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7 hrs ago
user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
रिपोर्टर विराटनगर, जयपुर, राजस्थान•
7 hrs ago

  • user_Breaking Live News
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    Shahpura, Jaipur
    🙏
    5 hrs ago
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  • Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
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    Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर विराटनगर, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • शाहपुरा चिमनपुरा कॉलेज के विवाद को लेकर प्राचार्य द्वारा त्रिवेणी धाम के महाराज श्री के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की गई है, जिनको के ग्रामीण लोग पहुंचे त्रिवेणी धाम के श्री रिछपाल दास महाराज से मिले,जो निंदनीय संत महात्माओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां जनभावनाओं के खिलाफ है। प्राचार्य को अविलंब माफी मांगनी चाहिए। साथ ही,चिमनपुरा कॉलेज प्राचार्य ने महाराज श्री के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग किया उसके लिए जल्दी उनको सजा मिलेगी। पिछले कुछ महीनो से धरना प्रदर्शन और जो कॉलेज को विखंडन करने की कोशिश की जारी थी उन सब पर महाराज श्री ने विराम लगा दिया । और कहां की नए भवन में सरकारी कृषि महाविद्यालय खुलेगा और पुराने भवन में कला विज्ञान वाणिज्य संचालित होती रहेगी।#@breakingliveNews-h6w#@sevajanta97#Rajasthan Janta Seva-84 Live News#@tejmedia-32#Janta seva#seva jantanews#
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    शाहपुरा चिमनपुरा कॉलेज के विवाद को लेकर प्राचार्य द्वारा त्रिवेणी धाम के महाराज श्री के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की गई है, जिनको के ग्रामीण लोग पहुंचे त्रिवेणी धाम के श्री रिछपाल दास महाराज से मिले,जो निंदनीय संत महात्माओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां जनभावनाओं के खिलाफ है। प्राचार्य को अविलंब माफी मांगनी चाहिए। साथ ही,चिमनपुरा कॉलेज प्राचार्य ने महाराज श्री के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग किया उसके लिए जल्दी उनको सजा मिलेगी। पिछले कुछ महीनो से धरना प्रदर्शन और जो कॉलेज को विखंडन करने की कोशिश की जारी थी उन सब पर महाराज श्री ने विराम लगा दिया । और कहां की नए भवन में सरकारी कृषि महाविद्यालय खुलेगा और पुराने भवन में कला विज्ञान वाणिज्य संचालित होती रहेगी।#@breakingliveNews-h6w#@sevajanta97#Rajasthan Janta Seva-84 Live News#@tejmedia-32#Janta seva#seva jantanews#
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    5 hrs ago
  • | त्रिवेणीधाम से बड़ी खबर 📍 त्रिवेणीधाम / शाहपुरा क्षेत्र वर्ष 1977 में संत शिरोमणि पद्मश्री विभूषित श्री श्री 1008 नारायणदेवाचार्य जी महाराज द्वारा अपने गुरुमहाराज परम श्रद्धेय बाबा भगवानदास जी की पावन स्मृति में बाबा भगवानदास राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। यह महाविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और जनसहयोग का प्रतीक भी है। महाविद्यालय के निर्माण में आसपास के ग्रामीणों एवं भक्तजनों ने तन-मन-धन से योगदान दिया और श्रमदान के माध्यम से इसे साकार किया। यही कारण है कि इस संस्थान से क्षेत्रवासियों का गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा है। 🟠 10 वर्षों से विवादों में महाविद्यालय पिछले लगभग एक दशक से यह महाविद्यालय विभिन्न राजकीय आदेशों की अदला-बदली का शिकार बना हुआ है। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर तीन समितियों का गठन भी किया गया, लेकिन उनकी रिपोर्टों की अनदेखी करते हुए जनवरी 2026 में महाविद्यालय हितों के विपरीत आदेश जारी कर दिए गए। 🟡 महाराज प्रतिनिधि की प्राचार्य से भेंट आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 को त्रिवेणीधाम के श्रीमद् जगद्गुरु श्रीखोजीद्वाराचार्य अनंत श्रीविभूषित स्वामी श्रीरामरिछपालदेवाचार्य जी महाराज के प्रतिनिधि के रूप में श्री रामशरणदास जी महाराज ने कला महाविद्यालय के प्राचार्य से मुलाकात की। उन्होंने मांग रखी कि जब तक महाराज श्री और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता कर उचित निर्णय नहीं हो जाता, तब तक कला महाविद्यालय को नवीन भवन में स्थानांतरित न किया जाए। 🔴 प्राचार्य पर दुर्व्यवहार के आरोप मुलाकात के दौरान प्राचार्य द्वारा महाराज जी के साथ दुर्व्यवहार करने और अनुचित भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगे हैं। इस घटना से त्रिवेणीधाम के संत समाज, भक्तों एवं स्थानीय नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। ⚠️ सार्वजनिक माफी की मांग त्रिवेणी गद्दी के सम्मान को ठेस पहुंचाने के आरोपों के बीच क्षेत्रवासियों और संत समाज ने प्राचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। 📣 मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील मामले को लेकर CMO Rajasthan एवं मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma से हस्तक्षेप कर न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग उठ रही है। #TriveniDham #ShahpuraNews #RajasthanNews #JournalistNews #BreakingNews #
