संतकबीरनगर की मेंहदावल पुलिस ने एक अंतर-जनपदीय चेन स्नेचर्स गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं को पानी मांगने के बहाने अपना निशाना बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई चेन के बदले मिली नकदी, अवैध गांजा और अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने टीम को ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह गिरोह 23 मई 2026 को थाना मेंहदावल क्षेत्र के ग्राम अछिया में एक बुजुर्ग महिला के साथ वारदात को अंजाम दिया था। जब इरशाद अहमद की बुजुर्ग मां घर के बाहर बैठी थीं, तब मोटरसाइकिल सवार दो युवक पानी पीने का बहाना बनाकर उनके करीब आए। बातों में उलझाकर एक आरोपी ने अचानक उनके गले से सोने की चेन झपट ली और अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गया था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, एएसपी सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्व दवन सिंह के नेतृत्व में एसओजी, सर्विलांस, एंटी थेफ्ट सेल और थाना मेंहदावल की एक संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान की। आखिरकार, मेंहदावल-नौलखा मार्ग स्थित मुहिया पुल के पास घेराबंदी करके पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद कामिल उर्फ अली (निवासी सीधारीपुर, थाना गोरखनाथ, गोरखपुर) और मोहम्मद अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे (निवासी सुन्नीपुर, गीता प्रेस के पास, थाना कोतवाली, गोरखपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि ये अपराधी गोरखपुर शहर में सीसीटीवी कैमरों की अधिकता के कारण वारदात करने से बचते थे और इसलिए ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाते थे। वारदात के दौरान ये अपने चेहरों को ढककर और कैप पहनकर आते थे, तथा खुद को बचाने के लिए अपने साथ लाल मिर्च पाउडर रखते थे। चौंकाने वाले खुलासे में, मोहम्मद अहमद उर्फ नाटे ने वर्ष 2020 की एक हत्या की घटना को स्वीकार किया। उसने बताया कि चोरी के माल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में उसने अपने ही साथी की हत्या पत्थर और ब्लेड से कर दी थी। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या और गैंगस्टर एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा भी बरामद किया है, जिसके लिए अलग से एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने 21 मई को एक बाइक चोरी की थी, जिसे पेट्रोल लीक होने के कारण रास्ते में छोड़कर दूसरी बाइक चुरा ली थी। इस पूरे ऑपरेशन में एसओजी प्रभारी रजनीश राय, निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक आशुतोष मणि त्रिपाठी और उपनिरीक्षक मैनेजर यादव की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता और कार्यशैली की सराहना की है।
संतकबीरनगर की मेंहदावल पुलिस ने एक अंतर-जनपदीय चेन स्नेचर्स गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं को पानी मांगने के बहाने अपना निशाना बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई चेन के बदले मिली नकदी, अवैध गांजा और अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने टीम को ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह गिरोह 23 मई 2026 को थाना मेंहदावल क्षेत्र के ग्राम अछिया में एक बुजुर्ग महिला के साथ वारदात को अंजाम दिया था। जब इरशाद अहमद की बुजुर्ग मां घर के बाहर बैठी थीं, तब मोटरसाइकिल सवार दो युवक पानी पीने का बहाना बनाकर उनके करीब आए। बातों में उलझाकर एक आरोपी ने अचानक उनके गले से सोने की चेन झपट ली और अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गया था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, एएसपी सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्व दवन सिंह के नेतृत्व में एसओजी, सर्विलांस, एंटी थेफ्ट सेल और थाना मेंहदावल की एक संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान की। आखिरकार, मेंहदावल-नौलखा मार्ग स्थित मुहिया पुल के पास घेराबंदी करके पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद कामिल उर्फ अली (निवासी सीधारीपुर, थाना गोरखनाथ, गोरखपुर) और मोहम्मद अहमद उर्फ अली उर्फ नाटे (निवासी सुन्नीपुर, गीता प्रेस के पास, थाना कोतवाली, गोरखपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि ये अपराधी गोरखपुर शहर में सीसीटीवी कैमरों की अधिकता के कारण वारदात करने से बचते थे और इसलिए ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाते थे। वारदात के दौरान ये अपने चेहरों को ढककर और कैप पहनकर आते थे, तथा खुद को बचाने के लिए अपने साथ लाल मिर्च पाउडर रखते थे। चौंकाने वाले खुलासे में, मोहम्मद अहमद उर्फ नाटे ने वर्ष 2020 की एक हत्या की घटना को स्वीकार किया। उसने बताया कि चोरी के माल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में उसने अपने ही साथी की हत्या पत्थर और ब्लेड से कर दी थी। