मध्य प्रदेश के श्योपुर में, बल्लू टी स्टॉल ने 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए सच्ची मानव सेवा का परिचय दिया। एक घटना में, चलते सफर के दौरान एक यात्री की फोर व्हीलर का टायर अचानक रास्ते में पंचर हो गया। इस परेशानी भरी स्थिति में, बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने बिना देर किए तुरंत मदद का हाथ आगे बढ़ाया और वाहन चालक की सहायता की, जिससे उसकी परेशानी दूर हुई और उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बल्लू टी स्टॉल के अनुसार, रास्ते में फंसे यात्रियों की मदद करना, उनके चेहरे पर मुस्कान लाना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा रहना ही सच्ची मानव सेवा है। चाहे दिन हो या रात, गर्मी हो या बारिश, बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश हमेशा लोगों की सेवा और सहयोग के लिए तत्पर रहता है। उनका प्रयास है कि सफर में किसी भी भाई-बहन को परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सहयोग मिल सके, क्योंकि यही भाईचारा और मानवता की पहचान है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश सभी यात्रियों को सुरक्षित सफर की शुभकामनाएं देते हुए यह संदेश भी देता है कि 'मुस्कुराते रहिए, सुरक्षित सफर कीजिए और एक-दूसरे की मदद करते रहिए।'
मध्य प्रदेश के श्योपुर में, बल्लू टी स्टॉल ने 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए सच्ची मानव सेवा का परिचय दिया। एक घटना में, चलते सफर के दौरान एक यात्री की फोर व्हीलर का टायर अचानक रास्ते में पंचर हो गया। इस परेशानी भरी स्थिति में, बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने बिना देर किए तुरंत मदद का हाथ आगे बढ़ाया और वाहन चालक की सहायता की, जिससे उसकी परेशानी दूर हुई और उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बल्लू टी स्टॉल के अनुसार, रास्ते में फंसे यात्रियों की मदद करना, उनके चेहरे पर मुस्कान लाना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा रहना ही सच्ची मानव सेवा है। चाहे दिन हो या रात, गर्मी हो या बारिश, बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश हमेशा लोगों की सेवा और सहयोग के लिए तत्पर रहता है। उनका प्रयास है कि सफर में किसी भी भाई-बहन को परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सहयोग मिल सके, क्योंकि यही भाईचारा और मानवता की पहचान है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश सभी यात्रियों को सुरक्षित सफर की शुभकामनाएं देते हुए यह संदेश भी देता है कि 'मुस्कुराते रहिए, सुरक्षित सफर कीजिए और एक-दूसरे की मदद करते रहिए।'
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में, बल्लू टी स्टॉल ने 'सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है' के सिद्धांत को चरितार्थ करते हुए सच्ची मानव सेवा का परिचय दिया। एक घटना में, चलते सफर के दौरान एक यात्री की फोर व्हीलर का टायर अचानक रास्ते में पंचर हो गया। इस परेशानी भरी स्थिति में, बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश ने बिना देर किए तुरंत मदद का हाथ आगे बढ़ाया और वाहन चालक की सहायता की, जिससे उसकी परेशानी दूर हुई और उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। बल्लू टी स्टॉल के अनुसार, रास्ते में फंसे यात्रियों की मदद करना, उनके चेहरे पर मुस्कान लाना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा रहना ही सच्ची मानव सेवा है। चाहे दिन हो या रात, गर्मी हो या बारिश, बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश हमेशा लोगों की सेवा और सहयोग के लिए तत्पर रहता है। उनका प्रयास है कि सफर में किसी भी भाई-बहन को परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सहयोग मिल सके, क्योंकि यही भाईचारा और मानवता की पहचान है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश सभी यात्रियों को सुरक्षित सफर की शुभकामनाएं देते हुए यह संदेश भी देता है कि 'मुस्कुराते रहिए, सुरक्षित सफर कीजिए और एक-दूसरे की मदद करते रहिए।'1
- सबलगढ़ के अलीपुरा खेरोन क्षेत्र में इन दिनों जेसीबी मशीनों के ज़रिए बेड में मिट्टी की खुदाई लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार, इस अवैध गतिविधि के माध्यम से बेड को समतल भूमि में तब्दील किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे यह कार्य बेरोकटोक चल रहा है।1
- चंबल क्षेत्र की बजरी पर मनाए जाने वाले 'जीवन के उत्सव' से जुड़ी एक विशेष खबर जारी की गई है। यह खबर समथुरा, धौलपुर, राजस्थान के स्थानीय समाचार के तहत आती है और इसे शुरू के अपने चैनल ऐप पर लाइव देखा जा सकता है।1
