#चित्तौड़गढ़# जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें पहले एक एंड्रॉयड और एक कीपैड मोबाइल बरामद हुए। इसके दो दिन बाद फिर एक कीपैड मोबाइल दूध की थैली में छिपा हुआ मिला, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। जांच का एक अहम पहलू जेल में हुई दाल-बाटी पार्टी भी रही। जेल में बंदियों के भोजन के लिए निर्धारित भोजन सारणी में दाल-बाटी शामिल नहीं है। इसके बावजूद वीडियो में कई बंदी एक साथ दाल-बाटी खाते दिखाई दिए। वीडियो में दिखाई दे रही भोजन की मात्रा भी निर्धारित संख्या से अधिक प्रतीत हो रही है, जिससे यह जांच का विषय बन गया है कि यह भोजन बंदियों तक कैसे पहुंचा। जेलर बीना मीणा ने बताया कि वायरल वीडियो में बंदी अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि जिस दिन वीडियो बनाया गया, उस दिन जेल स्टाफ के विदाई कार्यक्रम के लिए दाल-बाटी तैयार कराई गई थी, बंदियों के लिए नहीं। मोबाइल बरामदगी, वायरल वीडियो और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर विभागीय जांच जारी है तथा आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। बताया गया कि ऊंकारलाल का तबादला पहले ही अलवर व महेंद्रसिंह का तबादला उदयपुर हो चुका है। जांच के लिए जेल विभाग ने उच्चाधिकारियों को भी भेजा था। जिला कारागृह में बंदियों द्वारा जेल परिसर में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गत 24 जुलाई को जिला कारागृह के कारापाल लोक उज्जवल सिंह राठौड़ ने प्रकरण दर्ज करवाया था। वायरल वीडियो में नजर आ रहे बंदियों से पूछताछ करने पर ए वार्ड के सेल नं. 3 में विचाराधीन बंदी मोहित पुत्र दलवीर सिंह की निशानदेही पर ए वार्ड के सेल्स के सामने एसटीडी कक्ष के अंदर स्टोर रूम से मोबाइल फोन जब्त किया। पुलिस ने बताया कि मोहित पुत्र दलवीर सिंह निवासी फरसमान खास थाना मेहम जिला रोहतक (हरियाणा), भैरूलाल गुर्जर पुत्र हेमराज निवासी दौला जी खेड़ा थाना गंगरार, सत्यनारायण पुत्र उदयराम गुर्जर निवासी बेंठा थाना गंगरार, प्रहलाद राय गुर्जर पुत्र भंवरलाल निवासी मायराघाटा थाना विजयनगर, शोभालाल पुत्र नन्दलाल उर्फ नन्दा निवासी बेंठा थाना गंगरार, विनोद गुर्जर पुत्र रतनलाल निवासी महादेव वाली गली कान्या खेड़ी थाना हमीरगढ़ जिला भीलवाड़ा, हर्षवर्धन सिंह पुत्र केसर सिंह राजपूत निवासी सिंघाना तहसील राशमी, नारायणलाल पुत्र जमनालाल सुथार निवासी जयसिंहपुरा थाना बस्सी, दशरथ पुत्र मांगीलाल गुर्जर निवासी सांगरिया थाना निकुम्भ तथा मनोहरलाल पुत्र किशनलाल जाट निवासी हाथियाना थाना कपासन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
#चित्तौड़गढ़# जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें पहले एक एंड्रॉयड और एक कीपैड मोबाइल बरामद हुए। इसके दो दिन बाद फिर एक कीपैड मोबाइल दूध की थैली में छिपा हुआ मिला, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। जांच का एक अहम पहलू जेल में हुई दाल-बाटी पार्टी भी रही। जेल में बंदियों के भोजन के लिए निर्धारित भोजन सारणी में दाल-बाटी शामिल नहीं है। इसके बावजूद वीडियो में कई बंदी एक साथ दाल-बाटी खाते दिखाई दिए। वीडियो में दिखाई दे रही भोजन की मात्रा भी निर्धारित संख्या से अधिक प्रतीत हो रही है, जिससे यह जांच का विषय बन गया है कि यह भोजन बंदियों तक कैसे पहुंचा। जेलर बीना मीणा ने बताया कि वायरल वीडियो में बंदी अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि जिस दिन वीडियो बनाया गया, उस दिन जेल स्टाफ के विदाई कार्यक्रम के लिए दाल-बाटी तैयार कराई गई थी, बंदियों के लिए नहीं। मोबाइल बरामदगी, वायरल वीडियो और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर विभागीय जांच जारी है तथा आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। बताया गया कि ऊंकारलाल का तबादला पहले ही अलवर व महेंद्रसिंह का तबादला उदयपुर हो चुका है। जांच के लिए जेल विभाग ने उच्चाधिकारियों को भी भेजा था। जिला कारागृह में बंदियों द्वारा जेल परिसर में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गत 24 जुलाई को जिला कारागृह के कारापाल लोक उज्जवल सिंह राठौड़ ने प्रकरण दर्ज करवाया था। वायरल वीडियो में नजर आ रहे बंदियों से पूछताछ करने पर ए वार्ड के सेल नं. 