बकानी :- बरसाती नाले का पानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घुसा, चारदीवारी क्षतिग्रस्त बकानी :- बरसाती नाले का पानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घुसा, चारदीवारी क्षतिग्रस्त बकानी। क्षेत्र के नानोर गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को बरसाती नाले का पानी घुसने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। तेज बारिश के बाद नाले का पानी विद्यालय परिसर में पहुंच गया, जिससे स्कूल की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई। विद्यालय के कार्यालय में भी पानी भर गया, जिससे वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री पानी में भीगकर खराब हो गई। अचानक पानी का बहाव बढ़ने से विद्यालय में मौजूद अध्यापक एवं स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि पानी का बहाव कम होने का इंतजार कर रहे शिक्षक एवं स्टाफ टेबलों के ऊपर बैठने को मजबूर नजर आए। विद्यालय परिसर में पानी भरने से शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ। ।
बकानी :- बरसाती नाले का पानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घुसा, चारदीवारी क्षतिग्रस्त बकानी :- बरसाती नाले का पानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घुसा, चारदीवारी क्षतिग्रस्त बकानी। क्षेत्र के नानोर गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को बरसाती नाले का पानी घुसने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। तेज बारिश के बाद नाले का पानी विद्यालय परिसर में पहुंच गया, जिससे स्कूल की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई। विद्यालय के कार्यालय में भी पानी भर गया, जिससे वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री पानी में भीगकर खराब हो गई। अचानक पानी का बहाव बढ़ने से विद्यालय में मौजूद अध्यापक एवं स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि पानी का बहाव कम होने का इंतजार कर रहे शिक्षक एवं स्टाफ टेबलों के ऊपर बैठने को मजबूर नजर आए। विद्यालय परिसर में पानी भरने से शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ। ।
- बकानी :- बरसाती नाले का पानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घुसा, चारदीवारी क्षतिग्रस्त बकानी :- बरसाती नाले का पानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में घुसा, चारदीवारी क्षतिग्रस्त बकानी। क्षेत्र के नानोर गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को बरसाती नाले का पानी घुसने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। तेज बारिश के बाद नाले का पानी विद्यालय परिसर में पहुंच गया, जिससे स्कूल की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई। विद्यालय के कार्यालय में भी पानी भर गया, जिससे वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री पानी में भीगकर खराब हो गई। अचानक पानी का बहाव बढ़ने से विद्यालय में मौजूद अध्यापक एवं स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि पानी का बहाव कम होने का इंतजार कर रहे शिक्षक एवं स्टाफ टेबलों के ऊपर बैठने को मजबूर नजर आए। विद्यालय परिसर में पानी भरने से शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ। ।1
- जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने की आमजन से अपील जिले में बारिश का दौर झालावाड़। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने और नदी-नालों, रपटों एवं पुलियाओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। कलक्टर ने बताया कि रविवार शाम से जिले के मनोहरथाना, अकलेरा, खानपुर, पीड़ावा और सुनेल तहसीलों सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। वहीं मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी तेज बारिश होने के कारण कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति के बाद अब धीरे-धीरे पानी उतर रहा है, लेकिन जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए अभी भी विशेष सतर्कता की जरूरत है। कालीसिंध बांध के 12 गेट खोले गए हैं, जबकि छापी बांध के भी सभी गेट खुले हुए हैं। ऐसे में नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा रपटों एवं पुलियाओं पर पानी के तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। रपट और पुलिया पार करने का प्रयास नहीं करें कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिन स्थानों पर रपटों, पुलियाओं या रास्तों पर पानी बह रहा है, वहां किसी भी स्थिति में जाने या उसे पार करने का प्रयास