नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन में उमड़ा जनसैलाब कुशीनगर। मां दुर्गा की विदाई के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। मां के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच पूरा गांव भावुक नजर आया। महिलाओं, छोटे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। विसर्जन में पूरे गांव के लोगों के शामिल होने से माहौल भक्तिमय हो गया। यह दृश्य सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा पिंडरा घुरदास के टोले का है, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मां की विदाई के समय पूजा समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। वहीं, विदाई की घड़ी आते ही कई भक्त भावुक हो गए। विसर्जन यात्रा में महिलाओं और बच्चों की भी अच्छी भागीदारी रही। ग्रामीणों ने पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा को अंतिम विदाई दी। लोगों के लिए यह विसर्जन धार्मिक आस्था और गांव की एकजुटता का प्रतीक बना रहा। पूरे आयोजन में भक्ति और भावुकता का अनूठा संगम देखने को मिला। घुरदास टोले से मझन नाला तक निकली यात्रा मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा घुरदास टोले से शुरू होकर गोविंद टोला होते हुए भेड़ियारी के रास्ते आगे बढ़ी। इसके बाद विधि-विधान के साथ मझन नाला पर प्रतिमा का विसर्जन किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते रहे और सुख-समृद्धि की कामना की। ग्रामीणों के लिए मां दुर्गा की विदाई का यह अवसर खास रहा। पूरे आयोजन में गांव के लोगों की भागीदारी और श्रद्धा देखने को मिली। मां को विदाई देते समय भक्तों ने अगले वर्ष फिर आने की कामना की।
नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन में उमड़ा जनसैलाब कुशीनगर। मां दुर्गा की विदाई के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। मां के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच पूरा गांव भावुक नजर आया। महिलाओं, छोटे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। विसर्जन में पूरे गांव के लोगों के शामिल होने से माहौल भक्तिमय हो गया। यह दृश्य सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा पिंडरा घुरदास के टोले का है, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मां की विदाई के समय पूजा समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। वहीं, विदाई की घड़ी आते ही कई भक्त भावुक हो गए। विसर्जन यात्रा में महिलाओं और बच्चों की भी अच्छी भागीदारी रही। ग्रामीणों ने पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा को अंतिम विदाई दी। लोगों के लिए यह विसर्जन धार्मिक आस्था और गांव की एकजुटता का प्रतीक बना रहा। पूरे आयोजन में भक्ति और भावुकता का अनूठा संगम देखने को मिला। घुरदास टोले से मझन नाला तक निकली यात्रा मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा घुरदास टोले से शुरू होकर गोविंद टोला होते हुए भेड़ियारी के रास्ते आगे बढ़ी। इसके बाद विधि-विधान के साथ मझन नाला पर प्रतिमा का विसर्जन किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते रहे और सुख-समृद्धि की कामना की। ग्रामीणों के लिए मां दुर्गा की विदाई का यह अवसर खास रहा। पूरे आयोजन में गांव के लोगों की भागीदारी और श्रद्धा देखने को मिली। मां को विदाई देते समय भक्तों ने अगले वर्ष फिर आने की कामना की।
- नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई, विसर्जन में उमड़ा जनसैलाब कुशीनगर। मां दुर्गा की विदाई के दौरान भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। मां के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच पूरा गांव भावुक नजर आया। महिलाओं, छोटे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी। विसर्जन में पूरे गांव के लोगों के शामिल होने से माहौल भक्तिमय हो गया। यह दृश्य सुकरौली विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा पिंडरा घुरदास के टोले का है, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मां की विदाई के समय पूजा समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। वहीं, विदाई की घड़ी आते ही कई भक्त भावुक हो गए। विसर्जन यात्रा में महिलाओं और बच्चों की भी अच्छी भागीदारी रही। ग्रामीणों ने पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा को अंतिम विदाई दी। लोगों के लिए यह विसर्जन धार्मिक आस्था और गांव की एकजुटता का प्रतीक बना रहा। पूरे आयोजन में भक्ति और भावुकता का अनूठा संगम देखने को मिला। घुरदास टोले से मझन नाला तक निकली यात्रा मां दुर्गा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा घुरदास टोले से शुरू होकर गोविंद टोला होते हुए भेड़ियारी के रास्ते आगे बढ़ी। इसके बाद विधि-विधान के साथ मझन नाला पर प्रतिमा का विसर्जन किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते रहे और सुख-समृद्धि की कामना की। ग्रामीणों के लिए मां दुर्गा की विदाई का यह अवसर खास रहा। पूरे आयोजन में गांव के लोगों की भागीदारी और श्रद्धा देखने को मिली। मां को विदाई देते समय भक्तों ने अगले वर्ष फिर आने की कामना की।1
