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*अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰* *अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰*
सतभक्ति संदेश
*अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰* *अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰*
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- *अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰* *अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰*1
- टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो भेजने वाला प्रोफेसर को कोतवाली पुलिस ने कृषि महाविद्यालय से गिरफ्तार कोतवाली थाना अंतर्गत टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो भेजने और, प्रैक्टिकल में कम अंक देने की धमकी देकर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप में,सिटी कोतवाली पुलिस ने पियूष कान्त नेताम उम्र 49 वर्ष,पिता नारद राम,निवासी ग्राम कोपरा,बड़े राजपुर, थाना फरसगांव,जिला कोंडागांव को कृषि महाविद्यालय कांकेर परिसर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), 75(3), 351(2) एवं आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक जितेन्द्र साहू, सहायक उपनिरीक्षक भुनेश्वरी भगत, प्रधान आरक्षक कौशल साहू, आरक्षक रामूराम जुर्री, अनिल मरकाम,जितेन्द्र कोर्राम,रामप्रसाद साहू, महिला आरक्षक गणेश्वरी कोडोपी एवं पेट्रोलिंग टीम शामिल रही।1
- कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का एक दिवसीय धरना, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन.... रिपोटर:- मिथलेश उसेण्डी लोकेशन:- कोयलीबेड़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर आज कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय तहसील कार्यालय के सामने रंगमंच मे धरना-प्रदर्शन किया। अपनी 5 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आज कोयलीबेड़ा विकासखंड की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।धरना स्थल पर पहुंची कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए महिलाएं नारे लगा रही थीं - "अभी तो अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है, फूल नहीं चिंगारी है, छत्तीसगढ़ की नारी है काम के बदले दाम मांगते, ना ही किसी से भीख मांगते हैं। धरना स्थल पर बैठी महिलाओं ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं, लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के काम के अलावा अन्य विभागों के भी कई सारे काम उनसे लिए जाते हैं, जिससे उनके मूल काम में बाधा उत्पन्न होती है और वे आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। संयुक्त मंच द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में 5 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जो इस प्रकार हैं - 1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का नियमितीकरण किया जाए। नियमित होने तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ता को 30 हजार और सहायिका को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। 2. कार्यकर्ता को पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) पद पर और सहायिका को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत किया जाए तथा उम्र बंधन खत्म किया जाए। 3. सभी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और पीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 4. कार्यकर्ता एवं सहायिका की आकस्मिक मृत्यु पर तत्काल अनुकंपा नियुक्ति तथा रिटायरमेंट पर 5 लाख और 3 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए। 5. मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये मानदेय में वृद्धि की जाए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो वे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी। यह ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम तहसीलदार कोयलीबेड़ा को सौपा ज्ञापन । कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी। धरने में कोयलीबेड़ा ब्लॉक के सभी सेक्टरों की कार्यकर्ता-सहायिका बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का एक दिवसीय धरना, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन.... रिपोटर:- मिथलेश उसेण्डी लोकेशन:- कोयलीबेड़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर आज कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय तहसील कार्यालय के सामने रंगमंच मे धरना-प्रदर्शन किया। अपनी 5 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आज कोयलीबेड़ा विकासखंड की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।