- सूरोठ थाना पुलिस ने चोरी के एक मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना अधिकारी कालीचरण शर्मा ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 जून 2026 को सूरौठ गोठिया का पुरा निवासी डुम्माराम मीना पुत्र हटटीराम मीना ने एक मुकदमा दर्ज कराया था। प्रार्थी के पिताजी ई-मित्र की दुकान पर वृद्धावस्था पेंशन के 2700 रुपये निकलवाने गए थे, जहां पहले से मौजूद कलसाड़ा निवासी गोविंद पुत्र गिर्राज जाट ने उन्हें गुमराह किया। पिताजी ने जैसे ही 2700 रुपये निकालकर अपने काले रंग के बैग में रखे, जिसमें पहले से 60,000 रुपये नकद, बैंक की पासबुक और आधार कार्ड भी मौजूद थे, गोविंद उनकी नजर बचाकर बैग लेकर मौके से फरार हो गया। ई-मित्र के सीसीटीवी फुटेज में भी गोविंद की मौजूदगी देखी गई थी, जिससे उसकी पहचान सुनिश्चित हुई। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। गहन अनुसंधान के दौरान, वांछित आरोपी गोविंद पुत्र गिर्राज जाट, जो कलसाड़ा का निवासी है, को सूरौठ थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी में कांस्टेबल चालक भंवर सिंह की अहम भूमिका रही।1
- करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए सभी संस्थाओं को 'मां योजना' के तहत क्लेम बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि प्राप्त आय से कार्यों को सुगमता से कराया जा सके। उन्होंने संस्थाओं को 'मां योजना' में 70 प्रतिशत से अधिक क्लेम सुनिश्चित करने का पाबंद किया और करौली व हिंडौन शहरों में एचपीवी वैक्सीनेशन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि जिले में आवंटित लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों को 'मां वाउचर योजना' के अंतर्गत कराई गई सोनोग्राफी की रिपोर्ट देखने तथा एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी और मिसिंग टीकाकरण की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रैल माह में लिंगानुपात की वृद्धि की सराहना करते हुए, इसकी उतार-चढ़ाव भरी स्थिति का विश्लेषण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। गोदारा ने प्रशासन और पुलिस के सहयोग का आश्वासन देते हुए बीसीएमओ को झोलाछाप और अवैध क्लीनिकों के संचालन पर 'मिशन मोड' में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएम निर्माण विंग को खंडवार भूमि आवंटन और निर्माण कार्य की स्थिति से अवगत होकर कार्य शुरू कराने के लिए निर्देशित किया, साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी और एफसीएम व संपूर्ण टीकाकरण की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बैठक में योजनाओं और कार्यक्रमों की ब्लॉकवार स्थिति प्रस्तुत की तथा चिकित्सा संस्थानों के भूमि आवंटन एवं निर्माण कार्य के दौरान आ रही बाधाओं का समाधान कराया। उन्होंने 'मां योजना' में क्लेम बुकिंग बढ़ाने, जननी सुरक्षा योजना के भुगतान और लाडो योजना की प्रदायगी के लिए प्रभारियों को निर्देशित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष पांडे ने पीपीटी के माध्यम से 'मां योजना', एचपीवी वैक्सीनेशन, संपूर्ण टीकाकरण, मिसिंग टीकाकरण, एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी, सेक्स रेशों, जेएसवाई और लाडो योजना की स्थिति की समीक्षा कराई। इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी करौली डॉ. रामकेश मीणा, पीएमओ हिंडौन डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, सीडीईओ सर्वेश कुमार, विभिन्न बीसीएमओ, पीएमओ, सीएचसी पीएचसी प्रभारी और विभिन्न डीपीसी सदस्य उपस्थित रहे।4
- गंगापुर सिटी का सरकारी अस्पताल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि 'यमराज का वेटिंग रूम' बन गया है, जहाँ डॉक्टरों के लिए इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं बची है। आरोप है कि बीती रात कॉलेज रोड, सपेरा बस्ती की रहने वाली महिला गफूरी की जान अस्पताल के 'सफेदपोश कसाइयों' और लापरवाह नर्सिंग स्टाफ की मिलीभगत से चली गई। कहा जा रहा है कि महिला को गलत और जानलेवा इंजेक्शन का ऐसा डोज दिया गया, जिससे तड़प-तड़प कर उसकी सांसें टूट गईं। यह दिल दहला देने वाली घटना तब शुरू हुई जब सुबह करीब 4 बजे तबीयत बिगड़ने पर गफूरी को सरकारी अस्पताल लाया गया और सुबह 6 बजे उसे भर्ती किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जितेंद्र मीणा अपनी वातानुकूलित कुर्सी पर गहरी नींद में सो रहे थे, जिससे अस्पताल की कमान 'नौसिखिये और गैर-जिम्मेदार' कंपाउंडरों व नर्सिंग स्टाफ के हाथों में थी। परिजनों ने दावा किया है कि बिना