सोनभद्र जिले के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के गुलालझरिया गांव में सोमवार सुबह करीब 9 बजे जमीनी विवाद के चलते दो पक्षों के बीच भीषण झड़प हो गई, जिसमें कुल चार लोग घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा गया है, जहाँ से एक व्यक्ति को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, लाठी-डंडों से हुई इस मारपीट में पहले पक्ष से ललिता देवी (30) पत्नी शिवप्रसाद, शांति देवी (45) पत्नी रामप्रसाद और फुलवा देवी (85) पत्नी स्व. बिन्देश्वरी घायल हुई हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से अजय यादव (28) पुत्र रामबरन घायल हुए। मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर 112 पुलिस ने तुरंत 108 एंबुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बताया कि अजय यादव की हालत गंभीर है, जबकि अन्य तीनों को भी चोटें आई हैं, जिसके बाद अजय यादव को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह जमीनी विवाद भूमि के इस्तेमाल और जोत कोड को लेकर लगभग 4 से 5 साल से चला आ रहा है। एक साल पहले मानसून के दौरान भी इसी विषय पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिस पर थाना पुलिस ने कार्रवाई भी की थी। पिछले बुधवार को लेखपाल भी विवाद स्थल पर पहुंचे थे और दोनों पक्षों को जमीन का उपयोग न करने की हिदायत दी थी, लेकिन इसके बावजूद आज यह हिंसक झड़प हुई। पहले पक्ष के उमेश कुमार ने बताया कि यह मामला लंबे समय से लंबित है और समाधान की कई कोशिशें असफल रही हैं। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है और मामले की जांच जारी है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई और घायल से संबंधित रिपोर्टिंग के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
सोनभद्र जिले के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के गुलालझरिया गांव में सोमवार सुबह करीब 9 बजे जमीनी विवाद के चलते दो पक्षों के बीच भीषण झड़प हो गई, जिसमें कुल चार लोग घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी भेजा गया है, जहाँ से एक व्यक्ति को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, लाठी-डंडों से हुई इस मारपीट में पहले पक्ष से ललिता देवी (30) पत्नी शिवप्रसाद, शांति देवी (45) पत्नी रामप्रसाद और फुलवा देवी (85) पत्नी स्व. बिन्देश्वरी घायल हुई हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से अजय यादव (28)
पुत्र रामबरन घायल हुए। मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर 112 पुलिस ने तुरंत 108 एंबुलेंस बुलाई और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बताया कि अजय यादव की हालत गंभीर है, जबकि अन्य तीनों को भी चोटें आई हैं, जिसके बाद अजय यादव को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह जमीनी विवाद भूमि के इस्तेमाल और जोत कोड को लेकर लगभग 4 से 5 साल से चला आ रहा है। एक साल पहले मानसून के दौरान भी इसी विषय पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट
हुई थी, जिस पर थाना पुलिस ने कार्रवाई भी की थी। पिछले बुधवार को लेखपाल भी विवाद स्थल पर पहुंचे थे और दोनों पक्षों को जमीन का उपयोग न करने की हिदायत दी थी, लेकिन इसके बावजूद आज यह हिंसक झड़प हुई। पहले पक्ष के उमेश कुमार ने बताया कि यह मामला लंबे समय से लंबित है और समाधान की कई कोशिशें असफल रही हैं। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है और मामले की जांच जारी है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई और घायल से संबंधित रिपोर्टिंग के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर पंचायत के वार्ड संख्या-1 में शुभकामना फाउंडेशन द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक विशेष जनजागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हुए, इस अभियान में वार्ड की सभासद श्रीमती चंदा देवी और समाजसेवी चंदन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। फाउंडेशन के स्वयंसेवक मौसम यादव, संदीप कुमार, देव सिंह और तनिष्क कुमार ने घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों को स्पष्ट किया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, रात में बुखार, पसीना आना, वजन कम होना या बलगम में खून आने जैसे लक्षण होने पर बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क जांच करानी चाहिए। उन्होंने टीबी के प्रति सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और रोगियों के साथ भेदभाव न करने की अपील भी की। शुभकामना फाउंडेशन के सुभाष राय ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि जनभागीदारी के बिना टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन लगातार संभावित मरीजों की पहचान करने और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है। अंत में, उन्होंने समाज के सभी जागरूक नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से अपने क्षेत्रों में इस दिशा में सहयोग करने का आग्रह किया ताकि टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पर साकार किया जा सके।1