नहीं करें। उन्होंने कहा कि पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी जान के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाएं। बच्चों को भी नदी, नालों, तालाबों और रपटों के आसपास जाने से रोकें। अगले 24 घंटे भी महत्वपूर्ण जिला कलक्टर ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलेवासियों से कहा कि वे यथासंभव अपने घरों में रहें और अपने आसपास की परिस्थितियों पर नजर रखें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं संबंधित विभागों को तत्काल सूचना दें। कलक्टर ने कहा कि लोगों का जीवन अमूल्य है और स्वयं की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जिलेवासियों से नदी, तालाब, नालों, रपटों और तेज बहाव वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। प्रशासन की ओर से भी जलभराव एवं अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जोखिम वाले स्थान पर जाने से बचें।1
- जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की झालावाड़। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने और नदी-नालों, रपटों एवं पुलियाओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। कलक्टर ने बताया कि रविवार शाम से जिले के मनोहरथाना, अकलेरा, खानपुर, पीड़ावा और सुनेल तहसीलों सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। वहीं मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी तेज बारिश होने के कारण कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति के बाद अब धीरे-धीरे पानी उतर रहा है, लेकिन जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए अभी भी विशेष सतर्कता की जरूरत है। कालीसिंध बांध के 12 गेट खोले गए हैं, जबकि छापी बांध के भी सभी गेट खुले हुए हैं। ऐसे में नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा रपटों एवं पुलियाओं पर पानी के तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। रपट और पुलिया पार करने का प्रयास नहीं करें कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिन स्थानों पर रपटों, पुलियाओं या रास्तों पर पानी बह रहा है, वहां किसी भी स्थिति में जाने या उसे पार करने का प्रयास नहीं करें। उन्होंने कहा कि पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी जान के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाएं। बच्चों को भी नदी, नालों, तालाबों और रपटों के आसपास जाने से रोकें। अगले 24 घंटे भी महत्वपूर्ण जिला कलक्टर ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलेवासियों से कहा कि वे यथासंभव अपने घरों में रहें और अपने आसपास की परिस्थितियों पर नजर रखें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं संबंधित विभागों को तत्काल सूचना दें। कलक्टर ने कहा कि लोगों का जीवन अमूल्य है और स्वयं की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जिलेवासियों से नदी, तालाब, नालों, रपटों और तेज बहाव वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। प्रशासन की ओर से भी जलभराव एवं अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जोखिम वाले स्थान पर जाने से बचें।1
- झालावाड _सावन के दूसरे सोमवार को जिले मे मानसून हुआ मेहरबान,जिले मे देर रात से बारिश का दौर जारी,बारिश से मनोहरथाना क्षेत्र का कालीखाड डैम भी छलका,लंबे समय से नही हुई थी क्षेत्र मे अच्छी बारिश,खेतों में मुरझाई फसलों को मिला जीवनदान, नदी तालाबों में भी हो रही पानी की आवक । झालावाड-जिले मे तेज बारिश से हालात बिगडे/कचराखेडी स्कूल बना टापू / स्कूल से चालीस छात्रो एव टीचर्स को किया रेस्क्यू/ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठोर एव पुलिस अधीक्षक अमित कुमार पहूचे मौके पर झालावाड जिले मे पिछले 24 घण्टे से हो रही बरसात से हालात बिगड गये है जिले के भालता क्षेत्र के कचराखेडी स्कूल मे भारी बरसात के कारण जलभराव की स्थिति के कारण जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीम ने चालीस छात्रो एव टीचर्स को रेस्क्यू ऑपरेशन करवाकर सुरक्षित बाहर निकाला मौके पर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठोर और जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार पहूच गया झालावाड जिले मे पिछले 24 घण्टे से तेज बरसात हो रही है जिले के साथ ही समीप के मध्यप्रदेश मे भी लगातार बरसात हो रही है तेज बरसात के कारण जिले के रायपुर तहसील के कचराखेडी गाव का राजकीय विधालय टापू बन गया स्कूल के चारो तरफ पानी ही पानी हो गया हालात इतने बिगड गये कि प्रशासन को स्कूल के छात्रो को सुरक्षित निकालना भारी पडता दिखा सुचना जैसे ही जिला प्रशासन को मिली वैसे ही सब एक्टिव हो गये तुरन्त ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर भेजी गयी ओर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठोर जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मौके पर पहूचे स्कूल मे अध्यनरत चालीस बच्चो एव टीचर्स को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया4
