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शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। रपटा पेट्रोल पम्प के ठीक सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में नियम विरुद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं। शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। रपटा पेट्रोल पम्प के ठीक सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में नियम विरुद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं। कटनी – शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। रपटा पेट्रोल पम्प के ठीक सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में नियम विरुद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं। खेती योग्य जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर खुलेआम बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि का उपयोग कृषि प्रयोजन के लिए दर्ज है, बावजूद इसके बिना वैधानिक अनुमति और कॉलोनी विकास की प्रक्रिया पूर्ण किए प्लॉटिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि जमीन को समतल कर रास्ते निकाले जा रहे हैं और खरीदारों को आकर्षित करने के लिए मौके पर अनौपचारिक रूप से सीमांकन भी किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी का आरोप जानकारों का कहना है कि कृषि भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने के लिए भू-उपयोग परिवर्तन (डायवर्जन) की अनुमति आवश्यक होती है। साथ ही नगर नियोजन एवं स्थानीय निकाय की स्वीकृति के बिना कॉलोनी विकसित करना नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद यहां प्लॉटों की बिक्री जोरों पर होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस संबंध में नगर निगम से लेकर एसडीएम कार्यालय तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इसके बाद भी अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। जिम्मेदार विभागों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई से परहेज किए जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। नदी किनारे निर्माण से बढ़ सकती हैं समस्याएं नदी से सटी भूमि पर अनियोजित प्लाटिंग भविष्य में पर्यावरणीय और जलभराव जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार नदी तट क्षेत्र में निर्माण संबंधी विशेष प्रावधान लागू होते हैं, जिनकी अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है। खरीदारों के लिए भी जोखिम अवैध प्लाटिंग में निवेश करने वाले खरीदारों को भविष्य में कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। यदि भूमि का डायवर्जन और वैध कॉलोनी अनुमति नहीं है, तो रजिस्ट्री, नक्शा पासिंग और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस अवैध प्लाटिंग पर क्या कार्रवाई करते हैं और कृषि भूमि को नियम विरुद्ध तरीके से टुकड़ों में बांटकर की जा रही बिक्री पर कब रोक लगती है। गौरतलब है कि गूगल मैप पर उक्त स्थान का पता दुबे कॉलोनी दर्शाया जा रहा है

1 day ago
user_Deepak Gupta
Deepak Gupta
Murwara Or Katni, Madhya Pradesh•
1 day ago
2d63752c-0260-4658-b54c-e019b3b55e36

शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। रपटा पेट्रोल पम्प के ठीक सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में नियम विरुद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं। शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। रपटा पेट्रोल पम्प के ठीक सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में नियम विरुद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं। कटनी – शहर में अवैध प्लाटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। रपटा पेट्रोल पम्प के ठीक सामने, साइन बोर्ड से अंदर जाने वाले मार्ग पर नदी से सटी कृषि भूमि में नियम विरुद्ध तरीके से प्लॉट काटे जा रहे हैं। खेती योग्य जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर खुलेआम बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि का उपयोग कृषि प्रयोजन के लिए दर्ज है, बावजूद इसके बिना वैधानिक अनुमति और कॉलोनी विकास की प्रक्रिया पूर्ण किए प्लॉटिंग की जा रही है। बताया जा रहा है कि जमीन को समतल कर रास्ते निकाले जा रहे हैं और खरीदारों को आकर्षित करने के लिए मौके पर अनौपचारिक रूप से सीमांकन भी किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी का आरोप जानकारों का कहना है कि कृषि भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने के लिए भू-उपयोग परिवर्तन (डायवर्जन) की अनुमति आवश्यक होती है। साथ ही नगर नियोजन एवं स्थानीय निकाय की स्वीकृति के बिना कॉलोनी विकसित करना नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद यहां प्लॉटों की बिक्री जोरों पर होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस संबंध में नगर निगम से लेकर एसडीएम कार्यालय तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इसके बाद भी अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं। जिम्मेदार विभागों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई