चिकारड़ा में जलझूलनी एकादशी पर धूमधाम से निकली ठाकुर जी की राम रेवाड़ी डीजे-ढोल की थाप पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत; जल विहार के बाद हुआ ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा। भाद्रपद शुक्ल एकादशी, विक्रम संवत 2083 के अवसर पर जलझूलनी एकादशी का पर्व कस्बे में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न मंदिरों से ठाकुर जी की राम रेवाड़ियां धूमधाम से निकाली गईं। डीजे, ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सांवलिया जी चौराहा से लोहार समाज की राम रेवाड़ी निकली। वहीं जाट, अग्रवाल, गुर्जर मोहल्ले तथा ब्रह्मपुरी स्थित मंदिर से भी राम रेवाड़ियां रवाना हुईं। मार्ग में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर ठाकुर जी का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया और पुष्प अर्पित किए। डीजे की धुन, गुलाल की बौछार और भजनों से पूरा कस्बा भक्तिमय हो गया। हनुमान जी मंदिर चौक पर कराया जल विहार हनुमान जी मंदिर चौक पर सभी बेवाण में विराजित ठाकुर जी के विग्रह को विधि-विधान से जल में झुलाया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर दर्शन किए। इसके बाद ठाकुर जी को नए वस्त्र एवं आभूषण धारण करवाकर विशेष श्रृंगार किया गया और प्रसाद चढ़ाया गया। बाद में सभी मंदिरों में ठाकुर जी के विग्रह को पुनः झूले में विराजित कर झुलाया गया। इस बार गुर्जर मोहल्ला स्थित मंदिर के भगवान को नए बेवाण में विराजित किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर शंकरलाल जाट, रतनलाल जाट, माधवलाल जाट, कालूलाल, शिवनारायण, जगदीशचंद्र, दिनेशचंद्र, किशनलाल, आत्माराम, हवलाल ब्राह्मण, देवीलाल लोहार, हजारीलाल लोहार, शांतिलाल लोहार, हीरादास, श्रवणदास, उदयलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चिकारड़ा में जलझूलनी एकादशी पर धूमधाम से निकली ठाकुर जी की राम रेवाड़ी डीजे-ढोल की थाप पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत; जल विहार के बाद हुआ ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा। भाद्रपद शुक्ल एकादशी, विक्रम संवत 2083 के अवसर पर जलझूलनी एकादशी का पर्व कस्बे में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न मंदिरों से ठाकुर जी की राम रेवाड़ियां धूमधाम से निकाली गईं। डीजे, ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सांवलिया जी चौराहा से लोहार समाज
की राम रेवाड़ी निकली। वहीं जाट, अग्रवाल, गुर्जर मोहल्ले तथा ब्रह्मपुरी स्थित मंदिर से भी राम रेवाड़ियां रवाना हुईं। मार्ग में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर ठाकुर जी का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया और पुष्प अर्पित किए। डीजे की धुन, गुलाल की बौछार और भजनों से पूरा कस्बा भक्तिमय हो गया। हनुमान जी मंदिर चौक पर कराया जल विहार हनुमान जी मंदिर चौक पर सभी बेवाण में विराजित ठाकुर जी के विग्रह को विधि-विधान से जल में झुलाया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर दर्शन
किए। इसके बाद ठाकुर जी को नए वस्त्र एवं आभूषण धारण करवाकर विशेष श्रृंगार किया गया और प्रसाद चढ़ाया गया। बाद में सभी मंदिरों में ठाकुर जी के विग्रह को पुनः झूले में विराजित कर झुलाया गया। इस बार गुर्जर मोहल्ला स्थित मंदिर के भगवान को नए बेवाण में विराजित किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर शंकरलाल जाट, रतनलाल जाट, माधवलाल जाट, कालूलाल, शिवनारायण, जगदीशचंद्र, दिनेशचंद्र, किशनलाल, आत्माराम, हवलाल ब्राह्मण, देवीलाल लोहार, हजारीलाल लोहार, शांतिलाल लोहार, हीरादास, श्रवणदास, उदयलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
