सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में उठाया एम्स में डॉक्टरों की कमी का मामला सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में उठाया एम्स में डॉक्टरों की कमी का मामला बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के इलाज के लिए मरीज जाते हैं एम्स फरसगांव :- रायपुर एम्स में डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी का मुद्दा राज्यसभा में गूंजा। कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने मंगलवार को शून्यकाल के दौरान अस्पताल की माली हालत बयां करते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। बताते चलें कि रायपुर स्थित एम्स में इलाज कराने छत्तीसगढ़ के बस्तर सहित दो दर्जन से अधिक जिलों के मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, किंतु यहां व्याप्त अव्यवस्था के चलते इन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलता तो वह भी इलाज नहीं देने के समान ही माना जाता है। यही हाल रायपुर स्थित एम्स का है। जहां गंभीर बीमारियों से पीडित मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स, रायपुर में चिकित्सक के 305 पद स्वीकृत हैं, जिसकी तुलना में केवल 190 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। 115 पद खाली पड़े हैं. सबसे ज्यादा कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग चिकित्सक की कमी से जूझ रहे हैं। नर्स, तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में लगे स्टाफ के 3 हजार 884 पद स्वीकृत हैं, 2 हजार 387 स्टाफ कार्यरत है, 1 हजार 497 पद खाली पडे हैं।
सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में उठाया एम्स में डॉक्टरों की कमी का मामला सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में उठाया एम्स में डॉक्टरों की कमी का मामला बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के इलाज के लिए मरीज जाते हैं एम्स फरसगांव :- रायपुर एम्स में डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी का मुद्दा राज्यसभा में गूंजा। कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने मंगलवार को शून्यकाल के दौरान अस्पताल की माली हालत बयां करते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। बताते चलें कि रायपुर स्थित एम्स में इलाज कराने छत्तीसगढ़ के बस्तर सहित दो दर्जन से अधिक जिलों के मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, किंतु यहां व्याप्त अव्यवस्था के चलते इन्हें
पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलता तो वह भी इलाज नहीं देने के समान ही माना जाता है। यही हाल रायपुर स्थित एम्स का है। जहां गंभीर बीमारियों से पीडित मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स, रायपुर में चिकित्सक के 305 पद स्वीकृत हैं, जिसकी तुलना में केवल 190 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। 115 पद खाली पड़े हैं. सबसे ज्यादा कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग चिकित्सक की कमी से जूझ रहे हैं। नर्स, तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में लगे स्टाफ के 3 हजार 884 पद स्वीकृत हैं, 2 हजार 387 स्टाफ कार्यरत है, 1 हजार 497 पद खाली पडे हैं।
- *बुनागाँव की छात्रा जानवी कौशिक का जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए चयन* कोंडागांव - प्रतिभा और कड़े संघर्ष के संगम से सफलता की नई इबारत लिखी जाती है।कुछ ऐसा ही कर दिखाया है कोंडागांव जिला अंतर्गत ग्राम बुनागाँव की होनहार छात्रा जानवी कौशिक ने।जनपद प्राथमिक शाला बुनागाँव की कक्षा पांचवी की छात्रा जानवी का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय कोंडागांव के लिए हुआ है। *सफलता की परंपरा बना बुनागाँव स्कूल* यह उपलब्धि न केवल जानवी के परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।इस सफलता के पीछे शिक्षक सूरज नेताम और मोनिका साहू का विशेष योगदान है जिनके मार्गदर्शन में छात्र 4-5 माह तक कड़ी मेहनत और विशेष अध्ययन करते हैं।गौरतलब हो कि शाला में प्रतिवर्ष स्कूल सहित अवकाश के दिनों में शिक्षकों के द्वारा कोचिंग सह मार्गदर्शन दिए जा रहे हैं,फलस्वरूप हर वर्ष बच्चे प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर उच्च शैक्षणिक संस्थानों चयनित हो रहे हैं।उनके मार्गदर्शन में अभी तक 45 से अधिक बच्चे नवोदय स्कूल, एकलव्य,आदर्श,बुनियादी विद्यालय,प्रयास सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर निःशुल्क उच्च आवासीय शैक्षणिक संस्थानों में चयनित होकर अपना भविष्य गढ़ रहे हैं।1
