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राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी अभियुक्त, जो उसका सगा मामा है, को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट भी दी गई है।
विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी अभियुक्त, जो उसका सगा मामा है, को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट भी दी गई है।
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- बस्ती के महुआ डाबर में, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कई प्रेरणादायी आयोजन हुए। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्मित आधे घंटे की ऐतिहासिक ऑडियो डॉक्यूमेंट्री 'महुआ डाबर: निशां अभी बाक़ी हैं' का श्रवण कराया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस डॉक्यूमेंट्री में 'गैर-चिरागी' महुआ डाबर के आम लोगों के अनुभवों के साथ ही, महुआ डाबर का उत्खनन करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, महुआ डाबर संग्रहालय के निदेशक डॉ. शाह आलम राना, और उत्तर प्रदेश पर्यटन की पूर्व विशेष सचिव ईशा प्रिया के विचार शामिल हैं। इसकी स्क्रिप्ट एवं प्रस्तुति नवोदिता मिश्रा ने की है, वाचन स्वर रितु राजपूत और नाट्यांश स्वर मनोज मयंकर का है, जबकि गीत के रचयिता कर्नल तिलकराज और गायक डॉ. ग़ज़ल श्रीनिवास हैं। आकाशवाणी संवाददाता दीपांकर मिश्र, प्रस्तुति सहयोगी शिवाली एवं संयोजन राम अवतार बैरवा का रहा। कार्यक्रम के समापन पर महुआ डाबर के क्रांतिवीरों को मशालों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में जलती मशाल लेकर क्रांति स्थल की परिक्रमा की और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर क्रांतिकारी वंशज डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि वर्ष 1857 में अंग्रेजों ने महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दीपक जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि आज मशाल जलाकर यह संदेश दिया गया है कि शहीदों की स्मृति का चिराग 169 वर्ष बाद भी बुझा नहीं है, और यह क्रांति की वह ज्वाला है जो कभी बुझनी नहीं चाहिए। युवाओं को मशाल सौंपकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे महुआ डाबर के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे। आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 जून को 'शौर्य दिवस' के अवसर पर सुबह शहीद स्थल पर सशस्त्र पुलिस गारद द्वारा सलामी दी जाएगी, जिसके बाद 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में अतुल सिंह, नासिर खान, केपी राठौर, मोहम्मद कैफ, ऋतिक कुमार, सुनील पंडित, श्रवण कुमार, फ़कीर मोहम्मद, विनोद कुमार यादव, मुमताज़ खान, अनूप कुमार एडवोकेट, रमजान खान, धर्मेन्द्र, प्रणब मुखर्जी, आदिल खान, रामकेश गौतम, प्रभाकर चौधरी, नागेंद्र प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी अभियुक्त, जो उसका सगा मामा है, को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट भी दी गई है।1
- पश्चिम बंगाल के हावड़ा में टीएमसी नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती ने पुलिस से बचने के लिए खुद को साड़ियों के ढेर में छिपा लिया, जब पुलिस 'कट मनी' के हिसाब-किताब के लिए उनके आवास पर पहुंची। नेता जी ने इस तरह राजनीति में 'पर्दा डालने' की कला को एक नया और अनूठा आयाम दे दिया, खुद को सूती और सिल्क की साड़ियों के बीच 'समाहित' करके, यह साबित करते हुए कि वे वाकई 'जनता के आदमी' हैं। पुलिस दल को नेता जी के आवास पर किसी फाइल या कानूनी दस्तावेज़ों के बजाय साड़ियों का एक पहाड़ मिला, जिसे नेता जी ने 'पारदर्शिता' की नई परिभाषा गढ़ते हुए, अपने बचाव के लिए इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस नेता जी पर सरकारी योजनाओं में 'कट मनी' लेने का आरोप लगा रही थी, और नेता जी ने इसे 'छिप मनी' का खेल कहकर साड़ियों के नीचे छिपने का हुनर दिखाया। यह एक गजब का 'अदृश्य करने वाला लबादा' था, जिसे स्थानीय बाजार में 'साड़ी का ढेर' कहा जा रहा है। हालांकि, नेता जी का यह 'सिल्क का सुरक्षा कवच' भी उन्हें बचा नहीं पाया। पुलिस ने उन्हें साड़ियों के ढेर से बाहर निकालकर हकीकत का सामना कराया। ब्रह्मानंद चक्रवर्ती का यह कृत्य राजनीति के पन्नों में एक मिसाल बन गया है, और यह सवाल उठ रहे हैं कि अगली बार वे बचने के लिए क्या करेंगे। इस घटना के बाद हावड़ा के बाजार में साड़ियों की मांग बढ़ने की बात भी कही जा रही है, इस उम्मीद में कि वे सिर्फ पहनने के नहीं, बल्कि 'इतिहास के पन्नों में छिपने' के भी काम आ सकती हैं।1
