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मुखिया कोई फ़र्क नहीं पड़ता जनता चाहे जिस हाल में रहे, बस अपना काम बनना चाहिए। अकबरपुर प्रखंड, पचरुखी पंचायत मुहल्ला नेजामा के गली का ये हाल क्यों, कब तक इस गली का हाल बेहतर होगा? जबकि ये गली अकबरपुर बाज़ार जाने के लिए मुख्य गली है, इस गली से सटे मदरसा है और इस मदरसा में लाइब्रेरी भी है और यह मदरसा मतदान केंद्र भी है। मदरसे के बच्चों के साथ ही साथ उस मुहल्ले के बच्चों, बुजुर्गो,महिलाओं और राहगिरो के आवा-जाही में दुश्वारियां है पंचमुखी पंचायत के मुखिया को चाहिए के इस समस्या का समाधान निकाले।

1 hr ago
user_Tws News
Tws News
Advertising Photographer हिसुआ, नवादा, बिहार•
1 hr ago

मुखिया कोई फ़र्क नहीं पड़ता जनता चाहे जिस हाल में रहे, बस अपना काम बनना चाहिए। अकबरपुर प्रखंड, पचरुखी पंचायत मुहल्ला नेजामा के गली का ये हाल क्यों, कब तक इस गली का हाल बेहतर होगा? जबकि ये गली अकबरपुर बाज़ार जाने के लिए मुख्य गली है, इस गली से सटे मदरसा है और इस मदरसा में लाइब्रेरी भी है और यह मदरसा मतदान केंद्र भी है। मदरसे के बच्चों के साथ ही साथ उस मुहल्ले के बच्चों, बुजुर्गो,महिलाओं और राहगिरो के आवा-जाही में दुश्वारियां है पंचमुखी पंचायत के मुखिया को चाहिए के इस समस्या का समाधान निकाले।

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  • अकबरपुर प्रखंड, पचरुखी पंचायत मुहल्ला नेजामा के गली का ये हाल क्यों, कब तक इस गली का हाल बेहतर होगा? जबकि ये गली अकबरपुर बाज़ार जाने के लिए मुख्य गली है, इस गली से सटे मदरसा है और इस मदरसा में लाइब्रेरी भी है और यह मदरसा मतदान केंद्र भी है। मदरसे के बच्चों के साथ ही साथ उस मुहल्ले के बच्चों, बुजुर्गो,महिलाओं और राहगिरो के आवा-जाही में दुश्वारियां है पंचमुखी पंचायत के मुखिया को चाहिए के इस समस्या का समाधान निकाले।
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    अकबरपुर प्रखंड, पचरुखी पंचायत मुहल्ला नेजामा के गली का ये हाल क्यों, कब तक इस गली का हाल बेहतर होगा? 
जबकि ये गली अकबरपुर बाज़ार जाने के लिए मुख्य गली है, इस गली से सटे मदरसा है और इस मदरसा में लाइब्रेरी भी है और यह मदरसा मतदान केंद्र भी है।
मदरसे के बच्चों के साथ ही साथ उस मुहल्ले के बच्चों, बुजुर्गो,महिलाओं और राहगिरो के आवा-जाही में दुश्वारियां है पंचमुखी पंचायत के मुखिया को चाहिए के इस समस्या का समाधान निकाले।
    user_Tws News
    Tws News
    Advertising Photographer हिसुआ, नवादा, बिहार•
    1 hr ago
  • नरहट प्रमुख पति व शिक्षक गणेश पासवान पर अनियमितता का आरोप, जांच की मांग जिले के नरहट प्रखंड में प्रमुख पति शिक्षक गणेश पासवान से जुड़े मामले को लेकर विवाद सामने आया है। जनता दल (यू) के जिला महासचिव अविनाश कुमार कश्यप उर्फ प्रमोद सिंह द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में नरहट के प्रमुख पति एवं शिक्षक गणेश पासवान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में कहा गया है कि गणेश पासवान सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं और पंचायत समिति से जुड़े विकास कार्यों में अनियमितता बरत रहे हैं। आरोप है कि वे अधिकारियों व कर्मियों पर दबाव बनाकर अपने अनुसार कार्य करवाने की कोशिश करते हैं। आवेदन में बताया गया है कि प्रमुख पति गणेश पासवान रजौली प्रखंड में शिक्षक है उसके वाबजूद नरहट प्रखंड में अधिकांश समय डटे रह कर विभिन्न ऑफिस से कमीशन लेने के फेरा में रहते हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी है तथा चयन में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। आवेदनकर्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि पंचायत समिति स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे और विकास कार्य बाधित नही हो। प्रमुख पति के कार्य को लेकर पंचायत समिति सदस्य गुस्से में हैं। उन्होंने बताया कि दस पंचायत समिति सदस्य का हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर बीडीओ से शिकायत किया गया है। इसके साथ एक प्रति बीपीआरओ, थानाध्यक्ष को भी दिया है। चौदह पंचायत समिति वाला नरहट प्रखंड में दस समिति सदस्य नाराज दिख रहे हैं जिससे प्रखंड प्रमुख सुलेखा देवी की कुर्शी खतरे में दिख रही है। इस सम्बंध में बीडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि आवेदन कार्यालय को प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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    नरहट प्रमुख पति व शिक्षक गणेश पासवान पर अनियमितता का आरोप, जांच की मांग
