जहानाबाद जिले के अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने मंगलवार को सुगाव विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन किया। विद्यालय पहुंचने पर जब एसडीएम ने बच्चों को जमीन पर पंगत में बैठकर सादगी और उत्साह के साथ भोजन करते देखा, तो वह बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के बच्चों के बीच जाकर पंगत में स्थान ग्रहण किया और उनके साथ भोजन किया। अपने बीच एसडीएम को पाकर बच्चे उत्साहित हो गए और उनसे खुलकर बातचीत करने लगे, जिससे विद्यालय परिसर का माहौल काफी सौहार्दपूर्ण और खुशनुमा हो गया। भोजन के दौरान एसडीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, एसडीएम ने शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। एसडीएम के इस सहज और मानवीय व्यवहार की विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहना की है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए बच्चों के बीच बैठकर भोजन करना एसडीएम की सादगी, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे छोटे-छोटे मानवीय प्रयास समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देते हैं।
जहानाबाद जिले के अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने मंगलवार को सुगाव विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन किया। विद्यालय पहुंचने पर जब एसडीएम ने बच्चों को जमीन पर पंगत में बैठकर सादगी और उत्साह के साथ भोजन करते देखा, तो वह बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के बच्चों के बीच जाकर पंगत में स्थान ग्रहण किया और उनके साथ भोजन किया। अपने बीच एसडीएम को पाकर बच्चे उत्साहित हो गए और उनसे खुलकर बातचीत करने लगे, जिससे विद्यालय परिसर का माहौल काफी सौहार्दपूर्ण और खुशनुमा हो गया। भोजन के दौरान एसडीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, एसडीएम ने शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। एसडीएम के इस सहज और मानवीय व्यवहार की विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहना की है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए बच्चों के बीच बैठकर भोजन करना एसडीएम की सादगी, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे छोटे-छोटे मानवीय प्रयास समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देते हैं।
- जहानाबाद जिले के अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) राजीव रंजन सिन्हा ने मंगलवार को सुगाव विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन किया। विद्यालय पहुंचने पर जब एसडीएम ने बच्चों को जमीन पर पंगत में बैठकर सादगी और उत्साह के साथ भोजन करते देखा, तो वह बेहद प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के बच्चों के बीच जाकर पंगत में स्थान ग्रहण किया और उनके साथ भोजन किया। अपने बीच एसडीएम को पाकर बच्चे उत्साहित हो गए और उनसे खुलकर बातचीत करने लगे, जिससे विद्यालय परिसर का माहौल काफी सौहार्दपूर्ण और खुशनुमा हो गया। भोजन के दौरान एसडीएम ने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और शिक्षा के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, एसडीएम ने शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। एसडीएम के इस सहज और मानवीय व्यवहार की विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहना की है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए बच्चों के बीच बैठकर भोजन करना एसडीएम की सादगी, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। इससे बच्चों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे छोटे-छोटे मानवीय प्रयास समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश देते हैं।1
- पटना जिले के बिक्रम प्रखंड अंतर्गत बाघाकोल में स्थित न्यू ईरा पब्लिक स्कूल के सभागार में "मैंगोजेस्टिक फेस्ट 2026" (येलो डे सेलिब्रेशन) का भव्य आयोजन बड़े ही उत्साह और रंगारंग वातावरण के बीच किया गया। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य नन्हे विद्यार्थियों को पीले रंग के महत्व से परिचित कराना तथा उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और आनंदमय शिक्षण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत और परिचय के साथ हुई, जिसके बाद बच्चों ने अपनी प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया। नर्सरी से यू.के.जी. तक के विद्यार्थियों ने बेहद मनमोहक प्रस्तुति दी और आकर्षक मैंगो-थीम पर आधारित समूह नृत्य से सभी का मन मोह लिया। इसके पश्चात कक्षा 1 से 3 के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। वहीं कक्षा 1 व 2 और कक्षा 3 व 4 के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्ण समूह नृत्य प्रस्तुत कर अपने तालमेल, आत्मविश्वास और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या डॉ. नीना कुमार एवं उप-प्राचार्या डॉ. प्रिया गरिमामयी उपस्थिति में मौजूद रहीं। प्राचार्या डॉ. नीना कुमार ने बच्चों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना की और कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम और शानदार आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए उन्हें बधाई दी और अभिभावकों के प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस भव्य कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।1
