पत्नी की हत्या कर चौकी में रिपोर्ट करने वाला पति ही निकला आरोपी.. सूरजपुर: रिश्तों के कत्ल और पुलिस को गुमराह करने की एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश करते हुए चौकी सलका-उमेश्वरपुर पुलिस ने हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचकर अज्ञात कारणों से मौत की मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों और वैज्ञानिक जांच के आगे उसका झूठ टिक नहीं सका। मामला ग्राम तारकेश्वरपुर का है, जहां दिनांक 04.03.2026 को आरोपी अलमा प्रजापति ने चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी लीलावती की मृत्यु अज्ञात कारणों से हो गई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह काम से बाहर गया था और लौटने पर अपनी पत्नी को जमीन पर बेसुध पाया। उसने इसे शराब का नशा समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन सुबह होने पर उसे मृत पाया। जांच में खुला राज: चरित्र पर शंका बनी मौत का कारण मर्ग कायम कर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी अलमा प्रजापति का चाल-चलन ठीक नहीं था और वह अन्य महिलाओं से बातचीत करता था। इसी बात को लेकर मृतिका लीलावती अक्सर उसे टोकती थी, जिससे दोनों के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती रहती थी। पुलिस की सख्ती और आरोपी का कबूलनामा एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश और एसडीओपी प्रेमनगर बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में जब संदेही अलमा प्रजापति से बारीकी से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि घटना की रात भी चरित्र पर शंका को लेकर विवाद हुआ था। आक्रोश में आकर उसने हाथ-पैर, प्लास्टिक पाइप और चाकू से वार कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए उसने अगले दिन थाने जाकर झूठी कहानी रची थी। कानूनी कार्यवाही पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और पाइप जब्त कर लिया है। आरोपी अलमा प्रजापति (54 वर्ष), जो कि इलाके का सूचीबद्ध गुंडा बदमाश भी है, को धारा 103(1) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी संजय सिंह यादव, प्रधान आरक्षक अजीत प्रताप सिंह, ईश्वर सिंह, आरक्षक राकेश सिंह पोर्ते, रामचंद्र साहू, पंकज राजवाड़े और पिताम्बर सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
पत्नी की हत्या कर चौकी में रिपोर्ट करने वाला पति ही निकला आरोपी.. सूरजपुर: रिश्तों के कत्ल और पुलिस को गुमराह करने की एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश करते हुए चौकी सलका-उमेश्वरपुर पुलिस ने हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचकर अज्ञात कारणों से मौत की मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों और वैज्ञानिक जांच के आगे उसका झूठ टिक नहीं सका। मामला ग्राम तारकेश्वरपुर का है, जहां दिनांक 04.03.2026 को आरोपी अलमा प्रजापति ने चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी लीलावती की मृत्यु अज्ञात कारणों से हो गई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह काम से बाहर गया था और लौटने पर अपनी पत्नी को जमीन पर बेसुध पाया। उसने इसे शराब का नशा समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन सुबह होने पर उसे मृत पाया। जांच में खुला राज: चरित्र पर शंका बनी मौत का कारण मर्ग कायम कर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी अलमा प्रजापति का चाल-चलन ठीक नहीं था और वह अन्य महिलाओं से बातचीत करता था। इसी बात को लेकर मृतिका लीलावती अक्सर उसे टोकती थी, जिससे दोनों के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती रहती थी। पुलिस की सख्ती और आरोपी का कबूलनामा एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश और एसडीओपी प्रेमनगर बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में जब संदेही अलमा प्रजापति से बारीकी से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि घटना की रात भी चरित्र पर शंका को लेकर विवाद हुआ था। आक्रोश में आकर उसने हाथ-पैर, प्लास्टिक पाइप और चाकू से वार कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए उसने अगले दिन थाने जाकर झूठी कहानी रची थी। कानूनी कार्यवाही पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और पाइप जब्त कर लिया है। आरोपी अलमा प्रजापति (54 वर्ष), जो कि इलाके का सूचीबद्ध गुंडा बदमाश भी है, को धारा 103(1) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी संजय सिंह यादव, प्रधान आरक्षक अजीत प्रताप सिंह, ईश्वर सिंह, आरक्षक राकेश सिंह पोर्ते, रामचंद्र साहू, पंकज राजवाड़े और पिताम्बर सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
- पत्नी की हत्या कर चौकी में रिपोर्ट करने वाला पति ही निकला आरोपी.. सूरजपुर: रिश्तों के कत्ल और पुलिस को गुमराह करने की एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश करते हुए चौकी सलका-उमेश्वरपुर पुलिस ने हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचकर अज्ञात कारणों से मौत की मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों और वैज्ञानिक जांच के आगे उसका झूठ टिक नहीं सका। मामला ग्राम तारकेश्वरपुर का है, जहां दिनांक 04.03.2026 को आरोपी अलमा प्रजापति ने चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी लीलावती की मृत्यु अज्ञात कारणों से हो गई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह काम से बाहर गया था और लौटने पर अपनी पत्नी को जमीन पर बेसुध पाया। उसने इसे शराब का नशा समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन सुबह होने पर उसे मृत पाया। जांच में खुला राज: चरित्र पर शंका बनी मौत का कारण मर्ग कायम कर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी अलमा प्रजापति का चाल-चलन ठीक नहीं था और वह अन्य महिलाओं से बातचीत करता था। इसी बात को लेकर मृतिका लीलावती अक्सर उसे टोकती थी, जिससे दोनों के बीच आए दिन विवाद और मारपीट होती रहती थी। पुलिस की सख्ती और आरोपी का कबूलनामा एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश और एसडीओपी प्रेमनगर बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में जब संदेही अलमा प्रजापति से बारीकी से पूछताछ की गई, तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि घटना की रात भी चरित्र पर शंका को लेकर विवाद हुआ था। आक्रोश में आकर उसने हाथ-पैर, प्लास्टिक पाइप और चाकू से वार कर अपनी पत्नी की हत्या कर दी। खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए उसने अगले दिन थाने जाकर झूठी कहानी रची थी। कानूनी कार्यवाही पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और पाइप जब्त कर लिया है। आरोपी अलमा प्रजापति (54 वर्ष), जो कि इलाके का सूचीबद्ध गुंडा बदमाश भी है, को धारा 103(1) बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी संजय सिंह यादव, प्रधान आरक्षक अजीत प्रताप सिंह, ईश्वर सिंह, आरक्षक राकेश सिंह पोर्ते, रामचंद्र साहू, पंकज राजवाड़े और पिताम्बर सिंह की सक्रिय भूमिका रही।1