3 में विचाराधीन बंदी मोहित पुत्र दलवीर सिंह की निशानदेही पर ए वार्ड के सेल्स के सामने एसटीडी कक्ष के अंदर स्टोर रूम से मोबाइल फोन जब्त किया। पुलिस ने बताया कि मोहित पुत्र दलवीर सिंह निवासी फरसमान खास थाना मेहम जिला रोहतक (हरियाणा), भैरूलाल गुर्जर पुत्र हेमराज निवासी दौला जी खेड़ा थाना गंगरार, सत्यनारायण पुत्र उदयराम गुर्जर निवासी बेंठा थाना गंगरार, प्रहलाद राय गुर्जर पुत्र भंवरलाल निवासी मायराघाटा थाना विजयनगर, शोभालाल पुत्र नन्दलाल उर्फ नन्दा निवासी बेंठा थाना गंगरार, विनोद गुर्जर पुत्र रतनलाल निवासी महादेव वाली गली कान्या खेड़ी थाना हमीरगढ़ जिला भीलवाड़ा, हर्षवर्धन सिंह पुत्र केसर सिंह राजपूत निवासी सिंघाना तहसील राशमी, नारायणलाल पुत्र जमनालाल सुथार निवासी जयसिंहपुरा थाना बस्सी, दशरथ पुत्र मांगीलाल गुर्जर निवासी सांगरिया थाना निकुम्भ तथा मनोहरलाल पुत्र किशनलाल जाट निवासी हाथियाना थाना कपासन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
- जेल में रंगरैलियां मनाने का वीडियो वायरल मामला तत्कालीन जेलर सहित 4 कार्मिक निलंबित जेल डीजी ने दिया आदेश1
- #चित्तौड़गढ़# जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंदियों के मोबाइल चलाने, दाल-बाटी पार्टी करने और वीडियो वायरल होने के मामले में जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है। तत्कालीन डिप्टी जेलर ऊंकारलाल जोशी, हवलदार महेंद्र मीणा, प्रहरी रईस मोहम्मद, महिला प्रहरी सुनीता जाट सहित कुल चार कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में महिला प्रहरी सुनीता जाट ने पूछताछ के दौरान बंदियों को कीपैड मोबाइल उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। वहीं घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य कार्मिकों को लापरवाही और पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। पूरे मामले में बंदियों और जेल कर्मियों से पूछताछ जारी है। जेल में वायरल हुए तीन वीडियो में बंदी मोबाइल फोन का उपयोग करते, राजस्थानी गीतों पर नाचते और दाल-बाटी की पार्टी करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें पहले एक एंड्रॉयड और एक कीपैड मोबाइल बरामद हुए। इसके दो दिन बाद फिर एक कीपैड मोबाइल दूध की थैली में छिपा हुआ मिला, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। जांच का एक अहम पहलू जेल में हुई दाल-बाटी पार्टी भी रही। जेल में बंदियों के भोजन के लिए निर्धारित भोजन सारणी में दाल-बाटी शामिल नहीं है। इसके बावजूद वीडियो में कई बंदी एक साथ दाल-बाटी खाते दिखाई दिए। वीडियो में दिखाई दे रही भोजन की मात्रा भी निर्धारित संख्या से अधिक प्रतीत हो रही है, जिससे यह जांच का विषय बन गया है कि यह भोजन बंदियों तक कैसे पहुंचा। जेलर बीना मीणा ने बताया कि वायरल वीडियो में बंदी अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि जिस दिन वीडियो बनाया गया, उस दिन जेल स्टाफ के विदाई कार्यक्रम के लिए दाल-बाटी तैयार कराई गई थी, बंदियों के लिए नहीं। मोबाइल बरामदगी, वायरल वीडियो और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर विभागीय जांच जारी है तथा आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। बताया गया कि ऊंकारलाल का तबादला पहले ही अलवर व महेंद्रसिंह का तबादला उदयपुर हो चुका है। जांच के लिए जेल विभाग ने उच्चाधिकारियों को भी भेजा था। जिला कारागृह में बंदियों द्वारा जेल परिसर में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गत 24 जुलाई को जिला कारागृह के कारापाल लोक उज्जवल सिंह राठौड़ ने प्रकरण दर्ज करवाया था। वायरल वीडियो में नजर आ रहे बंदियों से पूछताछ करने पर ए वार्ड के सेल नं. 