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अयोध्या के कथावाचक पवन देव महाराज पर अयोध्या पुलिस ने शादी का झांसा देकर दु*ष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में मुकदमा लिखे जाने के बाद पवन देव महाराज कैमरे के सामने आए और उन्होंने अपनी पूरी सच्चाई बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

11 hrs ago
user_UP 42 Ayodhya Live
UP 42 Ayodhya Live
Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

अयोध्या के कथावाचक पवन देव महाराज पर अयोध्या पुलिस ने शादी का झांसा देकर दु*ष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में मुकदमा लिखे जाने के बाद पवन देव महाराज कैमरे के सामने आए और उन्होंने अपनी पूरी सच्चाई बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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  • अयोध्या के कथावाचक पवन देव महाराज पर अयोध्या पुलिस ने शादी का झांसा देकर दु*ष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में मुकदमा लिखे जाने के बाद पवन देव महाराज कैमरे के सामने आए और उन्होंने अपनी पूरी सच्चाई बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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    अयोध्या के कथावाचक पवन देव महाराज पर अयोध्या पुलिस ने शादी का झांसा देकर दु*ष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में मुकदमा लिखे जाने के बाद पवन देव महाराज कैमरे के सामने आए और उन्होंने अपनी पूरी सच्चाई बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
    user_UP 42 Ayodhya Live
    UP 42 Ayodhya Live
    Local News Reporter सोहावल, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • प्रभु श्री राम जी के दिव्य दर्शन करने के लिए अयोध्याधाम चलने का आह्वान किया गया है। यह यात्रा करने वालों को एक अलौकिक, दिव्य और नव्य एहसास का अनुभव प्रदान करने वाली है।
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    प्रभु श्री राम जी के दिव्य दर्शन करने के लिए अयोध्याधाम चलने का आह्वान किया गया है। यह यात्रा करने वालों को एक अलौकिक, दिव्य और नव्य एहसास का अनुभव प्रदान करने वाली है।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • अयोध्या के मिल्कीपुर उपखंड अंतर्गत हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां बहुउद्देशीय सोसाइटी के सामने लगे 25 केवीए क्षमता के पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे क्षेत्र में बिजली की लगातार बढ़ रही मांग और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। मिल्कीपुर विद्युत उपखंड के एसडीओ अमित कुमार के निर्देश पर बुधवार को विद्युत विभाग की टीम ने इस ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य पूरा किया। दरअसल, क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या और गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत के कारण पुराने 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर लगातार अतिरिक्त भार पड़ रहा था। इसी वजह से आए दिन फाल्ट, लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप अधिक क्षमता वाले 63 केवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना हुई। उनका कहना है कि इस नए ट्रांसफार्मर से क्षेत्र के दर्जनों घरों और उपभोक्ताओं को अब सुचारु और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी, साथ ही बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के दौरान लाइनमैन अमीष कुमार, सहायक सुशील कुमार और एससीओ प्रवीण कुमार सहित विद्युत विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया है।
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    अयोध्या के मिल्कीपुर उपखंड अंतर्गत हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां बहुउद्देशीय सोसाइटी के सामने लगे 25 केवीए क्षमता के पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर उसकी जगह 63 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे क्षेत्र में बिजली की लगातार बढ़ रही मांग और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।

मिल्कीपुर विद्युत उपखंड के एसडीओ अमित कुमार के निर्देश पर बुधवार को विद्युत विभाग की टीम ने इस ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य पूरा किया। दरअसल, क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या और गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत के कारण पुराने 25 केवीए ट्रांसफार्मर पर लगातार अतिरिक्त भार पड़ रहा था। इसी वजह से आए दिन फाल्ट, लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं।

विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप अधिक क्षमता वाले 63 केवीए ट्रांसफार्मर की स्थापना हुई। उनका कहना है कि इस नए ट्रांसफार्मर से क्षेत्र के दर्जनों घरों और उपभोक्ताओं को अब सुचारु और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी, साथ ही बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के दौरान लाइनमैन अमीष कुमार, सहायक सुशील कुमार और एससीओ प्रवीण कुमार सहित विद्युत विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताया है।
    user_प्रभारी राकेश कुमार मिश्र
    प्रभारी राकेश कुमार मिश्र
    Press advisory मिल्कीपुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल के ग्राम सिड़हिर नरसिंहपुर मसौधा से सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी 'खेत बचाओ अभियान' योजना सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। जमीनी हकीकत में किसानों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा, जिससे ऐसे आयोजनों का औचित्य सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बिना किसी ठोस प्लानिंग के एक छोटे से हॉल में यह आयोजन केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए किया, जहाँ बोर्ड पर लिखे बड़े-बड़े वादे और निर्देश सिर्फ हवा में तैरते दिखे। कार्यक्रम की व्यवस्था, बजट और किसानों के जलपान पर सवाल पूछे जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने "हमें नहीं पता" कहकर अपनी अज्ञानता जाहिर कर दी। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) दीपांशु सिंह ने पहले तो 150 लोगों की मौजूदगी का दावा किया, लेकिन कैमरे पर छोटे हॉल में कुर्सियों की कमी का सवाल उठने पर उन्होंने अपना जवाब तुरंत बदल दिया और कहने लगे कि लोग आ-जा रहे हैं, जो उनकी गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया को दर्शाता है। सरकारी पत्रावली के अनुसार, इस अभियान का असली मकसद "स्वस्थ मिट्टी-स्वस्थ फसल-समृद्ध किसान" था। इसके तहत अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी की जांच करवाने, रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कम करने, हरी और जैविक खाद अपनाने तथा सूखे जैसी खराब परिस्थितियों में खरीफ की फसलों को बचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना था। पत्रावली में दावा किया गया था कि हर कार्यक्रम में कम से कम 250 से 300 किसानों को बुलाकर जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं, ग्रामीण परिवारों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाने के तेल का उपयोग 10 प्रतिशत तक कम करने और जरूरतमंद किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलवाने का लक्ष्य भी था। हालांकि, धरातल पर सच्चाई इसके ठीक उलट दिखी, जहाँ सैकड़ों किसानों के हुजूम के बजाय एक ढंग की बैठक तक आयोजित नहीं हो पाई। डिजिटल इंडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के दावों की पोल तब और खुल गई जब कार्यक्रम में मौजूद एक युवा ने कैमरे पर बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा तो गया है, लेकिन उसे कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तथाकथित जागरूकता कार्यक्रम में किसानों से ज्यादा छोटे बच्चे दिखाई दिए, और जब वहां मौजूद लोगों तथा किसानों से योजना का नाम और उद्देश्य पूछा गया तो वे कुछ भी बता नहीं पाए। प्रधान ने व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना देने का बहाना बनाया, जबकि ग्रामीण इलाकों के कई किसान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर हैं। हद तो तब हो गई जब किसानों की जगह बच्चों को बिठाकर उनसे संकल्प दिलाए जा रहे थे, ताकि कागजों पर संख्या पूरी दिखाई जा सके। इस गंभीर बदइंतजामी पर तहसील प्रशासन और एसडीएम ने भी मामले को कृषि विभाग पर टालते हुए केवल जांच का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना को अधिकारियों की लापरवाही मटियामेट कर रही है। यह पूरा आयोजन सरकारी अभियान का मजाक बनकर रह गया है, जिसे देखकर हंसी भी आती है और तरस भी। अब क्षेत्र के जागरूक लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि इस 'व्हाट्सएप चलाओ अभियान' और सरकारी धन की बर्बादी पर जिला प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
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    जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल के ग्राम सिड़हिर नरसिंहपुर मसौधा से सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी 'खेत बचाओ अभियान' योजना सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। जमीनी हकीकत में किसानों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा, जिससे ऐसे आयोजनों का औचित्य सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बिना किसी ठोस प्लानिंग के एक छोटे से हॉल में यह आयोजन केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए किया, जहाँ बोर्ड पर लिखे बड़े-बड़े वादे और निर्देश सिर्फ हवा में तैरते दिखे। कार्यक्रम की व्यवस्था, बजट और किसानों के जलपान पर सवाल पूछे जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने "हमें नहीं पता" कहकर अपनी अज्ञानता जाहिर कर दी। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) दीपांशु सिंह ने पहले तो 150 लोगों की मौजूदगी का दावा किया, लेकिन कैमरे पर छोटे हॉल में कुर्सियों की कमी का सवाल उठने पर उन्होंने अपना जवाब तुरंत बदल दिया और कहने लगे कि लोग आ-जा रहे हैं, जो उनकी गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया को दर्शाता है।

सरकारी पत्रावली के अनुसार, इस अभियान का असली मकसद "स्वस्थ मिट्टी-स्वस्थ फसल-समृद्ध किसान" था। इसके तहत अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी की जांच करवाने, रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कम करने, हरी और जैविक खाद अपनाने तथा सूखे जैसी खराब परिस्थितियों में खरीफ की फसलों को बचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना था। पत्रावली में दावा किया गया था कि हर कार्यक्रम में कम से कम 250 से 300 किसानों को बुलाकर जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं, ग्रामीण परिवारों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाने के तेल का उपयोग 10 प्रतिशत तक कम करने और जरूरतमंद किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलवाने का लक्ष्य भी था। हालांकि, धरातल पर सच्चाई इसके ठीक उलट दिखी, जहाँ सैकड़ों किसानों के हुजूम के बजाय एक ढंग की बैठक तक आयोजित नहीं हो पाई।

