चौराखास थाना में तैनात दीवान बृजकिशोर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने दो दिन पूर्व नवागत थाना प्रभारी के साथ शराब के नशे में गाली-गलौज की और उनके बंद कमरे के दरवाजे पर भी डांटा बरसा दिया। इस घटना ने पुलिस विभाग के भीतर कथित दोहरे मापदंड को उजागर किया है। कुछ दिन पहले दीवान बृजकिशोर सिंह का चौराहे पर गाली देते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन उस समय किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई नवीस अहमद के रहते भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया था। हाल की घटना के बाद, पटहेरवा थाना प्रभारी के हस्तक्षेप पर फाजिलनगर सीएचसी में दीवान बृजकिशोर सिंह का मेडिकल कराया गया, जिसमें उनके शराब पिए होने की पुष्टि हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने मेडिकल करने वाले डॉक्टरों को भी गाली-गलौज दी और उन्हें कोर्ट से ठीक करने की धमकी भी दी। इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि जब किसी आम व्यक्ति या मीडिया के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो उसे अन्याय नहीं समझा जाता, लेकिन जब बात अधिकारियों तक पहुँचती है तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है।
चौराखास थाना में तैनात दीवान बृजकिशोर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने दो दिन पूर्व नवागत थाना प्रभारी के साथ शराब के नशे में गाली-गलौज की और उनके बंद कमरे के दरवाजे पर भी डांटा बरसा दिया। इस घटना ने पुलिस विभाग के भीतर कथित दोहरे मापदंड को उजागर किया है। कुछ दिन पहले दीवान बृजकिशोर सिंह का चौराहे पर गाली देते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन उस समय किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई नवीस अहमद के रहते भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया था। हाल की घटना के बाद, पटहेरवा थाना प्रभारी के हस्तक्षेप पर फाजिलनगर सीएचसी में दीवान बृजकिशोर सिंह का मेडिकल कराया गया, जिसमें उनके शराब पिए होने की पुष्टि हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने मेडिकल करने वाले डॉक्टरों को भी गाली-गलौज दी और उन्हें कोर्ट से ठीक करने की धमकी भी दी। इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि जब किसी आम व्यक्ति या मीडिया के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो उसे अन्याय नहीं समझा जाता, लेकिन जब बात अधिकारियों तक पहुँचती है तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है।
- चौराखास थाना पर तैनात गालीबाज दीवान बृजकिशोर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने दो दिन पूर्व आए नवागत थाना प्रभारी से सुबह शराब के नशे में गाली-गलौज की और उनके बंद कमरे के दरवाजे पर भी डांट बरसा दी। इससे कुछ दिन पहले, दीवान बृजकिशोर सिंह का चौराहे पर गाली देते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन उस समय किसी जिम्मेदार अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की थी। बताया गया है कि उस वक्त एसआई नवीस अहमद थाना प्रभारी के चार्ज पर थे, लेकिन उन्होंने भी कोई कदम नहीं उठाया। यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि जब आम जनता और मीडिया को खुलेआम गाली दी जा रही थी, तब कोई कार्यवाही नहीं हुई, लेकिन जब मामला 'अपने' पर आया तो तुरंत कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, पटहेरवा थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद दीवान बृजकिशोर सिंह का फाजिलनगर सीएचसी पर मेडिकल कराया गया, जिसमें उनके शराब पिए होने की पुष्टि हुई। मेडिकल के दौरान भी उन्होंने डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें कोर्ट से ठीक करने की धमकी दी। यह घटना स्पष्ट करती है कि दूसरों के साथ हुए अन्याय को अन्याय नहीं समझा जाता, जबकि अपने साथ होने पर उसे तुरंत अन्याय मानकर कार्रवाई की जाती है।1
- चौराखास थाना में तैनात दीवान बृजकिशोर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने दो दिन पूर्व नवागत थाना प्रभारी के साथ शराब के नशे में गाली-गलौज की और उनके बंद कमरे के दरवाजे पर भी डांटा बरसा दिया। इस घटना ने पुलिस विभाग के भीतर कथित दोहरे मापदंड को उजागर किया है। कुछ दिन पहले दीवान बृजकिशोर सिंह का चौराहे पर गाली देते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन उस समय किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। तत्कालीन थाना प्रभारी एसआई नवीस अहमद के रहते भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया था। हाल की घटना के बाद, पटहेरवा थाना प्रभारी के हस्तक्षेप पर फाजिलनगर सीएचसी में दीवान बृजकिशोर सिंह का मेडिकल कराया गया, जिसमें उनके शराब पिए होने की पुष्टि हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने मेडिकल करने वाले डॉक्टरों को भी गाली-गलौज दी और उन्हें कोर्ट से ठीक करने की धमकी भी दी। इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि जब किसी आम व्यक्ति या मीडिया के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो उसे अन्याय नहीं समझा जाता, लेकिन जब बात अधिकारियों तक पहुँचती है तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है।1