से परहेज किए जाने की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। नदी किनारे निर्माण से बढ़ सकती हैं समस्याएं नदी से सटी भूमि पर अनियोजित प्लाटिंग भविष्य में पर्यावरणीय और जलभराव जैसी समस्याओं को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार नदी तट क्षेत्र में निर्माण संबंधी विशेष प्रावधान लागू होते हैं, जिनकी अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है। खरीदारों के लिए भी जोखिम अवैध प्लाटिंग में निवेश करने वाले खरीदारों को भविष्य में कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। यदि भूमि का डायवर्जन और वैध कॉलोनी अनुमति नहीं है, तो रजिस्ट्री, नक्शा पासिंग और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस अवैध प्लाटिंग पर क्या कार्रवाई करते हैं और कृषि भूमि को नियम विरुद्ध तरीके से टुकड़ों में बांटकर की जा रही बिक्री पर कब रोक लगती है। गौरतलब है कि गूगल मैप पर उक्त स्थान का पता दुबे कॉलोनी दर्शाया जा रहा है

  • user_User10588
    User10588
    Sleemnbad, Katni
    💣
    5 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 8959188111
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    गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
सब-हेडलाइन:
भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला
खबर:
विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया।
आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली।
इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है।
भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।
अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है।
फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके।
पत्रकार: बालकिशन नामदेव
शिव नगर कॉलोनी, कटनी
मोबाइल: 8959188111
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रेलवे स्टेशन सलीमाबाद में ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जी की रेल प्रशासन को विगत 15 वर्षों रेल्वे आवेदन निवेदन का क्रम चलता रहा ग्रामीणों का धैर्य टूट जाने के बाद आंदोलन का एकमात्र सहारा लेते हुए झरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विरोध दर्ज कराती हुई वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने के हाथों में ज्ञापन सोपा गया जिसमें समिति के सदस्यों ने एक माह का समय रेल शासन को दिया है संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है रेल प्रशासन के उच्च अधिकारी डीआरएम गम के प्रतिनिधि नितिन सोने ने हर संभव मदद का भरोसा दिल आया है और रीवा इतवारी का स्टॉपेज 15 दिवस के भीतर देने का आश्वासन दिया है बाकी अन्य ट्रेनों की मांग को पूर्व में ही रेल मंत्रालय के समक्ष डीआरएम कार्यालय की उचित सहमति के साथ भेज दिया गया है जो जल्द ही तीनों के ठहराव के संबंध में निराकरण से क्षेत्र वासियों को अवगत कराने की बात कही है इस मौके पर सतना से ईश्वर चंद्र त्रिपाठी सलीमानाबाद से पंडित प्रदीप त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य दीपक तिवारी ठाकुर मदन सिंह अमरदीप साहू राजाराम गुप्ता धरवारा से अमित गर्ग
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    रेलवे स्टेशन सलीमाबाद में ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जी की रेल प्रशासन को विगत 15 वर्षों रेल्वे आवेदन निवेदन का क्रम चलता रहा ग्रामीणों का धैर्य टूट जाने के बाद आंदोलन का एकमात्र सहारा लेते हुए झरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम संघर्ष समिति के द्वारा विरोध दर्ज कराती हुई वाणिज्य रेल प्रबंधक नितिन सोने के हाथों में ज्ञापन सोपा गया जिसमें समिति के सदस्यों ने एक माह का समय रेल शासन को दिया है संतोषजनक निराकरण नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है रेल प्रशासन के उच्च अधिकारी डीआरएम गम के प्रतिनिधि नितिन सोने  ने हर संभव मदद का भरोसा दिल आया है और रीवा इतवारी का स्टॉपेज 15 दिवस के भीतर देने का आश्वासन दिया है बाकी अन्य ट्रेनों की मांग को पूर्व में ही रेल मंत्रालय के समक्ष डीआरएम कार्यालय की उचित सहमति के साथ भेज दिया गया है जो जल्द ही तीनों के ठहराव के संबंध में निराकरण से क्षेत्र वासियों को अवगत कराने की बात कही है इस मौके पर सतना से ईश्वर चंद्र त्रिपाठी सलीमानाबाद से पंडित प्रदीप त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य दीपक तिवारी ठाकुर मदन सिंह अमरदीप साहू राजाराम गुप्ता धरवारा से अमित गर्ग
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • कटनी जिले के बरगवां क्षेत्र में एक बार फिर चाकू बाजी की घटना सामने आई है बताया जा रहा है कि रंजीत नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने अचानक चाकू से हमला कर दिया जिसमें करीब पांच लोग घायल हुए हैं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया वहीं घायलों को तत्काल जिला अस्पताल कटनी लाया गया जहां उनका इलाज जारी है वहीं घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है जिसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है इधर घटना की सूचना मिलती रंगनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और घटना के कारण का पता लगाया जा रहा
