पलोकेशन : मैहर रिपोर्ट : शारदा श्रीवास्तव *मैहर मां शारदा धाम के प्राचीन 'मनोकामनेश्वर महादेव' मंदिर के गर्भगृह में जड़ा गया ताला।* *प्रशासन पर गंभीर आरोप: कलेक्टर मैहर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, भक्तों ने खोला मोर्चा।* *मंदिर और ऐतिहासिक बावली को निजी संस्था को सौंपने का आरोप।* *24 घंटे का अल्टीमेटम: ताला नहीं खुला तो खुद ताला तोड़ेंगे आक्रोशित भक्त।* मैहर, जो अपनी शक्तिपीठ माँ शारदा के लिए विश्व विख्यात है, वहाँ इस समय आस्था और प्रशासन के बीच एक बड़ा टकराव पैदा हो गया है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर माँ शारदा धाम परिसर में स्थित हजारों वर्ष पुराने प्राचीन 'मनोकामनेश्वर शिव मंदिर' में ताला लगा दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जब इस तालेबंदी पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इस कार्रवाई ने हजारों शिव भक्तों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आखिर क्यों बंद किया गया भगवान का द्वार? क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।" "ये तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। जिस द्वार पर भक्तों का तांता लगा रहता था, वहां आज प्रशासन का ताला लटका है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल ने इस प्राचीन मंदिर को बंद कर दिया है। हजारों साल पुराने इस मनोकामनेश्वर शिवलिंग की महत्ता माँ शारदा के समान ही है। मान्यता है कि माई के दर्शन तब तक अधूरे हैं, जब तक महादेव की चौखट पर मत्था न टेक लिया जाए। लेकिन नवरात्रि के समय से ही भक्तों को अपने आराध्य से दूर कर दिया गया है।" "जब मीडिया ने इस 'अज्ञात' तालेबंदी का कारण जानना चाहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने कैमरे के सामने आने से साफ मना कर दिया। प्रशासन की यह चुप्पी कई गहरे सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि यह महज व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है।" • आरोप 1: कलेक्टर ने प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक बावली को 'अटाला आर्ट' की प्रमुख अंबिका बैरी को सौंप दिया है। • आरोप 2: सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले की आशंका। • आरोप 3: बिना किसी सार्वजनिक सूचना या धार्मिक परामर्श के गर्भगृह बंद करना। "भक्तों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विरासत को सहेजने के नाम पर उसे निजी हाथों में गिरवी रखा जा रहा है। शिव भक्तों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दे दी है। उनकी मांग स्पष्ट है—ताला तुरंत खोला जाए।" "आक्रोशित शिव भक्तों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। भक्तों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में ताला नहीं खुला, तो वे स्वयं ताला तोड़कर मंदिर में प्रवेश करेंगे और वहां मानस पाठ कर विरोध दर्ज कराएंगे।" "इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और धार्मिक तूल पकड़ लिया है। एक तरफ प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी है, तो दूसरी तरफ भक्तों का अटूट विश्वास। क्या कलेक्टर महोदय इस आक्रोश को शांत कर पाएंगे? या मैहर की ये शांति किसी बड़े आंदोलन की आहट है? हम इस खबर पर लगातार बने हुए हैं। लोकेशन : मैहर रिपोर्ट : शारदा श्रीवास्तव *मैहर मां शारदा धाम के प्राचीन 'मनोकामनेश्वर महादेव' मंदिर के गर्भगृह में जड़ा गया ताला।* *प्रशासन पर गंभीर आरोप: कलेक्टर मैहर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, भक्तों ने खोला मोर्चा।* *मंदिर और ऐतिहासिक बावली को निजी संस्था को सौंपने का आरोप।* *24 घंटे का अल्टीमेटम: ताला नहीं खुला तो खुद ताला तोड़ेंगे आक्रोशित भक्त।