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मुख्यमंत्री के गया आगमन पर वेतनमान-पेंशन की मांग उठाएंगे कर्मचारी मुख्यमंत्री के गया आगमन पर वेतनमान-पेंशन की मांग उठाएंगे कर्मचारी गया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गया आगमन के अवसर पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी अपनी वर्षों पुरानी मांग—नियमित वेतनमान एवं पेंशन—को लेकर गुहार लगाएंगे। यह जानकारी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता एवं बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्टू ने दी।

2 hrs ago
user_Ashutosh kumar
Ashutosh kumar
Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
2 hrs ago

मुख्यमंत्री के गया आगमन पर वेतनमान-पेंशन की मांग उठाएंगे कर्मचारी मुख्यमंत्री के गया आगमन पर वेतनमान-पेंशन की मांग उठाएंगे कर्मचारी गया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गया आगमन के अवसर पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी अपनी वर्षों पुरानी मांग—नियमित वेतनमान एवं पेंशन—को लेकर गुहार लगाएंगे। यह जानकारी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता एवं बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्टू ने दी।

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  • गया के चेरकी में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विवाद लंबे समय से चल रहा था, जो आज हिंसक झड़प में बदल गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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    गया के चेरकी में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले।
हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना हुआ है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विवाद लंबे समय से चल रहा था, जो आज हिंसक झड़प में बदल गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    2 hrs ago
  • Post by जन सेवक
    1
    Post by जन सेवक
    user_जन सेवक
    जन सेवक
    Doctor Gaya, Bihar•
    9 hrs ago
  • गया शहर के वार्ड 44 के गदालोल सरोवर का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य नगर निगम गयाजी के द्वारा करीबन 80 लाख के लागत से कराया जा रहा है। यह सरोवर धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। वायु पुराण में उल्लेख है कि भगवान विष्णु ने हैती दैत्य को मारकर गदा इसी सरोवर में धोए थे तब से इस सरोवर का नाम गदालोल सरोवर पड़ा।
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    गया शहर के वार्ड 44 के गदालोल सरोवर का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य नगर निगम गयाजी के द्वारा करीबन 80 लाख के लागत से कराया जा रहा है। यह सरोवर धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। वायु पुराण में उल्लेख है कि भगवान विष्णु ने हैती दैत्य को मारकर गदा इसी सरोवर में धोए थे तब से इस सरोवर का नाम गदालोल सरोवर पड़ा।
    user_Uma Shanker singh
    Uma Shanker singh
    रिपोर्टर Gaya, Bihar•
    21 hrs ago
  • 🚨 BREAKING NEWS 🚨 कोतवाली थाना में फोन छिंतई! 18 दिन बाद भी नहीं हुई सख्त कार्रवाई थाने के सामने वारदात, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
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    🚨 BREAKING NEWS 🚨
कोतवाली थाना में फोन छिंतई!
18 दिन बाद भी नहीं हुई सख्त कार्रवाई
थाने के सामने वारदात, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    बोधगया, गया, बिहार•
    22 hrs ago
  • " मुख्यमंत्री के गयाजी आगमन पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों पुरानी मांग वेतनमान एवं पेंशन हेतु गुहार लगाएंगे _ प्रो विजय कुमार मिट्ठू बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, प्रो ( डॉ )अरविंद कुमार, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, विपिन बिहारी सिन्हा, प्रो विश्वनाथ कुमार, प्रो कमलेश यादव, इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी, डॉ मदन कुमार सिन्हा आदि ने कहा कि बिहार राज्य में वर्षो से संचालित हज़ारों वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, + 2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लगातार माँग के बाबजूद भी अभी तक इन्हें सरकारी शिक्षण संस्थानों के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशनर नहीं मिलने से उनमें भारी मायूसी एवं आक्रोश है। नेताओं ने कहा बिहार राज्य के संबंधन प्राप्त वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को 2025 में ही पटना उच्च न्यायालय के डबल बेंच के ऐतिहासिक फैसले में यह आदेश दिया था की सभी कर्मचारियों को सरकारी कॉलेज के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशन का भुगतान तीन माह के अंदर सुनिश्चित करे, जिसके खिलाफ तीन महीने पूरे होने के अंतिम दिन माननीय उच्चतम न्यायालय में इस आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर दिया, तथा इस याचिका में सैकड़ों संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज भी इंटरवेनर बन कर न्याय की गुहार लगाये है, साथ ही साथ राज्य सरकार ने 2025 विधानसभा चुनाव के पहले मीडिया में वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने का आश्वासन देकर मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में एक कमिटी भी बना दिया गया है, जिसके बनने के महीनों बाद अभी तक कोई बातें सामने नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है । नेताओं ने कहा कि दुसरी ओर वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के 2008 से छात्रों के रिजल्ट के आधार पर मिलने वाली अनुदान भी 2018 से 2026 लगभग नौ वर्षो का बकाया है, जिसे भी नहीं मिलने से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं इनके परिवार भुखमरी के कगार पर है। नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार सूबे के सभी 534 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज सुनिश्चित करने हेतु 326 वैसे प्रखंड जहां सरकारी या संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज है, उन्हें उसी को वहां का कॉलेज मान कर शेष 208 प्रखंडों जहां डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां नए डिग्री कॉलेज खोलने तथा इन कॉलेज में लगभग दस हजार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को बहाल करने का निर्णय सम्राट चौधरी के सरकार के दूसरे कैबिनेट की बैठक में निर्णय कर इसके लिए 100 करोड़ रुपए जारी भी कर दिया है, तो अब वित्त रहित अनुदानित लगभग 200 कॉलेज के लगभग 25 हज़ार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्माचारियों के नियमित वेतनमान एवं पेंशन पर सरकार क्यों चुपी साधे हुए हैं । नेताओं ने 01 मई मजदूर दिवस एवं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गयाजी , बोधगया आगमन पर महासंघ के लोग उनसे विनम्रता पूर्वक आग्रह करना चाहते हैं कि 40 वर्षो से लंबित मामले पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए राज्य के वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने की घोषणा करने की कृपा करें। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू
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    " मुख्यमंत्री के गयाजी आगमन पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों पुरानी  मांग वेतनमान एवं पेंशन हेतु गुहार लगाएंगे _ प्रो विजय कुमार मिट्ठू 
बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, प्रो ( डॉ )अरविंद  कुमार,  डॉ अनिल कुमार सिन्हा, विपिन बिहारी सिन्हा,  प्रो विश्वनाथ कुमार, प्रो कमलेश यादव, इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी, डॉ मदन कुमार सिन्हा आदि ने कहा कि बिहार राज्य में वर्षो से संचालित हज़ारों वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज,  इंटर कॉलेज, + 2 उच्चतर  माध्यमिक विद्यालय, उच्च विद्यालय,  मध्य विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लगातार माँग के बाबजूद भी अभी तक इन्हें सरकारी शिक्षण संस्थानों के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशनर नहीं मिलने से उनमें भारी मायूसी एवं आक्रोश है। 
नेताओं ने कहा बिहार राज्य के संबंधन प्राप्त वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को 2025 में ही पटना उच्च न्यायालय के डबल बेंच के ऐतिहासिक फैसले में यह आदेश दिया था की सभी कर्मचारियों को सरकारी कॉलेज के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशन का भुगतान तीन माह के अंदर सुनिश्चित करे,  जिसके खिलाफ तीन महीने पूरे होने के अंतिम दिन माननीय उच्चतम न्यायालय में इस आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर दिया, तथा इस याचिका में सैकड़ों संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज भी इंटरवेनर बन कर न्याय की गुहार लगाये है,  साथ ही साथ राज्य सरकार ने 2025 विधानसभा चुनाव के पहले मीडिया में वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने का आश्वासन देकर मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में एक कमिटी भी बना दिया गया है,  जिसके बनने के महीनों बाद अभी तक कोई बातें सामने नहीं आई है,  जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है ।
नेताओं ने कहा कि दुसरी ओर वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के 2008 से छात्रों के रिजल्ट के आधार पर मिलने वाली अनुदान भी 2018 से 2026 लगभग नौ वर्षो का बकाया है,  जिसे भी नहीं मिलने से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं इनके परिवार भुखमरी के कगार पर है। 