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    कटनी जिले के बरगवां क्षेत्र में एक बार फिर चाकू बाजी की घटना सामने आई है बताया जा रहा है कि रंजीत नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों ने अचानक  चाकू से हमला कर दिया जिसमें करीब पांच लोग घायल हुए हैं घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया वहीं घायलों को तत्काल जिला अस्पताल कटनी लाया गया जहां उनका इलाज जारी है वहीं घायलों में से एक की हालत गंभीर  बताई जा रही है जिसे जबलपुर रेफर कर दिया गया है इधर घटना की सूचना मिलती रंगनाथ  थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और घटना के कारण का पता लगाया जा रहा
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Mukesh singh
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    Post by Mukesh singh
    user_Mukesh singh
    Mukesh singh
    चंदिया, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15 अंतर्गत आने वाले छिदिया एवं हीरापुर क्षेत्र के रहवासी आज नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रोड में ना तो पानी का छिड़काव हो रहा है और ना ही पक्की सड़क का निर्माण, जिससे हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। धूल-मिट्टी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, टीवी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो चुका है और लोग रोज़ाना ट्रकों से निकलने वाले धूल में जी रहे हैं। स्थानीय नागरिक इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर महोदय की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर वार्ड वासियों में गहरा रोष और मायूसी है। जनता का कहना है कि यदि शीघ्र पानी का नियमित छिड़काव और पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन उन्हें आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी। प्रशासन से दरख़्वास्त है कि इस जनहित के मामले पर फ़ौरी तौर पर ध्यान देते हुए रोड का कार्य या पानी छिड़काव का काम किया जाए ताकि छिदिया एवं हीरापुर के लोगों को इस अज़ाब से निजात मिल सके।
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    नगर परिषद बरही के वार्ड क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15 अंतर्गत आने वाले छिदिया एवं हीरापुर क्षेत्र के रहवासी आज नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। रोड में ना तो पानी का छिड़काव हो रहा है और ना ही पक्की सड़क का निर्माण, जिससे हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है।
धूल-मिट्टी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को दमा, टीवी, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। आम जनजीवन पूरी तरह नरकीय हो चुका है और लोग रोज़ाना ट्रकों से निकलने वाले धूल में जी रहे हैं।
स्थानीय नागरिक इस गंभीर समस्या को लेकर कलेक्टर महोदय की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्यवाही न होने पर वार्ड वासियों में गहरा रोष और मायूसी है।
जनता का कहना है कि यदि शीघ्र पानी का नियमित छिड़काव और पक्की सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन उन्हें आवाज़ बुलंद करनी पड़ेगी।
प्रशासन से दरख़्वास्त है कि इस जनहित के मामले पर फ़ौरी तौर पर ध्यान देते हुए रोड का कार्य या पानी छिड़काव का काम किया जाए ताकि छिदिया एवं हीरापुर के लोगों को इस अज़ाब से निजात मिल सके।
    user_Iqbal pawar
    Iqbal pawar
    Social worker बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है। ​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना? ​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है। ​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर ​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।" ​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो ​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि: ​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए। ​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो। ​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। ​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे। ​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
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    ​बीरसािंहपुर (सतना) | मध्य भारत न्यूज़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के जरिए घर-घर पानी पहुँचाने के दावे सतना जिले के चंदाई गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। गांव में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से दो-दो पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी गई हैं, लेकिन विडंबना यह है कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीणों के घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँची है।
​भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना?