- मेले में सफेद स्कॉर्पियो का कहर वीडियो सोशल मीडिया में तेजी के साथ वायरल देवरिया जिले के थाना सलेमपुर क्षेत्रान्तर्गत एक अनियंत्रित सफेद स्कॉर्पियो का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी के साथ वायरल हो रहा हैं। जिसमें आरोपी स्कॉर्पियो ड्राइवर द्वारा मेले के भीड़ भाड़ वाले स्थान पर गाड़ी को तेजी के साथ मोड़ते,चलते जिससे कि अफरा तफरी का माहौल बन गया। जिसका पुलिस ने संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की जा रही है। जिसके सलेमपुर पुलिस सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही की जा रही है । घटना में सम्मिलित सफेद स्कॉर्पियो को चिन्हित कर लिया गया है तथा प्रकरण में अग्रिम वैद्यानिक कार्यवाही की जा रही है। *बाइट - गौरव सिंह क्षेत्राधिकारी सलेमपुर देवरिया।*2
- देवरिया में 501 कन्याओं के पूजन से गूंजा मां दुर्गा का जयकारा ब्रजधाम वाटिका में आस्था और भक्ति का भव्य आयोजन, कन्या पूजन के जरिए दिया बेटियों के सम्मान का संदेश देवरिया। जनपद के भुजौली कॉलोनी स्थित ब्रजधाम वाटिका में आस्था, भक्ति और नारी शक्ति के सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल क्लब के तत्वावधान में आयोजित 501 कन्या पूजन समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। कार्यक्रम में कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके पूजन और सम्मान के माध्यम से सनातन संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही समाज को बेटियों के महत्व का संदेश दिया गया। सनातन धर्म में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन की विशेष धार्मिक महत्ता है। इस परंपरा के तहत कन्याओं के चरण पूजन, आरती और भोजन कराकर देवी के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति प्रकट की जाती है। इसी धार्मिक मान्यता को केंद्र में रखकर आयोजित इस समारोह ने श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक उत्साह का वातावरण बनाया। आयोजकों के अनुसार, कन्या पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में बेटियों के प्रति सम्मान, स्नेह और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का भी माध्यम है। बेटियां परिवार की खुशियों के साथ समाज की शक्ति और देश के भविष्य की आधारशिला हैं। ऐसे आयोजनों से कन्याओं के सम्मान और नारी शक्ति के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। 501 कन्याओं के पूजन का यह भव्य आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों को भी रेखांकित करता है। कार्यक्रम के माध्यम से सनातन परंपराओं के संरक्षण, बेटियों के सम्मान और समाज में नारी के प्रति आदर भाव बढ़ाने का संदेश दिया गया। बाइट: इसराफिल अंसारी उर्फ गब्बर बाइट: शलभ मणि त्रिपाठी, विधायक, देवरिया सदर1
- पडरौना में रावण दहन का भव्य नजारा, ऐतिहासिक भीड़ से खचाखच भरा रामलीला मैदान राजदरबार की परंपराओं और विधि-विधान के साथ हुआ रावण दहन, रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा आसमान आई कैन न्यूज / पडरौना, कुशीनगर। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व पडरौना के ऐतिहासिक राजदरबार रामलीला मैदान में भव्यता और उल्लास के साथ मनाया गया। वर्षों बाद इस बार उमड़ी ऐतिहासिक भीड़ ने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी के चेहरे पर उत्साह और उमंग दिखाई दी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया था। इसी परंपरा को जीवंत रखते हुए प्रतिवर्ष पडरौना राजदरबार के रामलीला मैदान में रावण दहन का आयोजन किया जाता है। रावण दहन से पहले निभाई गई राजदरबार की ऐतिहासिक परंपरा इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह है कि रावण दहन से पूर्व राजदरबार परिवार द्वारा पारंपरिक विधि-विधान का निर्वहन किया जाता है। राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह एवं राजदरबार परिवार के सदस्य धार्मिक परंपराओं के अनुसार रावण के पास पहुंचते हैं और उसके ज्ञान एवं