* मैहर, जो अपनी शक्तिपीठ माँ शारदा के लिए विश्व विख्यात है, वहाँ इस समय आस्था और प्रशासन के बीच एक बड़ा टकराव पैदा हो गया है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर माँ शारदा धाम परिसर में स्थित हजारों वर्ष पुराने प्राचीन 'मनोकामनेश्वर शिव मंदिर' में ताला लगा दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जब इस तालेबंदी पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इस कार्रवाई ने हजारों शिव भक्तों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आखिर क्यों बंद किया गया भगवान का द्वार? क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।" "ये तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। जिस द्वार पर भक्तों का तांता लगा रहता था, वहां आज प्रशासन का ताला लटका है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल ने इस प्राचीन मंदिर को बंद कर दिया है। हजारों साल पुराने इस मनोकामनेश्वर शिवलिंग की महत्ता माँ शारदा के समान ही है। मान्यता है कि माई के दर्शन तब तक अधूरे हैं, जब तक महादेव की चौखट पर मत्था न टेक लिया जाए। लेकिन नवरात्रि के समय से ही भक्तों को अपने आराध्य से दूर कर दिया गया है।" "जब मीडिया ने इस 'अज्ञात' तालेबंदी का कारण जानना चाहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने कैमरे के सामने आने से साफ मना कर दिया। प्रशासन की यह चुप्पी कई गहरे सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि यह महज व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है।" • आरोप 1: कलेक्टर ने प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक बावली को 'अटाला आर्ट' की प्रमुख अंबिका बैरी को सौंप दिया है। • आरोप 2: सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले की आशंका। • आरोप 3: बिना किसी सार्वजनिक सूचना या धार्मिक परामर्श के गर्भगृह बंद करना। "भक्तों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विरासत को सहेजने के नाम पर उसे निजी हाथों में गिरवी रखा जा रहा है। शिव भक्तों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दे दी है। उनकी मांग स्पष्ट है—ताला तुरंत खोला जाए।" "आक्रोशित शिव भक्तों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। भक्तों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में ताला नहीं खुला, तो वे स्वयं ताला तोड़कर मंदिर में प्रवेश करेंगे और वहां मानस पाठ कर विरोध दर्ज कराएंगे।" "इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और धार्मिक तूल पकड़ लिया है। एक तरफ प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी है, तो दूसरी तरफ भक्तों का अटूट विश्वास। क्या कलेक्टर महोदय इस आक्रोश को शांत कर पाएंगे? या मैहर की ये शांति किसी बड़े आंदोलन की आहट है? हम इस खबर पर लगातार बने हुए हैं।
पलोकेशन : मैहर रिपोर्ट : शारदा श्रीवास्तव *मैहर मां शारदा धाम के प्राचीन 'मनोकामनेश्वर महादेव' मंदिर के गर्भगृह में जड़ा गया ताला।* *प्रशासन पर गंभीर आरोप: कलेक्टर मैहर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, भक्तों ने खोला मोर्चा।* *मंदिर और ऐतिहासिक बावली को निजी संस्था को सौंपने का आरोप।* *24 घंटे का अल्टीमेटम: ताला नहीं खुला तो खुद ताला तोड़ेंगे आक्रोशित भक्त।* मैहर, जो अपनी शक्तिपीठ माँ शारदा के लिए विश्व विख्यात है, वहाँ इस समय आस्था और प्रशासन के बीच एक बड़ा टकराव पैदा हो गया है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर माँ शारदा धाम परिसर में स्थित हजारों वर्ष पुराने प्राचीन 'मनोकामनेश्वर शिव मंदिर' में ताला लगा दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जब इस तालेबंदी पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इस कार्रवाई ने हजारों शिव भक्तों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आखिर क्यों बंद किया गया भगवान का द्वार? क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।" "ये तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। जिस द्वार पर भक्तों का तांता लगा रहता था, वहां आज प्रशासन का ताला लटका है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल ने इस प्राचीन मंदिर को बंद कर दिया