- वल्लभनगर उपखंड की तीन नगर पालिकाओं में उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल, राजनीतिक सरगर्मियां हुई तेज उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की तीन नगर पालिकाओ वल्लभनगर, भीण्डर और कानोड़ में उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तीनों ही निकायों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं। जिसके बाद चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। वल्लभनगर नगर पालिका उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से कमलेश पोखरना ने अपना नामांकन दाखिल किया है।1
- *हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की गूंजा निंबाहेड़ा, शहर के विभिन्न मंदिरों से निकलीं बेवाण शोभायात्राएं* *चित्तौड़गढ़/निंबाहेड़ा।* जलझूलनी एकादशी पर्व पर शहर में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर के विभिन्न मंदिरों से भगवान के बेवाण शोभायात्राएं निकाली गईं, जिसमें सबसे भव्य शोभायात्रा आजाद चौक स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर से निकली। *"हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की"* के गगनभेदी जयकारों और भव्य भजनों के साथ भगवान लक्ष्मी नारायण रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। भगवान के बेवाण और पालकियों को आकर्षक फूलों से सजाया गया था। शहर के *चारभुजा मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, सत्यनारायण मंदिर* सहित विभिन्न मंदिरों से भी बेवाण शोभायात्राएं निकलीं और सभी शोभायात्राएं मुख्य मार्गों से होते हुए जलाशय की ओर पहुंचीं, जहां विधि-विधान से भगवान को जल विहार कराया गया। लक्ष्मी नारायण मंदिर, आजाद चौक की शोभायात्रा में श्रद्धालु भजनों पर नाचते-गाते शामिल हुए। शोभायात्राओं के संगम के बाद महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ पर्व का समापन हुआ। *वहीं भगवान लक्ष्मी नाथ जी के लिए नवनिर्मित बेवाण रथ पंवार परिवार की ओर से आज मंदिर को समर्पित किया गया।*3
- रामपुरा नगर में ढोल ग्यारस पर्व पर जिंगर समाज का भव्य चल समारोह, अखाड़े में दिखा युवाओं का जोश रामपुरा नगर में ढोल ग्यारस पर्व पर जिंगर समाज का भव्य चल समारोह, अखाड़े में दिखा युवाओं का जोश रामपुरा। ढोल ग्यारस के पावन पर्व पर जिंगर समाज द्वारा भव्य चल समारोह निकाला गया। धार्मिक आस्था और उत्साह से ओत-प्रोत इस आयोजन में समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। चल समारोह के दौरान ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयघोष से नगर का माहौल भक्तिमय हो गया। समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और श्रद्धा के साथ भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। समारोह का विशेष आकर्षण अखाड़ा प्रदर्शन रहा। अखाड़े के कलाकारों ने विभिन्न पारंपरिक कला-कौशल और हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। युवाओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ अपने हुनर का प्रदर्शन किया। चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा की झलक देखने को मिली।1
- तेजा दशमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, तेजाजी मंदिरों में गूंजे जयकारे नीमच। तेजा दशमी के अवसर पर नीमच सिटी के रामपुरा दरवाजा स्थित तेजाजी महाराज मंदिर में श्रद्धा और आस्था का सैलाब देखने को मिला। यहां हवन और महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर तेजाजी महाराज के दर्शन किए। तेजाजी महाराज को सत्य, वचन और गौ रक्षा के लिए समर्पित लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। तेजा दशमी पर जिलेभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मान्यता है कि तेजाजी महाराज ने अपने वचन को निभाने के लिए अपना जीवन तक न्यौछावर कर दिया था। यही वजह है कि आज भी ग्रामीण अंचलों में तेजाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था कायम है। तेजा दशमी पर मंदिरों में गूंजते जयकारे इसी आस्था और परंपरा की तस्वीर पेश कर रहे हैं।1
