भालूमाड़ा (अनूपपुर) पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज 'अंधी हत्या' का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बोरी में रेत भरकर डैम में फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की के मामा सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को दिनांक 2.06.2026 को सूचना मिली थी कि ओसीएम छोहरी के पोखरी डैम के पानी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैर रहा है। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने शव को बाहर निकाला, तो उसकी पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस (उम्र 18 वर्ष) पिता रंजू सहीस के रूप में हुई। मृतक का शव क्षत-विक्षत हालत में था और उसकी कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी, ताकि शव पानी के ऊपर न आ सके। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 148/2026, धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ सिंह मरकाम और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर चार युवकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। मुख्य आरोपी ने बताया कि मृतक सनि सहीस का पिछले 3-4 वर्षों से उसकी सगी भांजी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के मामा और परिवार वालों ने सनि को कई बार समझाया और रोका, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने चचेरे भाई, एक साथी और पड़ोसी के साथ मिलकर सनि को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार, दिनांक 29.05.2026 की रात करीब 8:30 बजे, आरोपी सनि सहीस को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम छोहरी की बड़ी पुलिया के पास ले गए। वहाँ उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर सनि की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने शव की कमर में रेत से भरी बोरी बांधी और उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, हत्या में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। सभी चारों आरोपियों को 03.06.2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरीक्षक उमेश उपाध्याय, उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, स.उ.नि. चन्द्रहास बांधेकर, स.उ.नि. कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप यादव, चालक आरक्षक दिनेश किराडे, महिला आरक्षक ज्योति मालवीय सहित साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार और आरक्षक पंकज मिश्रा की अत्यंत सराहनीय व मुख्य भूमिका रही।
भालूमाड़ा (अनूपपुर) पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज 'अंधी हत्या' का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को बोरी में रेत भरकर डैम में फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लड़की के मामा सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस को दिनांक 2.06.2026 को सूचना मिली थी कि ओसीएम छोहरी के पोखरी डैम के पानी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैर रहा है। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने शव को बाहर निकाला, तो उसकी पहचान ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस (उम्र 18 वर्ष) पिता रंजू सहीस के रूप में हुई। मृतक का शव क्षत-विक्षत हालत में था और उसकी कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बंधी हुई थी, ताकि शव पानी के ऊपर न आ सके। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 148/2026, धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए, अनूपपुर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ सिंह मरकाम और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर चार युवकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। मुख्य आरोपी ने बताया
कि मृतक सनि सहीस का पिछले 3-4 वर्षों से उसकी सगी भांजी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के मामा और परिवार वालों ने सनि को कई बार समझाया और रोका, लेकिन वह नहीं माना। इसी बात से नाराज होकर लड़की के मामा ने अपने चचेरे भाई, एक साथी और पड़ोसी के साथ मिलकर सनि को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार, दिनांक 29.05.2026 की रात करीब 8:30 बजे, आरोपी सनि सहीस को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम छोहरी की बड़ी पुलिया के पास ले गए। वहाँ उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर सनि की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने शव की कमर में रेत से भरी बोरी बांधी और उसे ओसीएम के पोखरी डैम में फेंक दिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, हत्या में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। सभी चारों आरोपियों को 03.06.2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी भालूमाड़ा निरीक्षक उमेश उपाध्याय, उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, स.उ.नि. चन्द्रहास बांधेकर, स.उ.नि. कमलेश शुक्ला, प्रधान आरक्षक ईश्वर यादव, कृपाल सिंह, आरक्षक चक्रधर तिवारी, देवेन्द्र तिवारी, प्रदीप यादव, चालक आरक्षक दिनेश किराडे, महिला आरक्षक ज्योति मालवीय सहित साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार और आरक्षक पंकज मिश्रा की अत्यंत सराहनीय व मुख्य भूमिका रही।
- आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षकों ने आज शहडोल के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया है कि उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है और कई स्थानों पर इसमें अनुचित कटौती भी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों ने मांग की है कि प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान हर माह की 5 तारीख तक बिना किसी कटौती के सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वेतन पर्ची की व्यवस्था लागू करने, सभी बकाया राशि का एरियर सहित भुगतान करने और भुगतान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, आशा कार्यकर्ताओं के लिए ₹26,000 न्यूनतम वेतन, राज्य सरकार की ओर से तत्काल ₹10,000 मासिक मानदेय, गैर-विभागीय कार्यों के लिए अतिरिक्त भुगतान, रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति में होने वाली मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन प्रमुख मांगों का शीघ्र और संतोषजनक निराकरण नहीं किया जाता है, तो वे अपने आंदोलन को और भी अधिक तेज करेंगे।2
- डिंडौरी जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक-1 में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ 35 वर्षीय परसराम वनवासी नामक युवक ने अज्ञात कारणों से अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और परिजन व स्थानीय लोग तुरंत उसे बचाने मौके पर पहुँचे। गंभीर रूप से झुलसे परसराम को तत्काल जिला अस्पताल डिंडौरी लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, युवक लगभग 75 प्रतिशत तक आग से झुलस चुका है, जिसके कारण उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया है। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-1 की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, इस आत्मघाती कदम उठाने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। वहीं, परसराम के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से अत्यधिक शराब के सेवन का आदी था। हालाँकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस घटना का संबंध उसकी शराब की लत से है या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच कर रही है। इस घटना ने जिले में लोगों को झकझोर कर रख दिया है। परसराम की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और परिजन उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।1