​स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि चंदाई गांव में पानी की विकराल समस्या बनी हुई है। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आश्चर्य की बात यह है कि गांव में दो टंकियां होने के बावजूद सप्लाई ठप पड़ी है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सरपंच और सचिव की मनमानी को इस बदहाली का जिम्मेदार ठहराया है।
​प्रशासनिक बेरुखी: शिकायतों पर नहीं हो रहा असर
​ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत पिछले साल भी प्रशासन से की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय निवासी के अनुसार, "शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। प्रशासन मौन है और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।"
​ग्रामीणों की मांग: उच्च स्तरीय जांच हो
​बढ़ती गर्मी और पानी के अभाव से जूझ रहे चंदाई के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि:
​तत्काल एक विशेष जांच टीम (SIT) बुलाकर टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन की जांच कराई जाए।
​करोड़ों के बजट के बावजूद पानी न मिलने के दोषियों (सरपंच-सचिव) पर कड़ी कार्रवाई हो।
​जल्द से जल्द जलापूर्ति बहाल की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
​अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जागता है या चंदाई के ग्रामीण इस चिलचिलाती गर्मी में प्यासे रहने को ही मजबूर रहेंगे।
​रिपोर्ट: ब्यूरो, मध्य भारत न्यूज़
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Jara Sira Tola mein बड़ी-बड़ी gadi Nikalti Hai niche Khai Hai To jald se jald Mein uska Nirnay karvayen
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    Jara Sira Tola mein बड़ी-बड़ी gadi Nikalti Hai niche Khai Hai To jald se jald Mein uska Nirnay karvayen
    user_Arjunrajput Arjun
    Arjunrajput Arjun
    Teacher करकेली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार सब-हेडलाइन: भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला खबर: विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया। आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली। इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है। भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है। फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके। पत्रकार: बालकिशन नामदेव शिव नगर कॉलोनी, कटनी मोबाइल: 8959188111
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    गरीब मजदूर के भरोसे पर डाका! खाते में आई 2 लाख की सरकारी सहायता, एटीएम से उड़ाई पूरी रकम — पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
सब-हेडलाइन:
भरोसे में लेकर बैंक खाता इस्तेमाल करने का आरोप, नोटिस मिलने के बाद खुला पूरा मामला
खबर:
विजयराघवगढ़। गरीबी और भरोसे का फायदा उठाकर सरकारी सहायता राशि हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सलेयाबड़ौंगा निवासी करीब 45 वर्षीय मजदूर भीखम वर्मन ने थाना विजयराघवगढ़ में लिखित आवेदन देकर अपने ही गांव के मनोज तिवारी पर उनके बैंक खाते का दुरुपयोग कर लगभग 2 लाख रुपये निकाल लेने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित भीखम वर्मन के अनुसार वर्ष 2023 में मनोज तिवारी ने उनसे कहा था कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें कुछ पैसा आना है। इसी बहाने उन्होंने कुछ समय के लिए भीखम वर्मन का बैंक खाता उपयोग करने की बात कही। गांव के परिचित होने और भरोसे के चलते भीखम वर्मन ने अपना बैंक खाता उपयोग के लिए दे दिया।
आरोप है कि इसी दौरान भोलाराम आदिवासी के आवेदन से संबंधित शासन की सहायता राशि लगभग 2 लाख रुपये भीखम वर्मन के खाते में जमा हुई। लेकिन मनोज तिवारी ने एटीएम के माध्यम से यह पूरी राशि धीरे-धीरे निकाल ली।
इस पूरे मामले की जानकारी पीड़ित को काफी समय तक नहीं लगी। मामला तब सामने आया जब मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नोटिस क्रमांक 689 दिनांक 27 फरवरी 2026 के जरिए उनसे इस राशि के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जानकारी ली तो पता चला कि खाते में आई पूरी सहायता राशि पहले ही निकाली जा चुकी है।
भीखम वर्मन का कहना है कि यह शासन की सहायता राशि है और अब उन्हें ही यह पैसा वापस जमा करना पड़ सकता है, जबकि उन्होंने उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मनोज तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर राशि वापस दिलाई जाए, ताकि वह शासन को पैसा लौटा सकें।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें और कुछ अन्य लोगों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।
अब यह मामला पुलिस के संज्ञान में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सिर्फ एक गरीब मजदूर के साथ धोखाधड़ी नहीं बल्कि सरकारी सहायता राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी बन सकता है।
फिलहाल पीड़ित मजदूर की एक ही गुहार है कि उसे न्याय मिले और उसकी ईमानदारी पर लगा दाग साफ हो सके।
पत्रकार: बालकिशन नामदेव
शिव नगर कॉलोनी, कटनी
मोबाइल: 8959188111
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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