बिहार के गया जिले की कोंच थाना पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पहली सफलता पुलिस को पड़रावां मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान मिली, जहां एएसआई सुरेश कुमार ने पुलिस बल के साथ एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल से 5 लीटर देशी महुआ शराब बरामद की। मौके से शराब कारोबारी शैलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जो औरंगाबाद जिले के गोह थाना अंतर्गत ग्राम चपरा का रहने वाला है। दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने कोंच थाना कांड संख्या 207/26 के नामजद अभियुक्त मनोज यादव को ग्राम डबुर टोला, चिड़ैया विघा से गिरफ्तार किया है। मनोज यादव के घर से करीब 15 दिन पहले लगभग 10 लीटर देशी महुआ शराब बरामद हुई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। थानाध्यक्ष सुदेह कुमार ने बताया कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
बिहार के गया जिले की कोंच थाना पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पहली सफलता पुलिस को पड़रावां मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान मिली, जहां एएसआई सुरेश कुमार ने पुलिस बल के साथ एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल से 5 लीटर देशी महुआ शराब बरामद की। मौके से शराब कारोबारी शैलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जो औरंगाबाद जिले के गोह थाना अंतर्गत ग्राम चपरा का रहने वाला है। दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने कोंच थाना कांड संख्या 207/26 के नामजद अभियुक्त मनोज यादव को ग्राम डबुर टोला, चिड़ैया विघा से गिरफ्तार किया है। मनोज यादव के घर से करीब 15 दिन पहले लगभग 10 लीटर देशी महुआ शराब बरामद हुई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। थानाध्यक्ष सुदेह कुमार ने बताया कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
- गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र की तिनेरी पंचायत भवन में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने नल-जल योजना की बदहाली और सड़क निर्माण की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। मंगलवार को आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश मामले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े हुए थे। शिविर में कस्तूरी खाप और खाटनी गांव के ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का समुचित संचालन न होने के कारण उन्हें इस मौसम में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिविर में इस बात पर भी नाराजगी दिखी कि इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता (जेई) उपस्थित नहीं थे। इसके साथ ही, कस्तूरी खाप गांव के जाहिद अख्तर, पूर्व सरपंच नजम अख्तर, मनोज सिंह और शैलेंद्र चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने पंचायत भवन से गांव तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीडीओ चंदन कुमार को आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया पर वार्ड संख्या 12 एवं 13 की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया, जिसके कारण लोग आज भी नाली, गली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस सहयोग शिविर में प्रभारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ चंदन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अभिषेक कुमार, सीडीपीओ संजू कुमारी, कनीय विद्युत अभियंता विकास कुमार, आंती थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव और मुखिया प्रतिनिधि इंतेशाब सहित कई विभागों के पदाधिकारी व पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि परिवहन विभाग से संबंधित किसी भी समस्या का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। वहीं, बीडीओ चंदन कुमार ने शिविर में मिले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े सभी आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादित करने का आश्वासन दिया।1
- बिहार में धान रोपाई का मुद्दा अब एक बड़ी राजनीतिक जंग का रूप ले चुका है। तनुश्री ने दीपा मांझी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने अब एक तीखे राजनीतिक संग्राम की शक्ल ले ली है।1
- बिहार के गया में स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (ANMMCH) की एक बेहद ही मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के आपातकालीन विभाग में एक मासूम बच्चा अपनी माँ के साथ स्ट्रेचर खींचकर अपने बीमार पिता को इलाज के लिए ले जाता दिखाई दिया। यह दृश्य सीधे तौर पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति को पूरी तरह उजागर करता है। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद जिम्मेदार प्रशासन और विभाग पर सवाल उठने लगे हैं। क्या अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में वार्ड बॉय और स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं है? आखिर जिम्मेदार विभाग इस गंभीर स्थिति पर कब ध्यान देगा?1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा स्थित बड़ी खेल मैदान पर जलजमाव होने और स्टैंड बन जाने की वजह से स्थिति पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। इस समस्या से परेशान होकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मैदान से जलनिकासी कराने की मांग की है।1
- जहानाबाद जिले के अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने मंगलवार को सुगाव विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन किया। विद्यालय पहुंचने पर जब एसडीएम ने बच्चों को जमीन पर पंगत में बैठकर सादगी और उत्साह के साथ भोजन करते देखा, तो वह बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के बच्चों के बीच जाकर पंगत में स्थान ग्रहण किया और उनके साथ भोजन किया। अपने बीच एसडीएम को पाकर बच्चे उत्साहित हो गए और उनसे खुलकर बातचीत करने लगे, जिससे विद्यालय परिसर का माहौल काफी सौहार्दपूर्ण और खुशनुमा हो गया। भोजन के दौरान एसडीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, एसडीएम ने शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। एसडीएम के इस सहज और मानवीय व्यवहार की विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहना की है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए बच्चों के बीच बैठकर भोजन करना एसडीएम की सादगी, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे छोटे-छोटे मानवीय प्रयास समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देते हैं।1
- गया में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का भारी आक्रोश एक बार फिर सड़क पर देखने को मिला है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने एक मशाल जुलूस निकाला और इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने की जोरदार मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।1
- औरंगाबाद के रफीगंज में पौथू थाना पुलिस ने सोमवार रात अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 70 लीटर देसी महुआ शराब बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक अपाचे बाइक भी जब्त की है। थानाध्यक्ष संजय कुमार सुमन ने बताया कि पहली कार्रवाई ईटार गांव में रामप्रवेश रवानी के घर पर की गई, जहां से 25 लीटर देसी महुआ शराब बरामद हुई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही रामप्रवेश रवानी वहां से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, दूसरी कार्रवाई में अचुकी मोड़ के पास से एक अपाचे बाइक (BR26AA-8012) पर 45 लीटर देसी महुआ शराब ले जा रहे दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासमा थाना क्षेत्र के अरथुआ गांव निवासी रिंटू कुमार (पिता बैजनाथ रवानी) और रफीगंज थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी पंकज कुमार (पिता अनुज चंद्रवंशी) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।1