MP PSC की परीक्षा में रुचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल, एमपीपीएससी की परीक्षा में रूचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल उमरिया जिले का नाम किया रोशन मध्य प्रदेश उमरिया । जिले के नौरोजाबाद निवासी रूचि तिवारी ने एमपीपीएससी की परीक्षा में उप कुल सचिव पद के सामान्य वर्ग की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। सामान्य परिवार से आने वाली रूचि ने घर में ही रहकर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी की और असिस्टेंट रजिस्टार पद के लिए तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले के साथ ही अपने परिवार का नाम रोशन किया है। रूचि बताती है कि उन्होने औसतन 6 से 7 घंटे की मेहनत की । वह मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रही थी । इसी बीच असिस्टेंट रजिस्टार का पद एमपीपीएससी से ही विज्ञापित हुआ । उन्होने अपनी मेहनत और लगन से इस पद के सामान्य वर्ग की सीट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रूचि तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा नौरोजाबाद में ही हुई। इसके बाद उन्होने जबलपुर के जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की और घर में ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने लगी। रूचि तिवारी के पिता श्री राजेंद्र तिवारी एक सामान्य परिवार से आते है । वह अपनी बेटी की मेहनत और लगन से प्राप्त की गई उपलब्धि पर आल्हादित है। रूचि की उपलब्धि पर स्व0 श्री रतन लाल मालवीय हायर सेकेण्डरी स्कूल के शिक्षकों सहित संपूर्ण नौरोजाबाद नगर में खुशी का माहौल है। रूचि की सफलता से क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मेहनत से आगें बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
MP PSC की परीक्षा में रुचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल, एमपीपीएससी की परीक्षा में रूचि तिवारी ने उप कुल सचिव पद के लिए किया तीसरा स्थान हासिल उमरिया जिले का नाम किया रोशन मध्य प्रदेश उमरिया । जिले के नौरोजाबाद निवासी रूचि तिवारी ने एमपीपीएससी की परीक्षा में उप कुल सचिव पद के सामान्य वर्ग की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। सामान्य परिवार से आने वाली रूचि ने घर में ही रहकर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी की और असिस्टेंट रजिस्टार पद के लिए तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले के साथ ही अपने परिवार का नाम रोशन किया है। रूचि बताती है कि उन्होने औसतन 6 से 7 घंटे की मेहनत की । वह मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रही थी । इसी बीच असिस्टेंट रजिस्टार का पद एमपीपीएससी से ही विज्ञापित हुआ । उन्होने अपनी मेहनत और लगन से इस पद के सामान्य वर्ग की सीट में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रूचि तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा नौरोजाबाद में ही हुई। इसके बाद उन्होने जबलपुर के जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की और घर में ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी करने लगी। रूचि तिवारी के पिता श्री राजेंद्र तिवारी एक सामान्य परिवार से आते है । वह अपनी बेटी की मेहनत और लगन से प्राप्त की गई उपलब्धि पर आल्हादित है। रूचि की उपलब्धि पर स्व0 श्री रतन लाल मालवीय हायर सेकेण्डरी स्कूल के शिक्षकों सहित संपूर्ण नौरोजाबाद नगर में खुशी का माहौल है। रूचि की सफलता से क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मेहनत से आगें बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
- कलेक्टर के दौरे में स्कूल में नहीं मिली पढ़ाई, PHC में मरीजों ने लगाई दोपहर बाद इलाज न मिलने की शिकायत* *कलेक्टर के दौरे में स्कूल में नहीं मिली पढ़ाई, PHC में मरीजों ने लगाई दोपहर बाद इलाज न मिलने की शिकायत* आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी -उमरिया।जिले के पाली विकासखंड में शुक्रवार को कलेक्टर ने स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं। प्राथमिक स्कूल बेली में बच्चों से बातचीत के दौरान कलेक्टर ने उनसे किताब पढ़ने को कहा, लेकिन बच्चे किताब नहीं पढ़ पाए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए डीसी को बच्चों की पढ़ाई में सुधार के निर्देश दिए। *बच्चों की शैक्षणिक स्थिति पर जताई नाराजगी** निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राथमिक स्कूल बेली में बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई की स्थिति जानी। बच्चों से किताब पढ़ने के लिए कहा गया, लेकिन वे किताब नहीं पढ़ पाए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। *दोपहर बाद इलाज नहीं मिलने की शिकायत** कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुड़ी का भी अचानक निरीक्षण किया। यहां मरीजों ने शिकायत की कि दोपहर 1 बजे के बाद स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं किया जाता और मरीजों को वापस भेज दिया जाता है। शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को फटकार लगाई और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। *स्कूल और आंगनवाड़ी का भी किया निरीक्षण* दौरे के दौरान कलेक्टर ने स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और आम लोगों को निर्धारित समय पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने और सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।4
- जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम पाली, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांच कराई। ग्रामीणों ने कहा कि इतने बड़े अधिकारी गांव में आकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, इससे उनमें शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।4
- कलेक्टर ने धरती आबा योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण .... कलेक्टर ने कार्यों गुणवत्तापूर्ण कराने के दिए निर्देश, व्यक्त की नाराजगी ... शहडोल 18 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने ग्राम कोटमा में धरती आबा योजना के अंतर्गत बीडीसी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने एक करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन तथा दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने गुणवत्ता विहीन कार्य होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा गुणवत्तायुक्त कार्य कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सामुदायिक भवन परिसर का समतलीकरण कराने, फेवर ब्लॉक लगाने, पहुंच मार्ग का निर्माण कराने, विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कैम्पस का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम् प्रजापति, एसडीएम श्री भागीरथी लहरें, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिन्हा तथा भवन निर्माण मंडल के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त1
- भू माफिया के खिलाफ चल रहा 15 अगस्त से धरना प्रदर्शन 3 पीड़ित द्वारा शासन के अनदेखी पर दोबारा दिया गया 3 आवेदन कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दिया आश्वासन की कार्रवाई होगी1
- डिंडौरी : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान से 3 वर्षीय यशस्वी को मिली मदद, मौके पर मिला 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण-पत्र डिंडौरी : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में आकांक्षी विकासखंड बजाग की ग्राम पंचायत बोदर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर के दौरान ग्राम बोदर निवासी 3 वर्षीय यशस्वी धुर्वे, माता फूलवती धुर्वे का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान यशस्वी का शारीरिक विकास अपेक्षानुसार नहीं पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद यशस्वी को 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र तत्काल प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यशस्वी को आगे की आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए जिला अस्पताल डिंडौरी रेफर किया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों एवं ग्रामीणों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पात्रतानुसार शासकीय सुविधाओं से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की सेवाओं और योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान एवं आवश्यक सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़े। ग्राम बोदर में यशस्वी को मौके पर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मिलने से अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रही सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ सामने आया है।3
- सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार, टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं। गलत दवा और ओवरडोज दे कर के धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार, टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं। गलत दवा और ओवरडोज दे कर के धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। मांग उठ रही है कि संभागीय कमिशनर जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्काल टीम गठित कर पाली नगर में सघन जांच अभियान चलाएं, बिना लाईसेंस के मेंडिकल स्टोर व अवैध क्लीनिक सील करें और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करें। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता। और इनके हौसले और भी बड़ते जाएगा।और जनता की जान और धन यूं ही जाती रहेगी1
- छात्रावास में खेल मैदान करें विकसित, उच्च गुणवत्ता के मटेरियल करें उपयोग :- कलेक्टर कलेक्टर ने निर्माणाधीन पॉलिटेक्निक छात्रावास का किया निरीक्षण .... शहडोल 18 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जिला मुख्यालय में निर्माणाधीन 100 सीटर पॉलिटेक्निक छात्रावास का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं परिसर में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास भवन के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा एवं सुरक्षित वातावरण को ध्यान में रखते हुए बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए की निर्माण अधिनियम छात्रावास में उपयोग होने वाले मटेरियल उच्च गुणवत्ता के हो यह सुनिश्चित करें। साथ ही परिसर में पर्याप्त संख्या में वृक्षारोपण कराने, विद्यार्थियों के खेलकूद के लिए बैडमिंटन एवं वॉलीबॉल कोर्ट विकसित करने तथा समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने परिसर में बच्चों के बैठने के लिए उपयुक्त बैठक व्यवस्था विकसित करने के भी निर्देश दिए, ताकि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को अध्ययन एवं अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। छात्रावास का निर्माण पीआईयू द्वारा लगभग 714 लाख रुपए की लागत से कराया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति अनुविभागीय, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरें, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा, कार्यपालन यंत्री पी आई यू श्री रमाकान्त पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त1