- जलझूलनी एकादशी पर आसपुर में निकली भव्य राम रेवाड़ी, में गूंजेंगे ढोल-नगाड़े , बैंड बाजा जलझूलनी एकादशी पर आसपुर में निकली भव्य राम रेवाड़ी, में गूंजेंगे ढोल-नगाड़े , बैंड बाजा आसपुर श्री कृष्ण मंदिर से शुरू हुई आसपुर नगर परिक्रमा, घमेला तालाब पहुची राम रेवाड़ी भगवान का जल विहार और महाआरती; सर्व सनातन समाज जुटा भक्ति के रंग में रंगा आसपुर 22 सितंबर। जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर तहसील मुख्यालय आसपुर में मंगलवार को सर्व सनातन समाज के तत्वावधान में भव्य राम रेवाड़ी आसपुर नगर में परिक्रमा निकाली । धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के बीच भगवान की राम रेवाड़ी नगर भ्रमण पर निकली और पूरा कस्बा भक्तिमय नजर आएगा। बस स्टैंड पर पुष्प वर्षा से शोभायात्रा का स्वागत किया। आस्था का जन सेलाब उमड़ा। भगवान की आकर्षक आंगी सजाई गई। सर्व सनातन समाज व राधा कृष्ण मंदिर कमेटी के तत्वावधान में कमेटी अध्यक्ष हीरालाल तेली ने बताया कि दोपहर 3 बजे कृण मन्दिर से होली चौक से राम रेवाड़ी रवा हुई । शोभायात्रा बस स्टैंड होते हुए घमेला तालाब पहुंचेगा। रास्तेभर श्रद्धालु धार्मिक जयकारों के साथ भगवान के दर्शन कर चांवल से वधाया गया। तालाब में होगा जल विहार, फिर महाआरती हुई घमेला तालाब पहुंचने पर परंपरानुसार भगवान की विशेष पूजा-अर्चना कि गई। इसके बाद जल विहार कराया गया और महाआरती हुई। आयोजन में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होकर धार्मिक उत्सव को भव्यता प्रदान किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष हिरालाल तेली,कालुभाई कलाल, देवीलाल तेली मगन सोनी, रमेश सोनी, जगदीश सोनी, नाथुलाल कलाल, धुलजी कलाल, प्रताप भाई तेली, अमृतलाल कलाल,गणेश तेली, बंन्शीलाल कलाल, नगीन टेलर,गणेश डबगर, गणेश खटीक,आदि मौजूद रहे1
- पाबूजी महाराज जन्मोत्सव, आरबीएसके स्वास्थ्य जांच, आंवलहेड़ा बेवाण यात्रा, धोकड़े वाले बाबा उर्स, देवराज जटिया की नियुक्ति और जसपाल गुर्जर की निकाय जिम्मेदारी निंबाहेड़ा-बारू में पाबूजी महाराज जन्मोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश, आंवलहेड़ा में भव्य बेवाण यात्रा, 23 सितंबर से धोकड़े वाले बाबा का उर्स, देवराज जटिया बने बैरवा समाज जिलाध्यक्ष और धरियावद निकाय में जसपाल गुर्जर की भूमिका चर्चा में1
- भागीरथ नागदा ने जैविक खेती को बनाया आय का मजबूत आधार 15 वर्षों से जैविक खेती कर नवाचार के साथ बढ़ा रहे हैं आमदनी भागीरथ नागदा ने जैविक खेती को बनाया आय का मजबूत आधार नीमच। मनासा विकासखंड के ग्राम बासनिया निवासी किसान भागीरथ नागदा पिछले 15 वर्षों से जैविक खेती कर रहे हैं। 4 हेक्टेयर भूमि पर खेती के साथ उन्होंने वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की है, जिससे हर साल करीब 1000 बैग वर्मी कंपोस्ट तैयार करते हैं। 12 गायों के गोबर और गौमूत्र से जैविक खाद व कीटनाशक बनाते हैं। पारंपरिक फसलों के साथ अश्वगंधा और चिया की खेती कर रहे हैं। अश्वगंधा की पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर ऑनलाइन बिक्री के साथ जैविक हाट में भी उत्पाद बेचते हैं। इन गतिविधियों से उन्हें करीब 2.50 लाख रुपये की अतिरिक्त वार्षिक आय हो रही है।1
- रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत को शहीद का दर्जा देने की मांग, क्षत्रिय समाज का प्रदर्शन छोटी सादड़ी में क्षेत्रीय वनाधिकारी प्रताप सिंह चूंडावत को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर क्षत्रिय समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद वन विभाग ने लिखित आश्वासन दिया। वहीं जिला कलेक्टर और स्थानीय विधायक ने भी सरकार से शहीद का दर्जा दिलाने का भरोसा दिलाया। समाज ने आरोपी और अवैध खनन से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इधर, प्रताप सिंह चूंडावत का उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।1
- रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत को शहीद का दर्जा देने की मांग, क्षत्रिय समाज का प्रदर्शन #ChhotiSadri #PratapSinghChundawat #Ranger #KshatriyaSamaj #RajasthanNews #BreakingNews #DesiNews247 #IllegalMining1