उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है। पुलिस के अनुसार, सूर्या पर कथित तौर पर उसके परिचित युवकों ने चाकू से हमला किया था, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सूर्या को फोन कर एक गली में बुलाया गया था, जहां उस पर चाकुओं से वार किया गया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में चश्मदीदों के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि हमले से पहले आरोपियों ने कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इस मामले में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मोहल्ले के एक व्यक्ति के कथित बयान को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हालांकि, उस वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी उस बयान को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेताओं ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है। पुलिस के अनुसार, सूर्या पर कथित तौर पर उसके परिचित युवकों ने चाकू से हमला किया था, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि सूर्या को फोन कर एक गली में बुलाया गया था, जहां उस पर चाकुओं से वार किया गया। कुछ मीडिया रिपोर्टों में चश्मदीदों के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि हमले से पहले आरोपियों ने कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इस मामले में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मोहल्ले के एक व्यक्ति के कथित बयान को लेकर बहस छिड़ी हुई है। हालांकि, उस वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी उस बयान को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेताओं ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- कोरिया जिले के पटना में श्री श्री 108 दुर्गा पूजा पंडाल के समीप चल रही भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर कंस वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग को भक्तों के सामने प्रस्तुत किया गया। सुयश देव महाराज द्वारा सुनाई जा रही इस कथा में भारी जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान, भक्तों ने रुक्मिणी विवाह के प्रसंग का उत्साहपूर्वक आनंद लिया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की अत्यधिक भीड़ देखी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बैकुंठपुर, श्रीमती सुरेशा चौबे भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने विधिवत गद्दी का पूजन कर कथा का रसपान किया।2
- पूरे भारत में एक वीडियो पहुँचाने, उसे लाइक करने और उस पर कमेंट करने का आग्रह किया गया है। विशेष रूप से, नमादपुर स्कूल से संबंधित इस वीडियो को छत्तीसगढ़ के हर हिस्से में शेयर करने और एक लाइक देने की अपील की गई है।1
- अधिक मास के पावन अवसर पर रावल स्थित राधा रानी मंदिर में देश-विदेश से पधारे श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। राधा रानी मंदिर के महंत और वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट राहुल अधिकारी कल्ला जी ने इस शुभ अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को अधिक मास की शुभकामनाएँ दीं। अपने संदेश में, राहुल अधिकारी कल्ला जी ने धर्म, सेवा, भक्ति और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सेवा और उनका स्वागत करना भारतीय संस्कृति की एक गौरवशाली परंपरा है। कल्ला जी ने राधा रानी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से सभी भक्तों का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। यह जानकारी संवाददाता राहुल शर्मा के साथ सुषमा ठाकुर ने 'प्रदेश खबर न्यूज़' के लिए दी। इस दौरान 'जय श्री राधे! जय राधा रानी!' के जयकारे भी लगाए गए।1
- 👉बाउंसर -पोलटिक्स 👈 ✍️ अरविंद मिश्रा 🤳 8889463039 " मामा " की राजनैतिक ताकत है "अपनापन" इसीलिए सबसे अलग दिखते हैं शिवराज सिंह चौहान सिंगरौली - राजनीति में ...पद, प्रतिष्ठा और शक्ति ...की चर्चा अक्सर होती है...लेकिन कुछ नेता ऐसे भी होते हैं... जिनकी पहचान केवल उनके पद से नहीं...बल्कि लोगों के साथ उनके भावनात्मक रिश्तों से बनती है। “शिवराज का मोदी पर अपनापन…” दरअसल इसी राजनीतिक और मानवीय संबंध की पड़ताल करता है। यहां केवल... एक पुस्तक ‘अपनापन’ के बहाने शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों की चर्चा नहीं है... बल्कि भारतीय राजनीति में उस दुर्लभ तत्व को भी रेखांकित करना है...जिसे आज के दौर में सबसे अधिक संकटग्रस्त माना जाता है ...