- 📰 ब्रेकिंग न्यूज़ | अम्बिकापुर 📍 ग्राम पंचायत डीगमा, जनपद पंचायत अम्बिकापुर की बड़ी लापरवाही उजागर ग्राम पंचायत डीगमा के साप्ताहिक सब्जी मंडी परिसर में बना शौचालय पूरी तरह बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार शौचालय को असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया है और यह अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। 🚫 शौचालय की सीटें टूटी हुई हैं 🚫 पानी की व्यवस्था पूरी तरह ठप – नल खराब 🚫 आसपास कचरा पेटी के पास भारी गंदगी का अंबार स्थानीय लोगों का कहना है कि यह शौचालय अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद इसकी देखरेख नहीं की जा रही है। 😡 ग्रामीणों में आक्रोश ग्रामवासियों ने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया है कि उन्हें इस गंभीर समस्या की सुध लेने का समय नहीं है। इससे आम जनता, खासकर बाजार आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 👉 लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मरम्मत, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। 🎤 ग्राउंड रिपोर्ट हिमांशु राज, MD News, अम्बिकापुर 7805838076.3
- Post by Lalji Boudh1
- गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार सूरजपुर। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सूरजपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी और अवैध खरीदी-बिक्री में शामिल एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इंड-टू-इंड विवेचना के माध्यम से अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। डीआईजी एवं एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत थाना प्रेमनगर पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई। पुलिस को 22 जून 2025 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सरसताल निवासी शशिभूषण दुबे गांजा लेकर आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया और उसके कब्जे से करीब 4 किलो 350 ग्राम गांजा (कीमत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये) बरामद किया। पूछताछ में शशिभूषण दुबे ने गांजा कृष्णा लाल तुरिया से खरीदना बताया। इसके बाद पुलिस ने 11 जुलाई 2025 को दबिश दी, जहां मिनकेतन यादव को गिरफ्तार किया गया, जबकि कृष्णा तुरिया अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। आगे की जांच में टिकेश यादव उर्फ टिकेश्वर यादव को 22 सितंबर 2025 को तथा मुख्य आरोपी कृष्णा लाल तुरिया को 10 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी उड़ीसा से गांजा लाकर स्थानीय स्तर पर सप्लाई करते थे। इस कड़ी में पूर्व में थाना जयनगर पुलिस द्वारा ओमप्रकाश बसोर और मोतीलाल बसोर को करीब 80 किलो गांजा (कीमत लगभग 24 लाख रुपये) के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की विवेचना के दौरान हाल ही में 24 मार्च 2026 को विश्राम राजवाड़े एवं 25 मार्च 2026 को अघनु अगरिया को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में गांजा के अवैध कारोबार में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो वाहन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रेमनगर सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, विशेषकर उड़ीसा के तस्करों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।1
- Post by Guru Reality Show2
- अवैध शराब तस्कर गिरफ्तार1
- मुक्तिधाम लेकर दो पक्षों में विवाद ग्राम जमन्तपुर मे घर के सामने मुक्तिधाम बनाने को लेकर के हुआ विवाद शासकीय प्लांट होने के बावजूद घर के पास जबरन मुक्तिधाम बनाया जा रहा है घर मलिक को कहना है कि थोड़ा सा दूर में मुक्तिधाम बनाया जाए विरोध होने के बाद तातापानी चौकी ने घर मालिक किया गिरफ्तार पूरा मामला बलरामपुर जिले के तातापानी चौकी क्षेत्र का ग्राम जमन्तपुर का है..1
- पश्चिम एशिया संकट पर मुख्यमंत्री की समीक्षा: कालाबाजारी रोकने टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी, 3841 सिलेंडर जब्त और 97 एफआईआर दर्ज रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, आईजी, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आम जनता की सुविधा और सही जानकारी साझा करने के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर कॉल करके तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम बनाकर प्रभारी सचिव व कलेक्टर इसकी सतत समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन में कोई बाधा नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पतालों, छात्रावासों, रेलवे और सैन्य संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर गैस की आपूर्ति निर्बाध बनी रहनी चाहिए। साथ ही, पेट्रोल-डीजल को कंटेनरों में आम जनता को देने पर रोक लगाने और केवल अधिकृत संस्थानों को ही इसकी अनुमति देने की बात कही। कालाबाजारी के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बैठक में बताया गया कि अब तक प्रदेश भर में 335 स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान जमाखोरी के आरोप में 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखा जाए ताकि जनता तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके और भय की स्थिति निर्मित न हो। किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए मुख्यमंत्री ने उर्वरकों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। विष्णु देव साय ने खाद की होल्डिंग पर कड़ाई से रोक लगाने और दैनिक स्टॉक की सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए ताकि सभी किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार खाद प्राप्त हो सके। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि गैस सिलेंडर की बुकिंग सामान्य रूप से चल रही है और उज्ज्वला व सामान्य कनेक्शन के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आपूर्ति आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।1