जिले के नरहट प्रखंड में प्रमुख पति शिक्षक गणेश पासवान से जुड़े मामले को लेकर विवाद सामने आया है। जनता दल (यू) के जिला महासचिव अविनाश कुमार कश्यप उर्फ प्रमोद सिंह द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी  को दिए गए आवेदन में नरहट के प्रमुख पति एवं शिक्षक गणेश पासवान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन में कहा गया है कि गणेश पासवान सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं और पंचायत समिति से जुड़े विकास कार्यों में अनियमितता बरत रहे हैं। आरोप है कि वे अधिकारियों व कर्मियों पर दबाव बनाकर अपने अनुसार कार्य करवाने की कोशिश करते हैं। आवेदन में बताया गया है कि प्रमुख पति गणेश पासवान रजौली प्रखंड में  शिक्षक है उसके वाबजूद नरहट प्रखंड में अधिकांश समय डटे रह कर विभिन्न ऑफिस से कमीशन लेने के फेरा में रहते हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी है तथा चयन में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। आवेदनकर्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि पंचायत समिति स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे और विकास कार्य बाधित नही हो। प्रमुख पति के कार्य को लेकर पंचायत समिति सदस्य गुस्से में हैं। उन्होंने बताया कि दस पंचायत समिति सदस्य का हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर बीडीओ से शिकायत किया गया है। इसके साथ एक प्रति बीपीआरओ, थानाध्यक्ष को भी दिया है। चौदह पंचायत समिति वाला नरहट प्रखंड में दस समिति सदस्य नाराज दिख रहे हैं जिससे प्रखंड प्रमुख सुलेखा देवी की कुर्शी खतरे में दिख रही है। 
इस सम्बंध में बीडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि आवेदन कार्यालय को प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_Dr Vivek kumar पत्रकार
    Dr Vivek kumar पत्रकार
    नरहट, नवादा, बिहार•
    6 hrs ago
  • 🚨 हिसुआ में अवैध वसूली पर बवाल | ट्रक चालक पर हमला, घंटों जाम से ठप हुआ बाजार 🚨 📍 हिसुआ (नवादा) से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अवैध पार्किंग वसूली को लेकर बुधवार सुबह भारी हंगामा खड़ा हो गया। घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। मिली जानकारी के अनुसार, गया रोड की ओर से आ रहा एक धान लदा ट्रक जब हिसुआ बाजार क्षेत्र में पहुंचा, तब कथित पार्किंग वसूली करने वाले कुछ लोगों ने उसे बस स्टैंड के पास रोक लिया। ट्रक चालक से जबरन पार्किंग शुल्क देने की मांग की गई। लेकिन चालक ने इस अवैध वसूली का विरोध करते हुए गाड़ी आगे बढ़ा दी। 👉 बस यहीं से मामला बिगड़ गया… आरोप है कि पार्किंग एजेंट और उसके सहयोगियों ने बाइक से ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में नवादा रोड स्थित बड़की पुल के पास ट्रक को जबरन रुकवाया गया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। 🚨 आरोपियों ने ट्रक चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी 🚨 ट्रक की खिड़की तोड़ दी गई 🚨 चालक को बेरहमी से पीटा गया इस हमले में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक की पहचान गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि चालक किसी तरह अपनी जान बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन हमलावरों ने उसे नहीं बख्शा। 👉 घटना के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया… हमले से आक्रोशित चालक ने अपना ट्रक बीच सड़क पर ही खड़ा कर दिया। देखते ही देखते हिसुआ बाजार की मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग गया। सुबह का समय होने के कारण बाजार में भीड़ बढ़ने लगी और जाम की स्थिति और भी गंभीर हो गई। 📍 लगभग तीन घंटे तक पूरा बाजार जाम की चपेट में रहा 📍 स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले लोग और मरीज—सभी फंसे रहे 📍 छोटे दुकानदारों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अवैध पार्किंग वसूली को लेकर विवाद हुआ हो। लंबे समय से यहां वेंडिंग जोन और बस पड़ाव के नाम पर जबरन वसूली की जा रही है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। 👉 लोगों में गुस्सा साफ नजर आया… स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते इस अवैध वसूली पर रोक लगाई जाती, तो आज यह घटना नहीं होती। करीब तीन घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने जाम हटवाया और घायल चालक राहुल कुमार को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि, तब तक बाजार का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका था। 🚨 अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल: ❓ क्या हिसुआ में अवैध वसूली का नेटवर्क प्रशासन की नजर से दूर है? ❓ क्यों बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं? ❓ आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? 👉 स्थानीय लोगों की मांग: ✔️ अवैध पार्किंग वसूली पर तुरंत रोक लगे ✔️ दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई हो ✔️ बाजार क्षेत्र में स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था बनाई जाए यह घटना सिर्फ एक ट्रक चालक पर हमले की नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है। अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। 📢 निष्कर्ष: हिसुआ बाजार की यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। अब जरूरत है ठोस कदम उठाने की, ताकि आम जनता को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिल सके। ✍️ आपकी राय क्या है? क्या अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में जरूर बताएं…
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    🚨 हिसुआ में अवैध वसूली पर बवाल | ट्रक चालक पर हमला, घंटों जाम से ठप हुआ बाजार 🚨
📍 हिसुआ (नवादा) से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अवैध पार्किंग वसूली को लेकर बुधवार सुबह भारी हंगामा खड़ा हो गया। घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, गया रोड की ओर से आ रहा एक धान लदा ट्रक जब हिसुआ बाजार क्षेत्र में पहुंचा, तब कथित पार्किंग वसूली करने वाले कुछ लोगों ने उसे बस स्टैंड के पास रोक लिया। ट्रक चालक से जबरन पार्किंग शुल्क देने की मांग की गई। लेकिन चालक ने इस अवैध वसूली का विरोध करते हुए गाड़ी आगे बढ़ा दी।
👉 बस यहीं से मामला बिगड़ गया…
आरोप है कि पार्किंग एजेंट और उसके सहयोगियों ने बाइक से ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में नवादा रोड स्थित बड़की पुल के पास ट्रक को जबरन रुकवाया गया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।
🚨 आरोपियों ने ट्रक चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी
🚨 ट्रक की खिड़की तोड़ दी गई
🚨 चालक को बेरहमी से पीटा गया
इस हमले में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक की पहचान गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि चालक किसी तरह अपनी जान बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन हमलावरों ने उसे नहीं बख्शा।
👉 घटना के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया…
हमले से आक्रोशित चालक ने अपना ट्रक बीच सड़क पर ही खड़ा कर दिया। देखते ही देखते हिसुआ बाजार की मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग गया। सुबह का समय होने के कारण बाजार में भीड़ बढ़ने लगी और जाम की स्थिति और भी गंभीर हो गई।
📍 लगभग तीन घंटे तक पूरा बाजार जाम की चपेट में रहा
📍 स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले लोग और मरीज—सभी फंसे रहे
📍 छोटे दुकानदारों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अवैध पार्किंग वसूली को लेकर विवाद हुआ हो। लंबे समय से यहां वेंडिंग जोन और बस पड़ाव के नाम पर जबरन वसूली की जा रही है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
👉 लोगों में गुस्सा साफ नजर आया…
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय रहते इस अवैध वसूली पर रोक लगाई जाती, तो आज यह घटना नहीं होती।
करीब तीन घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने जाम हटवाया और घायल चालक राहुल कुमार को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि, तब तक बाजार का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका था।
🚨 अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल:
❓ क्या हिसुआ में अवैध वसूली का नेटवर्क प्रशासन की नजर से दूर है?
❓ क्यों बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं?
❓ आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
👉 स्थानीय लोगों की मांग:
✔️ अवैध पार्किंग वसूली पर तुरंत रोक लगे
✔️ दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई हो
✔️ बाजार क्षेत्र में स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था बनाई जाए
यह घटना सिर्फ एक ट्रक चालक पर हमले की नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है। अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
📢 निष्कर्ष:
हिसुआ बाजार की यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। अब जरूरत है ठोस कदम उठाने की, ताकि आम जनता को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिल सके।
✍️ आपकी राय क्या है? क्या अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में जरूर बताएं…
    user_S BIHAR NEWS 12
    S BIHAR NEWS 12
    Journalist Nardiganj, Nawada•
    5 hrs ago
  • ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है! लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद
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    ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है!
लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद
    user_हेमन्त कुमार  सिंह
    हेमन्त कुमार सिंह
    जनहित मे समर्पित Wazirganj•
    8 hrs ago
  • हिसुआ में अवैध पार्किंग वसूली का विरोध: ट्रक चालक पर हमला, घंटों सड़क जाम से बाजार ठप हिसुआ बाजार में अवैध पार्किंग वसूली को लेकर बुधवार सुबह बड़ा बवाल खड़ा हो गया। गया रोड से आ रहे धान लदे ट्रक चालक द्वारा जबरन पार्किंग शुल्क देने से इनकार करने पर कथित पार्किंग एजेंट और उसके सहयोगियों ने पीछा कर चालक के साथ मारपीट की। जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड के समीप ट्रक रोककर रुपये की मांग की गई थी, लेकिन चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने बाइक से पीछा कर नवादा रोड स्थित बड़की पुल के पास ट्रक को रुकवाया और चालक पर हमला कर दिया। इस दौरान ट्रक की खिड़की तोड़कर चालक को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हमले में घायल चालक की पहचान गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित चालक ने ट्रक बीच सड़क पर खड़ा कर दिया, जिससे हिसुआ बाजार में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। सुबह-सुबह बाजार क्षेत्र में लंबा जाम लगने से आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, जाम हटवाया और घायल चालक को अस्पताल भेजा। स्थानीय लोगों ने हिसुआ नगर परिषद और प्रशासन पर अवैध वसूली रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों ने वेंडिंग जोन और बस पड़ाव के नाम पर हो रही जबरन वसूली पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    हिसुआ में अवैध पार्किंग वसूली का विरोध: ट्रक चालक पर हमला, घंटों सड़क जाम से बाजार ठप
हिसुआ बाजार में अवैध पार्किंग वसूली को लेकर बुधवार सुबह बड़ा बवाल खड़ा हो गया। गया रोड से आ रहे धान लदे ट्रक चालक द्वारा जबरन पार्किंग शुल्क देने से इनकार करने पर कथित पार्किंग एजेंट और उसके सहयोगियों ने पीछा कर चालक के साथ मारपीट की। जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड के समीप ट्रक रोककर रुपये की मांग की गई थी, लेकिन चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने बाइक से पीछा कर नवादा रोड स्थित बड़की पुल के पास ट्रक को रुकवाया और चालक पर हमला कर दिया। इस दौरान ट्रक की खिड़की तोड़कर चालक को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
हमले में घायल चालक की पहचान गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित चालक ने ट्रक बीच सड़क पर खड़ा कर दिया, जिससे हिसुआ बाजार में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। सुबह-सुबह बाजार क्षेत्र में लंबा जाम लगने से आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, जाम हटवाया और घायल चालक को अस्पताल भेजा। स्थानीय लोगों ने हिसुआ नगर परिषद और प्रशासन पर अवैध वसूली रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों ने वेंडिंग जोन और बस पड़ाव के नाम पर हो रही जबरन वसूली पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    9 hrs ago
  • पारस हॉस्पिटल पटना जितना नामी अस्पताल उतना गंदा इलाज होता है यह सब माफिया लोग का हॉस्पिटल है
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    पारस हॉस्पिटल पटना जितना नामी अस्पताल उतना गंदा इलाज होता है यह सब माफिया लोग का हॉस्पिटल है
    user_News Of Nawada
    News Of Nawada
    Local News Reporter सिरदला, नवादा, बिहार•
    13 hrs ago
  • माधोपुर में जंगली हाथियों का कहर, आक्रोशित ग्रामीणों ने SH-103 किया जाम, घंटों ठप रहा यातायात गोविंदपुर (नवादा): गोविंदपुर प्रखंड के माधोपुर गांव में करीब एक महीने से जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। हाथियों के तांडव से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। हाथियों द्वारा अब तक कई घरों को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है, खेतों में लगी गेहूं और गन्ने की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, वहीं जंगली हाथियों ने एक महिला और एक गाय की जान भी जा चुकी है। सोमवार देर रात एक बार फिर हाथियों ने गांव में उत्पात मचाया और स्टेट हाईवे-103 किनारे हनुमान मंदिर के समीप राजेश राजवंशी के घर को नुकसान पहुंचाया और घर में रखा अनाज भी चट कर गए। लगातार हो रही घटनाओं से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। मंगलवार को ग्रामीणों ने माधोपुर गांव के समीप SH-103 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होते ही दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई। ट्रक, यात्री वाहन, दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के साथ-साथ बारात की गाड़ियां भी घंटों जाम में फंसी रहीं। शादी-विवाह के मौसम में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग भूखे-प्यासे जाम में फंसे रहे, तो कुछ लोग तो सिर पर सामान उठाकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाते नजर आए। हालांकि, इस दौरान ग्रामीणों ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को नहीं रोका और उसे तत्काल रास्ता दिया। ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि वन विभाग के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचें और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने का ठोस आश्वासन दें। सूचना मिलने पर वन विभाग के कई कर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में रेंजर राकेश कुमार ने फोन पर बातचीत कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण मौके पर अधिकारियों की उपस्थिति की मांग करते रहे। करीब साढ़े चार घंटे तक जाम जारी रहा। अंततः अकबरपुर फॉरेस्टर ए. के. मिश्रा एवं नीतीश राज सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अब तक क्षतिग्रस्त सभी घरों की लिखित सूची मांगी। साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने और टूटे हुए चापाकलों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, बीते एक महीने में हाथियों ने लगभग 15 से 20 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अब लोग जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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    माधोपुर में जंगली हाथियों का कहर, आक्रोशित ग्रामीणों ने SH-103 किया जाम, घंटों ठप रहा यातायात
गोविंदपुर (नवादा): गोविंदपुर 
प्रखंड के माधोपुर गांव में करीब एक महीने से जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। हाथियों के तांडव से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। हाथियों द्वारा अब तक कई घरों को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है, खेतों में लगी गेहूं और गन्ने की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, वहीं जंगली हाथियों ने एक महिला और एक गाय की जान भी जा चुकी है।
सोमवार देर रात एक बार फिर हाथियों ने गांव में उत्पात मचाया और स्टेट हाईवे-103 किनारे  हनुमान मंदिर के समीप राजेश राजवंशी के घर को नुकसान पहुंचाया और घर में रखा अनाज भी चट कर गए। लगातार हो रही घटनाओं से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा।
मंगलवार को ग्रामीणों ने माधोपुर गांव के समीप SH-103 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होते ही दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई। ट्रक, यात्री वाहन, दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के साथ-साथ बारात की गाड़ियां भी घंटों जाम में फंसी रहीं। शादी-विवाह के मौसम में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग भूखे-प्यासे जाम में फंसे रहे, तो कुछ लोग तो सिर पर सामान उठाकर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाते नजर आए।
हालांकि, इस दौरान ग्रामीणों ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को नहीं रोका और उसे तत्काल रास्ता दिया।
ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि वन विभाग के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचें और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने का ठोस आश्वासन दें। सूचना मिलने पर वन विभाग के कई कर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
बाद में रेंजर राकेश कुमार ने फोन पर बातचीत कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण मौके पर अधिकारियों की उपस्थिति की मांग करते रहे। करीब साढ़े चार घंटे तक जाम जारी रहा।
अंततः अकबरपुर फॉरेस्टर ए. के. मिश्रा एवं नीतीश राज सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अब तक क्षतिग्रस्त सभी घरों की लिखित सूची मांगी। साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने और टूटे हुए चापाकलों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, बीते एक महीने में हाथियों ने लगभग 15 से 20 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। अब लोग जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
    user_Kanhai chaudhary
    Kanhai chaudhary
    गोविंदपुर, नवादा, बिहार•
    11 hrs ago
  • ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, इलाके में मचा कोहराम विवेक कुमार नवादा/नरहट, प्रतिनिधि। नरहट थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान नरहट प्रखंड के हजरतपुर गांव निवासी विजय चौधरी के 20 वर्षीय पुत्र उदित कुमार के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर नरहट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे बाइक सवार को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और फरार चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
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    ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, इलाके में मचा कोहराम
विवेक कुमार 
नवादा/नरहट, प्रतिनिधि।
नरहट थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के समीप बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान नरहट प्रखंड के हजरतपुर गांव निवासी विजय चौधरी के 20 वर्षीय पुत्र उदित कुमार के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और परिजनों में कोहराम मच गया।
सूचना मिलने पर नरहट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे बाइक सवार को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार बताया जा रहा है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और फरार चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
    user_Dr Vivek kumar पत्रकार
    Dr Vivek kumar पत्रकार
    नरहट, नवादा, बिहार•
    6 hrs ago
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