नेताओं ने कहा  कि राज्य सरकार सूबे के सभी 534 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज सुनिश्चित करने हेतु 326 वैसे प्रखंड जहां सरकारी या संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज है, उन्हें उसी को वहां का कॉलेज मान कर शेष 208 प्रखंडों जहां डिग्री कॉलेज  नहीं है,  वहां नए डिग्री कॉलेज खोलने तथा इन कॉलेज में लगभग दस हजार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को बहाल करने  का निर्णय सम्राट चौधरी के सरकार के दूसरे कैबिनेट की बैठक में निर्णय कर इसके लिए 100 करोड़ रुपए जारी भी कर दिया है, तो अब वित्त रहित अनुदानित लगभग 200 कॉलेज के लगभग 25 हज़ार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्माचारियों के नियमित वेतनमान एवं पेंशन पर सरकार क्यों चुपी साधे हुए हैं ।
नेताओं ने 01 मई मजदूर दिवस एवं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गयाजी , बोधगया आगमन पर महासंघ के लोग उनसे विनम्रता पूर्वक आग्रह करना चाहते हैं कि 40 वर्षो से लंबित मामले पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए राज्य के वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने की घोषणा करने  की कृपा करें। 
भवदीय 
विजय कुमार मिट्ठू
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    5 hrs ago
  • Post by Hindustan Express News
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    Post by Hindustan Express News
    user_Hindustan Express News
    Hindustan Express News
    Media house शेरघाटी, गया, बिहार•
    3 hrs ago
  • सीएचसी डोभी में चिकित्सक की लापरवाही से युवती की मौत, स्वजन चिकित्सक के निजी चालक पर सुई देने का लगाया आरोप डोभी थाना क्षेत्र अंतर्गत डोभी बाजार स्थित डाक बंगला निवासी निजू प्रसाद केशरी की 23 वर्षीय पुत्री डौली कुमारी को बुधवार की रात्रि करीब दो बजे अचानक तबियत खराब हो गया। इस दौरान आनन फानन में स्वजन सीएचसी डोभी अस्पताल में भर्ती किए। मौजूद चिकित्सक डॉ अमित कुमार ने बताया सिमटम के आधार पर इलाज किया। गुरुवार की सुबह छह बजे देखा गया कि डौली की मौत हो गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। हालांकि अस्पताल को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मौके पर दल बल के साथ पहुंचकर मामले को शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए गया भेजा गया है। बताया गया आवेदन के आधार पर दोषी लोगो पर कार्रवाई की जाएगी।
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    सीएचसी डोभी में चिकित्सक की लापरवाही से युवती की मौत, स्वजन चिकित्सक के निजी चालक पर सुई देने का लगाया आरोप
डोभी थाना क्षेत्र अंतर्गत डोभी बाजार स्थित डाक बंगला निवासी निजू प्रसाद केशरी की 23 वर्षीय पुत्री डौली कुमारी को बुधवार की रात्रि करीब दो बजे अचानक तबियत खराब हो गया। इस दौरान आनन फानन में स्वजन सीएचसी डोभी अस्पताल में भर्ती किए। मौजूद चिकित्सक डॉ अमित कुमार ने बताया  सिमटम के आधार पर इलाज किया। गुरुवार की सुबह छह बजे देखा गया कि डौली की मौत हो गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। हालांकि अस्पताल को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार मौके पर दल बल के साथ पहुंचकर मामले को शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए गया भेजा गया है। बताया गया आवेदन के आधार पर दोषी लोगो पर कार्रवाई की जाएगी।
    user_महेंद्र शर्मा
    महेंद्र शर्मा
    पत्रकार, # डोभी, गया, बिहार•
    5 hrs ago
  • मुख्यमंत्री के गया आगमन पर वेतनमान-पेंशन की मांग उठाएंगे कर्मचारी गया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गया आगमन के अवसर पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी अपनी वर्षों पुरानी मांग—नियमित वेतनमान एवं पेंशन—को लेकर गुहार लगाएंगे। यह जानकारी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता एवं बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्टू ने दी।
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    मुख्यमंत्री के गया आगमन पर वेतनमान-पेंशन की मांग उठाएंगे कर्मचारी
गया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गया आगमन के अवसर पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी अपनी वर्षों पुरानी मांग—नियमित वेतनमान एवं पेंशन—को लेकर गुहार लगाएंगे।
यह जानकारी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता एवं बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्टू ने दी।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    2 hrs ago
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