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लोगों को अब मंदिरों में होने वाले VIP और स्पेशल दर्शनों से दिक्कत आने लगी है, खासकर केदारनाथ धाम जैसे कठिन यात्रा स्थलों पर। इसी संदर्भ में, इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो में आवनी खताना नामक महिला ने अपना बेहद खराब अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम तक पैदल चलकर पहुंचना बिल्कुल भी आसान नहीं है, और एक महीने की तैयारी व घर से निकलने के बाद चार दिन और दो दिन तक ट्रैफिक में फंसे रहने के बावजूद उन्हें मात्र 4-5 मिनट का रास्ता तय करने में 4-5 घंटे लग गए। आवनी ने बताया कि उन्होंने 22-23 किलोमीटर की पैदल यात्रा की, जिसमें घोड़े और खच्चरों के चलते गिरने का जोखिम भी काफी था, लेकिन केदारनाथ में उन्हें कोई सुविधा नहीं मिली। भावुक आवनी ने लोगों को सलाह दी कि वे केदारनाथ न आएं, क्योंकि यहां केवल समय और पैसा बर्बाद होगा और दर्शन भी ठीक से नहीं हो पाएंगे। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यहां केवल पैसे लिए जाते हैं, या तो VIP दर्शन करो या हेलीकॉप्टर से यात्रा करो। पैदल यात्रियों को दर्शन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। महिला रोते हुए बताती है कि वे आज भी बिना दर्शन किए, केवल गेट से ही वापस लौट रही हैं। आवनी का दुख जायज माना जा रहा है क्योंकि कई लोगों के लिए केदारनाथ की यात्रा 'वंस इन अ लाइफटाइम' पल होता है। इंटरनेट की जनता भी मानती है कि भोले बाबा के भक्तों को इतनी मेहनत से ऊपर पहुंचने पर दर्शन जरूर मिलने चाहिए। आवनी के इस वीडियो को 6 लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं और इसे अब तक करोड़ों बार देखा जा चुका है, साथ ही इस पर लगभग 21 हजार कमेंट्स भी आए हैं। पोस्ट का कमेंट सेक्शन जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाओं से भरा हुआ है, जहां कुछ यूजर्स आवनी से पूरी तरह सहमत हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ का कहना है कि इतनी मेहनत के बाद उन्हें एक रात रुककर दर्शन करके आना चाहिए था। जबकि अन्य लोग आवनी द्वारा बताए गए अनुभव से सहमति व्यक्त कर रहे हैं।

15 hrs ago
user_रोहिताश कुमार जाटव
रोहिताश कुमार जाटव
Farmer Ramgarh Alwar, Rajasthan•
15 hrs ago
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लोगों को अब मंदिरों में होने वाले VIP और स्पेशल दर्शनों से दिक्कत आने लगी है, खासकर केदारनाथ धाम जैसे कठिन यात्रा स्थलों पर। इसी संदर्भ में, इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो में आवनी खताना नामक महिला ने अपना बेहद खराब अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम तक पैदल चलकर पहुंचना बिल्कुल भी आसान नहीं है, और एक महीने की तैयारी व घर से निकलने के बाद चार दिन और दो दिन तक ट्रैफिक में फंसे रहने के बावजूद उन्हें मात्र 4-5 मिनट का रास्ता तय करने में 4-5 घंटे लग गए। आवनी ने बताया कि उन्होंने 22-23 किलोमीटर की पैदल यात्रा की, जिसमें घोड़े और खच्चरों के चलते गिरने का जोखिम भी काफी था, लेकिन केदारनाथ में उन्हें कोई सुविधा नहीं मिली। भावुक आवनी ने लोगों को सलाह दी कि वे केदारनाथ न आएं, क्योंकि यहां केवल समय और पैसा बर्बाद होगा और दर्शन भी ठीक से नहीं हो पाएंगे। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यहां केवल पैसे लिए जाते हैं, या तो VIP दर्शन करो या हेलीकॉप्टर से यात्रा करो। पैदल यात्रियों को दर्शन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। महिला रोते हुए बताती है कि वे आज भी बिना दर्शन किए, केवल गेट से ही वापस लौट रही हैं। आवनी का दुख जायज माना जा रहा है क्योंकि कई लोगों के लिए केदारनाथ की यात्रा 'वंस इन अ लाइफटाइम' पल होता है। इंटरनेट की जनता भी मानती है कि भोले बाबा के भक्तों को इतनी मेहनत से ऊपर पहुंचने पर दर्शन जरूर मिलने चाहिए। आवनी के इस वीडियो को 6 लाख से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं और इसे अब तक करोड़ों बार देखा जा चुका है, साथ ही इस पर लगभग 21 हजार कमेंट्स भी आए हैं। पोस्ट का कमेंट सेक्शन जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाओं से भरा हुआ है, जहां कुछ यूजर्स आवनी से पूरी तरह सहमत हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ का कहना है कि इतनी मेहनत के बाद उन्हें एक रात रुककर दर्शन करके आना चाहिए था। जबकि अन्य लोग आवनी द्वारा बताए गए अनुभव से सहमति व्यक्त कर रहे हैं।