- डिंडौरी जिले की शाहपुर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ व्यक्ति मोटरसाइकिल पर अवैध शराब लेकर जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच के दौरान, आरोपियों से कुल 61.2 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। साथ ही, शराब के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को भी जब्त किया गया। जब्त की गई शराब और वाहन की कुल कीमत लगभग 1 लाख 75 हजार 600 रुपये बताई गई है। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- आज उमरिया जिले की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और रोजगार सहायिकाओं ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर महोदया, उमरिया को सौंपा। उन्होंने इस ज्ञापन के माध्यम से अपना मानदेय बढ़ाने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने का निवेदन किया। इस मांगों को लेकर हुए ज्ञापन सौंपने के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सहायक संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, जिला सचिव श्रीमती बेबी जान, जिला सह सचिव नेमकली सिंह, ललिता साहू, चयना पटेल, उमा कोल सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह ज्ञापन मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ और भारतीय मजदूर संघ द्वारा कलेक्टर कार्यालय उमरिया में प्रस्तुत किया गया।1
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर अब गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा होने लगा है। सूत्रों के मुताबिक, टूरिस्ट वाहनों के अलावा अब हाथियों के माध्यम से भी बाघों की स्वच्छंदता पर प्रहार हो रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी कारण बाघ अपना रहवास स्थल छोड़कर गांव की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में ताला जोन में बैठे हुए आराम फरमा रहे बजरंग नामक बाघ को एक महावत द्वारा घास के मैदान से बाहर खदेड़ते हुए दिखाया गया है, जिससे उक्त बाघ काफी परेशान होता हुआ भी दिखाई दे रहा है। जानकारों के अनुसार, ऐसे में टाइगर परेशान होकर अपने वास स्थल से निकल कर जंगल के बाहर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं, जिसके दुखद परिणाम हो सकते हैं। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर जिम्मेदारों से अविलंब दखल और कार्यवाही की अपेक्षा की जाती है।1
- अनूपपुर के वार्ड नंबर 14, पुरानी बस्ती निवासी नवविवाहिता श्रीमती हेमा वंशकार (लगभग 21 वर्ष) की 13 मई 2026 को घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में उनके पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक रूप से हेमा को घर में फांसी लगाने के बाद मृत अवस्था में शासकीय जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाया गया था, जिसके बाद थाना कोतवाली अनूपपुर में मर्ग क्रमांक 32/26 धारा 194 बी.एन.एस.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रभारी एसडीओपी अनूपपुर श्री नवीन तिवारी द्वारा की गई जांच में मृतिका के मायके पक्ष के गवाहों ने महत्वपूर्ण खुलासे किए। गवाहों के अनुसार, शादी के बाद से ही हेमा वंशकार के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार लगातार उनसे दहेज के तौर पर 2 लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे। दहेज न मिलने पर वे हेमा के साथ गाली-गलौज करते और मारपीट भी करते थे, जिससे वह लगातार प्रताड़ित हो रही थीं। जांच में यह सामने आया कि दहेज प्रताड़ना के कारण ही शादी के सात वर्ष के भीतर हेमा वंशकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। इस कृत्य को आरोपीगणों का अपराध मानते हुए थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 311/26, धारा 85, 80(2), 3(5) बी.एन.एस. तथा 3, 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत पंजीबद्ध किया गया। बुधवार सुबह एसडीओपी नवीन तिवारी, टी. आई. कोतवाली अरविंद जैन, प्रधान आरक्षक शिवशंकर, महेंद्र सिंह, खेमराज मार्को और महिला आरक्षक कविता विकल की टीम ने इस मामले में मृतिका के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार को गिरफ्तार कर लिया।1
- डिंडोरी जिले में पीने के पानी का गंभीर संकट गहराया हुआ है, जहाँ जनसुनवाई में हर सप्ताह दर्जनों गाँवों से पानी की समस्याओं की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। स्थिति यह है कि कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि इस जल संकट से लोगों को मुक्ति दिलाने में सक्षम नहीं दिख रहा है। जिला प्रशासन, साथ ही विधायक ओमकार मरकाम और ओमप्रकाश धुर्वे, इस गंभीर समस्या के प्रति बेपरवाह दिखाई दे रहे हैं, और तात्कालिक समाधान प्रदान करने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। कला पड़रिया, गर्रा टोला और खरगहना जैसे क्षेत्रों में जनता पीने के पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और अपनी समस्याओं से जूझ रही है।4
- डिंडौरी जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना शाहपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 61.2 लीटर अंग्रेजी शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल जब्त की, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 75 हजार 600 रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कृष्ण कुमार उर्फ छोटा ठाकुर निवासी डिंडौरी, रिंकू उर्फ डॉन उर्फ नरेश कछवाहा निवासी शाहपुर और दुर्गेश वंशकार निवासी शाहपुर शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी शहपुरा अजय तिवारी के पर्यवेक्षण में हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक केवल सिंह परते ने एक विशेष टीम गठित कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया था, जिसके बाद पुलिस को डिंडौरी से ग्राम सारसताल की ओर मोटरसाइकिल से अवैध शराब की खेप ले जाए जाने की सूचना मिली। इसी सूचना के आधार पर, 2 जून की मध्यरात्रि पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान, आरोपियों के पास से सात पेटियों में भरी 340 पाव अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 47 हजार 600 रुपये बताई गई है। इसके अलावा, परिवहन में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 158/2026 के तहत मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ उनका अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- डिंडोरी के सूबखार वार्ड नंबर 2 में एक निवासी ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। इस घटना में युवक गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है। स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।3