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मुसहर बस्ती में पहुंची योजनाओं की चौपाल, दस्तावेजों की कमी दूर कर एक सप्ताह में सरकारी लाभ दिलाने के निर्देश

14 hrs ago
user_MANOJ KUMAR YADAV
MANOJ KUMAR YADAV
Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
14 hrs ago

मुसहर बस्ती में पहुंची योजनाओं की चौपाल, दस्तावेजों की कमी दूर कर एक सप्ताह में सरकारी लाभ दिलाने के निर्देश

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • मुसहर बस्ती में पहुंची योजनाओं की चौपाल, दस्तावेजों की कमी दूर कर एक सप्ताह में सरकारी लाभ दिलाने के निर्देश
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    मुसहर बस्ती में पहुंची योजनाओं की चौपाल, दस्तावेजों की कमी दूर कर एक सप्ताह में सरकारी लाभ दिलाने के निर्देश
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • धारा 34 के लंबित मामलों के निस्तारण को सितंबर में चलेगा विशेष अभियान डीएम ने कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने, पुराने वादों के समयबद्ध निस्तारण और राजस्व वसूली में तेजी लाने पर जोर देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व, रिट, ऑडिट तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार राजस्व प्राप्तियों और निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से धारा 34 के लंबित मामलों के निस्तारण के लिए सितंबर माह में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही धारा 24, 116, 67 और 80 सहित अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जनसामान्य को समय से न्याय और राहत दिलाना अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। रिट मामलों में समय से जवाब दाखिल करने के निर्देश रिट से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रभावी पैरवी करने और समय से जवाब दाखिल कराने के निर्देश दिए। ऑडिट आपत्तियों का भी नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। जिन मामलों में संबंधित विभाग या अधिकारियों से कार्रवाई अपेक्षित है, उनमें आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकारी भूमि पर कब्जा मिला तो होगी कार्रवाई सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सरकारी भूमि को चिह्नित कर अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाए जाने के बाद दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए नियमित निगरानी की जाए। साथ ही सरकारी भूमि से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखने पर भी जोर दिया। राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश कर-करेत्तर राजस्व की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम शंकर सहित संबंधित विभागों और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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    धारा 34 के लंबित मामलों के निस्तारण को सितंबर में चलेगा विशेष अभियान
डीएम ने कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने, पुराने वादों के समयबद्ध निस्तारण और राजस्व वसूली में तेजी लाने पर जोर
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व, रिट, ऑडिट तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार राजस्व प्राप्तियों और निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से धारा 34 के लंबित मामलों के निस्तारण के लिए सितंबर माह में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही धारा 24, 116, 67 और 80 सहित अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जनसामान्य को समय से न्याय और राहत दिलाना अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
रिट मामलों में समय से जवाब दाखिल करने के निर्देश
रिट से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रभावी पैरवी करने और समय से जवाब दाखिल कराने के निर्देश दिए। ऑडिट आपत्तियों का भी नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। जिन मामलों में संबंधित विभाग या अधिकारियों से कार्रवाई अपेक्षित है, उनमें आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सरकारी भूमि पर कब्जा मिला तो होगी कार्रवाई
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सरकारी भूमि को चिह्नित कर अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाए जाने के बाद दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए नियमित निगरानी की जाए। साथ ही सरकारी भूमि से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखने पर भी जोर दिया।
राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश
कर-करेत्तर राजस्व की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम शंकर सहित संबंधित विभागों और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • देवरिया के बेड पीजी महाविद्यालय में 15 दिवसीय फल संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन, छात्र-छात्राओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा *15 दिवसीय फल संरक्षण प्रक्षिक्षण कार्यक्रम* देवरिया: बी आर डी पी जी कॉलेज देवरिया में फल संरक्षण केंद्र, देवरिया के सहयोग से 15 दिवसीय फल संरक्षण प्रक्षिक्षण कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रताप नारायण सिंह के दिशा निर्देशन में प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के समन्वयक श्री विवेक कुमार सिंह ने बताया कि उक्त प्रक्षिक्षण कार्यक्रम में अगले 15 दिन फल और सब्जियों के संरक्षण, प्रबंधन, प्रसंस्करण के साथ साथ उनसे बनने वाले उत्पादों के द्वारा कैसे हम रोजगार के अवसर सृजित कर सकते है, के बारे में प्रक्षिक्षण दिया जायेगा। आज के प्रथम दिन के मुख्य वक्ता प्रक्षिक्षण फल संरक्षण केंद्र, देवरिया प्रभारी श्री राजन प्रसाद यादव द्वारा प्रशिक्षुओं को फल संरक्षण की स्थाई और अस्थाई विधियों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर सतेंद्र कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर सभी प्रशिक्षु छात्र छात्राएं उपस्थित रही।
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    देवरिया के बेड पीजी महाविद्यालय में 15 दिवसीय फल संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन, छात्र-छात्राओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
*15 दिवसीय फल संरक्षण प्रक्षिक्षण कार्यक्रम* 
देवरिया: बी आर डी पी जी कॉलेज देवरिया में फल संरक्षण केंद्र, देवरिया के सहयोग से 15 दिवसीय फल संरक्षण प्रक्षिक्षण कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रताप नारायण सिंह के दिशा निर्देशन में प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम के समन्वयक श्री विवेक कुमार सिंह ने बताया कि उक्त प्रक्षिक्षण कार्यक्रम में अगले 15 दिन फल और सब्जियों के संरक्षण, प्रबंधन, प्रसंस्करण के साथ साथ उनसे बनने वाले उत्पादों के द्वारा कैसे हम रोजगार के अवसर सृजित कर सकते है, के बारे में प्रक्षिक्षण दिया जायेगा। आज के प्रथम दिन के मुख्य वक्ता प्रक्षिक्षण फल संरक्षण केंद्र, देवरिया प्रभारी श्री राजन प्रसाद यादव द्वारा प्रशिक्षुओं को फल संरक्षण की स्थाई और अस्थाई विधियों के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर सतेंद्र कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर सभी प्रशिक्षु छात्र छात्राएं उपस्थित रही।
    user_Rajesh Ji Public News
    Rajesh Ji Public News
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • थाना सुरौली पुलिस की तत्परता से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था की गई बहाल थाना सुरौली पुलिस की तत्परता से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था की गई बहाल जनपद में हुई बारिश के उपरान्त थाना सुरौली क्षेत्रान्तर्गत कतरारी से पकड़ी जाने वाले ग्राम सिंघही रोड पर पीपल का विशाल पेड़ गिर जाने के कारण आवागमन पूर्णतः बाधित हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने की सूचना प्राप्त होते ही थाना सुरौली पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की गई। थाना सुरौली की उपनिरीक्षक ममता मिश्रा, आरक्षी राजू गुप्ता, आरक्षी गोविन्द यादव एवं महिला होमगार्ड सुमन द्वारा स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सड़क पर गिरे पीपल के पेड़ को हटवाने का कार्य कराया गया। पुलिस टीम एवं ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सड़क को शीघ्र ही अवरोधमुक्त कराते हुए यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारु रूप से बहाल कराया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया तथा राहगीरों एवं स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा थाना सुरौली पुलिस की तत्परता एवं सहयोगात्मक कार्य की सराहना की गई।
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    थाना सुरौली पुलिस की तत्परता से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था की गई बहाल
थाना सुरौली पुलिस की तत्परता से सड़क पर गिरे पेड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था की गई बहाल
जनपद में हुई बारिश के उपरान्त थाना सुरौली क्षेत्रान्तर्गत कतरारी से पकड़ी जाने वाले ग्राम सिंघही रोड पर पीपल का विशाल पेड़ गिर जाने के कारण आवागमन पूर्णतः बाधित हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने की सूचना प्राप्त होते ही थाना सुरौली पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की गई।