धरना स्थल पर पहुंची कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए महिलाएं नारे लगा रही थीं - "अभी तो अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है, फूल नहीं चिंगारी है, छत्तीसगढ़ की नारी है काम के बदले दाम मांगते, ना ही किसी से भीख मांगते हैं। धरना स्थल पर बैठी महिलाओं ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं, लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के काम के अलावा अन्य विभागों के भी कई सारे काम उनसे लिए जाते हैं, जिससे उनके मूल काम में बाधा उत्पन्न होती है और वे आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। संयुक्त मंच द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में 5 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जो इस प्रकार हैं - 1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का नियमितीकरण किया जाए। नियमित होने तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ता को 30 हजार और सहायिका को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। 2. कार्यकर्ता को पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) पद पर और सहायिका को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत किया जाए तथा उम्र बंधन खत्म किया जाए। 3. सभी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और पीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 4. कार्यकर्ता एवं सहायिका की आकस्मिक मृत्यु पर तत्काल अनुकंपा नियुक्ति तथा रिटायरमेंट पर 5 लाख और 3 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए। 5. मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये मानदेय में वृद्धि की जाए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो वे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी। यह ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम तहसीलदार कोयलीबेड़ा को सौपा ज्ञापन । कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी। धरने में कोयलीबेड़ा ब्लॉक के सभी सेक्टरों की कार्यकर्ता-सहायिका बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।4
- भोडिया में अर्नब तूफान का कहर। दिन भर झमाझम बारिश के साथ। भोडिया में अर्नब तूफान का कहर। भोडिया में अर्नब आंधी तूफान आज बुधवार को दिन भर झमाझम बारिश के साथ आंधी तुफान भी अपना रौद्रा रुप दिखा रहा है।3
- दशहरे के बाद दंतेश्वरी मंदिर के आसपास दुकानें सजने लगी जो अब तक सुरक्षा कारणों से बंद थी जगदलपुर/ जगदलपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर के पास स्थित दुकानें जो अब तक सुरक्षा कारणों से बंद थी अब धीरे-धीरे खुलने लगी है । यहां लोग पहले की तरह आने लगे हैं,यह जगह पहले राष्ट्रपति के आगमन के दौरान सुरक्षा कारणों से पूरी तरह बंद की जा चुकी थी और इसके आसपास लगने वाली दुकानें और उनके व्यवसाय प्रभावित हुए थे। कल बस्तर दशहरे का विधिवत समापन हुआ और सभी आमंत्रित देवी देवताओं की विदाई हुई इसी के साथ बस्तर दशहरा 2026 का समापन हुआ।1
- जगदलपुर नगरनार पुलिस की कार्रवाई: 8.5 किलो गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार जगदलपुर नगरनार पुलिस की कार्रवाई: 8.5 किलो गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार1
- चक्रवात का असर! नवापारा-राजिम में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, तापमान गिरने से बढ़ी ठंड; तैयार धान की फसल पर मंडराया संकट सुबह से बारिश और तेज हवाओं ने बदला मौसम का मिजाज, ठंड का एहसास बढ़ा | खेतों में पककर तैयार धान को नुकसान की आशंका, किसानों की निगाहें अब मौसम पर गोबरा नवापारा-राजिम। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के राजिम, गोबरा नवापारा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला नजर आया। बारिश और तेज हवाओं के चलते जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं तापमान में गिरावट महसूस होने से ठंड का एहसास भी बढ़ गया है। अचानक बदले मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। दूसरी ओर, खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिस धान की फसल को किसान महीनों की मेहनत, लागत और उम्मीदों के साथ कटाई के लिए तैयार कर रहे थे, उस पर अब मौसम की मार पड़ने की आशंका जताई जा रही है। धान की कटाई का समय नजदीक होने के कारण बारिश और तेज हवाएं किसानों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं। यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहता है, तो कृषि कार्यों के साथ-साथ आम लोगों की दिनचर्या पर भी इसका असर पड़ सकता है। बारिश और तेज हवाओं से आम जनजीवन प्रभावित बुधवार सुबह से हुई बारिश ने क्षेत्र के मौसम को पूरी तरह बदल दिया। आसमान में बादल छाए रहने, बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। रोजमर्रा के कामकाज के लिए घरों से निकलने वाले लोगों को भी मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ा। बारिश के कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रही। वहीं, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, छोटे