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एलजी सिन्हा ने आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए की गई फूलप्रूफ व्यवस्थाओं हेतु सुरक्षा एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई ठोस तैयारियों से यात्रा की सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित होगा।
Sanam Aijaz
एलजी सिन्हा ने आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए की गई फूलप्रूफ व्यवस्थाओं हेतु सुरक्षा एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई ठोस तैयारियों से यात्रा की सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित होगा।
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- जम्मू-कश्मीर सरकार ने शनिवार, 28 जून को बैकडोर भर्ती के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सरकार ने दृढ़ता से कहा है कि सरकारी विभागों में सभी नियुक्तियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर और स्थापित भर्ती प्रक्रियाओं के अनुसार ही की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने स्पष्ट किया कि सरकार ने एक पारदर्शी और योग्यता-आधारित भर्ती नीति अपनाई है। उन्होंने बैकडोर नियुक्तियों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि प्रत्येक भर्ती निर्धारित कानूनी और संस्थागत तंत्रों के माध्यम से की जाती है, जिससे पात्र उम्मीदवारों के लिए निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित होते हैं। इस बीच, मंत्री सक़ीना इत्तू ने बताया कि आउटसोर्सिंग को सरकारी भर्ती के रूप में गलत नहीं समझना चाहिए। उन्होंने समझाया कि आउटसोर्सिंग केवल तात्कालिक परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है और यह सरकारी सेवा में नियमित नियुक्तियों के बराबर नहीं है। सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और योग्यता-आधारित भर्ती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे उम्मीदवारों को यह आश्वासन दिया गया कि कोई भी नियुक्ति स्थापित कानूनी ढांचे से बाहर नहीं की जा रही है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि प्रशासन सभी विभागों में निष्पक्ष और विश्वसनीय भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।1
- नूरपुर से 'चला नूरपुर बदलाव की ओर' अभियान के तहत रंजीत बक्शी जनकल्याण सभा के अध्यक्ष अकील बक्शी ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नूरपुर के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़ी अपनी प्राथमिकताओं को विस्तार से साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर नूरपुर को विकास की एक नई दिशा देना है। बक्शी ने हाल ही में संपन्न हुए जिला परिषद चुनाव का भी जिक्र किया, जिसमें उनकी संस्था ने दो उम्मीदवार उतारे थे। उन्होंने बताया कि इन उम्मीदवारों को जनता का भरपूर प्यार, समर्थन और आशीर्वाद मिला, जिसके लिए उन्होंने नूरपुर की जनता का आभार व्यक्त किया। अकील बक्शी ने जोर दिया कि चुनाव परिणाम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और जनता का हर फैसला सर्वोपरि होता है। उन्होंने वर्तमान में नूरपुर क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बताया। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है, क्योंकि दुर्भाग्य से अधिकांश जनप्रतिनिधियों का ध्यान इन मूलभूत विषयों पर नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के मजबूत होने से ही समाज भी मजबूत होगा, और शिक्षा हर सपने की नींव है जो बच्चों व युवाओं के भविष्य के साथ-साथ क्षेत्र व देश का भी उज्ज्वल भविष्य तैयार करेगी। इसलिए, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। अकील बक्शी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जनता की सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है और वे इस धर्म का पालन राजनीति से ऊपर उठकर करते रहेंगे। उनका लक्ष्य किसी पद या सत्ता की प्राप्ति नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि वह नूरपुर की जनता की समस्याओं को करीब से समझते हैं और इन्हीं के समाधान के लिए राजनीति में आए हैं। उनका प्रयास रहेगा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाए और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास किया जाए। अंत में, अकील बक्शी ने नूरपुर की जनता से सहयोग और विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव है और सभी के सहयोग से नूरपुर को एक नई पहचान दिलाई जा सकती है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऊना में अपना अभ्यास वर्ग शुरू कर दिया है। इस अभ्यास वर्ग का मुख्य उद्देश्य 'मिशन 2027' की रणनीतियों पर गहन मंथन करना है।1
- ऊना शहर के जेएस प्लाजा होटल के समीप सोमवार सुबह एक बिजली के खंभे में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते खंभे से धुआं और तेज लपटें उठने लगीं, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिन्होंने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। विभाग की इस मुस्तैदी के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया, और आसपास की दुकानों व अन्य संपत्तियों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसके वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए अभी जांच की जा रही है। घटना के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन अग्निशमन विभाग की समय पर कार्रवाई से स्थिति को जल्द ही सामान्य कर दिया गया।1
- एलजी सिन्हा ने आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए की गई फूलप्रूफ व्यवस्थाओं हेतु सुरक्षा एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई ठोस तैयारियों से यात्रा की सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित होगा।1
- कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में एक प्रसूता महिला की डिलीवरी के 24 घंटे बाद हुई मौत के मामले में जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों और अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।1
- हमीरपुर जिले के नादौन में व्यास नदी पर बने पुल पर मानसून की पहली ही बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। रविवार रात से शुरू होकर सोमवार सुबह तेज हुई हल्की बारिश के कारण पुल पर लगभग तीन फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे दोनों ओर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया और वाहनों के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी आवाजाही लगभग असंभव हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है, क्योंकि पिछले वर्ष बरसात में भी पुल पर कई बार जलभराव हुआ था, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया। इस वर्ष भी मानसून से पहले न तो उचित ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया और न ही वर्षा जल को पुल से दूर ले जाने के लिए नालियों का निर्माण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नादौन शहर का वर्षा जल सीधे पुल पर जमा हो रहा है। कांगड़ा और हमीरपुर जिलों को जोड़ने वाला यह पुल हजारों लोगों की आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग है। पहली ही बारिश में इस तरह के जलभराव ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल पर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था जल्द से जल्द करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मानसून में भारी बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो सकते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।1