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    | त्रिवेणीधाम से बड़ी खबर
📍 त्रिवेणीधाम / शाहपुरा क्षेत्र
वर्ष 1977 में संत शिरोमणि पद्मश्री विभूषित श्री श्री 1008 नारायणदेवाचार्य जी महाराज द्वारा अपने गुरुमहाराज परम श्रद्धेय बाबा भगवानदास जी की पावन स्मृति में बाबा भगवानदास राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। यह महाविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा और जनसहयोग का प्रतीक भी है।
महाविद्यालय के निर्माण में आसपास के ग्रामीणों एवं भक्तजनों ने तन-मन-धन से योगदान दिया और श्रमदान के माध्यम से इसे साकार किया। यही कारण है कि इस संस्थान से क्षेत्रवासियों का गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा है।
🟠 10 वर्षों से विवादों में महाविद्यालय
पिछले लगभग एक दशक से यह महाविद्यालय विभिन्न राजकीय आदेशों की अदला-बदली का शिकार बना हुआ है। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर तीन समितियों का गठन भी किया गया, लेकिन उनकी रिपोर्टों की अनदेखी करते हुए जनवरी 2026 में महाविद्यालय हितों के विपरीत आदेश जारी कर दिए गए।
🟡 महाराज प्रतिनिधि की प्राचार्य से भेंट
आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 को त्रिवेणीधाम के श्रीमद् जगद्गुरु श्रीखोजीद्वाराचार्य अनंत श्रीविभूषित स्वामी श्रीरामरिछपालदेवाचार्य जी महाराज के प्रतिनिधि के रूप में श्री रामशरणदास जी महाराज ने कला महाविद्यालय के प्राचार्य से मुलाकात की।
उन्होंने मांग रखी कि जब तक महाराज श्री और मुख्यमंत्री के बीच वार्ता कर उचित निर्णय नहीं हो जाता, तब तक कला महाविद्यालय को नवीन भवन में स्थानांतरित न किया जाए।
🔴 प्राचार्य पर दुर्व्यवहार के आरोप
मुलाकात के दौरान प्राचार्य द्वारा महाराज जी के साथ दुर्व्यवहार करने और अनुचित भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगे हैं। इस घटना से त्रिवेणीधाम के संत समाज, भक्तों एवं स्थानीय नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है।
⚠️ सार्वजनिक माफी की मांग
त्रिवेणी गद्दी के सम्मान को ठेस पहुंचाने के आरोपों के बीच क्षेत्रवासियों और संत समाज ने प्राचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
📣 मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
मामले को लेकर CMO Rajasthan एवं मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma से हस्तक्षेप कर न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग उठ रही है।
#TriveniDham #ShahpuraNews #RajasthanNews #JournalistNews #BreakingNews #
    user_Moolchand saini
    Moolchand saini
    Salesperson शाहपुरा, जयपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • Post by Pawan sharma
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    Post by Pawan sharma
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by Kotputli-Behror Breaking Live
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    Post by Kotputli-Behror Breaking Live
    user_Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli-Behror Breaking Live
    Local News Reporter कोटपूतली, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड के धीर जी खेड़ा गांव के बेटे और भारतीय सेना के जवान पहलवान गुर्जर का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई अपने लाल के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। गांव की गलियां “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के नारों से गूंज उठीं, लेकिन इन नारों के पीछे हर चेहरे पर गहरा दुख साफ नजर आ रहा था। भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ पहलवान गुर्जर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद मौजूद लोगों ने नम आंखों से पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और पूर्व विधायक भी पहुंचे और उन्होंने भी जवान को श्रद्धांजलि दी। माहौल इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिवार का दर्द देख हर कोई हो गया भावुक इस दौरान सबसे ज्यादा दिल को झकझोर देने वाला दृश्य जवान के परिवार का था। पत्नी विद्या का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था, वह अपने पति के पार्थिव शरीर को देखकर खुद को संभाल नहीं पा रही थी। सेना के जवानों ने पत्नी को तिरंगा सौंपा। वहीं मां उदी बाई ने अपने आंसुओं को रोकते हुए बेटे के अंतिम दर्शन किए, लेकिन उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था। पिता रामलाल गुर्जर जब अपने बेटे को अंतिम बार देखने पहुंचे तो वह भी खुद को रोक नहीं सके और फूट-फूट कर रोने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। 