्षिणा दी गई।1
- पीलौदा और खंण्डीप के गेटों पर कुछ आवश्यक कार्य किया जाने वाला है।1
- किशन नगर वार्ड 32 में भूमिया मंदिर के पास पिछले 20 दिनों से सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे कॉलोनी के लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर हानि पहुँच रही है। इस समस्या के समाधान के लिए 181 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, अयन साहब को लिखित शिकायत दी गई और एसडीएम साहब को भी ज्ञापन सौंपा गया, फिर भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों ने इस गंदे पानी को जल्द से जल्द साफ कराने की तत्काल मांग की है।2
- कल रविवार को करौली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनेंगे। खेड़ा जमालपुर मंडल के बूथ अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ता सुबह 10:00 बजे से इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।1
- गॉंवडा प्रीमियर लीग-4 में 25 जून को हुए रोमांचक मुकाबलों में कोंडर टीम ने लगातार दो शानदार जीत दर्ज कर अपनी दावेदारी मजबूत की और क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। दिन की शुरुआत रॉयल बीसीसी सुरोठ के प्रभावशाली प्रदर्शन से हुई, जिसने परीता को 37 रन से हराया। सुरोठ और परीता के मुकाबले में, रॉयल बीसीसी सुरोठ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 151/7 रन बनाए। विशाल सिंह ने 44, सौम्य प्रताप ने 38 और आशीष मीणा ने 28 रन का अहम योगदान दिया। जवाब में परीता की टीम निर्धारित 10 ओवर में 114/3 रन ही बना सकी, जिसमें अभिषेक चौधरी ने नाबाद 49 और माही गुर्जर ने 32 रन बनाए। विशाल सिंह को 15 गेंदों पर 44 रन बनाने और 2 विकेट लेने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इसके बाद, कोंडर ने सौरभ कैंपस को एकतरफा मुकाबले में 8 विकेट से हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। सौरभ कैंपस की टीम 73 रन पर सिमट गई, जबकि कोंडर ने लक्ष्य को केवल 5.1 ओवर में हासिल कर लिया। डी.जे. जयपुर ने 44 रन और अनिल वर्मा ने 16 रन का योगदान दिया। धारा सिंह को 2 ओवर में 1 रन देकर 5 विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' घोषित किया गया। दिन के सबसे रोमांचक मुकाबले और तीसरे राउंड में कोंडर का सामना रॉयल बीसीसी सुरोठ से हुआ, जहाँ कोंडर ने लगातार दूसरी जीत हासिल करते हुए 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। रॉयल बीसीसी सुरोठ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 128/5 रन बनाए, जिसमें कान्हा परमार ने 54 रनों की पारी खेली। कोंडर ने 9.3 ओवर में 131/3 रन बनाकर यह मैच जीत लिया। डी.जे. जयपुर ने 25 गेंदों में 44 रन और अनिल वर्मा ने 38 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। डी.जे. जयपुर को 44 रन और 2 विकेट के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला।1
- भारत विकास परिषद करौली के तत्वावधान में त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में परिषद के संस्थापक सदस्य सूरज प्रकाश मित्तल की जयंती 'सेवा पखवाड़े' के रूप में मनाई गई। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, स्वामी विवेकानंद और सूरज प्रकाश मित्तल के चित्रपट पर दीप प्रज्वलन तथा वंदे मातरम गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रांतीय आई टी प्रभारी योगेन्द्र सिंघल ने नशे के दुष्परिणामों और समाज को होने वाली हानि पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र को सामूहिक रूप से नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की सामूहिक शपथ लेते हुए नशा मुक्ति का संकल्प लिया गया। परिषद ने 'थैली छोड़ो थैला अपनाओ' अभियान भी चलाया और थैलों का वितरण किया। उपस्थित लोगों ने एक बैनर पर हस्ताक्षर कर नशा न करने की प्रतिज्ञा ली। इस कार्यक्रम में प्रांतीय पर्यावरण प्रभारी एडवोकेट सीताराम शर्मा, प्रांतीय आई टी प्रभारी योगेन्द्र सिंघल, नीरज बजाज, गोविन्द लोहे वाले, अरविंद अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता, प्रकाश गुप्ता, अमरसिंह, डॉ प्रदीप जैन, जुगल किशोर चतुर्वेदी, मोती लाल शाक्यवार, गणेश प्रजापत, कैलाश बजाज, महेंद्र पाटोर और गजानंद खेडीया सहित कई सदस्य मौजूद रहे।1