भीलवाड़ा शहर में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे नारायणी माता सर्कल के पास तेज रफ्तार बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस हादसे के बाद ट्रैक्टर का चालक मौके से फरार हो गया। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के समय कोई भी राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली बहुत तेज गति से गुजर रही थी, और मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके परिणामस्वरूप बजरी से लदी ट्रॉली सहित ट्रैक्टर सड़क पर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही सुभाष नगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीधा करवाकर जब्त कर लिया और उसे थाने ले गई। पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है और मामले की आगे की जाँच कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
भीलवाड़ा शहर में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे नारायणी माता सर्कल के पास तेज रफ्तार बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस हादसे के बाद ट्रैक्टर का चालक मौके से फरार हो गया। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के समय कोई भी राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली बहुत तेज गति से गुजर रही थी, और मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके परिणामस्वरूप बजरी से लदी ट्रॉली सहित ट्रैक्टर सड़क पर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही सुभाष नगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को सीधा करवाकर जब्त कर लिया और उसे थाने ले गई। पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है और मामले की आगे की जाँच कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
- राष्ट्रीय बजरंग दल की भीलवाड़ा इकाई ने टोंक में सामने आए लव जिहाद के एक मामले में एक माँ को न्याय दिलवाया है। बजरंग दल ने इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर माँ के लिए न्याय सुनिश्चित किया।1
- राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर के निर्देशानुसार, राज्य स्तरीय "महिला सुरक्षा संकल्प – Safety and Dignity for Every Woman" अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में बुधवार को एक संवाद एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना, साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और राजस्थान पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। समारोह में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका से जुड़ी महिलाएं, साथिन, एनएसएस व एनसीसी स्वयंसेवक, महिला अधिवक्ता, आशा सहयोगिनी, शिक्षिकाएं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिला वॉलंटियर्स सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 25 महिला वॉलंटियर्स एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इन सभी सम्मानित महिलाओं को प्रशस्ति पत्र सौंपे और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, आत्मरक्षा, महिला अधिकारों, हेल्पलाइन सेवाओं एवं पुलिस द्वारा संचालित जनजागरूकता अभियानों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद आयोजित किया गया। अधिकारियों ने महिला वॉलंटियर्स की अहम भूमिका की सराहना करते हुए जोर दिया कि पुलिस और समाज की साझेदारी से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है, और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान निरंतर जारी रहेंगे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीवाईएसपी मुख्यालय बृजेश सिंह, डीवाईएसपी कपासन हरिश भारती, डीवाईएसपी बेगूं अंजली सिंह, एएचटीयू प्रभारी सुनीता गुर्जर, साइबर थाना प्रभारी मधु कंवर, महिला थाना प्रभारी शीतल गुर्जर सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- विप्र सेना संगठन का विस्तार हुआ है, जिसके तहत उदयपुर देहात में नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। इस कार्यकारिणी में भूपेश चौबीसा को जिला उपाध्यक्ष और कीर्तन पंड्या को मीडिया प्रभारी बनाया गया है। इनके अलावा भी कई अन्य पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया है।1
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भीलवाड़ा जिले में एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लग्जरी और स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव रश्मि आर्य ने आमजन से अपील की है कि वे बस में सफर करने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच अवश्य करें। यात्रियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बस में इमरजेंसी एग्जिट, दोनों ओर निकास द्वार, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी हैमर जैसी आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध और कार्यशील हों। उन्होंने जोर दिया कि यदि किसी बस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी दिखाई दे, तो ऐसी बस में यात्रा करने से बचें और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें, क्योंकि यात्रियों की थोड़ी सी जागरूकता किसी बड़े हादसे को टाल सकती है। सचिव रश्मि आर्य ने बस संचालकों से भी सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का पूर्ण पालन करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- श्रीगंगानगर में हुए नाबालिग बालिका दुष्कर्म प्रकरण से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और बालिका की मृत्यु संबंधी खबरें पूरी तरह से भ्रामक, असत्य और अफवाह हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और उन्हें साझा न करें। पुलिस नियंत्रण कक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर कितने पति अपनी पत्नियों द्वारा मारे जाएंगे। इसी संदर्भ में यह जानकारी भी सामने आई है कि हर साल 82000 हजार लोग आत्महत्या कर रहे हैं।1
- झूठे आरोप किसी भी निर्दोष व्यक्ति की पूरी ज़िंदगी तबाह कर सकते हैं, और इस पीड़ा को वही समझ सकता है जिस पर यह बीती हो। ऐसे आरोपों के कारण व्यक्ति को वर्षों तक सामाजिक प्रताड़ना, अपमान और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह तो अच्छा हुआ कि किसी पुजारी के संदर्भ में भगवान की दया से सच सामने आ गया, वरना उन्हें भी खुद को निर्दोष साबित करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता। एक झूठा आरोप केवल व्यक्ति की प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, सम्मान और मानसिक शांति को भी गहरा आघात पहुँचा सकता है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए यह मांग की गई है कि यदि जांच या न्यायालय में यह सिद्ध हो जाए कि किसी ने जानबूझकर झूठा आरोप लगाया था, तो ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर दंड का प्रावधान होना चाहिए। यह कदम निर्दोष लोगों की रक्षा करेगा, झूठे मामलों पर अंकुश लगाएगा और वास्तविक पीड़ितों को भी न्याय मिलने में सहायता करेगा। दरअसल, न्याय तभी पूर्ण माना जाएगा, जब दोषी को दंड मिले और निर्दोष की गरिमा की भी समान रूप से रक्षा हो।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने स्वयं स्वीकार किया है कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद, पुलिस विभाग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के बजाय खामोश बैठा है। यह प्रकरण ग्राम बानसेन थाना भदेसर निवासी नारायण लाल लढ्ढा द्वारा राजसम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत संख्या 072606727584938 से संबंधित है। परिवादी ने आरोप लगाया था कि 24 जनवरी 2025 को न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। दिनांक 4 जुलाई 2026 को सीएमओ राजस्थान ने इस परिवाद पर टिप्पणी दर्ज की, जिसमें कहा गया कि परिवादी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से असंतुष्ट है, और पुलिस आरोपी को बचाने के चक्कर में इसे 132 का प्रकरण बता रही है, जबकि यह मामला 24 जनवरी 2025 का है और 132 का प्रकरण 6 सितंबर 2024 का है। इसके बाद, 6 जुलाई 2026 को चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक ने स्वयं प्रकरण दर्ज करने और अनुसंधान जारी रखने का आदेश दिया। हालांकि, पुलिस थाना भदेसर द्वारा आदेश के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर संख्या 112/2025 दर्ज नहीं की गई। राज.सम्पर्क 072606727487736 में डीवाईएसपी भदेसर ने भी 24.01.25 को माननीय न्यायालय के स्टे आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को स्वीकार किया है। इस पर, परिवादी नारायण लाल ने 7 जुलाई 2026 को एसपी, आईजी उदयपुर, डीएम चित्तौड़गढ़ और सीजेएम चित्तौड़गढ़ को मेल भेजकर 2 घंटे में एफआईआर नंबर उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो वे उच्च न्यायालय जोधपुर में अवमानना याचिका दायर करेंगे। इस संबंध में जब एसपी कार्यालय चित्तौड़गढ़ और थाना भदेसर के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका और उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से संबंधित एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया गया है। इस अपडेट के अनुसार, मनरेगा के कार्य समय में बदलाव किया गया है। यह अपडेट 125 दिन के रोजगार, ₹300 की मजदूरी दर, योजना के नए नामों और रविवार के अवकाश से जुड़ी पूरी सच्चाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है।1