3 साल की बेटी की सलामी ने हर किसी को रुला दिया इस दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया। पहलवान गुर्जर की मात्र 3 साल की मासूम बच्ची कृतिका अपने नाना के साथ वहां पहुंची। उसने अपने पिता के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और मासूम आवाज में “जय हिंद” बोलकर सलामी दी। यह पल इतना भावुक था कि वहां खड़े हर व्यक्ति की आंखों से आंसू बहने लगे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि इतनी छोटी बच्ची इतनी बड़ी हिम्मत दिखाएगी। इसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने बंदूक से सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। दिल्ली से गांव तक अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इससे पहले पहलवान गुर्जर का पार्थिव शरीर दिल्ली से उदयपुर लाया गया, जहां से सड़क मार्ग के जरिए उन्हें उनके गांव तक लाया गया। रास्ते में गंगरार, चंदेरिया, रोलहेड़ा बाईपास और धीर जी का खेड़ा गांव में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। हर कोई अपने जवान को अंतिम सलामी देना चाहता था। लोग सड़क किनारे खड़े होकर पुष्प अर्पित कर रहे थे और नम आंखों से अपने गांव के बेटे को विदाई दे रहे थे। फिर धीर जी का खेड़ा से शव यात्रा को होड़ा चौराहे पर लाया गया, जहां भारी भीड़ जमा हो गई, जहां लोगों ने अपने तरीके से श्रद्धांजलि दी। अचानक आई मौत ने तोड़ दिया परिवार बताया गया कि पहलवान गुर्जर का गुरुवार सुबह दिल्ली में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। उनकी तबीयत ड्यूटी के दौरान अचानक खराब हो गई थी। यह खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, सभी सदमे में आ गए। शाम तक परिवार के लोग दिल्ली पहुंच गए थे। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि जो बेटा कल तक ठीक था, वह अचानक इस दुनिया को छोड़कर चला जाएगा। सेना में भर्ती होने का सपना किया था पूरा पहलवान गुर्जर का सेना में जाने का सपना बचपन से ही था। उन्होंने दो बार कोशिश की थी। पहली बार चेन्नई में जाकर तैयारी की, लेकिन किसी कारण से चयन नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी बार झुंझुनू जाकर तैयारी की, जहां उनका चयन हो गया। 20 मार्च 2017 को वह भारतीय सेना में भर्ती हुए। उनकी पोस्टिंग राजपूत रेजीमेंट की एक बटालियन में थी और वर्तमान में वह नई दिल्ली में सेवा दे रहे थे। परिवार से जुड़ा था हर दिन का रिश्ता पहलवान गुर्जर अपने परिवार से बेहद जुड़े हुए थे। उनके पिता ने बताया कि वह दिन में कभी फोन नहीं करते थे, लेकिन हर रात 8 बजे ड्यूटी से लौटकर घर जरूर फोन करते थे। वह अपने परिवार की हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखते थे। उनकी पत्नी पिछले 20-25 दिनों से दिल्ली में ही उनके साथ रह रही थी। पहलवान गुर्जर आखिरी बार करीब 5-6 महीने पहले अपने गांव आए थे। कुछ दिन पहले ही उन्होंने घरवालों को फोन कर कहा था कि दिल्ली में बारिश हो रही है, इसलिए गेहूं की फसल को सुरक्षित रख लें। हो सकता है राजस्थान में भी बारिश हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो फसल खराब हो जाएगी। इससे साफ पता चलता है कि वह दूर रहकर भी अपने घर और खेती की चिंता करते थे। बहन की बीमारी को लेकर रहते थे चिंतित पहलवान गुर्जर अपनी बड़ी बहन कंकू से भी बहुत लगाव रखते थे। उनकी बहन के पैर में बीमारी थी, जिसको लेकर वह हमेशा चिंतित रहते थे। फोन पर अक्सर बहन के इलाज और तबीयत के बारे में पूछते थे। वह चाहते थे कि उनकी बहन जल्दी ठीक हो जाए। अधूरी रह गई जिंदगी की कहानी पहलवान गुर्जर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही की थी। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भदेसर में पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए वह चित्तौड़गढ़ गए, जहां वह कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन दूसरे साल में ही उनका चयन सेना में हो गया और उन्होंने पढ़ाई छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुन लिया। पंचतत्व में विलीन हुआ गांव का लाल धीरजी खेड़ा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ पहलवान गुर्जर का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी और पूरा गांव नम आंखों से अपने बेटे को विदाई देता रहा। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ, वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
