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More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by Pappu d1
- सरूपगंज माण्डवाडा खालस गांव की सिंगाराजोड की पहाड़ी पर स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में रविवार महाशिवरात्रि को ठीक रात 12 बजे मंदिर में पहाड़ी की चट्टान से जल की धारा निकलते ही वहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। मंदिर के महंत वैरागी संत श्रवणदास महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि को मंदिर में एक निश्चित जगह पर पूजा अर्चना कर वहां पर नारियल की स्थापना की गई। पूजा अर्चना शुरू की गई। रात 12 बजे मंदिर की चट्टान से जल की धारा निकली जिस पर वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। उन्होंने बताया कि यह परंपरा व विश्वास वर्षों से चला आ रहा है। जल के प्रकट होते ही विशेष आरती उतारी गई।जाती है। वहां उपस्थित लोगों ने जल की धारा के दर्शन किए। इस दृश्य को देखने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालू मंदिर पहुंचे। इस अवसर पर रात को भजन सत्संग का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।1
- पहाड़ों में मंदिर खतरे में ब्लास्टिंग से मंदिर को वो रहा नुकसान एकलिंग नाथ महादेव की पहाड़ी पर सरकारी पानी की टंकी को हो सकता है बड़ा नुकसान #breakingnews1
- आबूरोड स्थित रॉयल राजस्थान पब्लिक स्कूल में “इम्पोर्टेंस ऑफ एजुकेशन एंड साइबर सेफ्टी” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से शिक्षा के महत्व और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। शिक्षा से ही सोचने-समझने की क्षमता विकसित होती है, सही-गलत का ज्ञान मिलता है तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा प्राप्त होती है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ही सफलता की कुंजी बताया गया। इसके साथ ही डिजिटल युग में साइबर सेफ्टी की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सार्वजनिक करने से होने वाले दुष्परिणामों तथा मजबूत पासवर्ड रखने की अनिवार्यता के बारे में जागरूक किया। छात्र-छात्राओं को समझाया गया कि इंटरनेट का उपयोग हमेशा सावधानी और जिम्मेदारी के साथ करें। अज्ञात कॉल, संदेश या लिंक से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों अथवा शिक्षकों को दें। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना, बल्कि उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित, सजग और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना रहा। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।2
- मदरसा प्राथमिक स्कूल बाली में वार्षिक उत्सव एवं विदाई समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न। बाली।पाली बाली। मदरसा प्राथमिक स्कूल बाली में वर्ष 2026 का वार्षिक उत्सव एवं कक्षा पाँच के विद्यार्थियों का विदाई सम्मान समारोह गरिमामय एवं प्रेरणादायक वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे समारोह अत्यंत सफल एवं यादगार बना। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन शरीफ की तिलावत से हुई, जिसे जनाब सिराजुद्दीन अशरफी, पेश इमाम जामा मस्जिद बाली, ने पेश किया। तिलावत के साथ ही पूरे परिसर में आध्यात्मिक माहौल बन गया। इसके पश्चात विदाई ले रहे विद्यार्थियों की सम्मानपूर्वक एंट्री करवाई गई, जिनका उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गूंज के साथ स्वागत किया। अतिथियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन समारोह में पधारे मुख्य अतिथि दलपत चौधरी (UCEEO, बाली) सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मंचासीन अतिथियों में मौलाना यूसुफ़ सिदिकी, अजमत खान (वक्फ बोर्ड सदर), रफीक खान (मदरसा सदर), जमाल खान (मदरसा सचिव), सेवानिवृत्त अशोक कुमार वछेटा (प्रधानाध्यापक), परवेज टॉक (नगरपालिका पार्षद), अल्ताफ खान कोटबालियां (पूर्व सरपंच), रमेश कुमार सोनी (भामाशाह), आबिद टॉक (भामाशाह), सेराज कुरैशी (सचिव वक्फ बोर्ड), अब्दुल सत्तार (अध्यक्ष SMC), महेंद्र फौजी (अध्यक्ष, मेघवाल छात्रावास फालना), सलीम कुरैशी (सेवानिवृत्त जलदाय विभाग अधिकारी), इकबाल खान सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। अध्यापिका शाहीन पठान ने सभी अतिथियों का शेरो-शायरी के माध्यम से भावपूर्ण स्वागत किया, जिसने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। कक्षा पाँच के विद्यार्थियों को दी भावभीनी विदाई कक्षा पाँच के विद्यार्थियों का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। प्रत्येक विद्यार्थी को मंच पर आमंत्रित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, मेहनत और अच्छे संस्कारों को अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर कई विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की आँखें नम दिखाई दीं। नन्हे विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ विदाई ले रहे विद्यार्थियों के सम्मान में कक्षा 4 की छात्रा अलीजा खान एवं आतिफा ने सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। कक्षा 3 के विद्यार्थी मोहम्मद हसनैन ने भी अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। अंत में विद्यालय के सभी नन्हे बच्चों ने सामूहिक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। अतिथियों के प्रेरणादायक उद्बोधन मुख्य अतिथि दलपत चौधरी ने अपने संबोधन में शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि प्राथमिक स्तर की शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। इमाम सिराजुद्दीन अशरफी ने इल्म, अख़लाक और इंसानियत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को नेक राह पर चलने की प्रेरणा दी। अन्य अतिथियों ने भी विद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद मोहसिन खान ने कुशलतापूर्वक किया। मदरसा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक इमरान पठान ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समापन समारोह का समापन राष्ट्रगान “जन गण मन” के साथ हुआ। अंत में सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई। यह समारोह विद्यालय परिवार की एकजुटता, शिक्षा के प्रति समर्पण तथा सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।3
- खिमेल संस्कृति की रक्षा के संकल्प के साथ दिव्य देव दरबार जनकल्याण सेवा समिति खिमेल आश्रम में महाशिवरात्रि के पावन देर रात एक भव्य महाअनुष्ठान एवं महारुद्र अभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। आश्रम के महंत योगी सूरजनाथ जी महाराज ने बताया की इस अनुष्ठान के आयोजन का मुख्य उद्देश्य गौमाता को राष्ट्र गौमाता घोषित किए जाने की भावना को प्रकट करना तथा सनातन धर्म की रक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश देना बताया जा रहा है। यह पावन अनुष्ठान विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर खिमेल के आराध्य भगवान भगवान शिव को समर्पित है। महारुद्र अभिषेक विद्वान पंडितो के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्र पाठ, हवन एवं विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। विशेष रूप से समस्त भक्तगण एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धा और भक्ति के साथ अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। आयोजकों के अनुसार, यह महा अनुष्ठान समाज में धर्म, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को सशक्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण और सामूहिक आरती का भी आयोजन होगा।1
- सर्व धाम मंदिर का वार्षिक उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया। आबूरोड। शहर के सनसिटी कॉलोनी स्थित सर्व धाम मंदिर का वार्षिक उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। वार्षिकोत्सव को लेकर कॉलोनी निवासियों मै उत्साह का मोहाल देखने को मिला। कॉलोनी निवासी महिला मोर्चा अध्यक्ष संगीता शर्मा ने बताया कि प्रातः हेतल मोदी के घर से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा कॉलोनी के प्रमुख मार्गो से होकर मंदिर पहुंच संपन्न हुई। कलश यात्रा के मार्ग में निवासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जिससे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। तत् पश्चात हवन-यज्ञ हुआ जिसमें यजमानों ने आहुतियां देकर मंगल कमान की। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर महिला वर्ग मे संगीता शर्मा, आशा प्रजापत, लाली शर्मा, उर्मिला त्यागी, आशा गोयल, विन्नी, रूही, मुनीर, वीणा, पवन, राजू, सरोज, कैलाश अग्रवाल, विमला, रेणुका, श्वेता, माया, खुशी, प्रीति, मीना कर्दम तथा पुरुष वर्ग में भूपेंद्र त्यागी, मनोज शर्मा, प्यारे लाल, सुरेन्द्र, पूनम मीणा, भंवर सिंह, मोंटी, रोनित अग्रवाल समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कृष्ण हॉस्पिटल संचालक डॉ राम कृष्णा मोदी और हेतल बेन का विशेष आभार प्रकट किया जिन्होंने भगवान विष्णु, मा लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करवाई।3
- सिरोही रोड (पिंडवाड़ा) सिरोही रोड क्षेत्र में स्थित श्री नंदेश्वर महादेव मंदिर में दिनांक 15 फरवरी 2026, रविवार को “एक शाम श्री नंदेश्वर महादेव के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में दो दिवसीय शिवरात्रि महोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव का विधिवत अभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं रात्रि जागरण का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1