किसी जांच या सीनियर डॉक्टर की देखरेख के, कर्मचारियों ने गफूरी के शरीर में गलत दवाइयों और इंजेक्शन का 'जहर' उतार दिया, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गैंग्रीन और गलत दवा के रिएक्शन से गफूरी दर्द से कराहती रही और अंततः बाथरूम में बेहोश होकर गिर पड़ी, जहाँ उसके शरीर ने दम तोड़ दिया। बदहवास परिजनों की मिन्नतों के बावजूद स्टाफ एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालता रहा, और जब डॉक्टर मीणा को जगाया गया तो उन्होंने मानवता को शर्मसार करते हुए कहा कि वे अस्पताल में बात नहीं करेंगे, फीस लेकर उनके घर आने पर ही इलाज बताएँगे। यह अस्पताल में लापरवाही का पहला मामला नहीं है; हाल ही में एक कंपाउंडर का नशे में मरीजों से बदतमीजी करने का वीडियो वायरल हुआ था। गंगापुर सिटी की जनता में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे पूछ रहे हैं कि इन 'काले कोट और सफेद एप्रन' वाले 'हत्यारों' को प्रशासन कब तक बचाएगा। लोगों का यह भी सवाल है कि क्या सरकार की मुफ्त दवा और इलाज योजना सिर्फ कागजों पर लोगों को मारने के लिए चल रही है। जब खोजी पत्रकारों ने डॉक्टर जितेंद्र मीणा से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने अपने फोन बंद कर लिए और अस्पताल प्रशासन के पास भी इस 'मर्डर' का कोई जवाब नहीं था। जनता अब मांग कर रही है कि दोषियों को सिर्फ निलंबित नहीं, बल्कि सीधे जेल भेजा जाए।1
- मध्य प्रदेश के सबलगढ़ में डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर पर एक महिला ने शारीरिक शोषण और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया है। इस मामले पर स्थानीय समाजसेवी धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जो 'अन्ना हजारे' के नाम से जाने जाते हैं, ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सबलगढ़ एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक तीखा ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ उनके मकान को ढहाने (बुलडोजर कार्रवाई) की भी मांग की गई है। विभिन्न समाचार माध्यमों और सार्वजनिक स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया है कि डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर ने शादी का झांसा देकर कथित तौर पर उसका शारीरिक शोषण किया, दुष्कर्म किया, आपराधिक धमकी दी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता का दावा है कि अधिकारी ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए उसे डराया-धमकाया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर वैधानिक जांच शुरू कर दी है। ज्ञापन सौंपते हुए समाजसेवी धर्मेन्द्र चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि यदि ये आरोप जांच में सत्य पाए जाते हैं, तो यह केवल किसी व्यक्ति के निजी आचरण का मामला नहीं रहेगा, बल्कि यह महिला सुरक्षा, गरिमा, प्रशासनिक नैतिकता और लोकसेवा की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार होगा, जिससे जनता का शासन के प्रति विश्वास टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी से समाज उच्च नैतिक मानदंडों और पारदर्शिता की उम्मीद करता है, और ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इतने गंभीर आपराधिक मामले आना पूरे प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। 'अन्ना हजारे' ने मुख्यमंत्री से इस पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें की गई हैं: पहली, आरोपी डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के मकान को अन्य गंभीर अपराधियों के अवैध निर्माणों की तरह ही बुलडोजर से ढहाया जाए; दूसरी, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक तय समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी की जाए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके; और तीसरी, जांच प्रभावित न हो, इसके लिए अधिकारी को तुरंत प्रभाव से उनके पद के दायित्वों से निलंबित किया जाए। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए इस ज्ञापन के बाद स्थानीय प्रशासन और राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना यह होगा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में शासन और पुलिस प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।1
- सबलगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत अलीपुरा खेरोंन में अवैध रेत का भंडारण धड़ल्ले से जारी है, जिस पर ना तो प्रशासन का और ना ही संबंधित विभागों का ध्यान है। प्रशासन द्वारा की गई सख्ती के बावजूद यह अवैध गतिविधि खुलेआम की जा रही है।1