3 में विचाराधीन बंदी मोहित पुत्र दलवीर सिंह की निशानदेही पर ए वार्ड के सेल्स के सामने एसटीडी कक्ष के अंदर स्टोर रूम से मोबाइल फोन जब्त किया। पुलिस ने बताया कि मोहित पुत्र दलवीर सिंह निवासी फरसमान खास थाना मेहम जिला रोहतक (हरियाणा), भैरूलाल गुर्जर पुत्र हेमराज निवासी दौला जी खेड़ा थाना गंगरार, सत्यनारायण पुत्र उदयराम गुर्जर निवासी बेंठा थाना गंगरार, प्रहलाद राय गुर्जर पुत्र भंवरलाल निवासी मायराघाटा थाना विजयनगर, शोभालाल पुत्र नन्दलाल उर्फ नन्दा निवासी बेंठा थाना गंगरार, विनोद गुर्जर पुत्र रतनलाल निवासी महादेव वाली गली कान्या खेड़ी थाना हमीरगढ़ जिला भीलवाड़ा, हर्षवर्धन सिंह पुत्र केसर सिंह राजपूत निवासी सिंघाना तहसील राशमी, नारायणलाल पुत्र जमनालाल सुथार निवासी जयसिंहपुरा थाना बस्सी, दशरथ पुत्र मांगीलाल गुर्जर निवासी सांगरिया थाना निकुम्भ तथा मनोहरलाल पुत्र किशनलाल जाट निवासी हाथियाना थाना कपासन को गिरफ्तार किया जा चुका है।1
- सुनो दर्द की कहानी खुद की जुबानी आयुष हॉस्पिटल आकाशवाणी चौराहा गांधी नगर चितौड़गढ़1
- चारभुजा नाथ मंदिर में पार्किंग का ठेका देने को लेकर ग्रामीणों का विरोध तरुण जोशी राजसमंद 9414 239644 मेवाड़ के प्रसिद्ध धाम चारभुजा नाथ में पार्किंग ठेके का विरोध, खातेदारी जमीन पर देवस्थान विभाग ने दिया पार्किंग का टेंडर, चौपाइया वाहन के 100 रुपए पार्किंग शुल्क वसूले जा रहे, चारभुजा के स्थानीय लोगों सहित पुजारी वर्ग ने जताया आक्रोश,1
- डीएसटी की बड़ी कार्रवाई, 25 हजार रुपये का इनामी वांछित आरोपी गिरफ्तार। दैनिक वीरधरा राजस्थान। चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना सांचौर, जिला जालोर के आबकारी एक्ट के प्रकरण में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी फरार आरोपी नवरत्न वैष्णव को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था तथा अहमदाबाद (गुजरात) में टेम्पू चलाकर मजदूरी करते हुए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि ईनामी आरोपी गिरफ्तार करने हेतु डीएसटी के एएसआई सूरजकुमार मय जाब्ता एएसआई राजकुमार (साइबर सेल) कांस्टेबल अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, जगदीश,।रामकेश की टीम गठित की गई जरिए मुखबिर द्वारा एएसआई सूरज कुमार को सूचना मिली कि पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर के आबकारी एक्ट में फरार आरोपी नवरत्न पिता भेरू दास वैष्णव निवाशी कश्मोर थाना चंदेरिया जो वर्तमान में अहमदाबाद गुजरात में टेम्पू चलाकर मजदूरी कार्य करता है आज अपने गांव में आयेगा सूचना विश्वसनीय होने से पुलिस टीम मुताबिक सूचना मुखबिर की जगह पहुंचे जहां उक्त नवरत्न वैष्णव मिला जिसको डिटेन किया और डिटेन करने की सूचना थाना सांचौर जिला जालोर को दी गई। । आरोपी को पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर के 25,000 ईनामी होंने से नियमानुसार अग्रिम अनुसंधान हेतु पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर को सिपुर्द किया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी में पुलिस थाना सांचौर जिला जालोर के ए एस आई सुरेन्द्र सिंह एवं कांस्टेबल जयंती लाल का भी योगदान रहा।1
- न्यायालय के आदेश पर 12 महिला-पुरुषों के खिलाफ एफआईआर दर्ज राशमी में जमीन विवाद मामले में बड़ा मोड़, न्यायालय के आदेश पर 12 आरोपियों के विरुद्ध स्त्री लज्जा भंग, मारपीट, जबरन कब्जे के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज1
- नंदलाल पुरबिया रिपोर्टर न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा1