जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत ग्राम पंचायत डगडौवा में स्थित बिरसा मुंडा गौशाला की हालत बदहाल है। नवंबर 2020 में गायों के संरक्षण, सुरक्षित स्थान और बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस गौशाला का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, पूर्व सांसद श्री ज्ञान सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री ज्ञानवती सिंह और विधायक श्री शिवनारायण सिंह ने किया था। हालांकि, वर्तमान में यहां गायों का संरक्षण होने के बजाय उनकी दुर्दशा हो रही है और गौशाला अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है। गौशाला में न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है और न ही गायों की देखभाल की जाती है। जब गायों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई तो सरपंच और सचिव द्वारा कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, गौशाला का गेट कभी नहीं खुलता और न ही यहां किसी प्रकार का कोई कर्मचारी आता है। आरोप है कि गायों के नाम पर केवल खानापूर्ति करके बिल लगाए जाते हैं और पैसे निकाले जाते हैं। बताया गया है कि वर्ष 2025 और 26 के लिए भी गायों के लिए लाखों रुपये के भूसे और अन्य मदों में बिल लगाकर लाखों रुपये का आहरण किया गया है। इस गंभीर लापरवाही और कथित वित्तीय अनियमितता की ओर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे संबंधित व्यक्तियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। प्रशासन से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत डगडौवा स्थित इस गौशाला का जल्द से जल्द निरीक्षण कर उचित कार्यवाही की जाए, ताकि आवारा घूम रही गायों को सुरक्षित स्थान और उचित भोजन मिल सके।
जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत ग्राम पंचायत डगडौवा में स्थित बिरसा मुंडा गौशाला की हालत बदहाल है। नवंबर 2020 में गायों के संरक्षण, सुरक्षित स्थान और बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस गौशाला का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, पूर्व सांसद श्री ज्ञान सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री ज्ञानवती सिंह और विधायक श्री शिवनारायण सिंह ने किया था। हालांकि, वर्तमान में यहां गायों का संरक्षण होने के बजाय उनकी दुर्दशा हो रही है और गौशाला अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है। गौशाला में न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है और न ही गायों की देखभाल की जाती है। जब गायों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई तो सरपंच और सचिव द्वारा कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, गौशाला का गेट कभी नहीं खुलता और न ही यहां किसी प्रकार का कोई कर्मचारी आता है। आरोप है कि गायों के नाम पर केवल खानापूर्ति करके बिल लगाए जाते हैं और पैसे निकाले जाते हैं। बताया गया है कि वर्ष 2025 और 26 के लिए भी गायों के लिए लाखों रुपये के भूसे और अन्य मदों में बिल लगाकर लाखों रुपये का आहरण किया गया है। इस गंभीर लापरवाही और कथित वित्तीय अनियमितता की ओर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे संबंधित व्यक्तियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। प्रशासन से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत डगडौवा स्थित इस गौशाला का जल्द से जल्द निरीक्षण कर उचित कार्यवाही की जाए, ताकि आवारा घूम रही गायों को सुरक्षित स्थान और उचित भोजन मिल सके।
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत ग्राम पंचायत महुरा में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ नालियों के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है, जिसके परिणामस्वरूप नाली के ऊपर रखे जाने वाले स्लैब अभी से टूटने लगे हैं। ग्राम पंचायत महुरा की विंध्या कॉलोनी में बनाई गई इन नालियों की गुणवत्ता बेहद खराब है। इनमें न तो पर्याप्त गहराई दी गई है और न ही इनकी दीवारें मोटी बनाई गई हैं, बल्कि ये मात्र एक फुट गहरी हैं जो पानी के उचित बहाव के लिए अनुपयुक्त हैं। निर्माण कार्य में लोहे की सरिया का बहुत कम उपयोग किया गया है, और कुछ स्थानों पर तो सरिया का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह स्थिति जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत ग्राम पंचायत महुरा में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलती है।3
- उमरिया जिले के करकेली पंचायत के ग्राम धुलधुली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विधायक शिवनारायण सिंह द्वारा एक बैठक की गई। यह बैठक एस.ई.सी.एल. (SECL) द्वारा धुलधुली स्कूल को जड़ा स्कूल में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के संबंध में हुई, जिसका स्कूली बच्चों ने विरोध किया था। विधायक शिवनारायण सिंह ने बैठक में समय परिवर्तन पर चर्चा की और निर्णय लिया गया कि स्कूल का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा, जबकि ब्लास्टिंग का कार्य 3 बजे के बाद किया जाएगा। यह निर्णय बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने और कोल माइंस के ब्लास्टिंग कार्य को भी जारी रखने के उद्देश्य से लिया गया। बैठक में विधायक शिवनारायण सिंह के साथ विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार महोबिया, धुलधुली के सरपंच, विद्यालय के सभी शिक्षक और पंचायत के बुद्धिजीवी नागरिक उपस्थित रहे।3
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (SGTPS) के अधीन जोहिला बांध का जलस्तर लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप, बांध के छह में से दो गेटों को लगभग दो-दो मीटर तक खोल दिया गया है। गेट खुलने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बांध का मनमोहक दृश्य देखने के लिए पहुंच गए और अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें व वीडियो बनाने लगे। बांध प्रबंधन पानी की निकासी पर निरंतर निगरानी रख रहा है, वहीं जिला प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बांध क्षेत्र में सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई है, और पुलिस बल के साथ-साथ कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने ग्राम सचिवों, पटवारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बारिश जारी रहती है और बांध का जलस्तर और बढ़ता है, तो आवश्यकता के अनुसार अन्य गेटों को भी खोला या उनकी स्थिति में बदलाव किया जा सकता है।4