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    चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड के धीर जी खेड़ा गांव के बेटे और भारतीय सेना के जवान पहलवान गुर्जर का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हर कोई अपने लाल के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। 
गांव की गलियां “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के नारों से गूंज उठीं, लेकिन इन नारों के पीछे हर चेहरे पर गहरा दुख साफ नजर आ रहा था। भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ पहलवान गुर्जर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। 
इसके बाद मौजूद लोगों ने नम आंखों से पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और पूर्व विधायक भी पहुंचे और उन्होंने भी जवान को श्रद्धांजलि दी। माहौल इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
परिवार का दर्द देख हर कोई हो गया भावुक
इस दौरान सबसे ज्यादा दिल को झकझोर देने वाला दृश्य जवान के परिवार का था। पत्नी विद्या का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था, वह अपने पति के पार्थिव शरीर को देखकर खुद को संभाल नहीं पा रही थी। सेना के जवानों ने पत्नी को तिरंगा सौंपा।
वहीं मां उदी बाई ने अपने आंसुओं को रोकते हुए बेटे के अंतिम दर्शन किए, लेकिन उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था। पिता रामलाल गुर्जर जब अपने बेटे को अंतिम बार देखने पहुंचे तो वह भी खुद को रोक नहीं सके और फूट-फूट कर रोने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
3 साल की बेटी की सलामी ने हर किसी को रुला दिया
इस दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया। पहलवान गुर्जर की मात्र 3 साल की मासूम बच्ची कृतिका अपने नाना के साथ वहां पहुंची। उसने अपने पिता के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और मासूम आवाज में “जय हिंद” बोलकर सलामी दी। 
यह पल इतना भावुक था कि वहां खड़े हर व्यक्ति की आंखों से आंसू बहने लगे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि इतनी छोटी बच्ची इतनी बड़ी हिम्मत दिखाएगी। 
इसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने बंदूक से सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। 
दिल्ली से गांव तक अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
इससे पहले पहलवान गुर्जर का पार्थिव शरीर दिल्ली से उदयपुर लाया गया, जहां से सड़क मार्ग के जरिए उन्हें उनके गांव तक लाया गया। रास्ते में गंगरार, चंदेरिया, रोलहेड़ा बाईपास और धीर जी का खेड़ा गांव में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। हर कोई अपने जवान को अंतिम सलामी देना चाहता था। 
लोग सड़क किनारे खड़े होकर पुष्प अर्पित कर रहे थे और नम आंखों से अपने गांव के बेटे को विदाई दे रहे थे। 
फिर धीर जी का खेड़ा से शव यात्रा को होड़ा चौराहे पर लाया गया, जहां भारी भीड़ जमा हो गई, जहां लोगों ने अपने तरीके से श्रद्धांजलि दी। 
अचानक आई मौत ने तोड़ दिया परिवार
बताया गया कि पहलवान गुर्जर का गुरुवार सुबह दिल्ली में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। उनकी तबीयत ड्यूटी के दौरान अचानक खराब हो गई थी। यह खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, सभी सदमे में आ गए। 
शाम तक परिवार के लोग दिल्ली पहुंच गए थे। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था कि जो बेटा कल तक ठीक था, वह अचानक इस दुनिया को छोड़कर चला जाएगा। 
सेना में भर्ती होने का सपना किया था पूरा
पहलवान गुर्जर का सेना में जाने का सपना बचपन से ही था। उन्होंने दो बार कोशिश की थी। पहली बार चेन्नई में जाकर तैयारी की, लेकिन किसी कारण से चयन नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी बार झुंझुनू जाकर तैयारी की, जहां उनका चयन हो गया। 
20 मार्च 2017 को वह भारतीय सेना में भर्ती हुए। उनकी पोस्टिंग राजपूत रेजीमेंट की एक बटालियन में थी और वर्तमान में वह नई दिल्ली में सेवा दे रहे थे। 
परिवार से जुड़ा था हर दिन का रिश्ता
पहलवान गुर्जर अपने परिवार से बेहद जुड़े हुए थे। उनके पिता ने बताया कि वह दिन में कभी फोन नहीं करते थे, लेकिन हर रात 8 बजे ड्यूटी से लौटकर घर जरूर फोन करते थे। 
वह अपने परिवार की हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखते थे। उनकी पत्नी पिछले 20-25 दिनों से दिल्ली में ही उनके साथ रह रही थी। पहलवान गुर्जर आखिरी बार करीब 5-6 महीने पहले अपने गांव आए थे। 
कुछ दिन पहले ही उन्होंने घरवालों को फोन कर कहा था कि दिल्ली में बारिश हो रही है, इसलिए गेहूं की फसल को सुरक्षित रख लें। हो सकता है राजस्थान में भी बारिश हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो फसल खराब हो जाएगी। इससे साफ पता चलता है कि वह दूर रहकर भी अपने घर और खेती की चिंता करते थे।