विद्वता से जुड़ी प्रतीकात्मक परंपरा का निर्वहन करते हैं। यह परंपरा एक गहरा संदेश देती है कि रावण जैसा प्रकांड विद्वान भी अपने अहंकार और अधर्म के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। ज्ञान कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि उसके साथ अहंकार जुड़ जाए तो उसका पतन निश्चित है। इसके बाद जैसे ही रावण के पुतले को अग्नि दी गई, पटाखों की गड़गड़ाहट से पूरा वातावरण गूंज उठा। आसमान में बिखरती रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने ऐसा मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया कि उपस्थित जनसमूह की निगाहें आसमान पर टिक गईं। मानो आतिशबाजी के चमकते सितारे भी संदेश दे रहे हों कि जीवन में अहंकार नहीं, बल्कि सत्य, मर्यादा और सदाचार का प्रकाश होना चाहिए। मेले की जलेबी का स्वाद और बचपन की यादों ने बढ़ाई रौनक रामलीला मैदान में लगे विशाल मेले का आकर्षण भी देखते ही बन रहा था। बच्चों के खिलौने, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, मिठाइयों की दुकानें और तरह-तरह के व्यंजनों ने लोगों को खूब आकर्षित किया। विशेष रूप से मेले की गरमागरम जलेबी का आनंद ही कुछ अलग था। लोग जलेबी खाते भी नजर आए और अपने परिवार के लिए खरीदकर घर ले जाते भी दिखाई दिए। मेले की यह परंपरा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सामाजिक एकता और बचपन की अनमोल यादों को भी जीवंत करती है। रावण तो हर साल जलता है, लेकिन क्या हमारे भीतर का अहंकार भी जलता है? विजयादशमी का वास्तविक संदेश केवल रावण के पुतले को जलाना नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, लोभ, अन्याय और असत्य को समाप्त करना है। रावण विद्वान था, शक्तिशाली था, लेकिन उसका अहंकार ही उसके विनाश का कारण बना। आइए, अब सुनते हैं कि पडरौना राजदरबार की ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार रावण दहन के बाद राज्यसभा सांसद कुंवर आरपीएन सिंह ने उपस्थित जनसमूह को क्या संदेश दिया। देखिए आई कैन न्यूज की विशेष रिपोर्ट।1
- डमरू की गूंज से गूंज उठा गोरखनाथ मंदिर! विजयादशमी पर CM योगी की भव्य शोभायात्रा गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में CM योगी आदित्यनाथ की विजयादशमी शोभायात्रा से जुड़ा यह खास दृश्य देखिए। #Gorakhpur #YogiAdityanath #DainikAdhyay1
- नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपित गिरफ्तार नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपित गिरफ्तार देवरिया, 21 अक्टूबर। देवरिया कोतवाली पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में वांछित एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित की पहचान मन्नु राजभर उर्फ निरहु (20) पुत्र रुदल राजभर, निवासी भगवान चौराहा, देवरिया खास, थाना कोतवाली, जनपद देवरिया के रूप में हुई है। मामले में पीड़िता की मां ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि आरोपित उनकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत में गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) और 87 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद से पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी थी। बुधवार, 21 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस ने मामले में वांछित मन्नु राजभर उर्फ निरहु को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशिभूषण राय, उपनिरीक्षक मनीष कुमार सिंह और कांस्टेबल मिकिन्स पटेल शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि आरोपित के विरुद्ध नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।2
- गोरखपुर में मूर्ति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई ट्रैक्टर-ट्रॉली,3 भाइयों की मौत, 10 लोग झुलसे मौके पर भारी बवाल, पुलिस फोर्स तैनात; DM-SSP ने संभाला मोर्चा JE समेत 2 सिपाही सस्पेंड, लाइनमैन की नौकरी गई! #Gorakhpur #गोरखपुर #BreakingNews #ABC हिंदुस्तान #मूर्ति_विसर्जन #हाईटेंशन_लाइन #बड़ा_हादसा #3कीमौत #10झुलसे #करंट_हादसा #UPNews #UttarPradeshNews #GorakhpurNews #PoliceAction #DM #SSP #पुलिस_फोर्स #दुर्गा_विसर्जन #LatestNews #HindiNews1
- गोरखपुर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन हादसा, 3 की मौत, 10 झुलसे! एसएसपी गोरखपुर का बड़ा बयान गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीन लोगों की मौत हुई और 10 लोग झुलस गए। हादसे को लेकर SSP गोरखपुर की आधिकारिक वीडियो बाइट देखिए। #Gorakhpur #GorakhpurNews #DainikAdhyay1