मुख्यमंत्री के गयाजी आगमन पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों पुरानी मांग वेतनमान एवं पेंशन हेतु गुहार लगाएंगे _ प्रो विजय कुमार मिट्ठू " मुख्यमंत्री के गयाजी आगमन पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों पुरानी मांग वेतनमान एवं पेंशन हेतु गुहार लगाएंगे _ प्रो विजय कुमार मिट्ठू बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, प्रो ( डॉ )अरविंद कुमार, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, विपिन बिहारी सिन्हा, प्रो विश्वनाथ कुमार, प्रो कमलेश यादव, इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी, डॉ मदन कुमार सिन्हा आदि ने कहा कि बिहार राज्य में वर्षो से संचालित हज़ारों वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, + 2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लगातार माँग के बाबजूद भी अभी तक इन्हें सरकारी शिक्षण संस्थानों के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशनर नहीं मिलने से उनमें भारी मायूसी एवं आक्रोश है। नेताओं ने कहा बिहार राज्य के संबंधन प्राप्त वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को 2025 में ही पटना उच्च न्यायालय के डबल बेंच के ऐतिहासिक फैसले में यह आदेश दिया था की सभी कर्मचारियों को सरकारी कॉलेज के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशन का भुगतान तीन माह के अंदर सुनिश्चित करे, जिसके खिलाफ तीन महीने पूरे होने के अंतिम दिन माननीय उच्चतम न्यायालय में इस आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर दिया, तथा इस याचिका में सैकड़ों संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज भी इंटरवेनर बन कर न्याय की गुहार लगाये है, साथ ही साथ राज्य सरकार ने 2025 विधानसभा चुनाव के पहले मीडिया में वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने का आश्वासन देकर मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में एक कमिटी भी बना दिया गया है, जिसके बनने के महीनों बाद अभी तक कोई बातें सामने नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है । नेताओं ने कहा कि दुसरी ओर वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के 2008 से छात्रों के रिजल्ट के आधार पर मिलने वाली अनुदान भी 2018 से 2026 लगभग नौ वर्षो का बकाया है, जिसे भी नहीं मिलने से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं इनके परिवार भुखमरी के कगार पर है। नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार सूबे के सभी 534 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज सुनिश्चित करने हेतु 326 वैसे प्रखंड जहां सरकारी या संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज है, उन्हें उसी को वहां का कॉलेज मान कर शेष 208 प्रखंडों जहां डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां नए डिग्री कॉलेज खोलने तथा इन कॉलेज में लगभग दस हजार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को बहाल करने का निर्णय सम्राट चौधरी के सरकार के दूसरे कैबिनेट की बैठक में निर्णय कर इसके लिए 100 करोड़ रुपए जारी भी कर दिया है, तो अब वित्त रहित अनुदानित लगभग 200 कॉलेज के लगभग 25 हज़ार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्माचारियों के नियमित वेतनमान एवं पेंशन पर सरकार क्यों चुपी साधे हुए हैं । नेताओं ने 01 मई मजदूर दिवस एवं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गयाजी , बोधगया आगमन पर महासंघ के लोग उनसे विनम्रता पूर्वक आग्रह करना चाहते हैं कि 40 वर्षो से लंबित मामले पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए राज्य के वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने की घोषणा करने की कृपा करें। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू
मुख्यमंत्री के गयाजी आगमन पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों पुरानी मांग वेतनमान एवं पेंशन हेतु गुहार लगाएंगे _ प्रो विजय कुमार मिट्ठू " मुख्यमंत्री के गयाजी आगमन पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों पुरानी मांग वेतनमान एवं पेंशन हेतु गुहार लगाएंगे _ प्रो विजय कुमार मिट्ठू बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, प्रो ( डॉ )अरविंद कुमार, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, विपिन बिहारी सिन्हा, प्रो विश्वनाथ कुमार, प्रो कमलेश यादव, इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी, डॉ मदन कुमार सिन्हा आदि ने कहा कि बिहार राज्य में वर्षो से संचालित हज़ारों वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, + 2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लगातार माँग के बाबजूद भी अभी तक इन्हें सरकारी शिक्षण संस्थानों के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशनर नहीं मिलने से उनमें भारी मायूसी एवं आक्रोश है। नेताओं ने कहा बिहार राज्य के संबंधन प्राप्त वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को 2025 में ही पटना उच्च न्यायालय के डबल बेंच के ऐतिहासिक फैसले में यह आदेश दिया था की सभी कर्मचारियों को सरकारी कॉलेज