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जगदलपुर नगर निगम में बाढ़ पीड़ितों की राहत सामग्री खराब होने पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, महापौर से मांगा जवाब जगदलपुर नगर निगम में बाढ़ पीड़ितों की राहत सामग्री खराब होने पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, महापौर से मांगा जवाब
बासकी ठाकुर पत्रकार
जगदलपुर नगर निगम में बाढ़ पीड़ितों की राहत सामग्री खराब होने पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, महापौर से मांगा जवाब जगदलपुर नगर निगम में बाढ़ पीड़ितों की राहत सामग्री खराब होने पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल, महापौर से मांगा जवाब
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- दशहरे के बाद दंतेश्वरी मंदिर के आसपास दुकानें सजने लगी जो अब तक सुरक्षा कारणों से बंद थी जगदलपुर/ जगदलपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर के पास स्थित दुकानें जो अब तक सुरक्षा कारणों से बंद थी अब धीरे-धीरे खुलने लगी है । यहां लोग पहले की तरह आने लगे हैं,यह जगह पहले राष्ट्रपति के आगमन के दौरान सुरक्षा कारणों से पूरी तरह बंद की जा चुकी थी और इसके आसपास लगने वाली दुकानें और उनके व्यवसाय प्रभावित हुए थे। कल बस्तर दशहरे का विधिवत समापन हुआ और सभी आमंत्रित देवी देवताओं की विदाई हुई इसी के साथ बस्तर दशहरा 2026 का समापन हुआ।1
- जगदलपुर नगरनार पुलिस की कार्रवाई: 8.5 किलो गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार जगदलपुर नगरनार पुलिस की कार्रवाई: 8.5 किलो गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार1
- संत ज्ञानेश्वर महाराज के जन्मोत्सव पर रक्तदान और आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन संत ज्ञानेश्वर महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर सद्गुरु सदाफल आश्रम में रक्तदान शिविर और निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय विश्व गायत्री संस्थान और जिला बस्तर इकाई के सहयोग से आयोजित रक्तदान शिविर में 150 यूनिट से अधिक रक्तदान का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में मरीजों की जांच कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां वितरित की जा रही हैं। आयोजकों और शिविर में पहुंचे लोगों ने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए युवाओं से आगे आने की अपील की। उनका कहना है कि रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में मदद मिलती है। वहीं, आयुर्वेद चिकित्सा शिविर के माध्यम से पुराने और जटिल रोगों से पीड़ित मरीजों को उपचार संबंधी परामर्श दिया जा रहा है।4
- अर्नव चक्रवाती तूफान का जिले में दिखाअसर तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश अर्नव चक्रवाती तूफान का जिले में दिखाअसर तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश1
- *अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰* *अन्नपूर्णा मुहिम के तहत* *✰रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान✰* *✰हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान✰*1
- टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो भेजने वाला प्रोफेसर को कोतवाली पुलिस ने कृषि महाविद्यालय से गिरफ्तार कोतवाली थाना अंतर्गत टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो भेजने और, प्रैक्टिकल में कम अंक देने की धमकी देकर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप में,सिटी कोतवाली पुलिस ने पियूष कान्त नेताम उम्र 49 वर्ष,पिता नारद राम,निवासी ग्राम कोपरा,बड़े राजपुर, थाना फरसगांव,जिला कोंडागांव को कृषि महाविद्यालय कांकेर परिसर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), 75(3), 351(2) एवं आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक जितेन्द्र साहू, सहायक उपनिरीक्षक भुनेश्वरी भगत, प्रधान आरक्षक कौशल साहू, आरक्षक रामूराम जुर्री, अनिल मरकाम,जितेन्द्र कोर्राम,रामप्रसाद साहू, महिला आरक्षक गणेश्वरी कोडोपी एवं पेट्रोलिंग टीम शामिल रही।1
- कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का एक दिवसीय धरना, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन.... रिपोटर:- मिथलेश उसेण्डी लोकेशन:- कोयलीबेड़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर आज कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय तहसील कार्यालय के सामने रंगमंच मे धरना-प्रदर्शन किया। अपनी 5 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आज कोयलीबेड़ा विकासखंड की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।धरना स्थल पर पहुंची कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए महिलाएं नारे लगा रही थीं - "अभी तो अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है, फूल नहीं चिंगारी है, छत्तीसगढ़ की नारी है काम के बदले दाम मांगते, ना ही किसी से भीख मांगते हैं। धरना स्थल पर बैठी महिलाओं ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं, लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के काम के अलावा अन्य विभागों के भी कई सारे काम उनसे लिए जाते हैं, जिससे उनके मूल काम में बाधा उत्पन्न होती है और वे आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। संयुक्त मंच द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में 5 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जो इस प्रकार हैं - 1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का नियमितीकरण किया जाए। नियमित होने तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ता को 30 हजार और सहायिका को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। 2. कार्यकर्ता को पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) पद पर और सहायिका को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत किया जाए तथा उम्र बंधन खत्म किया जाए। 3. सभी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और पीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 4. कार्यकर्ता एवं सहायिका की आकस्मिक मृत्यु पर तत्काल अनुकंपा नियुक्ति तथा रिटायरमेंट पर 5 लाख और 3 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए। 5. मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये मानदेय में वृद्धि की जाए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो वे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी। यह ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम तहसीलदार कोयलीबेड़ा को सौपा ज्ञापन । कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी। धरने में कोयलीबेड़ा ब्लॉक के सभी सेक्टरों की कार्यकर्ता-सहायिका बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का एक दिवसीय धरना, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन.... रिपोटर:- मिथलेश उसेण्डी लोकेशन:- कोयलीबेड़ा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर आज कोयलीबेड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय तहसील कार्यालय के सामने रंगमंच मे धरना-प्रदर्शन किया। अपनी 5 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आज कोयलीबेड़ा विकासखंड की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।धरना स्थल पर पहुंची कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए महिलाएं नारे लगा रही थीं - "अभी तो अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है, फूल नहीं चिंगारी है, छत्तीसगढ़ की नारी है काम के बदले दाम मांगते, ना ही किसी से भीख मांगते हैं। धरना स्थल पर बैठी महिलाओं ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं, लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के काम के अलावा अन्य विभागों के भी कई सारे काम उनसे लिए जाते हैं, जिससे उनके मूल काम में बाधा उत्पन्न होती है और वे आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। संयुक्त मंच द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में 5 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जो इस प्रकार हैं - 1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का नियमितीकरण किया जाए। नियमित होने तक श्रम कानून के तहत कार्यकर्ता को 30 हजार और सहायिका को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। 2. कार्यकर्ता को पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) पद पर और सहायिका को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत किया जाए तथा उम्र बंधन खत्म किया जाए। 3. सभी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और पीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 4. कार्यकर्ता एवं सहायिका की आकस्मिक मृत्यु पर तत्काल अनुकंपा नियुक्ति तथा रिटायरमेंट पर 5 लाख और 3 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए। 5. मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रुपये मानदेय में वृद्धि की जाए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो वे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी। यह ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम तहसीलदार कोयलीबेड़ा को सौपा ज्ञापन । कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी। धरने में कोयलीबेड़ा ब्लॉक के सभी सेक्टरों की कार्यकर्ता-सहायिका बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।4
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