- राम की नगरी अयोध्या में 'सेवा का महा-पर्व' मनाया गया, जहाँ एक बैंक की ओर से एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान, हजारों भक्तों ने उत्साहपूर्वक प्रसाद ग्रहण कर इस विशेष आयोजन का हिस्सा लिया।1
- उत्तर प्रदेश एसटीएफ की प्रयागराज इकाई को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ जनपद अयोध्या में 07 जून 2026 को हुई एक पुलिस मुठभेड़ में ₹1 लाख का इनामी, कुख्यात शार्प शूटर और कॉन्ट्रैक्ट किलर भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक भानू प्रताप सिंह गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र का निवासी था और लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस के वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती सहित विभिन्न संगीन अपराधों के कुल 41 मुकदमे दर्ज थे। एसटीएफ के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त भानू प्रताप सिंह ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हुआ। घटनास्थल से पुलिस ने एक कार्बाइन, एक पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस तथा खोखे बरामद किए हैं। प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता बताते हुए कहा कि अपराधियों के विरुद्ध प्रदेश में अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएँगे। पुलिस ने बरामद किए गए हथियारों को अपने कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसटीएफ की इस कार्रवाई को प्रदेश में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।1
- अयोध्या की धरती पर पुरुषोत्तम मास के छठे मंगलवार को श्री बजरंगबली महाराज के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसने गंगा-जमुना तहजीब और हिंदू-मुस्लिम सद्भावना की एक नई मिसाल पेश की। आस्था और धर्म की नगरी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र की इस भूमि पर, श्री हनुमान जी महाराज की कृपा को मंगलमय करते हुए, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर निषाद राज चौराहा, टेढ़ी बाजार में इस भव्य आयोजन को सफल बनाया। इस विशाल भंडारे में श्री अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्मात सेवा ट्रस्ट, श्री राम जन्मभूमि, श्री अयोध्या धाम के अध्यक्ष श्री राजेश जी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मोहम्मद कादिर भाई, अब्दुल हकीम, पूर्व सभासद प्रवेश कुमार यादव उर्फ जांगू, शिवसागर शुक्ला, जितेंद्र कुमार सिंह बबलू, त्रिभुवन दत्त शर्मा, अब्दुल हक, विधायक विशाल पांडे ए, रिंकू, बच्चा पांडे, पंकज यादव, सत्यम यादव, आशीष यादव, मगन वर्मा, शैलेश वर्मा, आराध्या मिश्रा, अभय यादव और अतदुदेव समझ छोटू सहित कई अन्य लोगों ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया। इस दौरान हजारों की तादाद में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर इस सद्भावनापूर्ण आयोजन का हिस्सा बने।4
- पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने राजधानी लखनऊ के थाना पारा क्षेत्रांतर्गत हुई एक पुलिस मुठभेड़ के संबंध में पुलिस उपायुक्त को लेकर एक बाइट दी है।1
- गोंडा जिले के जैतपुर माझा गाँव में एक तेंदुआ निकलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गई। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने कई घंटों तक कड़ी मशक्कत की और आखिरकार उस तेंदुए पर काबू पा लिया। तेंदुए पर सफलतापूर्वक काबू पाने के बाद, वन विभाग की टीम को इसकी सूचना दी गई।1