थाना सुरौली की उपनिरीक्षक ममता मिश्रा, आरक्षी राजू गुप्ता, आरक्षी गोविन्द यादव एवं महिला होमगार्ड सुमन द्वारा स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सड़क पर गिरे पीपल के पेड़ को हटवाने का कार्य कराया गया। पुलिस टीम एवं ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सड़क को शीघ्र ही अवरोधमुक्त कराते हुए यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारु रूप से बहाल कराया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया तथा राहगीरों एवं स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा थाना सुरौली पुलिस की तत्परता एवं सहयोगात्मक कार्य की सराहना की गई।
    user_Sunil kumar sharma
    Sunil kumar sharma
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कुशीनगर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाने पर हुई बड़ी कार्रवाई -कुशीनगर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाने पर हुई बड़ी कार्रवाई - डोल मेला में बाइब्रेट मशीनों से वातावरण को बाइब्रेट किया जाना - बुजुर्ग,मरीज व आने-जाने वाले राहगीरो के स्वास्थ्य प्रभावित करना - ध्वनि विस्तारक यंत्रो को ट्राली पर ऊँचाई पर बाधना - अश्लील गानों पर नर्तकियों द्वारा अश्लीलता फैलाना - धारा 183 का उलंघन करने के मामले में हुई है कार्रवाई - चौकी प्रभारी सेवरही अनिल कुमार शर्मा की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा - 16 ज्ञात सहित सैकड़ों अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा - आठ अखाडे के आयोजक,आठ डीजे संचालक सहित ट्रेक्टर ट्राली संचालक,ट्राली पर बैठे लोग व नर्तकियों पर हुई कार्रवाई - पुलिसिया कार्रवाई से मची हड़कंप - सेवरही थाना क्षेत्र के कस्बे में बीते दिनों आयोजित हुआ था डोल मेला।
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    कुशीनगर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाने पर हुई बड़ी कार्रवाई
-कुशीनगर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाने पर हुई बड़ी कार्रवाई
- डोल मेला में बाइब्रेट मशीनों से वातावरण को बाइब्रेट किया जाना
- बुजुर्ग,मरीज व आने-जाने वाले राहगीरो के स्वास्थ्य प्रभावित करना
- ध्वनि विस्तारक यंत्रो को ट्राली पर ऊँचाई पर बाधना
- अश्लील गानों पर नर्तकियों द्वारा अश्लीलता फैलाना
- धारा 183 का उलंघन करने के मामले में हुई है कार्रवाई
- चौकी प्रभारी सेवरही अनिल कुमार शर्मा की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
- 16 ज्ञात सहित सैकड़ों अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
- आठ अखाडे के आयोजक,आठ डीजे संचालक सहित ट्रेक्टर ट्राली संचालक,ट्राली पर बैठे लोग व नर्तकियों पर हुई कार्रवाई
- पुलिसिया कार्रवाई से मची हड़कंप 
- सेवरही थाना क्षेत्र के  कस्बे में बीते दिनों आयोजित हुआ था डोल मेला।
    user_Aditya pandey
    Aditya pandey
    कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के तीसरे दिन पडरौना शहर में परंपरागंत डोल मेला रविवार की रात से शुरू होकर सकुशल सोमवार की सुबह संपन्न हुवा सलग्न...श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के तीसरे दिन पडरौना शहर में परंपरागंत डोल मेला रविवार की रात से शुरू होकर सकुशल सोमवार की सुबह संपन्न हुवा एंकर.. श्री कृष्णा जन्माष्टमी डोल मेला हमारी धार्मिक परंपरा, लोक संस्कृति और सामूहिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। पडरौना नगर के छावनी, सुभाष चौक, बेलवा चुंगी, कसेरा टोली, तुरहा टोली, दरबार रोड, तिलक चौक तुरहाटोली, समेत सभी अखाड़ों के खिलाड़ी भगवान श्रीकृष्ण की डोल की पूजा-अर्चना के बाद रात के साढे दस बजे से नगर भ्रमण के लिए निकले। अखाड़ा दल आर्केस्ट्रा के साथ शहर के मुख्य सड़को से होते हुए तमाम मुहल्लों का भ्रमण करने के बाद नगर के सुभाष चौक पहुंचे और वहां से प्रमुख मार्गों से होकर शहर का भ्रमण किये। लोगों ने जगह-जगह डोल में स्थित भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना की। यह भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति और सनातन परंपरा से जुड़ी धार्मिक विरासत है। ऐसे आयोजन में लोकगीत, भजन, धार्मिक झांकियां और पारंपरिक प्रस्तुतियां हों तो वह संस्कृति को आगे बढ़ाती हैं। डोल मेला में आने वाले श्रद्धालुओं में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल होते हैं। दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। धार्मिक जुलूसों में अश्लील गीत, फूहड़ नृत्य और आपत्तिजनक प्रस्तुतियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।