सिंगरौली जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अपना शिकंजा और कस दिया है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश और खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त पाँच वाहनों को जब्त किया है। इस सख्त कार्रवाई से खनिज माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 को सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया ने जांच के दौरान चार वाहनों को अवैध खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा। इनमें ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66A4891 को बिना वैध अभिवहन पास के रेत परिवहन करते पाए जाने पर जब्त कर माड़ा थाना में खड़ा कराया गया। इसी प्रकार, ग्राम जैतपुर से बिना नंबर की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना वैध दस्तावेजों के बोल्डर परिवहन करते पकड़ा गया, तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66A1557 को भी अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए जब्त कर जयंत पुलिस चौकी में सुरक्षार्थ खड़ा किया गया। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर के एक डंपर को अवैध रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया, जिसे नवानगर थाना में सुरक्षित रखा गया है। इन सभी मामलों में खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 29 मई 2026 को भी विभाग ने अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की थी। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में अशोक मिश्रा द्वारा की गई जांच के दौरान वाहन क्रमांक एमपी 66ZD0758 को बिना वैध अभिवहन पास के गिट्टी परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। उक्त डंपर को जब्त कर चितरंगी थाना में खड़ा कराया गया और नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई। लगातार दो दिनों में पाँच वाहनों की जब्ती यह स्पष्ट संकेत देती है कि जिला प्रशासन अवैध खनिज कारोबार के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। खनिज संसाधनों की चोरी और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध निगरानी लगातार जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सक्रियता को खनिज माफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान का एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
सिंगरौली जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अपना शिकंजा और कस दिया है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश और खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त पाँच वाहनों को जब्त किया है। इस सख्त कार्रवाई से खनिज माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 को सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया ने जांच के दौरान चार वाहनों को अवैध खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा। इनमें ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66A4891 को बिना वैध अभिवहन पास के रेत परिवहन करते पाए जाने पर जब्त कर माड़ा थाना में खड़ा कराया गया। इसी प्रकार, ग्राम जैतपुर से बिना नंबर की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना वैध दस्तावेजों के बोल्डर परिवहन करते पकड़ा गया, तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66A1557 को भी अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए जब्त कर जयंत पुलिस चौकी में सुरक्षार्थ खड़ा किया गया। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर के एक डंपर को अवैध रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया, जिसे नवानगर थाना में सुरक्षित रखा गया है। इन सभी मामलों में खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 29 मई 2026 को भी विभाग ने अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की थी। खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में अशोक मिश्रा द्वारा की गई जांच के दौरान वाहन क्रमांक एमपी 66ZD0758 को बिना वैध अभिवहन पास के गिट्टी परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। उक्त डंपर को जब्त कर चितरंगी थाना में खड़ा कराया गया और नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई। लगातार दो दिनों में पाँच वाहनों की जब्ती यह स्पष्ट संकेत देती है कि जिला प्रशासन अवैध खनिज कारोबार के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। खनिज संसाधनों की चोरी और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध निगरानी लगातार जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सक्रियता को खनिज माफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान का एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
- सोनभद्र जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक प्रसूता की जान चली गई। आरोप है कि सरकारी अस्पताल से रेफर की गई गर्भवती महिला को एक अवैध निजी अस्पताल पहुँचा दिया गया, जबकि उसे निर्धारित स्वास्थ्य केंद्र ले जाना था। ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए। प्रशासन की जाँच में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया, जिसके फलस्वरूप उसे सील कर संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोन थाना क्षेत्र के सोना सिंगा गाँव निवासी सीमा पत्नी देवनारायण को प्रसव पीड़ा होने पर कचनरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। चिकित्सकीय जाँच के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोन रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस द्वारा प्रसूता को सीएचसी कोन ले जाने के बजाय सीधे कोन बाजार स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल पहुँचा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान महिला की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और वहाँ मौजूद चिकित्सक व अन्य जिम्मेदार लोग मौके से फरार हो गए, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल जाँच के निर्देश दिए। उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति आजाद बिन्द एवं क्षेत्राधिकारी कोन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर जाँच की। जाँच में सामने आया कि ग्लोबल हॉस्पिटल बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अस्पताल संचालक नसीम अहमद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- सोनभद्र जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान वन्यजीवों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी का नतीजा है कि चोपन ब्लॉक के बर्दिया स्थित वन विभाग के प्लांटेशन क्षेत्र में जंगली नीलगायों का एक झुंड पानी की तलाश में भटकता हुआ नजर आया। गिरता जलस्तर और लगातार सूखते जलस्रोत वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल संरक्षण को आज के समय की सबसे बड़ी और आवश्यक जरूरत बताया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में एक युवक और एक युवती के बीच आपसी विवाद सामने आया है। इस विवाद के दौरान युवक द्वारा असलहा प्रदर्शित किया गया। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा ने बयान जारी कर जानकारी दी है।1