- उमरिया जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (एसजीटीपीएस) के अधीन स्थित जोहिला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसे देखते हुए मंगलवार को एहतियात के तौर पर बांध के छह में से दो गेट करीब दो-दो मीटर तक खोल दिए गए, जिससे तेज वेग से पानी निकलने लगा। यह दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया और बड़ी संख्या में लोग बांध का नजारा देखने तथा तस्वीरें व वीडियो बनाने के लिए उमड़ पड़े। बांध प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, जिसके बाद बांध की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पानी की निकासी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार आगे के आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। इस घटना के बाद जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है और नदी, नालों तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास न जाने की अपील की है, क्योंकि बारिश के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बांध परिसर में बैरिकेडिंग कर दी गई है और पुलिस बल व बांध कर्मचारियों को तैनात किया गया है। साथ ही, ग्राम सचिव, पटवारी और पंचायत प्रतिनिधियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करने की अपील की है, क्योंकि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है और जोहिला बांध का जलस्तर और बढ़ता है, तो आवश्यकता के अनुसार अन्य गेटों के संचालन में भी बदलाव किया जा सकता है।3
- उमरिया जिले में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान, जिला कलेक्टर ने आवेदकों द्वारा प्रस्तुत किए गए मामलों के निराकरण का आदेश दिया है।1
- जनपद पंचायत मानपुर की ग्राम पंचायत समरकोईनी में रोजगार सहायक सितेश तिवारी को वित्तीय प्रभार दिए जाने का मामला मंगलवार को जनसुनवाई में फिर चर्चा का विषय बन गया। सामाजिक कार्यकर्ता अजेश चौधरी ने कलेक्टर राखी सहाय को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि गंभीर आरोपों और लंबित मामलों के बावजूद सितेश तिवारी को 1 जुलाई 2026 को वित्तीय प्रभार सौंप दिया गया है। शिकायत में दावा किया गया है कि रोजगार सहायक के विरुद्ध वसूली, कथित फर्जीवाड़ा, आपराधिक प्रकरण, लंबित न्यायालयीन मामला और विभिन्न जांच रिपोर्टें लंबित हैं। इसके बावजूद उन्हें वित्तीय अधिकार दिया जाना नियमों और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शिकायतकर्ता अजेश चौधरी पंचायत चुनाव में सरपंच पद के प्रत्याशी रहे थे, लेकिन उन्हें हार मिली थी। उन्होंने अपने शिकायती प्रपत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितता, फर्जी मस्टर रोल और कथित फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र का भी उल्लेख किया है। साथ ही, यह भी बताया गया है कि पूर्व जांच में कई शिकायतें सही पाई गई थीं। चौधरी का कहना है कि इन गंभीर बिंदुओं की अनदेखी कर वित्तीय प्रभार देना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वित्तीय प्रभार संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस निर्णय में शामिल संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश तीर्थस्थान द्वारा प्रस्तावित पुजारी प्रशिक्षण और सेमिनार के संबंध में शहडोल जिले के उमरिया में 8 जुलाई 2026 को एक बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11 बजे कलेक्टर सभागार में प्रस्तावित है। इसमें उमरिया जिले के शासन संधारित मंदिरों, अधिनियमित मंदिरों, सार्वजनिक मंदिरों और नर्मदा नदी परिक्रमा पथ पर स्थापित आश्रमों के प्रधान पुजारी, प्रबंध समिति के सदस्य, साथ ही उक्त जिलों के प्रमुख मेलों और तीर्थों के प्रधान पुजारी एवं प्रबंध समिति के सदस्य तथा संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (मानपुर, करकेली, पाली), तहसीलदार और नायब तहसीलदार (बांधवगढ़, चंदिया बिलासपुर, करकेली, नौरोतजाबाद, पाली, मानपुर), तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (नगर पालिका उमरिया, पाली नगर परिषद चंदिया, नौरेजाबाद, मानपुर) को नियत तिथि और समय पर कलेक्ट्रेट सभागार उमरिया में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।1
- जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत ग्राम पंचायत डगडौवा में स्थित बिरसा मुंडा गौशाला की हालत बदहाल है। नवंबर 2020 में गायों के संरक्षण, सुरक्षित स्थान और बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस गौशाला का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, पूर्व सांसद श्री ज्ञान सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री ज्ञानवती सिंह और विधायक श्री शिवनारायण सिंह ने किया था। हालांकि, वर्तमान में यहां गायों का संरक्षण होने के बजाय उनकी दुर्दशा हो रही है और गौशाला अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है। गौशाला में न तो साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है और न ही गायों की देखभाल की जाती है। जब गायों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई तो सरपंच और सचिव द्वारा कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, गौशाला का गेट कभी नहीं खुलता और न ही यहां किसी प्रकार का कोई कर्मचारी आता है। आरोप है कि गायों के नाम पर केवल खानापूर्ति करके बिल लगाए जाते हैं और पैसे निकाले जाते हैं। बताया गया है कि वर्ष 2025 और 26 के लिए भी गायों के लिए लाखों रुपये के भूसे और अन्य मदों में बिल लगाकर लाखों रुपये का आहरण किया गया है। इस गंभीर लापरवाही और कथित वित्तीय अनियमितता की ओर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे संबंधित व्यक्तियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। प्रशासन से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत डगडौवा स्थित इस गौशाला का जल्द से जल्द निरीक्षण कर उचित कार्यवाही की जाए, ताकि आवारा घूम रही गायों को सुरक्षित स्थान और उचित भोजन मिल सके।1