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  • गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोटों के संबंध में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, बाजार में 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की एक बड़ी खेप का पता चला है। ये जाली नोट देखने में बिल्कुल असली जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे इनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी के मद्देनजर, MHA और RBI ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की अच्छी तरह से जांच कर लें।
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    गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोटों के संबंध में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, बाजार में 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की एक बड़ी खेप का पता चला है।

ये जाली नोट देखने में बिल्कुल असली जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे इनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी के मद्देनजर, MHA और RBI ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की अच्छी तरह से जांच कर लें।
    user_Ram Mishra
    Ram Mishra
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है। विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।
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    अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है।

विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया।

उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।
    user_Vijay thalapati
    Vijay thalapati
    Farmer अलवर, अलवर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • पहाड़ी से सामने आए एक डेमो वीडियो के अनुसार, कॉकराच जनता पार्टी (CJP) ने मुस्लिम मोहिन खान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।
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    पहाड़ी से सामने आए एक डेमो वीडियो के अनुसार, कॉकराच जनता पार्टी (CJP) ने मुस्लिम मोहिन खान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।
    user_Mohin Khan
    Mohin Khan
    पहाड़ी, भरतपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा। धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं। जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
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    श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा।

धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं।

जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • सवाई माधोपुर के समीप कुशालीपुरा तिराहे पर गुर्जर समाज का शहीदों को श्रद्धांजलि कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी दौरान, विजय बैसला ने शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने का ऐलान किया, जिससे कुशालीपुरा में गहमा-गहमी बढ़ गई है। विजय बैसला के इस ऐलान के बाद प्रशासन में हलचल तेज हो गई और वह अलर्ट मोड में आ गया। प्रदेश भर से भारी संख्या में गुर्जर नेता और युवा-बुजुर्ग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। इस भीड़ के कारण सवाई माधोपुर, खण्डार, फलौदी और मध्य प्रदेश के मार्गों पर कई घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बाद में हालात सामान्य होने पर लोगों को राहत मिली। प्रतिमा स्थापना की घोषणा के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, जिसके मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार कर समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन हो सकता है।
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    सवाई माधोपुर के समीप कुशालीपुरा तिराहे पर गुर्जर समाज का शहीदों को श्रद्धांजलि कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी दौरान, विजय बैसला ने शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने का ऐलान किया, जिससे कुशालीपुरा में गहमा-गहमी बढ़ गई है।

विजय बैसला के इस ऐलान के बाद प्रशासन में हलचल तेज हो गई और वह अलर्ट मोड में आ गया। प्रदेश भर से भारी संख्या में गुर्जर नेता और युवा-बुजुर्ग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। इस भीड़ के कारण सवाई माधोपुर, खण्डार, फलौदी और मध्य प्रदेश के मार्गों पर कई घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बाद में हालात सामान्य होने पर लोगों को राहत मिली।

प्रतिमा स्थापना की घोषणा के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, जिसके मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार कर समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन हो सकता है।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • टेलानौगावा क्षेत्र के पाटा गांव में डस्ट से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सहायता कर ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस तत्परता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और ड्राइवर को बचा लिया गया।
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    टेलानौगावा क्षेत्र के पाटा गांव में डस्ट से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सहायता कर ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस तत्परता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और ड्राइवर को बचा लिया गया।
    user_R Balvinder Singh
    R Balvinder Singh
    Court reporter रामगढ़, अलवर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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