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कुछ व्यक्तियों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।
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कुछ व्यक्तियों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।
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- कुछ व्यक्तियों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।1
- मनेन्द्रगढ़ नगरपालिका के मौहारपारा स्थित वार्ड क्रमांक 4 में इन दिनों भीषण पेयजल संकट गहरा गया है। वार्डवासी कई महीनों से पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए भी पानी जुटाने में भारी कठिनाई हो रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने वार्ड में व्याप्त जलसंकट की जानकारी कई बार वार्ड पार्षद को दी है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। भीषण गर्मी के कारण पानी की समस्या ने आम जनता की परेशानियों को और बढ़ा दिया है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दूर से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि नगर पालिका भले ही शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इन दावों से बिलकुल अलग है, क्योंकि एक शहरी वार्ड में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। नागरिकों ने प्रशासन और नगर पालिका से इस समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान करने, साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कर लोगों को राहत पहुँचाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे जनआंदोलन करने पर मजबूर होंगे। वार्ड नंबर 4 का यह जलसंकट अब केवल एक स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।4
- अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत परसवार में जिला प्रशासन के तत्वावधान में एक जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान करना शासन-प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की संतुष्टि ही उसकी सफलता का वास्तविक मापदंड है। श्रीमती कुमारी ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। शिविर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिनकी कुल संख्या 99 रही। इनमें से अधिकांश आवेदनों का मौके पर ही संबंधित विभागों के मैदानी अधिकारियों द्वारा तत्परता से निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष लंबित आवेदनों के लिए श्रीमती अर्चना कुमारी ने अधिकारियों को समय-सीमा निर्धारित करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के उद्देश्य से पशुपालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विद्युत, कृषि, उद्यानिकी, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी और जानकारीपरक स्टॉल लगाए गए। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग ने एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया, जहाँ उपस्थित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भुवनेश्वरी धुर्वे, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग विनोद परस्ते, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ गणेश कुमार पांडेय, जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।1
- भालूमाड़ा (अनूपपुर) पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज 'अंधी हत्या' का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बोरी में रेत भरकर डैम में फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की के मामा सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को दिनांक 2.06.2026 को सूचना मिली थी कि ओसीएम छोहरी के पोखरी डैम के पानी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैर रहा है। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने शव को बाहर निकाला, तो उसकी पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस (उम्र 18 वर्ष) पिता रंजू सहीस के रूप में हुई। मृतक का शव क्षत-विक्षत हालत में था और उसकी कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी, ताकि शव पानी के ऊपर न आ सके। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 148/2026, धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ सिंह मरकाम और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर चार युवकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। मुख्य आरोपी ने बताया कि मृतक सनि सहीस का पिछले 3-4 वर्षों से उसकी सगी भांजी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के मामा और परिवार वालों ने सनि को कई बार समझाया और रोका, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने चचेरे भाई, एक साथी और पड़ोसी के साथ मिलकर सनि को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार, दिनांक 29.05.2026 की रात करीब 8:30 बजे, आरोपी सनि सहीस को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम छोहरी की बड़ी पुलिया के पास ले गए। वहाँ उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर सनि की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने शव की कमर में रेत से भरी बोरी बांधी और उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, हत्या में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। सभी चारों आरोपियों को 03.06.2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरीक्षक उमेश उपाध्याय, उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, स.उ.नि. चन्द्रहास बांधेकर, स.उ.नि. कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप यादव, चालक आरक्षक दिनेश किराडे, महिला आरक्षक ज्योति मालवीय सहित साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार और आरक्षक पंकज मिश्रा की अत्यंत सराहनीय व मुख्य भूमिका रही।2
