जालौन जनपद के कैलिया बड़ी गाँव में कथित अवैध मिट्टी-रेत खनन के विरोध का मामला अब धमकियों और दबाव के आरोपों तक पहुँच गया है। गाँव निवासी अवधेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि अवैध खनन की शिकायत करने के बाद उन्हें और इस मामले को उजागर करने वाले पत्रकार को लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित अवधेश कुमार का आरोप है कि गाँव में ट्रैक्टरों के माध्यम से हो रहे कथित अवैध खनन का विरोध करने पर रिंकू राठौर और रवि वर्मा ने उनके साथ अभद्रता की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन पर दबाव बनाने का सिलसिला जारी है, और फोन तथा घर पहुँचकर उन्हें रिपोर्ट वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। अवधेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने मामला वापस नहीं लिया तो पत्रकार को भी झूठे मुकदमे में फँसाने का प्रयास किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अवधेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, कथित अवैध खनन की विस्तृत जाँच कराने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं, तो कथित अवैध खनन में शामिल बताए जा रहे लोगों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? वहीं, लोग इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं। (नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत के आधार पर प्रकाशित किया गया है; मामले में आरोपियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
जालौन जनपद के कैलिया बड़ी गाँव में कथित अवैध मिट्टी-रेत खनन के विरोध का मामला अब धमकियों और दबाव के आरोपों तक पहुँच गया है। गाँव निवासी अवधेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि अवैध खनन की शिकायत करने के बाद उन्हें और इस मामले को उजागर करने वाले पत्रकार को लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित अवधेश कुमार का आरोप है कि गाँव में ट्रैक्टरों के माध्यम से हो रहे कथित अवैध खनन का विरोध करने पर रिंकू राठौर और रवि वर्मा ने उनके साथ अभद्रता की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन पर दबाव बनाने का सिलसिला जारी है, और फोन तथा घर पहुँचकर उन्हें रिपोर्ट वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। अवधेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने मामला वापस नहीं लिया तो पत्रकार को भी झूठे मुकदमे में फँसाने का प्रयास किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अवधेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, कथित अवैध खनन की विस्तृत जाँच कराने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं, तो कथित अवैध खनन में शामिल बताए जा रहे लोगों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? वहीं, लोग इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं। (नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत के आधार पर प्रकाशित किया गया है; मामले में आरोपियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
- जालौन जनपद के कैलिया बड़ी गाँव में कथित अवैध मिट्टी-रेत खनन के विरोध का मामला अब धमकियों और दबाव के आरोपों तक पहुँच गया है। गाँव निवासी अवधेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि अवैध खनन की शिकायत करने के बाद उन्हें और इस मामले को उजागर करने वाले पत्रकार को लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित अवधेश कुमार का आरोप है कि गाँव में ट्रैक्टरों के माध्यम से हो रहे कथित अवैध खनन का विरोध करने पर रिंकू राठौर और रवि वर्मा ने उनके साथ अभद्रता की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उन पर दबाव बनाने का सिलसिला जारी है, और फोन तथा घर पहुँचकर उन्हें रिपोर्ट वापस लेने के लिए कहा जा रहा है। अवधेश कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने मामला वापस नहीं लिया तो पत्रकार को भी झूठे मुकदमे में फँसाने का प्रयास किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अवधेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने, कथित अवैध खनन की विस्तृत जाँच कराने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं, तो कथित अवैध खनन में शामिल बताए जा रहे लोगों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? वहीं, लोग इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं। (नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत के आधार पर प्रकाशित किया गया है; मामले में आरोपियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)1
- कानपुर देहात के मलासा विकास खंड की भोगनीपुर तहसील के बेड़ामऊ गांव में पानी निकलने की गंभीर समस्या सामने आई है। गांव की सभी गलियों में पानी भरा हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि आगामी बरसात के दिनों में उन्हें और अधिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर, जनपद को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से माती पुलिस लाइन परिसर में एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन में देशव्यापी "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत अत्यंत उत्साह के साथ माती पुलिस लाइन परिसर में वृहद पौधारोपण किया गया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी लाइन्स, प्रतिसार निरीक्षक तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी गणों ने भी अपनी मां के सम्मान में और पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पौधे रोपे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित समस्त पुलिस बल को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं और उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी को अपने जीवन में प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा "एक पेड़ मां के नाम" लगाकर उनकी नियमित रूप से उचित देखभाल व संरक्षण करने की प्रेरणा दी।1
- कानपुर देहात के फत्तेपुर मुशंगार से मिली जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 से कुल 7 चीजें बदलने वाली हैं। यह सूचना एमडी अनिश कुरैशी से जुड़ी हुई है।1
- Post by Bablu1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के कठरा गांव में गुरुवार को एक 17 वर्षीय किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कठरा गांव निवासी नूर मोहम्मद की 17 वर्षीय पुत्री निशा ने गुरुवार दोपहर करीब चार बजे अपने घर के एक कमरे में फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था, मृतका के पिता किसी काम से बाजार गए हुए थे, जबकि माँ खेतों की ओर गई थीं। परिजनों ने बताया कि कमरे में रखे मोबाइल फोन की घंटी लगातार बज रही थी। काफी देर तक कोई जवाब न मिलने पर खिड़की से झाँककर देखने पर किशोरी फंदे से लटकी मिली। यह देखकर परिजनों में कोहराम मच गया और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलने पर मंगलपुर थाना के उपनिरीक्षक डोरीलाल और राजेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और जाँच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलपुर थाना प्रभारी महेश कुमार दुबे ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जाँच कर रही है।1
- जालौन के कुठौंदा बुजुर्ग गांव में खेत में टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन में अचानक बिजली प्रवाहित होने से एक युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। इस हादसे के कारण करंट से निकली चिंगारी से खेत में आग भी लग गई, जिस पर दमकल कर्मियों ने पहुंचकर काबू पाया, जबकि घायल युवक को इलाज के लिए सीएचसी भेजा गया है। ग्राम निवासी हिमांशु तिवारी गुरुवार दोपहर अपने खेत में मूंग की फसल की कटाई करवा रहे थे। पिछले दिनों आई आंधी में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर खेत में गिर गया था, जो लगभग एक सप्ताह से वहीं पड़ा हुआ था। दोपहर करीब 2 बजे हिमांशु का पैर गलती से इसी टूटे तार से छू गया, और तभी अचानक बिजली की सप्लाई शुरू हो गई जिससे उन्हें करंट लग गया। इस दुर्घटना में युवक का हाथ और पैर बुरी तरह झुलस गया। करंट लगने से निकली चिंगारियों ने खेत में पड़े सूखे पत्तों और डालियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे खेत में आग लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही मजदूरों ने तत्काल यूपी-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। घायल युवक हिमांशु तिवारी को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया।1