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पारस हॉस्पिटल पटना जितना नामी अस्पताल उतना गंदा इलाज होता है यह सब माफिया लोग का हॉस्पिटल है पारस हॉस्पिटल पटना जितना नामी अस्पताल उतना गंदा इलाज होता है यह सब माफिया लोग का हॉस्पिटल है
News Of Nawada
पारस हॉस्पिटल पटना जितना नामी अस्पताल उतना गंदा इलाज होता है यह सब माफिया लोग का हॉस्पिटल है पारस हॉस्पिटल पटना जितना नामी अस्पताल उतना गंदा इलाज होता है यह सब माफिया लोग का हॉस्पिटल है
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- पारस हॉस्पिटल पटना जितना नामी अस्पताल उतना गंदा इलाज होता है यह सब माफिया लोग का हॉस्पिटल है1
- झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश झुमरी नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर बुधवार को सुबह 8 बजे नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।1
- ये तस्वीरें आपको बिचलित कर सकती हैँ! ये तस्वीरें आपको अंदर से झकझोर सकती हैँ! लेकिन उससे पहले देश का सिस्टम समझ लीजिये! एक ऐसा देश जहाँ सरकारी अधिकारी और नेताओं के अगर कुत्ते गुम हो जाएं तो पुरा सिस्टम लग जाता है! ये वही देश है जहाँ मंत्री के भैंस गुम होने पर वहाँ के पुरा थाना पुरे इलाके की खाख छान मार देता है! इसी देश की सरकारी बैंक के हज़ारो करोड़ रूपये लेकर लोग हवा में उड़ जाते है!और इसी भारत देश में एक गरीब आदिवासी अपने मृत बहन की कंकाल को कंधो पर लेकर मिलो पैदल चल बैंक पहुंचता है! क्योंकि वो जबतक साबित नहीं करेंगा की उसकी बहन मर चुकी है! बैंक के खाते में पड़े शोलह हज़ार रूपये उसे बैंक वाले नहीं देंगे! बंगाल आसाम चुनाव से यदि फुरसत मिल गया होगा तब ईस तस्वीर को भी देखिये लीजियेगा! और यदि देख ही लिए है तब जरा सोचिये की हमने अस्सी सालों में क्या पाया है! अस्सी सालों में हमारे कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति को क्या दिया है! ईस देश में झालमुड़ी से लेकर मांस तक सब की बाते होती है! लेकिन बाते उनकी नहीं होती जिनकी वोट लेकर सरकार चुनी जाती है! उड़ीसा से जो तस्वीर निकलकर सामने आई है उसे देख कर किसी भी भारतीय की आँखों में आंसू आ जायेगा!क्योंकि ईस भारत की तस्वीर को शायद काले चश्मे के भीतर लुटियन्स जोन में बाटने वाले नेता देख नहीं पाते! सरकारी बाबुओ को तो मलाई खाने की आदत सी लग गई है!ईस देश में एक गरीब आदिवासी की औकात क्या हो सकती है!ईस तस्वीर को देख कर आप समझ जायेंगे!ईस तस्वीर में आपको क्या दिख रहा है!ये जो आदमी है जो दिखने से ही गरीब दिख रहा है!उसके कंधे पर बोर में क्या हो सकता है!सोचिये उस बोर से जो दिख रहा है वो क्या है!तो सुनिए ईस गरीब से दिखने वाले आदिवासी आदमी का नाम है जीतू मुंडा! जीतू मुंडा की बहन की मौत दो महीने पहले हो गई थी!उसकी बहन ने उड़ीसा के ग्रामीण बैंक में खाता भी खुलवा रखा था!मरने से पहले उसने अपने मावेसिओं को बेच कर कुछ पैसे बैंक में जमा किये थे! क्योंकि जीतू मुंडा के बहन के पति और बेटे की मौत पहले ही हो चुकी थी !ऐसे में उसका कोई वारिस नहीं था, जीतू मुंडा अपने बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे को निकालने केलिए उड़ीसा ग्रामीण बैंक पहुंचता है! लेकिन वहाँ बैंक में मौजूद अधिकारी उनसे कहते है की उनको सबसे पहले डेथ सर्टिफिकेट लाना होगा जिससे ये साबित हो की उसकी बहन की मौत हो चुकी हो!लेकिन जीतू मुंडा अनपढ़ और अनपढ़ होने पर देश में एक लम्बी बहस हो सकती है!क्योंकि जीतू मुंडा जैसे करोड़ो ऐसे भारतीय है जो अनपढ़ है!जो ग्रामीण इलाकों में बस्ते है जंगल इलाकों में बस्ते है!पीढ़ी दर पीढ़ी से अनपढ़ ही होते आएं है!लेकिन फिलहाल इनकी बात तो किसी चुनाव में नहीं सुनाई देता है!तो अब कहानी को आगे बढ़ाते है, जीतू मुंडा बार बार बैंक की चककर काटता है!लेकिन हर बार बैंक से यही जवाब सुनने को मिलता है की आप अपनी का बहन का डेथ सर्टिफिकेट लेकर आएं तभी बैंक से पैसे मिलेंगे!हार कर जीतू मुंडा फैसला लेता है, वो अपनी बहन की मौत को साबित करना चाहता हैँ!