मढ़ई के लग्जरी रिजॉर्ट्स ने प्रदर्शनी में रखे थे वन्य प्राणियों के अवशेष, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने किए जप्त मढ़ई के लग्जरी रिजॉर्ट्स ने प्रदर्शनी में रखे थे वन्य प्राणियों के अवशेष, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने किए जप्त सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई क्षेत्र स्थित देश विदेश में चर्चित और महंगे फोरसिथ लॉज रिजॉर्ट में वन्यजीवों के अवशेषों की अवैध प्रदर्शनी का मामला सामने आया है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने सर्चिग के दौरान रिजॉर्ट से चीतल के सींग, सेही के कांटे और सांप की केंचुली बरामद की है। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।एसटीआर के बागड़ा बफर के रेंजर विलास डोंगरे ने बताया कि 9 मार्च को इस 40 एकड़ में फैले आलीशान रिजॉर्ट में दबिश दी गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि रिजॉर्ट प्रबंधन ने विदेशी और वीआईपी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बिना अनुमति वन्यजीवों के अंगों को डिस्प्ले (प्रदर्शनी) में रखा था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व बागड़ा बफर की टीम को रिपोर्ट से चीतल के 4 सींग, सेही के 4 कांटे, सांप की 2 केंचुली मिली है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सोहागपुर के एसडीओ आशीष खोपरागढ़े के अनुसार प्राथमिक जांच में रिजॉर्ट का मैनेजर मुख्य रूप से जिम्मेदार नजर आ रहा है। उससे पूछताछ की जा रही है। विभाग यह पता लगा रहा है कि ये अवशेष कितने पुराने हैं। इन्हें जंगल के किस हिस्से से लाया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में रिजॉर्ट मालिक की संलिप्तता पाई गई तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
मढ़ई के लग्जरी रिजॉर्ट्स ने प्रदर्शनी में रखे थे वन्य प्राणियों के अवशेष, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने किए जप्त मढ़ई के लग्जरी रिजॉर्ट्स ने प्रदर्शनी में रखे थे वन्य प्राणियों के अवशेष, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने किए जप्त सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई क्षेत्र स्थित देश विदेश में चर्चित और महंगे फोरसिथ लॉज रिजॉर्ट में वन्यजीवों के अवशेषों की अवैध प्रदर्शनी का मामला सामने आया है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने सर्चिग के दौरान रिजॉर्ट से चीतल के सींग, सेही के कांटे और सांप की केंचुली बरामद की है। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।एसटीआर के बागड़ा बफर के रेंजर विलास डोंगरे ने बताया कि 9 मार्च को इस 40 एकड़ में फैले आलीशान रिजॉर्ट में दबिश दी गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि रिजॉर्ट प्रबंधन ने विदेशी और वीआईपी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बिना अनुमति वन्यजीवों के अंगों को डिस्प्ले (प्रदर्शनी) में रखा था। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व बागड़ा बफर की टीम को रिपोर्ट से चीतल के 4 सींग, सेही के 4 कांटे, सांप की 2 केंचुली मिली है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सोहागपुर के एसडीओ आशीष खोपरागढ़े के अनुसार प्राथमिक जांच में रिजॉर्ट का मैनेजर मुख्य रूप से जिम्मेदार नजर आ रहा है। उससे पूछताछ की जा रही है। विभाग यह पता लगा रहा है कि ये अवशेष कितने पुराने हैं। इन्हें जंगल के किस हिस्से से लाया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में रिजॉर्ट मालिक की संलिप्तता पाई गई तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
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- https://youtu.be/qyNil3cNtVE?si=8uUcHq4j2d54tPPK Gadarwara बुजुर्ग दंपति की रहस्यमय मौत,हत्या की जताई जा रही आशंका,मौके पर पहुंचे पुलिस कप्तान1
- नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील क्षेत्र के दो किसान अपनी समस्याओं को लेकर पैदल ही भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के लिए निकल पड़े थे। किसानों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार आवेदन दे चुके हैं। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुना और नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों किसान अपनी पैदल यात्रा को आगे न बढ़ाते हुए वापस गांव लौटने के लिए तैयार हो गए।1
- गैस संकट पर संसद में गरमाई सियासत, विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन न्यूज़: नई दिल्ली। देश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कथित कमी, बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आ रही बाधाओं को लेकर संसद परिसर में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई सांसद प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सांसद अपने साथ चूल्हा और कढ़ाई लेकर संसद परिसर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कमी के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष ने केंद्र सरकार से मांग की कि गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और कीमतों में राहत देकर आम लोगों को राहत दी जाए। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
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- रायसेन किले से रमजान के दौरान दागी जाने वाली तोप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने किले की पहाड़ी पर पहुंचकर तोप का निरीक्षण किया और बिना NOC तोप चलाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी है1
- रायसेन किले की तोप चलाने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जताई आपत्ति रायसेन। राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने रायसेन किले का भ्रमण कर वहां से चलाई जाने वाली पारंपरिक तोप पर गहरी चिंता व्यक्त की है। श्री कानूनगो ने इस प्रक्रिया को जनसुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इस पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जिस स्थान से तोप का गोला दागा जाता है, उसके ठीक नीचे घनी मानव बसाहट है। उन्होंने कहा कि "तोप चलाने से न केवल ध्वनि प्रदूषण होता है, बल्कि किसी भी तकनीकी चूक की स्थिति में नीचे रह रहे नागरिकों का जीवन संकट में पड़ सकता है।" कानूनगो ने स्पष्ट किया कि परंपराओं के नाम पर मानव जीवन को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने और उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।1
- Post by PS24NEWS1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1