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बिहार में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
SATYAM RAJA
बिहार में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।
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- बिहार में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।1
- सहरसा सहित पूरे देश में युवाओं के बीच कफ सिरप का जानलेवा नशा तेज़ी से पैर पसार रहा है। बीमारी ठीक करने के काम आने वाली कफ सिरप (Dextromethorphan + Chlorpheniramine Maleate) की बोतलें अब बिना किसी बीमारी के ही घरों में आ रही हैं, जो नई पीढ़ी के लिए 'मौत का घूंट' साबित हो रही हैं। चंद रुपयों के मुनाफे के लिए बिना पर्चे के बिकने वाली ये दवाइयाँ हँसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रही हैं। कफ सिरप का यह नशा शरीर को गंभीर नुकसान पहुँचा रहा है, जिससे युवाओं के लिवर और किडनी फेल हो रहे हैं और वे मानसिक पागलपन (Toxic Psychosis) का शिकार बन रहे हैं। इस भयानक स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल उठाया गया है कि प्रशासन आखिर कब जागेगा और माता-पिता कब सावधान होंगे? 'सहरसा लाइव न्यूज़' की इस विशेष आंखें खोल देने वाली रिपोर्ट के माध्यम से माता-पिता से अपने बच्चों को बचाने और उनके बदलते बर्ताव पर पैनी नज़र रखने की अपील की गई है। इस गंभीर खतरे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए इसे ज़्यादा से ज़्यादा साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- सहरसा जिले के सत्तर कटेया प्रखंड में डिग्री कॉलेज के मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया है।1
- बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान में दारू माफियाओं के खिलाफ ग्रामीण लोगों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने दारू माफियाओं के खिलाफ खड़े रहने की शपथ खाई और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।1
- सहरसा जिले में बैजनाथपुर के मनोहर हाई स्कूल से सौर बाजार जाने वाला बाईपास सड़क मार्ग वर्षों से बेहद जर्जर बना हुआ है। इस बदहाल रास्ते के कारण अब तक कई वाहन चालक गंभीर दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं, जिन्हें अस्पताल तक की शरण लेनी पड़ी है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि बैजनाथपुर चौक की बदतर स्थिति को देखते हुए अब यह बाईपास सड़क मार्ग ही मुख्य मार्ग बनता जा रहा है। सौर बाजार, सोनवर्षा राज, पतरघट समेत अन्य जगहों पर जाने के लिए सभी वाहन चालक इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि कई अधिकारियों के वाहन भी इसी जर्जर सड़क से गुजरते हैं, फिर भी इसका निर्माण कार्य न कराया जाना घोर चिंता को दर्शाता है। यदि समय रहते इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में न जाने और कितने वाहन चालक हादसों का शिकार हो सकते हैं।1
- दरभंगा के बिरौल अंतर्गत तालिवपुर में बिजली का करंट लगने से एक किसान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक किसान के गाँव में कोहराम मच गया है।1
- मधेपुरा अनुमंडल क्षेत्र में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अब पेट्रोल पंपों से बोतल, केन, गैलन या किसी भी खुले पात्र में पेट्रोल और डीजल बेचने पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य किसी भी बड़ी आगजनी या हादसे को रोकना है। हालांकि, धान की रोपनी के इस मौसम में प्रशासन के इस फैसले से खेतों में काम कर रहे किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि उनके लिए ट्रैक्टर और पंपसेट को बार-बार पेट्रोल पंप तक ले जाना आसान नहीं है। एसडीएम संतोष कुमार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के नियमों के अनुसार प्लास्टिक या कांच की बोतलों सहित किसी भी खुले पात्र में ज्वलनशील पदार्थ रखना और देना सुरक्षा मानकों के सख्त खिलाफ है। हाल के दिनों में कई पेट्रोल पंपों पर खुले बर्तनों में ईंधन बेचे जाने की जानकारी मिली थी, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ था। नए नियमों के तहत अब केवल वाहनों की फ्यूल टैंक में ही सीधे ईंधन भरा जाएगा। इसके साथ ही, सभी पेट्रोल पंप संचालकों को अपने परिसर में हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में "बोतल में पेट्रोल देना सख्त मना है" लिखा चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन के इस फैसले का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ता दिखाई दे रहा है, जो वर्षों से खेतों में चल रहे ट्रैक्टरों और पंपसेटों के लिए गैलन और केन के जरिए डीजल ले जाते थे। अब उन्हें या तो अपनी मशीनों को पेट्रोल पंप तक लाना होगा या फिर कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। इस बीच, एसडीएम ने कड़ी चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और पेट्रोलियम नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा भी शामिल है। मामले को लेकर मधेपुरा के माया एचपी के संचालक विभांशु कुमार का पक्ष भी सामने आया है। अब देखना होगा कि यह सख्त आदेश जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है और प्रशासन किसानों की व्यावहारिक समस्याओं का क्या समाधान निकालता है।4
- सहरसा जिले के नौहट्टा अंतर्गत चंद्रयान पंचायत के एकाढ़ वार्ड नंबर 4 में बरसात के मौसम में ग्रामीणों को आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ के ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी नेता यहाँ उनकी सुध लेने, उनकी जरूरतों को समझने और समस्याओं को सुलझाने के लिए नहीं आता है। नेताओं की इसी उपेक्षा के बीच ग्रामीणों ने माँग की है कि एकाढ़ वार्ड नंबर 4 में एक अच्छी और मजबूत सड़क के निर्माण का कार्य किया जाए।1