- सोनभद्र जनपद में एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब एक बाइक पर सवार होकर जा रहे इन तीनों युवकों की हाइवा से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि तीनों की जान तत्काल चली गई और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी (CO) ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिसमें बताया गया कि सड़क दुर्घटना में बाइक सवार तीन युवकों की मृत्यु हुई है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुखद घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएँ और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक सावधानियां बरतें।1
- सोनभद्र के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के डुमरडीहा गांव में गुरुवार शाम करीब 4 बजे एक गंभीर बाइक दुर्घटना में एक युवक बुरी तरह घायल हो गया। डुमरडीहा निवासी 25 वर्षीय सत्यनारायण पुत्र जंगी पासी अपनी बाइक से घर से दुद्धी बाजार जा रहे थे। नहर के पास सरोजा देवी के घर के समीप उनकी बाइक एक पत्थर से टकरा गई, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक, युवक शराब के नशे में था और सड़क के दाहिनी ओर से आ रहा था, तभी उसकी बाइक अनियंत्रित होकर बाईं ओर जाकर पत्थर से जा टकराई। घटना की सूचना ग्रामीणों ने 112 पर दी। इसके बाद 102 एम्बुलेंस टीम के ईएमटी पंकज और चालक विजय राजभर घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी दुद्धी लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में सत्यनारायण के सिर में गंभीर चोट और दाहिने पैर में फ्रैक्चर पाया। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सीएचसी दुद्धी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल के इलाज में मदद के लिए गांव के प्रधान प्रतिनिधि सुभाष प्रसाद भी अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।3
- सोनभद्र जिले के पिपरी इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें बाइक सवार तीन युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- गढ़वा जिले के भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानवीय संवेदना को तार-तार करने का एक मामला सामने आया है। अस्पताल पर गंभीर आरोप है कि उसने प्रसव पीड़ा से कराहती एक महिला को रेफर करने के बाद गढ़वा ले जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जबकि उसी अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला की मौत होने पर उसके शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा तुरंत प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार, भवनाथपुर पंचायत के बुका गांव की सुमन देवी (पति दुर्गेश पासवान) को बीती रात करीब 9 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए। एएनएम गुलाब खलखो ने जांच के बाद 'अभी विलंब है' कहकर महिला को घर भेज दिया। रात लगभग 2-2:30 बजे फिर से पीड़ा बढ़ने पर परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे, जहाँ एएनएम गुलाब खलखो ने फिर आश्वासन दिया कि कोई दिक्कत नहीं है और सब ठीक हो जाएगा, बावजूद इसके कि परिजनों ने बाहर ले जाने की इच्छा जताई थी। चार-पांच घंटे बाद जब प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई और महिला दर्द से कराहने लगी, तब एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए और बाहर ले जाने को कहा। करीब 10 बजे डॉक्टर रंजन दास ने महिला की जांच कर उसे रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के बाद महिला को अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे एक चबूतरे पर घंटों दर्द से कराहते हुए छोड़ दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने उसे डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराया, जिससे परिजनों को निजी वाहन की तलाश करनी पड़ी। इतना ही नहीं, परिजनों से बाहर से दवाइयां भी मंगवाई गई थीं। इसी बीच, अस्पताल में माईधिया गांव की बुजुर्ग महिला सरोज देवी की मौत हो जाती है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर उस मृत महिला का शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता है। दूसरी ओर, प्रसव पीड़ा से छटपटाती महिला को एम्बुलेंस नहीं दिया गया और उसे निजी गाड़ी खोजने को कहा गया। इस संबंध में डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बाद में कहा कि उन्हें प्रसव पीड़ा से कराहती महिला के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी, और मृत महिला के परिजनों के पास संसाधन न होने के कारण एम्बुलेंस से शव भेजने का आदेश उन्होंने दिया था, जिसे उन्होंने 'थोड़ी सी चूक' बताया। अस्पताल प्रबंधन की इस घोर लापरवाही और अमानवीय संवेदना पर पीड़ित के भाई गनौरी पासवान, बहन गीता देवी और अन्य परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। अंततः, डेढ़ घंटे के बाद निजी वाहन से प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को गढ़वा ले जाया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मानवीय संवेदना को तार-तार करने का आरोप लगाया है।3
- देशभर के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है।1
- सोनभद्र के झरनों के साथ की जा रही छेड़छाड़ को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है। इस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते किसी भी समय बड़ी दुर्घटना घट सकती है। स्थानीय स्तर पर इन प्राकृतिक झरनों के साथ हो रहे खिलवाड़ पर चिंता जताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की गई है।1
- सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र में एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। यह हादसा चालक की लापरवाही के कारण हुआ, जिसके चलते बस अनियंत्रित हो गई और दुर्घटना का शिकार हो गई।1