उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद में प्रस्तावित UPIDA औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों का विरोध तेज होता जा रहा है। मौदहा तहसील के रीवन, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां गांवों के किसानों ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। किसानों ने प्रशासन से पारदर्शिता, उचित मुआवजा और उपजाऊ कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्राम रीवन के किसानों ने उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं UPIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन भेजते हुए 303 हेक्टेयर से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण का विरोध किया। किसानों का कहना है कि अधिकांश परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और भूमि अधिग्रहण होने पर उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने परियोजना के लिए कम उपजाऊ अथवा वैकल्पिक भूमि का चयन करने की मांग की। ज्ञापन के दौरान सुनील त्रिपाठी, संतोष कुमार त्रिपाठी, बाबूलाल, कमतु, संजीव कुमार, शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वहीं, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां के किसानों ने जिलाधिकारी एवं UPIDA अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई। किसानों ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की मुआवजा दर, विस्तृत गणना-पत्र, पेड़, कुएं, भवन, ट्यूबवेल एवं अन्य परिसंपत्तियों के अलग-अलग मूल्यांकन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही भूमि मालिकों को 100 प्रतिशत सोलैटियम, पुनर्वास पैकेज तथा प्रभावित परिवारों के योग्य सदस्यों को रोजगार देने की भी मांग की गई। किसानों ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर सभी बिंदुओं पर लिखित जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी विकल्प अपनाने के लिए बाध्य होंगे। जिले में औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों की बढ़ती नाराजगी अब प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनती दिखाई दे रही है।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद में प्रस्तावित UPIDA औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों का विरोध तेज होता जा रहा है। मौदहा तहसील के रीवन, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां गांवों के किसानों ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। किसानों ने प्रशासन से पारदर्शिता, उचित मुआवजा और उपजाऊ कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्राम रीवन के किसानों ने उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं UPIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन भेजते हुए 303 हेक्टेयर से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण का विरोध किया। किसानों
का कहना है कि अधिकांश परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और भूमि अधिग्रहण होने पर उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने परियोजना के लिए कम उपजाऊ अथवा वैकल्पिक भूमि का चयन करने की मांग की। ज्ञापन के दौरान सुनील त्रिपाठी, संतोष कुमार त्रिपाठी, बाबूलाल, कमतु, संजीव कुमार, शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वहीं, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां के किसानों ने जिलाधिकारी एवं UPIDA अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई। किसानों ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की मुआवजा दर, विस्तृत गणना-पत्र, पेड़, कुएं, भवन,
ट्यूबवेल एवं अन्य परिसंपत्तियों के अलग-अलग मूल्यांकन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही भूमि मालिकों को 100 प्रतिशत सोलैटियम, पुनर्वास पैकेज तथा प्रभावित परिवारों के योग्य सदस्यों को रोजगार देने की भी मांग की गई। किसानों ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर सभी बिंदुओं पर लिखित जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी विकल्प अपनाने के लिए बाध्य होंगे। जिले में औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों की बढ़ती नाराजगी अब प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनती दिखाई दे रही है।
- बांदा के थाना जसपुरा क्षेत्र के ग्राम गड़रिया में सोमवार को पैतृक जमीन जोतने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसक टकराव में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। क्षेत्र में गोली चलने की अफवाहें फैलीं, लेकिन पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया। पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने किसी भी घायल में फायर इंजरी होने से इनकार किया। क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह ने बताया कि यह मामला पैतृक जमीन के विवाद से जुड़ा है और पुलिस गहन जांच कर रही है। इस घटना से एक बार फिर यह याद दिलाता है कि जमीन के विवाद जब कानून की बजाय टकराव की राह पकड़ लेते हैं, तो सबसे पहले रिश्ते और फिर इंसान घायल होते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अफवाहों पर भरोसा करने की बजाय तथ्यों और जांच पर भरोसा करना चाहिए।1
- बांदा(उप्र), जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अध्यक्षता में विश्व विख्यात मिसाइल मैन भूतपूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी की पुण्य तिथि पर उन्हें याद कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब्दुल कलाम जी ने चार दशक तक वैज्ञानिक और विज्ञान प्रशासक के रूप में बिताए। उनके कार्यकाल में भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल विकास के प्रयासों के लिए जाना जाने लगा। 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2002 में वे 11वें राष्ट्रपति के रूप में चुने गए। 27 जुलाई 2015 को शिलांग में भारतीय प्रबंधन संस्थान में व्याख्यान देते समय हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। तमिल नाडु के रामेश्वरम में उनके निवास पर उनकी स्मृतियां रखी गई हैं जिन्हें पर्यटक देखकर गर्व महसूस करते हैं। पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यालय प्रभारी शिवबली सिंह, जिला महामंत्री / मीडिया प्रभारी सत्यप्रकाश द्विवेदी एडवोकेट, जिला सचिव हेमन्त कुमार वर्मा, जिला कंट्रोल रूम प्रभारी बी लाल भाई, जिला वक्ता राजेश कुमार गुप्ता, अशोक वर्धन कर्ण, के पी सेन, राजबहादुर गुप्ता, सर्वेश गुप्ता, दिलीप कुमार वर्मा, भोला विश्वकर्मा, सियाराम विश्वकर्मा, शब्बीर सौदागर, सुखदेव गांधी, सैय्यद वारिस अली, इस्लाम भाई, लालबाबू राजपूत, सरदार खान, अली बख्श आदि प्रमुख कांग्रेस जन उपस्थित रहे।1
- समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव महेश कश्यप का बांदा में आगमन हुआ। इस दौरान तिंदवारी विधानसभा के ग्राम कुकुवा में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तिंदवारी विधानसभा अध्यक्ष प्रमोद निषाद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महेश कश्यप ने भाजपा सरकार के कार्यों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दलित और पिछड़े वर्गों का हक मार रही है। कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अपराध चरम सीमा पर है और यह सरकार भगवान राम को भी नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे समाज के लोगों ने भगवान रामचंद्र जी को नौका से पार कराया था, लेकिन यह सरकार पूरी तरह से फेल है।'4
- उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा प्रदेश के करीब 46.79 लाख उपभोक्ताओं का बिना सूचना के विद्युत लोड बढ़ाए जाने के खिलाफ सोमवार को जनता दल यूनाइटेड ने जमकर नाराजगी जताई। जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच हो। जांच तक बढ़े हुए लोड पर लगाए गए अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज की वसूली रोकी जाए। बिना सहमति बढ़ाया गया लोड तत्काल पूर्ववत कर अतिरिक्त बिल निरस्त किए जाएं। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में लोड बढ़ाने से पहले उपभोक्ता की लिखित सहमति ली जाए। जो अतिरिक्त वसूली हुई है उसे वापस किया जाए या अगले बिल में समायोजित किया जाए। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनता पहले ही महंगाई से त्रस्त है। बिना सूचना लोड बढ़ाकर बिल बढ़ाना उपभोक्ता अधिकारों का हनन है। सरकार तुरंत राहत दे और दोषियों पर कार्रवाई करे। ज्ञापन देने वालों में रविंद्र नाथ गुप्ता, पिंकी प्रजापति, सद्दाम हुसैन, ज्योति मौर्य, उमाकांत सविता, काशी प्रसाद याज्ञिक, आरती प्रजापति, कमलचंद्र प्रजापति, मंजू गुप्ता, शुभांशी गुप्ता, रामदात पटेल, अर्पित सिंह, राघवेंद्र सिंह, अमन सिंह, गौरव सिंह, शिवरानी, रेखा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।2
- जनपद बांदा के आकांक्षी विकास खंड कमासिन की ग्राम पंचायत कमासिन में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गांव के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि लंबे समय से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। विद्यालयों के सामने भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार, बीएम शुक्ला, विजय कुमार, भोन्डी, बच्छराज सहित सीएनजी चालक रामबरन, विनोद कुमार, तथा अनन्त वर्मा ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर कूड़े का निस्तारण कराया जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद में प्रस्तावित UPIDA औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों का विरोध तेज होता जा रहा है। मौदहा तहसील के रीवन, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां गांवों के किसानों ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। किसानों ने प्रशासन से पारदर्शिता, उचित मुआवजा और उपजाऊ कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्राम रीवन के किसानों ने उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं UPIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन भेजते हुए 303 हेक्टेयर से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण का विरोध किया। किसानों का कहना है कि अधिकांश परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और भूमि अधिग्रहण होने पर उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने परियोजना के लिए कम उपजाऊ अथवा वैकल्पिक भूमि का चयन करने की मांग की। ज्ञापन के दौरान सुनील त्रिपाठी, संतोष कुमार त्रिपाठी, बाबूलाल, कमतु, संजीव कुमार, शिवकुमार सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वहीं, बिहुनी खुर्द और बिहुनी कलां के किसानों ने जिलाधिकारी एवं UPIDA अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग उठाई। किसानों ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की मुआवजा दर, विस्तृत गणना-पत्र, पेड़, कुएं, भवन, ट्यूबवेल एवं अन्य परिसंपत्तियों के अलग-अलग मूल्यांकन की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही भूमि मालिकों को 100 प्रतिशत सोलैटियम, पुनर्वास पैकेज तथा प्रभावित परिवारों के योग्य सदस्यों को रोजगार देने की भी मांग की गई। किसानों ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर सभी बिंदुओं पर लिखित जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी विकल्प अपनाने के लिए बाध्य होंगे। जिले में औद्योगिक गलियारा परियोजना को लेकर किसानों की बढ़ती नाराजगी अब प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनती दिखाई दे रही है।3
- मौदहा (हमीरपुर) के बड़ा कसौड़ा मोहल्ले में सोमवार सुबह एक जर्जर मकान अचानक ढह गया। मलबा सड़क पर फैल जाने से मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता से कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जाता है कि यह मकान काफी समय से खस्ताहाल था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मकान के बीच से बिजली का पोल गुजरने के कारण उसका पुनर्निर्माण नहीं हो पा रहा था। लोगों ने पूर्व में भी संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। घटना से पहले मकान गिरने की आशंका को देखते हुए मोहल्ले के लोगों ने एहतियातन दोनों ओर से रास्ता बंद करा दिया था। कुछ देर बाद मकान ढह गया और मलबा सड़क पर फैल गया, जिससे लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मलबा हटाकर जल्द रास्ता चालू कराने तथा पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1