है। हजारों साल पुराने इस मनोकामनेश्वर शिवलिंग की महत्ता माँ शारदा के समान ही है। मान्यता है कि माई के दर्शन तब तक अधूरे हैं, जब तक महादेव की चौखट पर मत्था न टेक लिया जाए। लेकिन नवरात्रि के समय से ही भक्तों को अपने आराध्य से दूर कर दिया गया है।" "जब मीडिया ने इस 'अज्ञात' तालेबंदी का कारण जानना चाहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने कैमरे के सामने आने से साफ मना कर दिया। प्रशासन की यह चुप्पी कई गहरे सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि यह महज व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है।" • आरोप 1: कलेक्टर ने प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक बावली को 'अटाला आर्ट' की प्रमुख अंबिका बैरी को सौंप दिया है। • आरोप 2: सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले की आशंका। • आरोप 3: बिना किसी सार्वजनिक सूचना या धार्मिक परामर्श के गर्भगृह बंद करना। "भक्तों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विरासत को सहेजने के नाम पर उसे निजी हाथों में गिरवी रखा जा रहा है। शिव भक्तों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दे दी है। उनकी मांग स्पष्ट है—ताला तुरंत खोला जाए।" "आक्रोशित शिव भक्तों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। भक्तों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में ताला नहीं खुला, तो वे स्वयं ताला तोड़कर मंदिर में प्रवेश करेंगे और वहां मानस पाठ कर विरोध दर्ज कराएंगे।" "इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और धार्मिक तूल पकड़ लिया है। एक तरफ प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी है, तो दूसरी तरफ भक्तों का अटूट विश्वास। क्या कलेक्टर महोदय इस आक्रोश को शांत कर पाएंगे? या मैहर की ये शांति किसी बड़े आंदोलन की आहट है? हम इस खबर पर लगातार बने हुए हैं। लोकेशन : मैहर रिपोर्ट : शारदा श्रीवास्तव *मैहर मां शारदा धाम के प्राचीन 'मनोकामनेश्वर महादेव' मंदिर के गर्भगृह में जड़ा गया ताला।* *प्रशासन पर गंभीर आरोप: कलेक्टर मैहर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, भक्तों ने खोला मोर्चा।* *मंदिर और ऐतिहासिक बावली को निजी संस्था को सौंपने का आरोप।* *24 घंटे का अल्टीमेटम: ताला नहीं खुला तो खुद ताला तोड़ेंगे आक्रोशित भक्त।* मैहर, जो अपनी शक्तिपीठ माँ शारदा के लिए विश्व विख्यात है, वहाँ इस समय आस्था और प्रशासन के बीच एक बड़ा टकराव पैदा हो गया है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर माँ शारदा धाम परिसर में स्थित हजारों वर्ष पुराने प्राचीन 'मनोकामनेश्वर शिव मंदिर' में ताला लगा दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जब इस तालेबंदी पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इस कार्रवाई ने हजारों शिव भक्तों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आखिर क्यों बंद किया गया भगवान का द्वार? क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।" "ये तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। जिस द्वार पर भक्तों का तांता लगा रहता था, वहां आज प्रशासन का ताला लटका है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल ने इस प्राचीन मंदिर को बंद कर दिया है। हजारों साल पुराने इस मनोकामनेश्वर शिवलिंग की महत्ता माँ शारदा के समान ही है। मान्यता है कि माई के दर्शन तब तक अधूरे हैं, जब तक महादेव की चौखट पर मत्था न टेक लिया जाए। लेकिन नवरात्रि के समय से ही भक्तों को अपने आराध्य से दूर कर दिया गया है।" "जब मीडिया ने इस 'अज्ञात' तालेबंदी का कारण जानना चाहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने कैमरे के सामने आने से साफ मना कर दिया। प्रशासन की यह चुप्पी कई गहरे सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि यह महज व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है।" • आरोप 1: कलेक्टर ने प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक बावली को 'अटाला आर्ट' की प्रमुख अंबिका बैरी को सौंप दिया है। • आरोप 2: सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले की आशंका। • आरोप 3: बिना किसी सार्वजनिक सूचना या धार्मिक परामर्श के गर्भगृह बंद करना। "भक्तों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विरासत को सहेजने के नाम पर उसे निजी हाथों में गिरवी रखा जा रहा है। शिव भक्तों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दे दी है। उनकी मांग स्पष्ट है—ताला तुरंत खोला जाए।" "आक्रोशित शिव भक्तों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। भक्तों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में ताला नहीं खुला, तो वे स्वयं ताला तोड़कर मंदिर में प्रवेश करेंगे और वहां मानस पाठ कर विरोध दर्ज कराएंगे।" "इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और धार्मिक तूल पकड़ लिया है। एक तरफ प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी है, तो दूसरी तरफ भक्तों का अटूट विश्वास। क्या कलेक्टर महोदय इस आक्रोश को शांत कर पाएंगे? 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- *सतना स्टेशन बना नशेड़ियों का अड्डा: GRP और RPF की नाक के नीचे 'गांजा पार्टी', खाकी का खौफ खत्म!*1
- मैहर शारदा मंदिर में अब नया खेल। दान पेटी के नीचे रखा गया कटोरा। टीका और प्रसाद के लिए श्रद्धालुओं को डालना होता है कटोरा में दान।1
- Post by Neeraj Ravi1
- *शारदा मंदिर में अब नया खेल।* दान पेटी के नीचे रखा गया कटोरा। टीका और प्रसाद के लिए श्रद्धालुओं को डालना होता है कटोरा में दान।1
- “तारीखों के फेर में फंसा अन्नदाता—मैहर में सड़कों पर उतरा किसान” #sntnewspinch #anndata #kisanmajdooriktazindabad #society #modikiguarantee1
- #Satna #SatnaNews #MadhyaPradesh #MPNews #BreakingNews #JusticeForWoman #SatnaPolice #CrimeNews #PatrikaNews #DainikBhaskar1
- अमरपाटन। क्षेत्र की प्रमुख गैस एजेंसी, मानसी गैस एजेंसी, इन दिनों अपनी अव्यवस्थाओं और उपभोक्ताओं के साथ हो रही बदसलूकी को लेकर सुर्खियों में है। शासन के स्पष्ट निर्देशों और एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी की सुविधा का प्रचार करने के बावजूद, जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। दिखावे की होम डिलीवरी, हकीकत में लंबी कतारें एजेंसी ने अपने विज्ञापनों और बोर्ड पर होम डिलीवरी की फोटो लगा रखी है और दावा किया जाता है कि गैस सिलेंडर घर-घर पहुँचाया जा रहा है। लेकिन असलियत यह है कि कड़कड़ाती धूप और बारिश के मौसम में भी उपभोक्ता एजेंसी के बाहर भारी मात्रा में लाइन लगाकर खड़े होने को मजबूर हैं। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। 30 रुपये अतिरिक्त वसूली का गंभीर आरोप एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और ग्राहकों का कहना है कि: "एक तरफ तो हमें खुद आकर सिलेंडर ले जाना पड़ रहा है, ऊपर से एजेंसी कर्मचारी प्रति सिलेंडर 30 रुपये अतिरिक्त (एक्स्ट्रा चार्ज) की वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर गैस न देने की धमकी दी जाती है।" प्रमुख समस्याएँ एक नजर में: होम डिलीवरी का अभाव: फोटो और विज्ञापनों तक ही सीमित है सुविधा। अवैध वसूली: निर्धारित मूल्य से 30 रुपये ज्यादा वसूलने का आरोप। घंटों इंतजार: भारी भीड़ के बावजूद वितरण व्यवस्था पूरी तरह ठप। प्रशासनिक चुप्पी: लगातार शिकायतों के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं। जनता में आक्रोश अमरपाटन के स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इस कालाबाजारी और कुप्रबंधन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि मानसी गैस एजेंसी के रिकॉर्ड की जांच की जाए और होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाए। ब्यूरो रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़, अमरपाटन1
