गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र की तिनेरी पंचायत भवन में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने नल-जल योजना की बदहाली और सड़क निर्माण की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। मंगलवार को आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश मामले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े हुए थे। शिविर में कस्तूरी खाप और खाटनी गांव के ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का समुचित संचालन न होने के कारण उन्हें इस मौसम में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिविर में इस बात पर भी नाराजगी दिखी कि इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता (जेई) उपस्थित नहीं थे। इसके साथ ही, कस्तूरी खाप गांव के जाहिद अख्तर, पूर्व सरपंच नजम अख्तर, मनोज सिंह और शैलेंद्र चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने पंचायत भवन से गांव तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीडीओ चंदन कुमार को आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया पर वार्ड संख्या 12 एवं 13 की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया, जिसके कारण लोग आज भी नाली, गली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस सहयोग शिविर में प्रभारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ चंदन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अभिषेक कुमार, सीडीपीओ संजू कुमारी, कनीय विद्युत अभियंता विकास कुमार, आंती थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव और मुखिया प्रतिनिधि इंतेशाब सहित कई विभागों के पदाधिकारी व पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि परिवहन विभाग से संबंधित किसी भी समस्या का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। वहीं, बीडीओ चंदन कुमार ने शिविर में मिले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े सभी आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादित करने का आश्वासन दिया।
गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र की तिनेरी पंचायत भवन में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने नल-जल योजना की बदहाली और सड़क निर्माण की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। मंगलवार को आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश मामले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े हुए थे। शिविर में कस्तूरी खाप और खाटनी गांव के ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का समुचित संचालन न होने के कारण उन्हें इस मौसम में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिविर में इस बात पर भी नाराजगी दिखी कि इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता (जेई) उपस्थित नहीं थे। इसके साथ ही, कस्तूरी खाप गांव के जाहिद अख्तर, पूर्व सरपंच नजम अख्तर, मनोज सिंह और शैलेंद्र चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने पंचायत भवन से गांव तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीडीओ चंदन कुमार को आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया पर वार्ड संख्या 12 एवं 13 की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया, जिसके कारण लोग आज भी नाली, गली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस सहयोग शिविर में प्रभारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ चंदन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अभिषेक कुमार, सीडीपीओ संजू कुमारी, कनीय विद्युत अभियंता विकास कुमार, आंती थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव और मुखिया प्रतिनिधि इंतेशाब सहित कई विभागों के पदाधिकारी व पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि परिवहन विभाग से संबंधित किसी भी समस्या का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। वहीं, बीडीओ चंदन कुमार ने शिविर में मिले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े सभी आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादित करने का आश्वासन दिया।
- गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र की तिनेरी पंचायत भवन में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने नल-जल योजना की बदहाली और सड़क निर्माण की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। मंगलवार को आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश मामले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े हुए थे। शिविर में कस्तूरी खाप और खाटनी गांव के ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का समुचित संचालन न होने के कारण उन्हें इस मौसम में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिविर में इस बात पर भी नाराजगी दिखी कि इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता (जेई) उपस्थित नहीं थे। इसके साथ ही, कस्तूरी खाप गांव के जाहिद अख्तर, पूर्व सरपंच नजम अख्तर, मनोज सिंह और शैलेंद्र चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने पंचायत भवन से गांव तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीडीओ चंदन कुमार को आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया पर वार्ड संख्या 12 एवं 13 की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया, जिसके कारण लोग आज भी नाली, गली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस सहयोग शिविर में प्रभारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ चंदन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अभिषेक कुमार, सीडीपीओ संजू कुमारी, कनीय विद्युत अभियंता विकास कुमार, आंती थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव और मुखिया प्रतिनिधि इंतेशाब सहित कई विभागों के पदाधिकारी व पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि परिवहन विभाग से संबंधित किसी भी समस्या का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। वहीं, बीडीओ चंदन कुमार ने शिविर में मिले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े सभी आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादित करने का आश्वासन दिया।1
- औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र के घाटों गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई वृद्ध की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 72 घंटे के भीतर चारों नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि 19 जुलाई को घाटों गांव निवासी 65 वर्षीय किशोरी साव के साथ जमीनी विवाद को लेकर मारपीट की गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को दबोच लिया।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड स्थित हसपुरा पंचायत और टाल पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का औपचारिक उद्घाटन बीडीओ, बीपीआरओ और मुखिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।1
- गयाजी के टिकारी पंचानपुर थाना क्षेत्र में बदमाशों ने एक फौजी के घर को निशाना बनाकर डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। देर रात धावा बोलने वाले बदमाशों ने घर में मौजूद फौजी के बुजुर्ग माता-पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की और वहां रखे सोने-चांदी के गहने व कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। पीड़ित फौजी के मुताबिक, वारदात के वक्त देर रात करीब 10 से 12 की संख्या में नकाबपोश बदमाश घर में घुसे थे। इस बीच जब फौजी की बुजुर्ग मां जाग गईं और उन्होंने शोर मचाते हुए बदमाशों को पहचान लेने की बात कही, तो डकैतों ने पहले उनका गला दबा दिया और फिर बेरहमी से उनकी पिटाई कर दी। इस बर्बर हमले में बुजुर्ग महिला के हाथ की हड्डी टूट गई है और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- बिहार में धान रोपाई का मुद्दा अब एक बड़ी राजनीतिक जंग का रूप ले चुका है। तनुश्री ने दीपा मांझी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने अब एक तीखे राजनीतिक संग्राम की शक्ल ले ली है।1
- जहानाबाद जिले के अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने मंगलवार को सुगाव विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन किया। विद्यालय पहुंचने पर जब एसडीएम ने बच्चों को जमीन पर पंगत में बैठकर सादगी और उत्साह के साथ भोजन करते देखा, तो वह बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के बच्चों के बीच जाकर पंगत में स्थान ग्रहण किया और उनके साथ भोजन किया। अपने बीच एसडीएम को पाकर बच्चे उत्साहित हो गए और उनसे खुलकर बातचीत करने लगे, जिससे विद्यालय परिसर का माहौल काफी सौहार्दपूर्ण और खुशनुमा हो गया। भोजन के दौरान एसडीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, एसडीएम ने शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। एसडीएम के इस सहज और मानवीय व्यवहार की विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहना की है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए बच्चों के बीच बैठकर भोजन करना एसडीएम की सादगी, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे छोटे-छोटे मानवीय प्रयास समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देते हैं।1
- भोजपुर के सहार अंचल कार्यालय में तैनात अंचलाधिकारी की सरकारी सूमो गाड़ी पिछले कई दिनों से खराब पड़ी है। वर्ष 2012 मॉडल की इस गाड़ी में लगातार आ रही तकनीकी गड़बड़ियों के कारण सरकारी कार्यों के निष्पादन में बाधा आ रही है। अंचलाधिकारी ने बताया कि इस वाहन को कंडम घोषित करने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। गाड़ी पुरानी होने के कारण इसे बार-बार मरम्मत कराना पड़ता है। ऐसे में अब यह सवाल बना हुआ है कि सरकारी कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए आखिर नई गाड़ी कब तक उपलब्ध कराई जाएगी।1
- बिहार के गया में स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (ANMMCH) की एक बेहद ही मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के आपातकालीन विभाग में एक मासूम बच्चा अपनी माँ के साथ स्ट्रेचर खींचकर अपने बीमार पिता को इलाज के लिए ले जाता दिखाई दिया। यह दृश्य सीधे तौर पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति को पूरी तरह उजागर करता है। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद जिम्मेदार प्रशासन और विभाग पर सवाल उठने लगे हैं। क्या अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में वार्ड बॉय और स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं है? आखिर जिम्मेदार विभाग इस गंभीर स्थिति पर कब ध्यान देगा?1