- प्रार्थी नवीन चंद्रवंशी ने थाना आमानाका में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 मई 2026 को थाना आमानाका क्षेत्रांतर्गत सरोना स्थित शराब दुकान के पास खड़ी उनकी एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 केजे 4471 को किसी अज्ञात चोर ने चुरा लिया था। प्रार्थी की शिकायत पर, अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना आमानाका में अपराध क्रमांक 178/26, धारा 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना आमानाका पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू की। टीम ने प्रार्थी से गहन पूछताछ की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का अवलोकन किया। इसके साथ ही, अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए मुखबिरों की भी मदद ली जा रही थी। इसी दौरान, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम को चोरी हुई वाहन और आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर, टीम के सदस्यों ने लक्की देवार को पकड़ा और पूछताछ करने पर उसने एक्टिवा वाहन चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने जुगनू देवार के पुत्र, 22 वर्षीय लक्की देवार, जो ब्लॉक नंबर 14, मकान नंबर 09, बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना, थाना डी डी नगर, रायपुर का निवासी है, को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 केजे 4471 बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40,000/- रुपये है। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की गई।1
- भालूमाड़ा में 02 जून 2026 को पोखरी डैम ओसीएम छोहरी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पानी में तैरता मिला। पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस, पिता रंजू सहीस (उम्र 18 वर्ष) के रूप में हुई, जिसका शव छत-विछत हालत में था और कमर में रेत भरी बोरी रस्सी से बंधी थी। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 148/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी की सगी भांजी और मृतक सनि सहीस के बीच पिछले 3-4 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी लड़की के मामा और परिवार को थी, जिन्होंने सनि सहीस को कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं माना। इसी कारण लड़की के मामा ने 29 मई 2026 को अपने एक साथी, चचेरे भाई और पड़ोसी के साथ मिलकर सनि सहीस की हत्या की योजना बनाई। उसी दिन रात 08:30 बजे, वे सभी एक मोटरसाइकिल पर सनि सहीस को बिठाकर ग्राम छोहरी के बड़ी पुलिया के पास ले गए और रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव को छिपाने के उद्देश्य से उसे मोटरसाइकिल पर लादकर ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया गया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल, दस्तावेज और हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी को जब्त कर लिया। सभी चारों आरोपियों को 03 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरी. उमेश उपाध्याय, उप निरी. डी.एस. बागरी, स.उ.नि. चन्द्रहास बांधेकर, स.उ.नि. कमलेश शुक्ला, प्र.आर. 118 ईश्वर यादव, प्र.आर. 57 कृपाल सिंह, आर. 224 चक्रधर तिवारी, आर. 294 देवेन्द्र तिवारी, आर. 477 प्रदीप यादव, चा.आर. 575 दिनेश किराडे, म.आर. 579 ज्योति मालवीय और साईबर सेल प्र.आर. राजेन्द्र अहिरवार, आर. पंकज मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके चलते भालूमाड़ा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस अंधी हत्या का खुलासा कर दिया।1
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम चरखर में मंगलवार को मनरेगा कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बोल्डर चेक डैम निर्माण के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य महिलाएँ गंभीर रूप से झुलस गईं। यह घटना मनरेगा कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घायल महिलाओं का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में जारी है, जहाँ दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यस्थल पर करीब 58 मजदूर मौजूद थे, तभी अचानक मौसम बिगड़ा, तेज आंधी चली, आसमान में गर्जना होने लगी और हल्की बारिश शुरू हो गई। मजदूर सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि एक तेज चमक के साथ बिजली गिरी और छह महिलाएँ उसकी चपेट में आ गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्राम चरखर के मेट विवेक कुमार सिंह और घायल मजदूर रामकली ने भी मौसम खराब होने और मजदूरों के कार्यस्थल पर होने की पुष्टि की है। हादसे के बाद पूरे गाँव में मातम छा गया है, और ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासी अमित केवट ने बताया कि सूचना के काफी देर बाद भी जनपद या प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा। चिकित्सक डॉ. पवन गुप्ता ने छह महिलाओं में से एक को मृत घोषित करने और पाँच के उपचार जारी होने की जानकारी दी। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब मौसम विभाग लगातार खराब मौसम और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी कर रहा था, तब भी मजदूरों को कार्यस्थल पर क्यों रोका गया और उनकी सुरक्षा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों की मांग है कि मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, घायलों का बेहतर उपचार हो और इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए। यह हादसा केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाली घटना बन गया है।3