- प्रेस नोट दिनांक – 09.04.26 थाना-नागौद जिला सतना ( म.प्र ) नागौद पुलिस को मिली बडी सफलता बारापत्थर में हत्या कर फरार आरोपी आलोक सोनी एवं सहयोग करने वाले अन्य दो आरोपी गिरफ्तार श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक महो0 एवं पुलिस उप महानिरीक्षक महो0 रीवा जोन रीवा के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक महो0अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महो0 सतना एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नागौद के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी निरी. अशोक पाण्डेय के नेतृत्व में निम्नानुसार कार्यवाही की गई – - दिनांक 06.03.26 को फरियादिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 05.03.26 को रात्रि 9.30 बजे किचन पर खाना बनाते समय पटाखा जैसे फूटने की आवाज सुनकर बाहर छत तरफ जाकर देखी तो गांव के चंदन यादव,आलोक सोनी खडे थे तथा एक लड़का मुह बांधे घर के सामने मोटर साईकल के पास खड़ा था बडे पापा बबलू यादव के घर के तरफ से चंदन यादव एवं आलोक सोनी दोनों लोग अपने अपने हाथ में बंदूक (पिस्टल) लिये थे, करीब 10 मिनट काफी लोग इकट्ठा हो गये जाकर देखी तो बडे पापा मरे पडे थे जिनके गर्दन पर, सीने में एवं कमर के पास गोली लगने जैसा निशान था,तभी दीदी वर्षा यादव बताई कि भाई राणा यादव को भी उन्ही लोगों ने राणा की दुकान में जाकर राणा के पैर में गोली मार दी है, करीब पांच दस मिनट बाद राणा यादव लंगडाते हुए घर आया जिन्हे अस्पताल ले गये रिपोर्ट पर अपराध सदर कायम कर विवेचना में लिया गया । दौरान विवेचना घटना के फरार आरोपीगणो की तलाश की गई दौरान पता तलाश घटना कारित करने वाले मुख्य आरोपी चंदन यादव के साथ घटना घटित करने वाले आरोपी आलोक सोनी पिता स्व मूलचंद सोनी निवासी रामना टोला नागौद एवं चंदन यादव ,आलोक सोनी ,राजू विश्वकर्मा का सहयोग करने वाले आरोपी संजय साकेत पिता पुरूषोत्म साकेत उम्र 31 वर्ष निवासी सिधौली थाना रामपुर बघेलान थाना नागौद जिला सतना म0प्र0 प्रेम पुरवार पिता बंसत पुरवार उम्र 18 वर्ष निवासी धर्मशाला के पास नागौद थाना नागौद जिला सतना म प्र को सतना मे दस्तयाब किया जाकर पूछताछ कर मेमोरण्ड लेख किया गया उक्त आरोपीगणो द्वारा अपना अपना जुर्म स्वीकार किया गया । आरोपी आलोक सोनी के पेश करने पर एक अदद पिस्टल व एक जिन्दा कारतूस एवं घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल MP19MR1784 जप्त किया गया एवं घटना दिनांक से फरारी दिनांक तक आरोपीगणो का सहयोग करने वाले आरोपी संजय साकेत पिता पुरूषोत्म साकेत उम्र 31 वर्ष निवासी सिधौली थाना रामपुर बघेलान थाना नागौद जिला सतना म0प्र0 द्वारा पेश करने पर घटना में प्रयुक्त मोटर सायलक MP19ZE7899 को जप्त किया गया । प्रेम पुरवार पिता बंसत पुरवार उम्र 18 वर्ष निवासी धर्मशाला के पास नागौद थाना नागौद जिला सतना म प्र से पूछताछ कर मेमोरण्डम लेख किया गया जो घटना दिनांक से लगातार आरोपीगणो के साथ फरारी में सहयोग करना बताया । आरोपी आलोक सोनी ,संजय साकेत, प्रेम पुरवार को दिनांक 09.04.26 को गिरफ्तार कर पेश न्यायालय किया गया जहां से जेल भेजा गया । जप्ती – आरोपी आलोक सोनी से - एक अदद पिस्टल एवं एक जिन्दा कारतूस एक अदद होण्डा साईन मोटर सायकल MP19MR1784 आरोपी संजय साकेत से एक अदद स्पलेण्डर मोटर सायकल क्र MP19ZE7899 गिरफ्तार आरोपी – 01 आलोक सोनी पिता स्व मूलचंद सोनी उम्र 27 वर्ष निवासी रामना टोला थाना नागौद जिला सतना म0प्र0 02 संजय साकेत पिता पुरूषोत्म साकेत उम्र 31 वर्ष निवासी सिधौली थाना रामपुर बघेलान थाना नागौद जिला सतना म0प्र0 03 प्रेम पुरवार पिता बंसत पुरवार उम्र 18 वर्ष निवासी धर्मशाला के पास नागौद थाना नागौद जिला सतना म प्र सराहनीय भूमिका- निरीक्षक अशोक पाण्डेय,उनिरी रंगदेवल सिंह ,उनिरी अजीत सिंह (सायवर सेल ) सउनिरी श्यामलाल रावत ,सउनिरी अजीत वर्मा. सउनिरी मुकेश सिंह ,प्रआर वाजिद खान , प्रआर 727 संजय मिश्रा ,प्रआर प्रआर दीपेश पटेल (सायवर सेल ) मनोज गुप्ता (चालक) ,आर 315 किशन सिंह ,आर 513 अजय विश्वकर्मा ,266 सचिन दास नायक 24 अतेन्द्र2