इसी लिए वो सीधे कब्रिस्तान जाता हैँ, जहाँ उसने दो महीने पहले उसने अपनी बहन को दफनाया था!उसके मृत शरीर को बाहर निकालता हैँ!लेकिन दो महीनों में वो शव कंकाल में तब्दील हो चुका था!उसे वो बोर में डालता हैँ!अपने कंधे पर लेता हैँ और तीन किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीण बैंक के बरामदे तक पहुंचता हैँ!ग्रामीण बैंक के बरामदे में वो शव रख देता हैँ!बैंक अधिकारी ईस हरकत को देख कर हक्के बक्के हो जाते हैँ!वो अंदर से ग्रिल बंद कर देते हैँ ये खबर शहर में आग की तरह फैलती हैँ!खबर पुलिस स्टेशन तक भी पहुंच जाती हैँ!पुलिस के अधिकारी दौड़े दौड़े बैंक पहुंच जाते हैँ!और फिर जीतू को समझाने लग जाते हैँ!पुलिस के अनुसार जीतू अनपढ़ हैँ और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था!पुलिस ने उसे नियम समझाया और जल्द ही पैसे दिलाने का भरोसा दिया!पुलिस के आश्वासन के बाद जीतू दुबारा कब्रिस्तान जाता हैँ और अपनी बहन के कंकाल को फिर से दफना दिया! कहने को तो यह एक मामूली घटना हो सकती हैँ!लेकिन जरा सोचिये भारत के ग्रामीण इलाको में रहने वाले जीतू जैसे ना जाने कितने करोड़ लोग रहते हैँ! इनलोग के साथ आएं दिन सरकारी विभागों में आएं दिन इसी तरह का व्यवहार किया जाता हैँ!एक अदना सा कागज लेने केलिए इन्हे बारा बार दौड़ाया जाता हैँ!बैंक के अधिकारी भी इसी आदत से मजबूर थे! उन्होंने जीतू मुंडा को देखकर ये नहीं समझा की जीतू मुंडा की स्थिति क्या हैँ!जीतू मुंडा की मदद कैसे की जा सकती हैँ!उन्होंने जीतू मुंडा के बहन के डेथ सर्टिफिकेट लाने की बात कहीं, जबकि ग्रामीण इलाकों में आम तौर पर ये होता हैँ की किसी मौत के बाद शायद ही कोई डेथ सर्टिफिकेट बनवाता हो!जीतू मुंडा के कहानी ये बताती हैँ की भारत में कतार में खड़े आख़िरी पंक्ति में लोग ईस हालत में आज भी जी रहे हैँ! फिलहाल आप इंतजार कीजिये 4 मई का क्योंकि 4 मई को 5 राज्यों के चुनाव के नतीजे आने हैँ और उसके बाद फिर नेताओं का इंटरभिव देखिये और मजा लीजिये! धन्यवाद1
- हिसुआ में अवैध पार्किंग वसूली का विरोध: ट्रक चालक पर हमला, घंटों सड़क जाम से बाजार ठप हिसुआ बाजार में अवैध पार्किंग वसूली को लेकर बुधवार सुबह बड़ा बवाल खड़ा हो गया। गया रोड से आ रहे धान लदे ट्रक चालक द्वारा जबरन पार्किंग शुल्क देने से इनकार करने पर कथित पार्किंग एजेंट और उसके सहयोगियों ने पीछा कर चालक के साथ मारपीट की। जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड के समीप ट्रक रोककर रुपये की मांग की गई थी, लेकिन चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने बाइक से पीछा कर नवादा रोड स्थित बड़की पुल के पास ट्रक को रुकवाया और चालक पर हमला कर दिया। इस दौरान ट्रक की खिड़की तोड़कर चालक को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हमले में घायल चालक की पहचान गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित चालक ने ट्रक बीच सड़क पर खड़ा कर दिया, जिससे हिसुआ बाजार में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। सुबह-सुबह बाजार क्षेत्र में लंबा जाम लगने से आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, जाम हटवाया और घायल चालक को अस्पताल भेजा। स्थानीय लोगों ने हिसुआ नगर परिषद और प्रशासन पर अवैध वसूली रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों ने वेंडिंग जोन और बस पड़ाव के नाम पर हो रही जबरन वसूली पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- Post by Sunil Kumar journalist1
- इसे एक्सपोज करना आसान नहीं था, बड़ा चैलेंज एक्सेप्ट किया क्योंकि खबर तो सब लिखते हैं मुझे तो बस वही करना था जो कोई नहीं करता. एक ही नहीं अभी कई खुलासे बाकी हैं, कड़ी दर कड़ी हर खुलासा होगा जो आपकी रूह कपा देगा.1
- liye o apni bahan ki kabr ko khod kar kankal ko le kar bank pahunche like1
- तिलैया थाना क्षेत्र के मडुवाटाण्ड में निर्माणाधीन एक मकान में छत पर सरिया चढ़ाने के क्रम में सरिया 11 हजार हाई वोल्टेज के संपर्क में आने से मजदूर गंभीर रूप से घायल, स्थिति नाजुक।3