और वह है व्यक्तिगत आत्मीयता और संगठनात्मक निष्ठा। मूल प्रश्न यह है कि आखिर ऐसा क्या है जो शिवराज सिंह चौहान को भाजपा के अन्य नेताओं से अलग बनाता है? इसका उत्तर... उनके राजनीतिक कौशल में जितना छिपा है, उससे कहीं अधिक उनके व्यवहार और संबंधों में है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से ...हटने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक कद कम नहीं हुआ... इसके पीछे केवल उनका जनाधार नहीं... बल्कि वह विश्वास है जो उन्होंने कार्यकर्ताओं, किसानों और शीर्ष नेतृत्व के बीच... वर्षों में अर्जित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति ...उनकी सार्वजनिक आत्मीयता को कुछ लोग राजनीतिक रणनीति मान सकते हैं, लेकिन यह भी सच है कि भारतीय राजनीति में दीर्घकालिक संबंध केवल औपचारिकता से नहीं चलते। ‘अपनापन’ एक राजनीतिक पूंजी भी है। लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए संगठन चाहिए, लेकिन संगठन को जीवंत बनाए रखने के लिए... भावनात्मक जुड़ाव भी आवश्यक होता है। शिवराज सिंह चौहान की राजनीति की सबसे बड़ी ताकत यही रही है... कि उन्होंने स्वयं को केवल प्रशासक के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में प्रस्तुत किया। “मामा” की छवि कोई राजनीतिक विज्ञापन भर नहीं थी...वह एक सामाजिक संवाद का माध्यम बनी... यही कारण है कि सत्ता परिवर्तन के बाद भी उनकी लोकप्रियता बनी रही। राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अध्ययन का विषय है कि क्यों कुछ नेता पद छोड़ने के बाद भी प्रभावशाली बने रहते हैं... जबकि कुछ पद के साथ ही अप्रासंगिक हो जाते हैं। शिवराज का उदाहरण बताता है कि... जनता के साथ भावनात्मक निवेश, राजनीतिक निवेश से अधिक टिकाऊ होता है। शिवराज की कार्यशैली अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की उस संगठनात्मक संस्कृति को भी सामने लाती है... जहां वैचारिक प्रतिबद्धता और नेतृत्व के प्रति सम्मान को महत्व दिया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी और शिवराज सिंह चौहान के संबंधों को ...केवल व्यक्ति-व्यक्ति का संबंध मानना पर्याप्त नहीं होगा। यह उस राजनीतिक परंपरा का भी संकेत है जिसमें संगठन व्यक्ति से बड़ा माना जाता है, लेकिन व्यक्ति की निष्ठा और योगदान का सम्मान भी किया जाता है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी ...शिवराज राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखाई देते हैं। यह प्रसंग केवल भाजपा या शिवराज तक सीमित नहीं है...यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए एक संदेश है कि जनता केवल भाषणों और घोषणाओं से प्रभावित नहीं होती... वह नेताओं के व्यवहार, रिश्तों और संवेदनशीलता को भी देखती है। आज जब राजनीति में ...कटुता, आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत हमले बढ़ रहे हैं, तब ‘अपनापन’ जैसे शब्द का राजनीतिक विमर्श में आना अपने आप में महत्वपूर्ण है। शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र मोदी के संबंधों पर केंद्रित यह चर्चा अंततः एक बड़े सत्य की ओर संकेत करती है.. कि राजनीति की वास्तविक शक्ति केवल सत्ता नहीं, बल्कि विश्वास है। पद बदलते हैं, सरकारें बदलती हैं, समीकरण बदलते हैं, लेकिन जो नेता लोगों और नेतृत्व के बीच "भरोसे" का पुल बना लेते हैं...वे राजनीतिक परिदृश्य में लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहते हैं। शिवराज सिंह चौहान की राजनीति का यही “अपनापन” शायद उनकी सबसे बड़ी पूंजी है...एक ऐसी पूंजी, जिसे न चुनावी आंकड़ों में मापा जा सकता है और न ही केवल राजनीतिक समीकरणों से समझा जा सकता है। यह वह पूंजी है जो व्यक्ति को... नेता और.. नेता को "जननेता" बनाती है। ........1
- मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके भाई, गोटेगांव विधायक जालम सिंह पटेल ने लगभग 250 सहयोगी एवं शुभेच्छु जनों के साथ मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) और शनिवार (30 मई 2026) को पवित्र मां नर्मदा के तटों पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया। यह अभियान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। शुक्रवार को अमरकंटक के रामघाट क्षेत्र में नर्मदा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि शनिवार को प्रातः 8 बजे से नर्मदा उद्गम क्षेत्र स्थित पुष्कर बांध के उत्तर एवं दक्षिण तट और उसके नीचे स्थित माधव सरोवर बांध में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक जालम सिंह पटेल और सागर, दमोह, नरसिंहपुर, गोटेगांव तथा गाडरवारा से आए लगभग 250 सहयोगियों ने नदी एवं बांध के भीतर उतरकर श्रमदान किया। स्वच्छता कार्य में नदी में जमी घास, जलकुंभी तथा श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कचरे को निकालकर बाहर किया गया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विधायक जालम सिंह पटेल अपने सहयोगियों के साथ पूरे उत्साह, उमंग और समर्पण भाव से कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते रहे। उन्होंने बिना किसी संकोच के स्वयं नदी में उतरकर श्रमदान किया और उपस्थित लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि "मां नर्मदा हमारी जननी है। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी पुत्रों का कर्तव्य है। नर्मदा स्वच्छ और अविरल रहेगी तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने उपस्थित जनों से नर्मदा तटों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान दोनों जनप्रतिनिधि लगातार कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का उत्साहवर्धन करते रहे तथा उन्हें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्व समझाते रहे। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विधायक जालम सिंह पटेल को नर्मदा भक्त एवं नर्मदा पुत्र के रूप में जाना जाता है, जिनकी मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था रही है। उल्लेखनीय है कि वे प्रतिवर्ष नर्मदा स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान करते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों से यह अभियान आयोजित नहीं हो सका था, किंतु इस वर्ष पुनः बड़े स्तर पर अभियान चलाकर दोनों बंधुओं ने नर्मदा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।1
- पेंड्रा रोड क्षेत्र के लोगों के लिए नौतपा और भीषण गर्मी से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। आज पेंड्रा रोड में भारी बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। यह स्थिति सभी के लिए खुशी की बात है, क्योंकि भीषण गर्मी के बाद इस बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को राहत मिली है।1
- गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में हुए सूर्या चौहान की हत्या के मामले में हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी असद अभी भी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है। इस हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है, जहाँ "एनकाउंटर" और "बुलडोजर कार्रवाई" जैसी सख्त कार्रवाई की मांगें उठ रही हैं। इन मांगों के बावजूद, कानूनी प्रक्रिया यह स्पष्ट करती है कि किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि अदालत में प्रस्तुत सबूतों और विस्तृत जांच के आधार पर तय होती है। पुलिस फिलहाल मामले में गिरफ्तारी, पूछताछ और गहन जांच की कार्रवाई कर रही है।1
- आज कोरिया/पटना में लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। दिन के समय जब मौसम में बदलाव आ रहा था, तब तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा था। शाम करीब 4:30 बजे, क्षेत्र में अचानक तेज मूसलाधार बारिश हुई, जिसके परिणामस्वरूप गर्मी से छुटकारा मिला और मौसम सामान्य हो गया।1
- मथुरा जिला पंचायत के वार्ड नंबर 27 से संभावित प्रत्याशी चौधरी विश्वनाथ सिंह ने 84 कोस की परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं की सेवा की। उन्होंने यात्रियों को ठंडा जल, शरबत और फल वितरित कर जनसेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह पहल उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता से अधिक सेवा भावना को दर्शाती है, जैसा कि उन्होंने खुद बताया है कि वे राजनीति से ज्यादा सेवा में विश्वास रखते हैं। इस अवसर पर चौधरी विश्वनाथ सिंह ने कहा कि वे जनता के बीच नेता नहीं, बल्कि बेटा बनकर आए हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिलता है, तो वे वार्ड नंबर 27 के विकास के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेंगे। उन्होंने स्वयं को जिला पंचायत सदस्य की बजाय एक कार्यकर्ता और वार्ड के चौकीदार के रूप में जनता की सेवा करने का इरादा व्यक्त किया। चौधरी विश्वनाथ सिंह जनसेवा, समर्पण और विकास के अपने संकल्प के साथ क्षेत्रवासियों के बीच लगातार सक्रिय हैं, जिसके चलते उन्हें क्षेत्र की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।1