- सोनभद्र जिले के विकासखंड दुद्धि क्षेत्र की ग्राम पंचायत केवाल में ग्रामीणों ने सड़क क्षतिग्रस्त होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका आरोप है कि गांव-गांव से लकड़ी खरीदने और ढोने में लगे कुछ लोग लगातार भारी ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सड़क को गंभीर नुकसान पहुँचा है। ग्रामीणों ने बताया कि इन ट्रैक्टरों के भारी पहियों के कारण सड़क कई जगहों पर उखड़ने लगी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इस मार्ग से हर दिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, और सड़क खराब होने के कारण राहगीरों, बाइक सवारों के साथ-साथ अन्य वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसी को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से इस मामले की तत्काल जांच करने और सड़क को हुए नुकसान का सही आकलन करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- दुद्धी प्रेस क्लब में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान अभय कुमार शर्मा जी ने वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आवाज की नकल कर सुनाई।1
- सोनभद्र जिले के बीजपुर थाना क्षेत्र में धरती डांड स्थित मोटकी मुकुट पहाड़ी मंदिर के पास एक नाले में महिला का कंकाल मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान पड़ोसी म्योरपुर थाना क्षेत्र से बीते 20 दिनों से लापता पार्वती के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, म्योरपुर थाना क्षेत्र के झानी पाथर निवासी विनोद कुमार की पत्नी पार्वती विगत 10 मई को अपने बच्चों से म्योरपुर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों द्वारा 19 मई को म्योरपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शनिवार सुबह धरती डांड के मोटकी मुकुट पहाड़ी मंदिर के पास नाले में गाय-बकरी चराने गए ग्रामीणों की नजर एक कंकाल पर पड़ी। नाले में मानव कंकाल दिखने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची बीजपुर थाना पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया, और शिनाख्त के दौरान उसकी पहचान लापता पार्वती के रूप में हुई। मृतका के पति विनोद कुमार, जो कि आदिवासी समुदाय से हैं, अपनी ससुराल में ही रहते थे और वर्तमान में जीविकोपार्जन के लिए अहमदाबाद में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत हैं। पार्वती अपने पीछे शौर्यांश (8 वर्ष), आर्य (6 वर्ष) और जया (डेढ़ वर्ष) नामक तीन मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं। महिला का कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने शव के अवशेषों को पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस इन सभी पहलुओं और प्रेम-प्रसंग या हत्या जैसी आशंकाओं को ध्यान में रखकर गहनता से तफ्तीश कर रही है कि महिला की मौत कैसे हुई और उसका शव म्योरपुर से इतनी दूर बीजपुर थाना क्षेत्र के नाले में कैसे पहुंचा।4
- सोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के लिए भर्ती आशा बहू सीमा देवी की ऑपरेशन के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना में नवजात शिशु सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजन की सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण भी तत्काल अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलने के बाद, पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए घटना की जांच में जुट गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है। पुलिस के अनुसार, सूर्या पर कथित तौर पर उसके परिचित युवकों ने चाकू से हमला किया था, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सूर्या को फोन कर एक गली में बुलाया गया था, जहां उस पर चाकुओं से वार किया गया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में चश्मदीदों के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि हमले से पहले आरोपियों ने कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इस मामले में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मोहल्ले के एक व्यक्ति के कथित बयान को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हालांकि, उस वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी उस बयान को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेताओं ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित वनवाटिका क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ जंगली जानवरों के शिकार के लिए कथित तौर पर बिछाए गए हाई वोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से छह भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, चरते हुए ये भैंसें उस जगह पहुँच गईं थीं जहाँ अवैध रूप से बिजली का करंट प्रवाहित तार बिछाया गया था। तार के संपर्क में आते ही सभी भैंसों की तुरंत मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और मामले की जाँच शुरू कर दी। ग्रामीणों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिजली के तार बिछाना पूरी तरह से गैरकानूनी है, और विभाग इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करेगा। फिलहाल, प्रशासन घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जाँच कर रहा है और मृत पशुओं के पंचनामा सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं।1