क्योंकि सवाल सिर्फ एक मेले का नहीं है। सवाल यह है कि क्या हमारी धार्मिक परंपराओं को मनोरंजन के नाम पर धीरे-धीरे अपनी मूल पहचान खोने दिया जाएगा? भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव प्रेम, भक्ति, संस्कार और धर्म की विजय का पर्व है। नपाध्यक्ष ने अखाड़ा समितियों से मिलकर सुविधाओं का लिया जायजा डोल मेला मे पडरौना नपाध्यक्ष विनय जायसवाल ने समस्त डोल समिति व अखाड़ा मंडल के बीच उपस्थित होकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नगर पालिका प्रशासन की ओर हर संभव आवश्यक सुविधा और संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी समितियों से कहा कि परम्परागत डोल मेला में किसी चीज की कमी नही होगी वह व्यक्तिगत रुप से हर समिति के सहयोग में तन, मन धन के साथ खडे रहेगें। बता दें कि नपा द्वार डोल झाँकियों वाले प्रमुख मार्गों की विशेष साफ सफाई, बिजली व्यवस्था के साथ पानी टैंकर की व्यवस्था की गयी थी। इसके साथ धूल मिट्टी की समस्या से बचने के लिए सडको पर टैंकर से पानी का छिड़काव कराया गया था। मेला के दौरान नपा के जलकल परिसर मे भक्तजनों और श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार व जलपान के साथ मेडिकल किट की व्यवस्था भी चेयरमैन विनय जायसवाल द्वारा कराया गया था। उन्होंने मेला के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, नपाकर्मियों, पुलिस प्रशास सहित आमजन को धन्यवाद भी ज्ञापित किया। इस अवसर पर नपाध्यक्ष विनय जायसवाल. सदर विधयक मनीष जायसवाल व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के प्रतिनिधि मनीष जायसवाल के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
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    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के तीसरे दिन पडरौना शहर में परंपरागंत डोल मेला रविवार की रात से शुरू होकर सकुशल सोमवार की सुबह संपन्न हुवा 
सलग्न...श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के तीसरे दिन पडरौना शहर में परंपरागंत डोल मेला रविवार की रात से शुरू होकर सकुशल सोमवार की सुबह संपन्न हुवा 
एंकर.. श्री कृष्णा जन्माष्टमी डोल मेला हमारी धार्मिक परंपरा, लोक संस्कृति और सामूहिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। 
पडरौना नगर के छावनी, सुभाष चौक, बेलवा चुंगी, कसेरा टोली, तुरहा टोली, दरबार रोड, तिलक चौक तुरहाटोली, समेत सभी अखाड़ों के खिलाड़ी भगवान श्रीकृष्ण की डोल की पूजा-अर्चना के बाद रात के साढे दस बजे से नगर भ्रमण के लिए निकले। अखाड़ा दल आर्केस्ट्रा के साथ शहर के मुख्य सड़को से होते हुए तमाम मुहल्लों का भ्रमण करने के बाद नगर के सुभाष चौक पहुंचे और वहां से प्रमुख मार्गों से होकर शहर का भ्रमण किये। लोगों ने जगह-जगह डोल में स्थित भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना की।
यह भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति और सनातन परंपरा से जुड़ी धार्मिक विरासत है। ऐसे आयोजन में लोकगीत, भजन, धार्मिक झांकियां और पारंपरिक प्रस्तुतियां हों तो वह संस्कृति को आगे बढ़ाती हैं। 
डोल मेला में आने वाले श्रद्धालुओं में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल होते हैं।   दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। धार्मिक जुलूसों में अश्लील गीत, फूहड़ नृत्य और आपत्तिजनक प्रस्तुतियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।क्योंकि सवाल सिर्फ एक मेले का नहीं है। सवाल यह है कि क्या हमारी धार्मिक परंपराओं को मनोरंजन के नाम पर धीरे-धीरे अपनी मूल पहचान खोने दिया जाएगा? भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव प्रेम, भक्ति, संस्कार और धर्म की विजय का पर्व है।  
नपाध्यक्ष ने अखाड़ा समितियों से मिलकर सुविधाओं का लिया जायजा डोल मेला मे पडरौना नपाध्यक्ष विनय जायसवाल ने समस्त डोल समिति व अखाड़ा मंडल के बीच उपस्थित होकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नगर पालिका प्रशासन की ओर हर संभव आवश्यक सुविधा और संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी समितियों से कहा कि परम्परागत डोल मेला में किसी चीज की कमी नही होगी वह व्यक्तिगत रुप से हर समिति के सहयोग में तन, मन धन के साथ खडे रहेगें। बता दें कि नपा द्वार डोल झाँकियों वाले प्रमुख मार्गों की विशेष साफ सफाई, बिजली व्यवस्था के साथ पानी टैंकर की व्यवस्था की   गयी थी। इसके साथ धूल मिट्टी की समस्या से बचने के लिए सडको पर टैंकर से पानी का छिड़काव कराया गया था। मेला के दौरान  नपा के जलकल परिसर मे  भक्तजनों और श्रद्धालुओं के लिए अल्पाहार व जलपान के साथ मेडिकल किट की व्यवस्था भी चेयरमैन विनय जायसवाल द्वारा कराया गया था।  उन्होंने मेला के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, नपाकर्मियों, पुलिस प्रशास  सहित आमजन को धन्यवाद भी ज्ञापित किया। इस अवसर पर नपाध्यक्ष विनय जायसवाल. सदर  विधयक मनीष जायसवाल व  नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के प्रतिनिधि मनीष जायसवाल के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
    user_Ajeet kumar
    Ajeet kumar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • अखाड़ों और झांकियों संग पडरौना डोल मेले में दिखी मर्यादा पडरौना का डोल मेला बना मर्यादा और परंपरा की मिसाल, अखाड़ों के जोश, भव्य झांकियों और शालीन आर्केस्ट्रा ने देररात तक बांधा समां
