Shuru
Apke Nagar Ki App…
⚠️ तूफ़ान का कहर! बहराइच में कई पेड़ धराशायी, सड़कों पर मचा हड़कंप। 🌪️🌳
आशीष मिश्र बहराइच
⚠️ तूफ़ान का कहर! बहराइच में कई पेड़ धराशायी, सड़कों पर मचा हड़कंप। 🌪️🌳
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बहराइच गोकशी की घटना का खुलासा, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल मोतीपुर में देर रात पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई, दो अन्य आरोपी गिरफ्तार बहराइच। थाना मोतीपुर क्षेत्र में 24 सितंबर को हुई गोकशी की घटना का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। सोमवार देर रात जोगनिया बैराज मार्ग स्थित बाढ़ राहत केंद्र बंधा मोड़ कंजड़वा के पास पुलिस और संदिग्ध आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर को ग्राम शाहपुर खुर्द में गोवंश के कुछ अवशेष मिलने के मामले में थाना मोतीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के अनावरण के लिए पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव ने तीन टीमों का गठन किया था। विवेचना के दौरान कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए थे। पुलिस का कहना है कि देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि उक्त आरोपी दोबारा गोकशी की घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं और लौकही की ओर जाने वाले हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक मोतीपुर पुलिस टीम के साथ जोगनिया बैराज मार्ग पर संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान गायघाट की ओर से एक मोटरसाइकिल पर तीन लोग आते दिखाई दिए। पुलिस के अनुसार, रोकने का प्रयास करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य आरोपियों को पुलिस टीम ने पीछा कर पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू पुत्र मुल्ला निवासी बालापुर थाना रुपईडीहा, शहजाद उर्फ कलूटे पुत्र रमजान निवासी उचवा बालापुर थाना रुपईडीहा तथा सोनू पुत्र भुसैली निवासी खैरी, मजरा शाहपुर खुर्द थाना मोतीपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस, 1,940 रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, तराजू व बाट, मांस काटने का लकड़ी का ठीहा तथा तीन चाकू बरामद करने का दावा किया है। घायल आरोपी सोनू को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार उसके विरुद्ध पूर्व में भी गोकशी से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।4
- संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के साथ किसानों के बीच पहुंचीं एसडीएम, एक-एक खेत की देखी स्थिति बहराइच। लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। संभावित आपदा और जलभराव की स्थिति में जनहानि रोकने के लिए उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा (मोतीपुर) मोनालिसा जौहरी ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखी। भारी बारिश और तूफान के बीच उन्होंने स्वयं संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रविवार को एसडीएम मोनालिसा जौहरी किसानों की फसल क्षति का स्थलीय आकलन करने स्वयं खेतों में पहुंचीं। उन्होंने तहसील मिहींपुरवा के ग्राम गायघाट, रायबोझा, पुरैना भवानी भक्श, सर्रामुंद्री और कुड़वा में भारी बारिश से हुए फसल नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में खेत-खेत जाकर फसलों की स्थिति देखी और स्वयं मौके पर नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों, ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सहायकों से वार्ता कर बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। साथ मौजूद तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित खेत का वास्तविक स्थिति के आधार पर निरीक्षण करते हुए फसल क्षति की निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन किया जाए। एसडीएम ने अधिकारियों से कहा कि फसल क्षति के आकलन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रभावित किसानों की वास्तविक क्षति रिपोर्ट में दर्ज की जाए। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत राजस्व टीम द्वारा तैयार की गई आकलन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। लगातार बारिश के दौरान एसडीएम की सक्रियता केवल फसल क्षति के आकलन तक सीमित नहीं रही। संभावित जलभराव, तेज बारिश और अन्य आपदा संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मौके पर खेतों में एसडीएम को किसानों के बीच पहुंचकर स्वयं फसल की स्थिति देखते हुए पाया गया। प्रशासनिक अधिकारी के स्तर से खेतों तक पहुंचकर नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किए जाने से किसानों में भी संतोष नजर आया। स्थानीय स्तर पर एसडीएम की इस सक्रिय कार्यशैली और मौके पर पहुंचकर समस्याओं को समझने के प्रयास की सराहना की जा रही है। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, क्षेत्रीय लेखपाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। #mihinpurwa #motipur #SDM1