- सोयत में लगातार बारिश से जलभराव! SDRF ने संभाला मोर्चा, देखें मौके का VIDEO 🚨 सोयत में लगातार बारिश से जलभराव! सुसनेर के सोयत कला में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए SDRF और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। देखिए सोयत में बारिश के बाद के हालात का पूरा VIDEO 👇 हर खबर, आपके साथ ❤️ अपने चैनल/पेज को शेयर करें, लाइक करें और ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करें। 🙏 #Soyat #Susner #AgarMalwa #Rain #HeavyRain #WaterLogging #SDRF #HomeGuard #MPNews #MadhyaPradesh #BreakingNews #LocalNews1
- छह घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदी-नाले उफान पर किसानों के चेहरे खिले, खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका; खेजरपुर में 5 बीघा सोयाबीन की फसल तीन फीट पानी में डूबी रायपुर। जिले में सोमवार सुबह से लगातार करीब छह घंटे तक तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। वहीं तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए और इनके किनारे स्थित खेतों में पानी भरने से कई किसानों को फसल नुकसान की चिंता भी सताने लगी है। रायपुर तहसील क्षेत्र एवं आसपास के गांवों में सुबह से ही तेज बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब छह घंटे तक लगातार जारी रहा। तेज बारिश के कारण नदी-नालों में अचानक पानी की आवक बढ़ गई और कई स्थानों पर रास्तों पर पानी बहने लगा। निचली बस्तियों में भी पानी भरने की स्थिति देखने को मिली। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित रहा और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस बारिश से किसानों के चेहरे जरूर खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि इस मौसम की यह पहली बड़ी एवं तेज बारिश है, जिससे खेतों में खड़ी खरीफ फसलों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। वहीं जिले के बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने की संभावना है। खेजरपुर में 5 बीघा सोयाबीन की फसल तीन फीट पानी में डूबी तेज बारिश के चलते नदी-नालों के किनारे स्थित खेतों में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। खेजरपुर गांव के किसान भारमल मेहर ने बताया कि कचरा खेड़ी से निकलने वाले खाल में तेज बारिश के कारण अचानक पानी की आवक बढ़ गई। इससे उनके करीब 5 बीघा खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल में तीन-तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरी फसल जलमग्न हो गई है और फसल के खराब होने की आशंका बनी हुई है। भारमल मेहर ने बताया कि केवल उनके खेत ही नहीं, बल्कि नदी-नालों के आसपास स्थित कई अन्य किसानों के खेतों में भी पानी भर गया है। तेज बहाव और लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान दिखाई देने लगा है। पानी कम होने के बाद ही फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा। स्कूल गए बच्चों को भी हुई परेशानी लगातार बारिश के कारण सुबह स्कूल गए बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर रास्तों में पानी भर जाने से बच्चे बारिश रुकने और पानी कम होने का इंतजार करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित रहा। ग्रामीणों का कहना है कि रायपुर तहसील क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हो रही थी। सोमवार को हुई करीब छह घंटे की तेज बारिश ने बारिश की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया। इससे खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि नदी-नालों के किनारे स्थित खेतों में अत्यधिक पानी भरने से कुछ किसानों के लिए यह बारिश परेशानी का कारण भी बन गई है। अब किसानों की नजर बारिश के आगामी दौर, नदी-नालों के जलस्तर और खेतों से पानी की निकासी पर टिकी हुई है। किसानों के लिए यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, वहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की स्थिति भी सामने आ रही है। प्रशासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे करवाकर किसानों को राहत दिलाने की आवश्यकता है।2