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    अखाड़ों और झांकियों संग पडरौना डोल मेले में दिखी मर्यादा
पडरौना का डोल मेला बना मर्यादा और परंपरा की मिसाल, अखाड़ों के जोश, भव्य झांकियों और शालीन आर्केस्ट्रा ने देररात तक बांधा समां
    user_विकास गुप्ता पत्रकार
    विकास गुप्ता पत्रकार
    Court reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और प्रबंधन जरूरी पीएचसी बरहज में स्टाफ नर्स, सीएचओ और एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण, सुरक्षित प्रसव पर जोर देवरिया। हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान कर उनका उचित प्रबंधन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से अरमान सहयोगी संस्था के सहयोग से सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्टाफ नर्स, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और एएनएम को इंटीग्रेटेड हाई रिस्क प्रेगनेंसी ट्रैकिंग एंड मैनेजमेंट के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता एमओआईसी डॉ मृणाल ने की। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसव पूर्व जांच, हाई रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान और आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं रेफरल की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अरमान संस्था के प्रशिक्षक नकुल ने गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांचों पर जोर देते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं की समय रहते पहचान होने पर गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित करना आवश्यक है। जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, दौरे की समस्या, मधुमेह, 145 सेंटीमीटर से कम लंबाई, 35 किलोग्राम से कम वजन, 18 वर्ष से कम या 35 वर्ष से अधिक आयु जैसी जटिलताएं पाई जाती हैं, उन्हें उच्च जोखिम वाली गर्भवती की श्रेणी में रखा जाता है। गंभीर स्थिति में ऐसी महिलाओं को तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाना चाहिए। उन्होंने एमओ और स्टाफ नर्स को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन और रेफरल की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, गर्भवती महिलाओं की नियमित ट्रैकिंग करने तथा संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। कार्यशाला में डॉ इमाम हुसैन, बीसीपीएम अजीत, स्टाफ नर्स, सीएचओ, एएनएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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    हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और प्रबंधन जरूरी
पीएचसी बरहज में स्टाफ नर्स, सीएचओ और एएनएम को दिया गया प्रशिक्षण, सुरक्षित प्रसव पर जोर
देवरिया। हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान कर उनका उचित प्रबंधन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से अरमान सहयोगी संस्था के सहयोग से सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्टाफ नर्स, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और एएनएम को इंटीग्रेटेड हाई रिस्क प्रेगनेंसी ट्रैकिंग एंड मैनेजमेंट के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता एमओआईसी डॉ मृणाल ने की। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसव पूर्व जांच, हाई रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान और आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं रेफरल की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
अरमान संस्था के प्रशिक्षक नकुल ने गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांचों पर जोर देते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं की समय रहते पहचान होने पर गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित करना आवश्यक है।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल ने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, दौरे की समस्या, मधुमेह, 145 सेंटीमीटर से कम लंबाई, 35 किलोग्राम से कम वजन, 18 वर्ष से कम या 35 वर्ष से अधिक आयु जैसी जटिलताएं पाई जाती हैं, उन्हें उच्च जोखिम वाली गर्भवती की श्रेणी में रखा जाता है। गंभीर स्थिति में ऐसी महिलाओं को तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया जाना चाहिए। उन्होंने एमओ और स्टाफ नर्स को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन और रेफरल की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, गर्भवती महिलाओं की नियमित ट्रैकिंग करने तथा संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
कार्यशाला में डॉ इमाम हुसैन, बीसीपीएम अजीत, स्टाफ नर्स, सीएचओ, एएनएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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