- प्रशासनिक लाव लश्कर के साथ खेतों की पगडंडी पर उतरे जिलाधिकारी, फसलों की हुई क्षति का लिया जायज़ा, ग्रामीणों से किया संवाद बहराइच। नेपाल राष्ट्र व उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों तथा जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत जिले की नदियों के जल स्तर में बढ़ोत्तरी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों तथा फसलों विशेषकर धान व गन्ना, केला इत्यादि फसलों को हुई क्षति का जायज़ा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता व अन्य के साथ तहसील कैसरगंज अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा संजय सेतु पहुंचकर घाघरा नदी के जल स्तर को देखा। यहा पर बताया गया कि एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जल स्तर खतरे के निशान 106.07 मी. के सापेक्ष 106.14 मी. है। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामवासियों से संवाद करते हुए बताया कि समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सम्बन्धित अधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में निरन्तर भ्रमणशील रहते हुए नदियों के जल स्तर पर सतर्क दृष्टि बनाये रखें तथा जल भराव व बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने पर नदियो के आस-पास रहने वाले लोगों की हर संभव मदद करें। डीएम ने जनसंवाद करते हुए लोगों को चौकन्ना रहने तथा अनावश्यक रूप से पानी में न जाने तथा बच्चों के प्रति पूरी तरह से सतर्क रहने का सुझाव दिया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान डीएम ने एसडीएम व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर बारिश से प्रभावित फसलों का स्थलीय निरीक्षण एवं सर्वे कराया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सर्वे कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जाए तथा वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों का विवरण तैयार किया जाए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र किसानों को अनुमन्य अनुदान/क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। डीएम ने कहा कि दैवी आपदा से पीड़ित व्यक्तियों को त्वरित मदद पहुंचाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शासन व प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीएम ने आमजन को सुझाव दिया कि आपातिक स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल सम्बन्धित तहसील प्रशासन व आपदा कन्ट्रोल रूम के दूरभाष नम्बर 230132 व टोल फ्री नम्बर 1077 पर सूचित करें। डीएम ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से आच्छादित किसानों को फसल नुकसान की सूचना निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से देने के लिए जागरूक करने के निर्देश भी दिए। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थानीयकृत आपदा अथवा फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर सम्बन्धित बीमा कंपनी, बैंक, कृषि विभाग अथवा टोल-फ्री नंबर 14447 के माध्यम से अवश्य सूचित करें। डीएम ने किसानों को सुझाव दिया कि टोल फ्री नम्बर पर सूचित करते समय कृषक अपने पास आधार संख्या, केसीसी क्रमांक नम्बर, फसल बीमा पालिसी नम्बर, फसल का नाम, क्षेत्रफल तथा क्षति के विवरण से सम्बन्धित सूचना अपने पास अवश्य रख लें।4
- ब्रेकिंग न्यूज़/ बहराइच यूपी बहराइच -: मटेरा में आंधी-तूफान से गिरे सरकारी पेड़, वन विभाग की लापरवाही के बीच राहगीरों में मची लूट मटेरा इलाके के भौखारा रोड पर बरसात और तेज आंधी-तूफान के कारण दर्जनों सरकारी पेड़ जड़ से उखड़कर धराशायी हो गए पेड़ गिरने के घंटों बाद भी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिसका फायदा उठाकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में कीमती लकड़ियों को लूटने की होड़ मच गई सरकारी संपत्ति के इस तरह नुकसान और सरेआम हो रही लूट पर संबंधित विभाग पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं रिपोर्ट शकील अहमद मंडल ब्यूरो देवी पाटन उत्तर प्रदेश1
- बारिश के बीच खेतों में उतरीं एसडीएम मोनालिसा जौहरी गांव-गांव पहुंचकर खेतों में देखी फसलों की हालत, राजस्व टीम को निष्पक्ष आकलन के निर्देश बहराइच। मेहीपुरवा तहसील उप जिला अधिकारी मोनालिसा जौहरी लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। खराब मौसम के बीच उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा मोनालिसा जौहरी ने रविवार को स्वयं प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों की फसल क्षति का स्थलीय जायजा लिया। एसडीएम ने खेतों में पहुंचकर फसलों की वास्तविक स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को नुकसान का पारदर्शी एवं निष्पक्ष आकलन करने के निर्देश दिए। रविवार को एसडीएम मोनालिसा जौहरी तहसील क्षेत्र के गायघाट, रायबोझा, पुरैना भवानी भक्श, सर्रामुंद्री और कुड़वा गांवों में पहुंचीं। लगातार बारिश से प्रभावित खेतों का उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से