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या और गैंगस्टर एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा भी बरामद किया है, जिसके लिए अलग से एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने 21 मई को एक बाइक चोरी की थी, जिसे पेट्रोल लीक होने के कारण रास्ते में छोड़कर दूसरी बाइक चुरा ली थी। इस पूरे ऑपरेशन में एसओजी प्रभारी रजनीश राय, निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक आशुतोष मणि त्रिपाठी और उपनिरीक्षक मैनेजर यादव की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता और कार्यशैली की सराहना की है।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को एक इलाके के दौरे के दौरान स्थानीय महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उनके काफिले पर अंडे बरसाकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी जिस व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए वहां पहुंचे थे, वह क्षेत्र का एक कुख्यात अपराधी था जिसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह 20 से अधिक महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में शामिल था। प्रदर्शन में शामिल एक स्थानीय महिला ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक व्यक्ति गांव की एक लड़की को भगा ले गया था, उसे अपने साथ रखा, लेकिन उससे शादी करने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता था, मगर स्थानीय लोग उसे पार्टी का वैध सदस्य नहीं मानते थे। उन्होंने दावा किया कि वह अपनी दबंगई और आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था, और पार्टी के नाम पर लोगों से पैसे भी वसूलता था। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उस गुंडागर्दी के खिलाफ है जिसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के इस दौरे से अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है और वे इस व्यवस्था के खिलाफ न्याय चाहती हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सवाल उठाया कि एक अपराधी को राजनीतिक संरक्षण क्यों दिया जा रहा है, और इसी बात को लेकर उनका गुस्सा फूटा। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, और महिलाओं ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी।1
- बस्ती ज़िले के चौरी बाज़ार में एक सड़क लगभग दो साल से टूटी हुई है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सड़क की इस खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिससे लोग लगातार परेशान हैं।1
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- संतकबीरनगर जनपद में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच, शहर के एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आलोक श्रीवास्तव के बंद पड़े आवास पर चोरों ने धावा बोल दिया। इस वारदात में लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जिससे एक बार फिर कानून-व्यवस्था और रात्रिकालीन गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, आलोक श्रीवास्तव बीते 10 अप्रैल 2026 से अपने पिता के स्वास्थ्य उपचार के लिए नोएडा में रह रहे थे, जिसके चलते उनका घर बंद था। शनिवार देर रात पड़ोसियों ने घर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं और आलोक श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर जब घर की स्थिति का जायजा लिया गया, तो चोरी की बड़ी घटना का खुलासा हुआ। आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति रात करीब 11:30 बजे से 1:50 बजे के बीच घर की रेकी करते और चोरी की घटना को अंजाम देते साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, चोरों ने सोने के आभूषणों में दो अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, एक लॉकेट और एक नथिया सहित लगभग ₹2 लाख मूल्य के जेवरात उड़ा लिए। इसके अतिरिक्त, चांदी के आभूषणों में पाजेब, कमर करधनी, कई जोड़ी पायल, बच्चों के आभूषण और चांदी के सिक्के शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। चोरों ने घर में रखी ₹5 से ₹6 हजार की नकदी भी अपने साथ ले ली। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सभासद प्रतिनिधि मुन्ना पांडे द्वारा पुलिस प्रशासन को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद, एसओजी टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।2
- स्थानीय लोगों को सड़क निर्माण न होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि सड़क न बनने से आवागमन में दिक्कतें आती हैं और सड़क पर पानी भी भर जाता है।1
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