के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशन का भुगतान तीन माह के अंदर सुनिश्चित करे, जिसके खिलाफ तीन महीने पूरे होने के अंतिम दिन माननीय उच्चतम न्यायालय में इस आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर दिया, तथा इस याचिका में सैकड़ों संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज भी इंटरवेनर बन कर न्याय की गुहार लगाये है, साथ ही साथ राज्य सरकार ने 2025 विधानसभा चुनाव के पहले मीडिया में वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने का आश्वासन देकर मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में एक कमिटी भी बना दिया गया है, जिसके बनने के महीनों बाद अभी तक कोई बातें सामने नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है । नेताओं ने कहा कि दुसरी ओर वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के 2008 से छात्रों के रिजल्ट के आधार पर मिलने वाली अनुदान भी 2018 से 2026 लगभग नौ वर्षो का बकाया है, जिसे भी नहीं मिलने से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं इनके परिवार भुखमरी के कगार पर है। नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार सूबे के सभी 534 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज सुनिश्चित करने हेतु 326 वैसे प्रखंड जहां सरकारी या संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज है, उन्हें उसी को वहां का कॉलेज मान कर शेष 208 प्रखंडों जहां डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां नए डिग्री कॉलेज खोलने तथा इन कॉलेज में लगभग दस हजार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को बहाल करने का निर्णय सम्राट चौधरी के सरकार के दूसरे कैबिनेट की बैठक में निर्णय कर इसके लिए 100 करोड़ रुपए जारी भी कर दिया है, तो अब वित्त रहित अनुदानित लगभग 200 कॉलेज के लगभग 25 हज़ार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्माचारियों के नियमित वेतनमान एवं पेंशन पर सरकार क्यों चुपी साधे हुए हैं । नेताओं ने 01 मई मजदूर दिवस एवं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गयाजी , बोधगया आगमन पर महासंघ के लोग उनसे विनम्रता पूर्वक आग्रह करना चाहते हैं कि 40 वर्षो से लंबित मामले पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए राज्य के वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने की घोषणा करने की कृपा करें। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू
- " मुख्यमंत्री के गयाजी आगमन पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी वर्षों पुरानी मांग वेतनमान एवं पेंशन हेतु गुहार लगाएंगे _ प्रो विजय कुमार मिट्ठू बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, प्रो ( डॉ )अरविंद कुमार, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, विपिन बिहारी सिन्हा, प्रो विश्वनाथ कुमार, प्रो कमलेश यादव, इंटक के जिला महासचिव टिंकू गिरी, डॉ मदन कुमार सिन्हा आदि ने कहा कि बिहार राज्य में वर्षो से संचालित हज़ारों वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज, इंटर कॉलेज, + 2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लगातार माँग के बाबजूद भी अभी तक इन्हें सरकारी शिक्षण संस्थानों के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशनर नहीं मिलने से उनमें भारी मायूसी एवं आक्रोश है। नेताओं ने कहा बिहार राज्य के संबंधन प्राप्त वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को 2025 में ही पटना उच्च न्यायालय के डबल बेंच के ऐतिहासिक फैसले में यह आदेश दिया था की सभी कर्मचारियों को सरकारी कॉलेज के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशन का भुगतान तीन माह के अंदर सुनिश्चित करे, जिसके खिलाफ तीन महीने पूरे होने के अंतिम दिन माननीय उच्चतम न्यायालय में इस आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर दिया, तथा इस याचिका में सैकड़ों संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज भी इंटरवेनर बन कर न्याय की गुहार लगाये है, साथ ही साथ राज्य सरकार ने 2025 विधानसभा चुनाव के पहले मीडिया में वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के शिक्षक- शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने का आश्वासन देकर मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में एक कमिटी भी बना दिया गया है, जिसके बनने के महीनों बाद अभी तक कोई बातें सामने नहीं आई है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है । नेताओं ने कहा कि दुसरी ओर वित्त रहित अनुदानित डिग्री कॉलेज के 2008 से छात्रों के रिजल्ट के आधार पर मिलने वाली अनुदान भी 2018 से 2026 लगभग नौ वर्षो का बकाया है, जिसे भी नहीं मिलने से शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं इनके परिवार भुखमरी के कगार पर है। नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार सूबे के सभी 534 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज सुनिश्चित करने हेतु 326 वैसे प्रखंड जहां सरकारी या संबंधन प्राप्त डिग्री कॉलेज है, उन्हें उसी को वहां का कॉलेज मान कर शेष 208 प्रखंडों