- नए थाना प्रभारी सीएस श्रीवास से उम्मीद संस्था के सदस्यों ने की भेंट मुलाकात फरसगांव :- थाने में नये थाना प्रभारी चन्द्रशेखर श्रीवास के पदभार ग्रहण करने के बाद उम्मीद समाजिक संस्था के सदस्यों ने आज थाने पहुँच नए अधिकारी को गुलदस्ता देकर स्वागत कर मुह मीठा कराया। इस अवसर पर सभी ने थाना प्रभारी चन्द्रशेखर श्रीवास से परिचय प्राप्त किया। नगर के गतिविधियों के बारे में भी चर्चा की गई, मौके पर नये थाना प्रभारी चन्द्रशेखर श्रीवास ने कहा कि क्षेत्र में प्रेम, सौहार्द्र एवं शांति के लिए पुलिस प्रशासन एवं पब्लिक में भाईचारा जरुरी है। आम लोगों के सहयोग के बिना पुलिस प्रशासन अधूरा है, इसलिए लोग पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, पुलिस से डरें नहीं। पुलिस अपराध पर नियंत्रण एंव अपराधियों की धरपकड़ के लिए है, आम लोगों की तरह पुलिस कर्मी भी इंसान हैं। इस दौरान उम्मीद संस्था के सदस्य फिरोज मेमन, अभिषेक जायसवाल, हरीश साहू सहित अन्य उपस्थित थे।2
- नारायणपुर जिले के लिए एक बड़ी राहत और सकारात्मक खबर सामने आई है। अब नारायणपुर को ‘अति संवेदनशील (Most Sensitive)’ श्रेणी से हटा दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में सुधार, लगातार विकास कार्य, सड़क, मोबाइल टावर, कैंप और प्रशासनिक सक्रियता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस फैसले से जिले में विकास कार्यों को और गति मिलेगी, सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और नारायणपुर की छवि में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। नारायणपुर के लिए यह एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।1
- Post by सतभक्ति संदेश1
- ब्रेकिंग: दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के मेंबर पापा राव समेत 18 नक्सलियों (11 पुरुष, 7 महिला) ने आत्मसमर्पण किया है। नक्सली 8 AK-47 सहित अन्य हथियार लेकर पहुँचे हैं। बताया जा रहा है कि सभी नक्सली बुधवार को जगदलपुर में बस्तर IG सुंदरराज पी के समक्ष औपचारिक सरेंडर करेंगे।1
- मृतक के परिवार को मुआवजा एवं आरोपीओ को उचित कार्यवाही की मांग को लेकर भतारा समाज ने ज्ञापन सोपा1
- पापा राव और अन्य साथियों ने मुख्य धारा में लौट चुके हैं नक्सली1
- सांसद फूलोदेवी नेताम ने संसद में उठाया एम्स में डॉक्टरों की कमी का मामला बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के इलाज के लिए मरीज जाते हैं एम्स फरसगांव :- रायपुर एम्स में डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी का मुद्दा राज्यसभा में गूंजा। कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने मंगलवार को शून्यकाल के दौरान अस्पताल की माली हालत बयां करते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरते हुए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की मांग की, जिससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। बताते चलें कि रायपुर स्थित एम्स में इलाज कराने छत्तीसगढ़ के बस्तर सहित दो दर्जन से अधिक जिलों के मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं, किंतु यहां व्याप्त अव्यवस्था के चलते इन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलता तो वह भी इलाज नहीं देने के समान ही माना जाता है। यही हाल रायपुर स्थित एम्स का है। जहां गंभीर बीमारियों से पीडित मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स, रायपुर में चिकित्सक के 305 पद स्वीकृत हैं, जिसकी तुलना में केवल 190 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। 115 पद खाली पड़े हैं. सबसे ज्यादा कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग चिकित्सक की कमी से जूझ रहे हैं। नर्स, तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यों में लगे स्टाफ के 3 हजार 884 पद स्वीकृत हैं, 2 हजार 387 स्टाफ कार्यरत है, 1 हजार 497 पद खाली पडे हैं।2