डिजिटल इंडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के दावों की पोल तब और खुल गई जब कार्यक्रम में मौजूद एक युवा ने कैमरे पर बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा तो गया है, लेकिन उसे कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तथाकथित जागरूकता कार्यक्रम में किसानों से ज्यादा छोटे बच्चे दिखाई दिए, और जब वहां मौजूद लोगों तथा किसानों से योजना का नाम और उद्देश्य पूछा गया तो वे कुछ भी बता नहीं पाए। प्रधान ने व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना देने का बहाना बनाया, जबकि ग्रामीण इलाकों के कई किसान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर हैं। हद तो तब हो गई जब किसानों की जगह बच्चों को बिठाकर उनसे संकल्प दिलाए जा रहे थे, ताकि कागजों पर संख्या पूरी दिखाई जा सके। इस गंभीर बदइंतजामी पर तहसील प्रशासन और एसडीएम ने भी मामले को कृषि विभाग पर टालते हुए केवल जांच का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना को अधिकारियों की लापरवाही मटियामेट कर रही है। यह पूरा आयोजन सरकारी अभियान का मजाक बनकर रह गया है, जिसे देखकर हंसी भी आती है और तरस भी। अब क्षेत्र के जागरूक लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि इस 'व्हाट्सएप चलाओ अभियान' और सरकारी धन की बर्बादी पर जिला प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    3 hrs ago
  • सुल्तानपुर पुलिस ने टावरों में लगी महंगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ जनपद के आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे, जिनमें कोतवाली देहात और अखंडनगर भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने सुल्तानपुर के अलावा जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे अन्य जनपदों में भी टावर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले लखनऊ में ठहरकर टावरों की रेकी करते थे और खास तौर पर ऐसे टावरों को निशाना बनाते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते थे। चोरी की गई महंगी डिवाइसों को दिल्ली में बेचा जाता था, और पुलिस अब उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पहले भी गाजियाबाद में जेल जा चुके हैं। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए गिरोह की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया है। पुलिस फिलहाल चोरी के सामान की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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    सुल्तानपुर पुलिस ने टावरों में लगी महंगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ जनपद के आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे, जिनमें कोतवाली देहात और अखंडनगर भी शामिल हैं।

जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने सुल्तानपुर के अलावा जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे अन्य जनपदों में भी टावर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले लखनऊ में ठहरकर टावरों की रेकी करते थे और खास तौर पर ऐसे टावरों को निशाना बनाते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते थे। चोरी की गई महंगी डिवाइसों को दिल्ली में बेचा जाता था, और पुलिस अब उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पहले भी गाजियाबाद में जेल जा चुके हैं। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए गिरोह की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया है। पुलिस फिलहाल चोरी के सामान की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
    user_Sarveshpandey
    Sarveshpandey
    Faizabad, Ayodhya•
    6 hrs ago
  • अयोध्या जनपद में 8 जून से शुरू हुई पुलिस भर्ती परीक्षा बुधवार को शांतिपूर्ण और सकुशल तरीके से संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे, विशेषकर अंतिम दिन परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इनमें केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती, अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश देना, सीसीटीवी निगरानी, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती और लगातार निरीक्षण के माध्यम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखना शामिल था। तीन दिनों तक जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से अभ्यर्थियों के व्यवस्थित निकास की व्यवस्था भी की गई, जिससे यातायात सुचारु बना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी बड़ी अव्यवस्था या गड़बड़ी की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई और सभी केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई गई।
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    अयोध्या जनपद में 8 जून से शुरू हुई पुलिस भर्ती परीक्षा बुधवार को शांतिपूर्ण और सकुशल तरीके से संपन्न हो गई। तीन दिनों तक चली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे, विशेषकर अंतिम दिन परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इनमें केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती, अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश देना, सीसीटीवी निगरानी, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती और लगातार निरीक्षण के माध्यम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखना शामिल था।

तीन दिनों तक जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से अभ्यर्थियों के व्यवस्थित निकास की व्यवस्था भी की गई, जिससे यातायात सुचारु बना रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी बड़ी अव्यवस्था या गड़बड़ी की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई और सभी केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई गई।
    user_Arvind Kumar yadav
    Arvind Kumar yadav
    Media company फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अयोध्याधाम को एक अत्यंत सुंदर और दिव्य स्थल के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ हर किसी को एक नई और अलौकिक अनुभूति का एहसास होता है। यह अनुभव विशेष रूप से प्रभु श्री राम जी की अवधपुरी में प्राप्त हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। यह आह्वान किया गया है कि सभी अयोध्याधाम चलें और इस अद्वितीय अनुभव को प्राप्त करें।
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    अयोध्याधाम को एक अत्यंत सुंदर और दिव्य स्थल के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ हर किसी को एक नई और अलौकिक अनुभूति का एहसास होता है। यह अनुभव विशेष रूप से प्रभु श्री राम जी की अवधपुरी में प्राप्त हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। यह आह्वान किया गया है कि सभी अयोध्याधाम चलें और इस अद्वितीय अनुभव को प्राप्त करें।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • एक संदेश के माध्यम से सभी सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया गया।
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    एक संदेश के माध्यम से सभी सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया गया।
    user_आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
    आशीष श्रीवास्तव सभासद BJP
    आशीष श्रीवास्तव सभासद भारतीय जनता पार्टी Sohawal, Ayodhya•
    9 hrs ago
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