जहां डिग्री कॉलेज नहीं है, वहां नए डिग्री कॉलेज खोलने तथा इन कॉलेज में लगभग दस हजार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को बहाल करने का निर्णय सम्राट चौधरी के सरकार के दूसरे कैबिनेट की बैठक में निर्णय कर इसके लिए 100 करोड़ रुपए जारी भी कर दिया है, तो अब वित्त रहित अनुदानित लगभग 200 कॉलेज के लगभग 25 हज़ार शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्माचारियों के नियमित वेतनमान एवं पेंशन पर सरकार क्यों चुपी साधे हुए हैं । नेताओं ने 01 मई मजदूर दिवस एवं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गयाजी , बोधगया आगमन पर महासंघ के लोग उनसे विनम्रता पूर्वक आग्रह करना चाहते हैं कि 40 वर्षो से लंबित मामले पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए राज्य के वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने की घोषणा करने की कृपा करें। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू1
- अकबरपुर प्रखंड, पचरुखी पंचायत मुहल्ला नेजामा के गली का ये हाल क्यों, कब तक इस गली का हाल बेहतर होगा? जबकि ये गली अकबरपुर बाज़ार जाने के लिए मुख्य गली है, इस गली से सटे मदरसा है और इस मदरसा में लाइब्रेरी भी है और यह मदरसा मतदान केंद्र भी है। मदरसे के बच्चों के साथ ही साथ उस मुहल्ले के बच्चों, बुजुर्गो,महिलाओं और राहगिरो के आवा-जाही में दुश्वारियां है पंचमुखी पंचायत के मुखिया को चाहिए के इस समस्या का समाधान निकाले।1
- गया जी-फतेहपुर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय कठौतिया केवाल गुरपा में आयोजित भारत स्काउट और गाइड के प्रशिक्षण शिविर के दौरान स्काउट और गाइड के छात्रों को एक दिवसीय हाइकिंग एवं ट्रैकिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री अनिल कुमार ने हरी झंडी दिखाकर स्काउट/गाइड को रावाणा किए। जो की उच्च माध्यमिक विद्यालय गुरपा से 3 किलोमीटर पैदल यात्रा कर गुरपा पहाड़ के 1680 सीढ़ियां चढ़कर स्काउट/गाइड के छात्रों ने हाइकिंग के नियम के अनुसार प्राकृतिक एवं वन अध्ययन करने के बारे में पहाड़ों पर एवं जंगलों में ध्वज फहराने टेंट बनाने खेल के माध्यम से रस्सी के द्वारा गांठ बनाने भोजन बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक के साथ 6 शिक्षक शिक्षिका 32 स्काउट/ गाइड शामिल हुए सभी कैडेट ने ज्ञान के दाता बुद्ध के शीश कश्यप जी के दर्शन कर कृतज्ञ हुए। यह कार्यक्रम गोपाल कुमार जिला संगठन आयुक्त बिहार राज्य भारत स्काउट और गाइड गया जी के नेतृत्व में किया गया, जिला संगठन आयुक्त गोपाल कुमार ने बताया कि स्काउटिंग गाइडिंग का उद्देश्य युवाओं एवं युवतियों को जिम्मेदार नागरिक मनाया जाता है। जो शारीरिक रूप से मजबूत मानसिक रूप से जागरूक एवं नैतिक रूप से ईमानदार हो। सेवा, चरित्र निर्माण, अनुशासन और नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करती है। प्रशिक्षित स्काउट गाइड द्वारा रंगोली वाद विवाद प्रतियोगिता एवं रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मनमोहन लिया, अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्काउट गाइड को कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया शिविर के अंतिम दिन विद्यालय परिसर में प्रथम सोपान प्रशिक्षण शिविर का समापन सह दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया यह कार्यक्रम सर्व धर्म प्रार्थना फ्लैग होस्टिंग के बाद सभी प्रशिक्षित स्काउट गाइड को गला में स्कार्फ पहना कर उन्हें प्रतिज्ञा शपथ दिलाई गई की ईश्वर के प्रति कर्तव्य, दूसरों के प्रति कर्तव्य, स्वयं के प्रति कर्तव्य का पालन करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित स्काउट मास्टर गोविंदाचार्य, विशाल राज अजय कुमार प्रदीप कुमार प्रजापति दिनेश कुमार अग्रवाल सुमित कुमार सुमन, रुचि कुमारी। खुशबू कुमारी , खुशी कुमारी राजा बाबू सुमित श्लोक कुमार इत्यादि उपस्थिति थे। गोपाल कुमार जिला संगठन आयुक्त बिहार राज्य भारत स्काउट और गाइड गया जी।1
- गया के चेरकी में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विवाद लंबे समय से चल रहा था, जो आज हिंसक झड़प में बदल गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।1
- Post by News Of Nawada1
- Post by जन सेवक1
- गया शहर के वार्ड 44 के गदालोल सरोवर का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य नगर निगम गयाजी के द्वारा करीबन 80 लाख के लागत से कराया जा रहा है। यह सरोवर धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। वायु पुराण में उल्लेख है कि भगवान विष्णु ने हैती दैत्य को मारकर गदा इसी सरोवर में धोए थे तब से इस सरोवर का नाम गदालोल सरोवर पड़ा।1
- मुख्यमंत्री के गया आगमन पर वेतनमान-पेंशन की मांग उठाएंगे कर्मचारी गया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गया आगमन के अवसर पर वित्त रहित अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी अपनी वर्षों पुरानी मांग—नियमित वेतनमान एवं पेंशन—को लेकर गुहार लगाएंगे। यह जानकारी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता एवं बिहार प्रदेश वित्त रहित अनुदानित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्टू ने दी।1