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“तारीखों के फेर में फंसा अन्नदाता—मैहर में सड़कों पर उतरा किसान” #sntnewspinch #anndata #kisanmajdooriktazindabad #society #modikiguarantee “तारीखों के फेर में फंसा अन्नदाता—मैहर में सड़कों पर उतरा किसान” #sntnewspinch #anndata #kisanmajdooriktazindabad #society #modikiguarantee
Satyanarayan tiwari
“तारीखों के फेर में फंसा अन्नदाता—मैहर में सड़कों पर उतरा किसान” #sntnewspinch #anndata #kisanmajdooriktazindabad #society #modikiguarantee “तारीखों के फेर में फंसा अन्नदाता—मैहर में सड़कों पर उतरा किसान” #sntnewspinch #anndata #kisanmajdooriktazindabad #society #modikiguarantee
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- *शारदा मंदिर में अब नया खेल।* दान पेटी के नीचे रखा गया कटोरा। टीका और प्रसाद के लिए श्रद्धालुओं को डालना होता है कटोरा में दान।1
- “तारीखों के फेर में फंसा अन्नदाता—मैहर में सड़कों पर उतरा किसान” #sntnewspinch #anndata #kisanmajdooriktazindabad #society #modikiguarantee1
- अमरपाटन। क्षेत्र की प्रमुख गैस एजेंसी, मानसी गैस एजेंसी, इन दिनों अपनी अव्यवस्थाओं और उपभोक्ताओं के साथ हो रही बदसलूकी को लेकर सुर्खियों में है। शासन के स्पष्ट निर्देशों और एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी की सुविधा का प्रचार करने के बावजूद, जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। दिखावे की होम डिलीवरी, हकीकत में लंबी कतारें एजेंसी ने अपने विज्ञापनों और बोर्ड पर होम डिलीवरी की फोटो लगा रखी है और दावा किया जाता है कि गैस सिलेंडर घर-घर पहुँचाया जा रहा है। लेकिन असलियत यह है कि कड़कड़ाती धूप और बारिश के मौसम में भी उपभोक्ता एजेंसी के बाहर भारी मात्रा में लाइन लगाकर खड़े होने को मजबूर हैं। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। 30 रुपये अतिरिक्त वसूली का गंभीर आरोप एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और ग्राहकों का कहना है कि: "एक तरफ तो हमें खुद आकर सिलेंडर ले जाना पड़ रहा है, ऊपर से एजेंसी कर्मचारी प्रति सिलेंडर 30 रुपये अतिरिक्त (एक्स्ट्रा चार्ज) की वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर गैस न देने की धमकी दी जाती है।" प्रमुख समस्याएँ एक नजर में: होम डिलीवरी का अभाव: फोटो और विज्ञापनों तक ही सीमित है सुविधा। अवैध वसूली: निर्धारित मूल्य से 30 रुपये ज्यादा वसूलने का आरोप। घंटों इंतजार: भारी भीड़ के बावजूद वितरण व्यवस्था पूरी तरह ठप। प्रशासनिक चुप्पी: लगातार शिकायतों के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं। जनता में आक्रोश अमरपाटन के स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इस कालाबाजारी और कुप्रबंधन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि मानसी गैस एजेंसी के रिकॉर्ड की जांच की जाए और होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाए। ब्यूरो रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़, अमरपाटन1
- Post by Neeraj Ravi1
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- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के काफिले के चलते रोपवे में दर्शनार्थी घंटो तक हुए परेशान। मध्य प्रदेश राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजय वर्गी अपने काफिले के साथ मा शारदा के दर्शन करने पहुचे। इस बीच अपने प्रिय नेता के साथ मा शारदा के दर्शन करने भाजपा के नेताओ का हूजूम पहुचा।जिस वजह से रोपवे में करीब 1 घंटे तक अव्यस्थाओ का आलम व्याप्त रहा है।एक ओर जहा विपक्ष के साथ पत्रकार एव राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के साथ अन्य संगठन के लोगो को आधिकारियो से मैसेज के बल भी ही व्हीआईपी दर्शन होते है।लेकिन भाजपा के नेताओ के लिए यह नियम हुए दरकिनार पुरा जिला प्रशासन तमाशबीन बना रहा और दर्शनार्थी घंटो तक हुए परेशान।1
- लोकेशन : मैहर रिपोर्ट : शारदा श्रीवास्तव *मैहर मां शारदा धाम के प्राचीन 'मनोकामनेश्वर महादेव' मंदिर के गर्भगृह में जड़ा गया ताला।* *प्रशासन पर गंभीर आरोप: कलेक्टर मैहर के निर्देश पर हुई कार्रवाई, भक्तों ने खोला मोर्चा।* *मंदिर और ऐतिहासिक बावली को निजी संस्था को सौंपने का आरोप।* *24 घंटे का अल्टीमेटम: ताला नहीं खुला तो खुद ताला तोड़ेंगे आक्रोशित भक्त।* मैहर, जो अपनी शक्तिपीठ माँ शारदा के लिए विश्व विख्यात है, वहाँ इस समय आस्था और प्रशासन के बीच एक बड़ा टकराव पैदा हो गया है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर माँ शारदा धाम परिसर में स्थित हजारों वर्ष पुराने प्राचीन 'मनोकामनेश्वर शिव मंदिर' में ताला लगा दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि जब इस तालेबंदी पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इस कार्रवाई ने हजारों शिव भक्तों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। आखिर क्यों बंद किया गया भगवान का द्वार? क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।" "ये तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। जिस द्वार पर भक्तों का तांता लगा रहता था, वहां आज प्रशासन का ताला लटका है। मैहर कलेक्टर के निर्देश पर मंदिर प्रशासक दिव्या पटेल ने इस प्राचीन मंदिर को बंद कर दिया है। हजारों साल पुराने इस मनोकामनेश्वर शिवलिंग की महत्ता माँ शारदा के समान ही है। मान्यता है कि माई के दर्शन तब तक अधूरे हैं, जब तक महादेव की चौखट पर मत्था न टेक लिया जाए। लेकिन नवरात्रि के समय से ही भक्तों को अपने आराध्य से दूर कर दिया गया है।" "जब मीडिया ने इस 'अज्ञात' तालेबंदी का कारण जानना चाहा, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने कैमरे के सामने आने से साफ मना कर दिया। प्रशासन की यह चुप्पी कई गहरे सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि यह महज व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है।" • आरोप 1: कलेक्टर ने प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक बावली को 'अटाला आर्ट' की प्रमुख अंबिका बैरी को सौंप दिया है। • आरोप 2: सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये के घोटाले की आशंका। • आरोप 3: बिना किसी सार्वजनिक सूचना या धार्मिक परामर्श के गर्भगृह बंद करना। "भक्तों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विरासत को सहेजने के नाम पर उसे निजी हाथों में गिरवी रखा जा रहा है। शिव भक्तों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दे दी है। उनकी मांग स्पष्ट है—ताला तुरंत खोला जाए।" "आक्रोशित शिव भक्तों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। भक्तों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में ताला नहीं खुला, तो वे स्वयं ताला तोड़कर मंदिर में प्रवेश करेंगे और वहां मानस पाठ कर विरोध दर्ज कराएंगे।" "इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक और धार्मिक तूल पकड़ लिया है। एक तरफ प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी है, तो दूसरी तरफ भक्तों का अटूट विश्वास। क्या कलेक्टर महोदय इस आक्रोश को शांत कर पाएंगे? या मैहर की ये शांति किसी बड़े आंदोलन की आहट है? हम इस खबर पर लगातार बने हुए हैं।1
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