- कुशीनगर जिले के कोप जंगल स्थित एक वृहद गौ संरक्षण केंद्र में एक बार फिर गंभीर अव्यवस्था और लापरवाही सामने आई है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आलोक प्रियदर्शी के स्थलीय निरीक्षण के दौरान गौशाला की व्यवस्थाओं में कई खामियाँ पाई गईं। इसमें सबसे मुख्य लाखों रुपये की लागत से स्थापित बायोगैस प्लांट का बंद मिलना रहा। यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि लगभग एक माह पहले भी जिलाधिकारी के निरीक्षण में यह बायोगैस प्लांट बंद पाया गया था। उस समय संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर प्लांट को चालू करने और अन्य व्यवस्थाओं में सुधार लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। डीपीआरओ के हालिया निरीक्षण में सामने आई इन कमियों ने गौ संरक्षण केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शासन की मंशा के विपरीत बुनियादी व्यवस्थाओं की अनदेखी और निर्देशों की लगातार अवहेलना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। निरीक्षण के उपरांत, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि इस बार जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्थाओं में सुधार लाते हैं या फिर सरकारी निर्देश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं।4
- कुशीनगर जिले के बरवापट्टी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सभा रामपुर बरहन के मड़ुवाडीह टोला में रविवार को एक खेत में युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 22 वर्षीय सचिन चौहान के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बरवापट्टी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, जहाँ फॉरेंसिक टीम ने भी पहुँचकर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।1
- भारतीय क्रिकेट में एक नया इतिहास रचते हुए, वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने मात्र 15 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू कर शेफाली वर्मा (15 साल 239 दिन) और महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (16 साल 205 दिन) के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। वैभव को इस ऐतिहासिक मैच से पहले उपकप्तान तिलक वर्मा ने उनकी डेब्यू कैप सौंपी, जो इस युवा खिलाड़ी के लिए एक यादगार पल था। यह शुरुआत भविष्य की बड़ी कहानियों की नींव मानी जा रही है, क्योंकि हर शुरुआत एक महत्वपूर्ण सीख होती है। भले ही उनके आंकड़े अलग हों, जैसे आईपीएल डेब्यू में 20 गेंदों पर 34 रन और अंतरराष्ट्रीय डेब्यू में 10 गेंदों पर 14 रन, लेकिन उनके खेल में आत्मविश्वास और निडर बल्लेबाजी लगातार बनी रही है। यही निडरता और आत्मविश्वास भविष्य में उन्हें एक बड़ा सितारा बनने की दिशा में अग्रसर करेगा।1
- कुशीनगर के कसया में प्रशासन ने गोरखपुर मार्ग स्थित कर्बला के पास एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई खुले में संचालित मुर्गा और बकरा की दुकानों के खिलाफ की गई, जो अतिक्रमण और खुले में दुकान संचालन के नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। एसडीएम डॉ. के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, एसओ और नगरपालिका की टीम भी मौजूद रही। प्रशासन के इस अचानक एक्शन से दुकानदारों में हड़कंप मच गया।1
- कुशीनगर जनपद के रविंद्र नगर स्थित एल-2 अस्पताल परिसर में हल्की बारिश के बाद ही जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, थोड़ी सी बरसात होते ही नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं, जिससे अस्पताल परिसर और उसके आसपास नालियों का गंदा पानी तथा बारिश का पानी जमा हो जाता है। इस जलभराव के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें गंदे पानी से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ता है, जो एक मजबूरी बन गई है, और इससे संक्रमण फैलने की आशंका भी लगातार बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से इस समस्या के समाधान की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है, ताकि बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिल सके।3