मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके भाई, गोटेगांव विधायक जालम सिंह पटेल ने लगभग 250 सहयोगी एवं शुभेच्छु जनों के साथ मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) और शनिवार (30 मई 2026) को पवित्र मां नर्मदा के तटों पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया। यह अभियान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। शुक्रवार को अमरकंटक के रामघाट क्षेत्र में नर्मदा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि शनिवार को प्रातः 8 बजे से नर्मदा उद्गम क्षेत्र स्थित पुष्कर बांध के उत्तर एवं दक्षिण तट और उसके नीचे स्थित माधव सरोवर बांध में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक जालम सिंह पटेल और सागर, दमोह, नरसिंहपुर, गोटेगांव तथा गाडरवारा से आए लगभग 250 सहयोगियों ने नदी एवं बांध के भीतर उतरकर श्रमदान किया। स्वच्छता कार्य में नदी में जमी घास, जलकुंभी तथा श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कचरे को निकालकर बाहर किया गया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विधायक जालम सिंह पटेल अपने सहयोगियों के साथ पूरे उत्साह, उमंग और समर्पण भाव से कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते रहे। उन्होंने बिना किसी संकोच के स्वयं नदी में उतरकर श्रमदान किया और उपस्थित लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि "मां नर्मदा हमारी जननी है। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी पुत्रों का कर्तव्य है। नर्मदा स्वच्छ और अविरल रहेगी तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने उपस्थित जनों से नर्मदा तटों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान दोनों जनप्रतिनिधि लगातार कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का उत्साहवर्धन करते रहे तथा उन्हें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्व समझाते रहे। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विधायक जालम सिंह पटेल को नर्मदा भक्त एवं नर्मदा पुत्र के रूप में जाना जाता है, जिनकी मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था रही है। उल्लेखनीय है कि वे प्रतिवर्ष नर्मदा स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान करते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों से यह अभियान आयोजित नहीं हो सका था, किंतु इस वर्ष पुनः बड़े स्तर पर अभियान चलाकर दोनों बंधुओं ने नर्मदा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके भाई, गोटेगांव विधायक जालम सिंह पटेल ने लगभग 250 सहयोगी एवं शुभेच्छु जनों के साथ मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) और शनिवार (30 मई 2026) को पवित्र मां नर्मदा के तटों पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया। यह अभियान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। शुक्रवार को अमरकंटक के रामघाट क्षेत्र में नर्मदा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि शनिवार को प्रातः 8 बजे से नर्मदा उद्गम क्षेत्र स्थित पुष्कर बांध के उत्तर एवं दक्षिण तट और उसके नीचे स्थित माधव सरोवर बांध में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक जालम सिंह पटेल और सागर, दमोह, नरसिंहपुर, गोटेगांव तथा गाडरवारा से आए लगभग 250 सहयोगियों ने नदी एवं बांध के भीतर उतरकर श्रमदान किया। स्वच्छता कार्य में नदी में जमी घास, जलकुंभी तथा श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कचरे को निकालकर बाहर किया गया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विधायक जालम सिंह पटेल अपने सहयोगियों के साथ पूरे उत्साह, उमंग और समर्पण भाव से कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते रहे। उन्होंने बिना किसी संकोच के स्वयं नदी में उतरकर श्रमदान किया और उपस्थित लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि "मां नर्मदा हमारी जननी है। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी पुत्रों का कर्तव्य है। नर्मदा स्वच्छ और अविरल रहेगी तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने उपस्थित जनों से नर्मदा तटों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान दोनों जनप्रतिनिधि लगातार कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का उत्साहवर्धन करते रहे तथा उन्हें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्व समझाते रहे। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विधायक जालम सिंह पटेल को नर्मदा भक्त एवं नर्मदा पुत्र के रूप में जाना जाता है, जिनकी मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था रही है। उल्लेखनीय है कि वे प्रतिवर्ष नर्मदा स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान करते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों से यह अभियान आयोजित नहीं हो सका था, किंतु इस वर्ष पुनः बड़े स्तर पर अभियान चलाकर दोनों बंधुओं ने नर्मदा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- शहडोल जिले के कोतवाली थाने में मारपीट और गाली-गलौज का एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को लगभग 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि वार्ड क्रमांक 35 के फरियादी आकाश खटीक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आकाश खटीक की शिकायत के अनुसार, आरोपी बहीद मुसलमान ने आपसी बात को लेकर उनसे गाली-गलौज की और मारपीट की। पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।1
- पेंड्रा रोड क्षेत्र के लोगों के लिए नौतपा और भीषण गर्मी से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। आज पेंड्रा रोड में भारी बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। यह स्थिति सभी के लिए खुशी की बात है, क्योंकि भीषण गर्मी के बाद इस बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को राहत मिली है।1
- शाहडोल जिले में बैंक मित्रों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बैंक मित्र अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे और उसे उन्हें सौंपा।1
- भरतपुर की ग्राम पंचायत बड़गांवखुर्द में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार 2026 शिविर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पूर्व ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत एक विशेष शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों तथा जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। समाज कल्याण विभाग की अगुवाई में सभी उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने विशेष रूप से तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने तथा दूसरों को भी नशे के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा स्वास्थ्य, परिवार और समाज, तीनों के लिए घातक है। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रखने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयासों को बल देने पर विशेष जोर दिया गया।1
- मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके भाई, गोटेगांव विधायक जालम सिंह पटेल ने लगभग 250 सहयोगी एवं शुभेच्छु जनों के साथ मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) और शनिवार (30 मई 2026) को पवित्र मां नर्मदा के तटों पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया। यह अभियान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। शुक्रवार को अमरकंटक के रामघाट क्षेत्र में नर्मदा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि शनिवार को प्रातः 8 बजे से नर्मदा उद्गम क्षेत्र स्थित पुष्कर बांध के उत्तर एवं दक्षिण तट और उसके नीचे स्थित माधव सरोवर बांध में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक जालम सिंह पटेल और सागर, दमोह, नरसिंहपुर, गोटेगांव तथा गाडरवारा से आए लगभग 250 सहयोगियों ने नदी एवं बांध के भीतर उतरकर श्रमदान किया। स्वच्छता कार्य में नदी में जमी घास, जलकुंभी तथा श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कचरे को निकालकर बाहर किया गया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विधायक जालम सिंह पटेल अपने सहयोगियों के साथ पूरे उत्साह, उमंग और समर्पण भाव से कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते रहे। उन्होंने बिना किसी संकोच के स्वयं नदी में उतरकर श्रमदान किया और उपस्थित लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि "मां नर्मदा हमारी जननी है। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी पुत्रों का कर्तव्य है। नर्मदा स्वच्छ और अविरल रहेगी तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने उपस्थित जनों से नर्मदा तटों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान दोनों जनप्रतिनिधि लगातार कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का उत्साहवर्धन करते रहे तथा उन्हें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्व समझाते रहे। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विधायक जालम सिंह पटेल को नर्मदा भक्त एवं नर्मदा पुत्र के रूप में जाना जाता है, जिनकी मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था रही है। उल्लेखनीय है कि वे प्रतिवर्ष नर्मदा स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान करते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों से यह अभियान आयोजित नहीं हो सका था, किंतु इस वर्ष पुनः बड़े स्तर पर अभियान चलाकर दोनों बंधुओं ने नर्मदा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।1
- मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 2 बराती क्षेत्र में, शाम लगभग 4 बजे, तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान बिजली की चपेट में आने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलसकर मृत्यु हो गई। वहीं, एक अन्य किशोरी भी इस घटना में घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 2 बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1