बहन की बीमारी को लेकर रहते थे चिंतित
पहलवान गुर्जर अपनी बड़ी बहन कंकू से भी बहुत लगाव रखते थे। उनकी बहन के पैर में बीमारी थी, जिसको लेकर वह हमेशा चिंतित रहते थे। 
फोन पर अक्सर बहन के इलाज और तबीयत के बारे में पूछते थे। वह चाहते थे कि उनकी बहन जल्दी ठीक हो जाए। 
अधूरी रह गई जिंदगी की कहानी
पहलवान गुर्जर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही की थी। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भदेसर में पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए वह चित्तौड़गढ़ गए, जहां वह कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। 
लेकिन दूसरे साल में ही उनका चयन सेना में हो गया और उन्होंने पढ़ाई छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुन लिया। 
पंचतत्व में विलीन हुआ गांव का लाल
धीरजी खेड़ा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ पहलवान गुर्जर का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी और पूरा गांव नम आंखों से अपने बेटे को विदाई देता रहा। 
जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ, वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • अलवर जिले के में दवा वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल से मरीजों को दी जा रही दवाइयों की पैकिंग (strip) बाहर से पूरी तरह सील्ड दिखाई देती है, लेकिन खोलने पर उनमें निर्धारित मात्रा से कम गोलियाँ/कैप्सूल निकल रहे हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और दवा आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। मरीजों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही से उनका इलाज प्रभावित हो सकता है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।
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    अलवर जिले के में दवा वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल से मरीजों को दी जा रही दवाइयों की पैकिंग (strip) बाहर से पूरी तरह सील्ड दिखाई देती है, लेकिन खोलने पर उनमें निर्धारित मात्रा से कम गोलियाँ/कैप्सूल निकल रहे हैं।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और दवा आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। मरीजों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही से उनका इलाज प्रभावित हो सकता है और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।
    user_एस एस मिडिया अलवर
    एस एस मिडिया अलवर
    Local News Reporter मालखेड़ा, अलवर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • चिमनपुरा कॉलेज के प्रिंसिपल KL मीणा द्वारा त्रिवेणी धाम के महाराज के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का मामला सामने आया है,महाराज ने 1977 में कला महाविद्यालय चालू करवाया और संपूर्ण महाविद्यालय भवन स्वयं के पेसो से और ग्रामीणों के परिश्रम से, महाविद्यालय का निर्माण करवा कर सरकार को सुपुर्द किया था और उसी कॉलेज में कार्यरत प्रिंसिपल द्वारा महाराज श्री का अपमान करना अशोभनीय है इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है, प्रिंसिपल KL मीणा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की जा रही है। कॉलेज के प्रिंसिपल KL मीणा ने महाराज के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने घटना को लेकर रोष प्रकट किया है और प्राचार्य को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है ।#@breakingliveNews-h6w#@sevajanta97#Rajasthan Janta Seva-84 Live News#@tejmedia-32#Janta seva#seva jantanews#
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    चिमनपुरा कॉलेज के प्रिंसिपल KL मीणा द्वारा त्रिवेणी धाम के महाराज के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने का मामला सामने आया है,महाराज ने 1977 में कला महाविद्यालय चालू करवाया और संपूर्ण महाविद्यालय भवन स्वयं के पेसो से और ग्रामीणों के परिश्रम से, महाविद्यालय का निर्माण करवा कर सरकार को सुपुर्द किया था और उसी कॉलेज में कार्यरत प्रिंसिपल द्वारा महाराज श्री का अपमान करना अशोभनीय है इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है, प्रिंसिपल KL मीणा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की जा रही है। कॉलेज के प्रिंसिपल KL मीणा ने महाराज के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने घटना को लेकर रोष प्रकट किया है और प्राचार्य को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है ।#@breakingliveNews-h6w#@sevajanta97#Rajasthan Janta Seva-84 Live News#@tejmedia-32#Janta seva#seva jantanews#
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    7 hrs ago
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