- Post by Anand Kumar1
- जहानाबाद के हुलासगंज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पूर्व सांसद जगदीश शर्मा ने शिरकत की। इस धार्मिक आयोजन में शामिल होते हुए उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा को हमारी सनातन परंपरा और संस्कृति के लिए बेहद जरूरी बताया।1
- गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र की तिनेरी पंचायत भवन में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने नल-जल योजना की बदहाली और सड़क निर्माण की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। मंगलवार को आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश मामले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े हुए थे। शिविर में कस्तूरी खाप और खाटनी गांव के ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का समुचित संचालन न होने के कारण उन्हें इस मौसम में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिविर में इस बात पर भी नाराजगी दिखी कि इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता (जेई) उपस्थित नहीं थे। इसके साथ ही, कस्तूरी खाप गांव के जाहिद अख्तर, पूर्व सरपंच नजम अख्तर, मनोज सिंह और शैलेंद्र चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने पंचायत भवन से गांव तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीडीओ चंदन कुमार को आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया पर वार्ड संख्या 12 एवं 13 की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया, जिसके कारण लोग आज भी नाली, गली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस सहयोग शिविर में प्रभारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ चंदन कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अभिषेक कुमार, सीडीपीओ संजू कुमारी, कनीय विद्युत अभियंता विकास कुमार, आंती थानाध्यक्ष दीपक कुमार राव और मुखिया प्रतिनिधि इंतेशाब सहित कई विभागों के पदाधिकारी व पुलिस बल के जवान मौजूद रहे। जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि परिवहन विभाग से संबंधित किसी भी समस्या का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। वहीं, बीडीओ चंदन कुमार ने शिविर में मिले नल-जल योजना और पेंशन से जुड़े सभी आवेदनों को 24 घंटे के भीतर निष्पादित करने का आश्वासन दिया।1
- भोजपुर के सहार अंचल कार्यालय में तैनात अंचलाधिकारी की सरकारी सूमो गाड़ी पिछले कई दिनों से खराब पड़ी है। वर्ष 2012 मॉडल की इस गाड़ी में लगातार आ रही तकनीकी गड़बड़ियों के कारण सरकारी कार्यों के निष्पादन में बाधा आ रही है। अंचलाधिकारी ने बताया कि इस वाहन को कंडम घोषित करने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। गाड़ी पुरानी होने के कारण इसे बार-बार मरम्मत कराना पड़ता है। ऐसे में अब यह सवाल बना हुआ है कि सरकारी कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए आखिर नई गाड़ी कब तक उपलब्ध कराई जाएगी।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर अब छतरपुर में भी पेपर लीक मामले को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- जहानाबाद के पुलिस केंद्र में मंगलवार को पुलिस बल को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से साप्ताहिक परेड का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के निर्देश पर आयोजित इस परेड में विभिन्न टुकड़ियों के जवानों ने हिस्सा लिया और अनुशासन, समर्पण तथा उत्कृष्ट तालमेल का प्रदर्शन किया। परेड का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना और उन्हें हर प्रकार की चुनौतियों के प्रति अधिक सजग और सक्षम बनाना था। सुबह से ही जवान निर्धारित समय पर परेड मैदान में एकत्रित हुए और ड्रिल, मार्च पास्ट सहित विभिन्न शारीरिक अभ्यासों में शामिल हुए। परेड के दौरान अधिकारियों ने जवानों के टर्नआउट, समयपालन, कार्यशैली, शारीरिक दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जवानों को निर्देशित करते हुए कहा कि नियमित परेड और प्रशिक्षण से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास होता है। बदलती परिस्थितियों और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए जवानों को सतर्क, अनुशासित और प्रशिक्षित रहने की सलाह दी गई। इसके साथ ही, जवानों को जनता के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हर परिस्थिति में धैर्य व संयम के साथ ड्यूटी करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने बेहतर पुलिसिंग के लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ मानसिक सजगता, अनुशासन और सकारात्मक कार्यशैली को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस साप्ताहिक परेड के माध्यम से पुलिस बल को अधिक सक्षम, अनुशासित और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आम जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।1