सीधे बातचीत कर बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारी को अपने बीच देखकर किसानों ने भी अपनी समस्याएं और फसल क्षति की जानकारी विस्तार से साझा की। एसडीएम ने मौके पर मौजूद ग्राम प्रधानों, पंचायत सहायकों और ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने किसानों से फसल की स्थिति, जलभराव तथा बारिश से हुए नुकसान के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद साथ मौजूद तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में खेत-खेत जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि फसल क्षति के आकलन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक प्रभावित किसान की वास्तविक क्षति को मौके की स्थिति के आधार पर रिपोर्ट में दर्ज किया जाए, ताकि शासन स्तर पर भेजी जाने वाली रिपोर्ट में वास्तविक नुकसान सामने आ सके। राजस्व टीम द्वारा तैयार की गई स्थलीय आकलन रिपोर्ट को नियमानुसार उच्चाधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों पर भी प्रशासन की नजर लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच एसडीएम की सक्रियता केवल फसल क्षति के निरीक्षण तक सीमित नहीं रही। उन्होंने संभावित जलभराव, अतिवृष्टि और अन्य आपदा संबंधी परिस्थितियों को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। एसडीएम ने अधिकारियों से कहा कि खराब मौसम के दौरान क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सूचना को गंभीरता से लिया जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जाए। प्रशासन का उद्देश्य बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं को समय रहते चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई करना है। खेतों तक पहुंची अधिकारी, किसानों में दिखा भरोसा बारिश के बीच एसडीएम का स्वयं खेतों तक पहुंचकर फसलों की स्थिति देखना किसानों के बीच चर्चा का विषय रहा। किसानों का कहना था कि अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखने से फसल क्षति के आकलन में पारदर्शिता की उम्मीद बढ़ी है। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, क्षेत्रीय लेखपाल सहित राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और फसल क्षति के आकलन की प्रक्रिया आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।4
- ⚠️ तूफ़ान का कहर! बहराइच में कई पेड़ धराशायी, सड़कों पर मचा हड़कंप। 🌪️🌳1
- बहराइच। 72 घंटे में चक्रवर्ती-तूफान का कहर से जनजीवन बेहाल बहराइच। 72 घंटे में चक्रवर्ती-तूफान का कहर से जनजीवन बेहाल अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की मौत, मृतकों में एक पुलिस जवान भी शामिल महसी में कच्ची दीवार गिरने से 6 साल शोभित की दबकर मौत फखरपुर में टीन शेड और दीवार गिरने से 15 साल महमूना की गई जान कैसरगंज में छप्पर गिरने से 52 साल ननकई की मौत नानपारा में कच्ची दीवार ढहने से 45 साल किसान मिश्रीलाल की मौत बिजली पोल और पेड़ गिरने से कई इलाकों में बिजली गुल, सड़कें बाधित स्कूल बंद, जलभराव और फसलों पर संकट; प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील।1
- 72 घंटे की बारिश-आंधी से बहराइच बेहाल, पेड़ और बिजली के पोल गिरे चार लोगों की मौत की सूचना, फसलें प्रभावित; कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप बहराइच। जिले में पिछले करीब 72 घंटे से लगातार हो रही बारिश और तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात अधिक खराब हैं। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जबकि बिजली के पोल टूटने से कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। मटेरा पावर हाउस क्षेत्र में भी आंधी के चलते कई बिजली के पोल टूटकर गिर गए। इससे आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। कई क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया है। वहीं तेज हवाओं के कारण फसलों के गिरने की भी जानकारी सामने आई है। इससे किसानों के सामने फसल को हुए नुकसान की चिंता बढ़ गई है। आंधी के दौरान कई स्थानों पर पेड़ सड़कों पर गिरने से आवागमन बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाया और काफी मशक्कत के बाद यातायात बहाल कराया। बारिश और आंधी के बीच जिले के अलग-अलग स्थानों पर चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में एक पुलिस जवान भी शामिल बताया जा रहा है। घटनाओं के बाद संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। मौसम की वजह से हुए नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी राकेश कुमार पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और बिजली आपूर्ति, सड़क मार्ग तथा आम लोगों से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। लगातार तीन दिनों से जारी बारिश और तेज हवाओं ने जिले में कृषि, बिजली व्यवस्था और सड़क यातायात को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और व्यवस्थाएं बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।3