व्यापारियों और दैनिक मजदूरी पर निर्भर लोगों के लिए भी मौसम परेशानी पैदा कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़े कामों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो खेतों में काम करने वाले मजदूरों को कटाई सहित अन्य कृषि कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, क्षेत्र में जनजीवन और आवागमन पर वास्तविक प्रभाव की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। तापमान में गिरावट से बढ़ा ठंड का एहसास बारिश और बादलों के कारण मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है। तापमान में गिरावट आने से लोगों को मौसम में बदलाव का एहसास होने लगा है। सुबह और शाम के समय ठंड का प्रभाव बढ़ने की संभावना के बीच लोग अब मौसम के बदले मिजाज के अनुरूप अपनी दिनचर्या में बदलाव कर रहे हैं। अक्टूबर के अंतिम दिनों में बारिश के साथ ठंडक बढ़ने से मौसम ने नया रूप ले लिया है। हालांकि, तापमान में वास्तविक गिरावट कितनी दर्ज की गई है, इसकी पुष्टि मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों से ही हो सकेगी। मौसम में अचानक बदलाव का असर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है। तैयार धान की फसल पर संकट, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नवापारा-राजिम क्षेत्र कृषि प्रधान इलाका है, जहां बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका धान की खेती पर निर्भर है। किसानों ने फसल तैयार करने के लिए महीनों तक मेहनत की है। खाद, बीज, मजदूरी, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में खर्च करने के बाद अब फसल कटाई के चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे समय में बारिश और तेज हवाओं का दौर किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। कई स्थानों पर धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है। यदि तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहती है, तो फसल के गिरने और खेतों में पानी जमा होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इससे कटाई में देरी होने के साथ फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है। किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता अपनी तैयार फसल को सुरक्षित घर तक पहुंचाने की है। यदि मौसम लगातार खराब रहता है, तो कटाई और मिंजाई के काम में बाधा आ सकती है। इससे कृषि कार्यों की लागत बढ़ने और किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ने की आशंका भी रहती है। हालांकि, अभी संभावित नुकसान को लेकर ही चिंता जताई जा रही है। वास्तविक नुकसान का पता बारिश का दौर थमने और खेतों की स्थिति का आकलन किए जाने के बाद ही चल सकेगा। अगले एक-दो दिन अहम, मौसम पर टिकी निगाहें क्षेत्र में मौसम बदलने के बाद अब किसानों और आम लोगों की निगाहें आगामी दिनों की परिस्थितियों पर टिकी हैं। मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों के अनुसार बारिश और तेज हवाओं की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। यदि मौसम जल्द साफ होता है, तो किसानों को कटाई सहित अन्य कृषि कार्यों को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। इसके विपरीत, बारिश का दौर लंबा खिंचने पर खेतों में नमी और जलभराव के कारण परेशानियां बढ़ सकती हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान दें और फसल को सुरक्षित रखने के लिए कृषि विभाग की सलाह का पालन करें। वहीं, प्रशासन और संबंधित विभागों को भी मौसम से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को उचित मार्गदर्शन और सहायता मिल सके। मौसम की मार से बढ़ी चिंता, अब नुकसान के आकलन का इंतजार नवापारा-राजिम क्षेत्र में बारिश, तेज हवाओं और बढ़ती ठंडक ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। एक ओर आम जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति है, तो दूसरी ओर किसानों के सामने तैयार धान की फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। किसानों की महीनों की मेहनत अब मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर नजर आ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों का मौसम महत्वपूर्ण होगा। बारिश और तेज हवाओं का दौर थमने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि धान की फसल को कितना नुकसान पहुंचा है। फिलहाल किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि मौसम कब सामान्य होता है और खेतों में पककर तैयार धान की फसल को इस बेमौसम बारिश से कितना नुकसान उठाना पड़ता है।1
- जगदलपुर नगर निगम में बाढ़ पीड़ितों की राहत सामग्री खराब होने पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, महापौर से मांगा जवाब जगदलपुर नगर निगम में बाढ़ पीड़ितों की राहत सामग्री खराब होने पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, महापौर से मांगा जवाब1