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चरखारी कई गांवों में केन्द्र सरकार की नमामि गंगे और जल जीवन मिशन हर घर जल योजना हुई
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
चरखारी कई गांवों में केन्द्र सरकार की नमामि गंगे और जल जीवन मिशन हर घर जल योजना हुई
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- गौवंश की उपेक्षा, अवैध खेती, अनाज बिक्री और गौहत्या के आरोप—एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी समाचार विवरण: छतरपुर जिले में स्थित बुंदेलखंड गौशाला को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गौशाला प्रबंधन पर गौवंश की उपेक्षा, अवैध खेती, अनाज की बिक्री और गौहत्या जैसे संगीन आरोप लगाते हुए सर्वहिंदू समाज एवं स्थानीय ग्रामीणों ने जिला जनसुनवाई में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बताया गया कि बुंदेलखंड गौशाला ग्राम मऊ सहानियां में स्थित है, जो लगभग 84 एकड़ भूमि में फैली हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूमि का उपयोग गौवंश के चरने के लिए किए जाने के बजाय गौशाला अध्यक्ष संजू पाठक एवं समिति द्वारा खेती के उद्देश्य से किया जा रहा है। खेती से प्राप्त अनाज को बाजार में बेचे जाने का भी आरोप लगाया गया है, जबकि गौशाला में मौजूद गौवंश भूख, अव्यवस्था और उपेक्षा का शिकार है। ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि बीते दिनों गौशाला प्रबंधन द्वारा ज़हर दिए जाने से लगभग 70 से 80 सियार एवं अन्य जंगली जीवों के साथ-साथ 24 से 25 गौवंशों की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पूर्व में भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें: सर्वहिंदू समाज एवं ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं— वर्तमान गौशाला समिति को तत्काल भंग किया जाए नई गौशाला समिति का गठन किया जाए, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों को शामिल किया जाए गौशाला अध्यक्ष संजू पाठक एवं समिति के सदस्यों पर गौहत्या का प्रकरण दर्ज किया जाए सभी 32 गौवंशों को गौशाला परिसर में सुरक्षित रखा जाए, केवल दुधारू पशुओं तक सीमित न किया जाए शासन से प्राप्त अनुदान एवं दान राशि के उपयोग का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल एवं उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करता है। फिलहाल पूरे जिले की निगाहें इस मामले पर टिकी हुई हैं।1
- पर्यवेक्षक ने एस आई आर कार्य का किया निरीक्षण सभी अधिकारी गण रहे मौजूद मौदहा नगर के ब्लॉक संसाधन केंद्र बीआरसी में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एस आई आर कार्य का चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष रोल पर्यवेक्षक ने निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी कार्य में पूरी निष्ठा से जूटे दिखाई दिए इस मौके पर उप जिलाधिकारी राजकुमार गुप्ता,कर्मवीर सिंह, एबीएसए सुनील कुमार कमल, रामगोपाल,नायब तहसीलदार महेंद्र गुप्ता, कानून गो सुरेश कुमार, लेखपाल मौदहा अवनीश कुमार,और मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी वह बड़ी संख्या में बूथ लेवल ऑफिसर्स उपस्थित रहे1
- बांदा के गया प्रसाद कुशवाहा नामक विकलांग व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि गांव की कुछ लोगों ने उसके निजी मकान पर जबरन कब्जा कर सामान बाहर फेंक दिया पूर्व में थाना कमासिन में तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार सहित न्याय की मांग की है1
- Post by ApkiAwajDigital4
- *डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे बाँदा- तेरहवीं कार्यक्रम में हुए शामिल* बाँदा।जनपद बाँदा के पैलानी तहसील अंतर्गत निवाईच गांव में स्टाफ कार द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी सचिव ओम प्रकाश सिंह की मां मानवती के 23 जनवरी को बीमारी के चलते निधन हो गया था ।आज जिनका तेरहवीं संस्कार कार्यक्रम था। जिस पर ब्रजेश पाठक शामिल हुए हैं।निजी सचिव की माँ के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया वही जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने भी प्रधानमंत्री के निजी सचिव की मां के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया वहीं उपमुख्यमंत्री ने निजी सचिव ओम प्रकाश सिंह एवं उनके बड़े भाई शिक्षक शिव प्रकाश सिंह से पारिवारिक हाल-चाल जानने के बाद पार्टी के पदाधिकारियों व पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत जगराम सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष लवलेश सिंह, संतोष गुप्ता भाजपा नेता बलराम सिंह कछवाह ,नीरज सिंह अरविंद सिंह चंदेल आदि ने उपमुख्यमंत्री से भेंट की।1
- बांदा। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में 20 दिसंबर 2025 को सम्पन्न उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा 22 जनवरी 2026 को जारी पत्र के तहत एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर सड़क के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने तथा उनके सुरक्षित ठहराव के लिए होल्डिंग एरिया चिन्हित कर उन्हें क्रियाशील किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त आदेश के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक बांदा एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) बांदा द्वारा संयुक्त निरीक्षण एवं सर्वेक्षण किया गया। सर्वे के दौरान जनपद के राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, प्रमुख जिला मार्गों एवं अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर कुल 26 पार्किंग/होल्डिंग स्थलों का चिन्हांकन किया गया है। इन चिन्हित पार्किंग एवं होल्डिंग स्थलों का उद्देश्य बस, ट्रक, टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने के बजाय सुरक्षित एवं निर्धारित स्थानों पर खड़ा कराना है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रशासन द्वारा समस्त वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों को केवल चिन्हित पार्किंग/होल्डिंग स्थलों पर ही खड़ा करें। सड़क किनारे, एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग अथवा अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहन खड़ा करना मोटर वाहन अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 एवं उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। यदि कोई वाहन चालक या स्वामी सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़ा करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा 122/177 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा चालान अथवा वाहन निरुद्ध करने की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित वाहन स्वामी/चालक की होगी।1
- कवरेज करने गए पत्रकार को मिली धमकी, महोबकंठ थाने का मामला1
- राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई के बावजूद पीड़ित का आरोप—न्याय नहीं मिला तो उठाऊंगा आत्मघाती कदम समाचार विवरण: छतरपुर जिले की तहसील चंदला अंतर्गत ग्राम बछौन स्थित शासकीय चरनोई भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने स्वयं को न्याय से वंचित बताते हुए आत्महत्या की चेतावनी दे दी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। मामला ग्राम बछौन स्थित खसरा नंबर 1216/2, 1216/3, 1216/4 एवं 1216/5 से संबंधित है। इन खसरों का कुल रकबा क्रमशः 1.222, 0.400, 0.400, 0.400, 0.331 एवं 0.348 हेक्टेयर है, जो राजस्व अभिलेखों में मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज शासकीय एवं चरनोई भूमि है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त भूमि पर उमादेवी पत्नी श्री रामसजीवन रुपौलिहा, निवासी ग्राम बछौन द्वारा शासन को गुमराह कर बिना वैधानिक प्रक्रिया के अपना नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया गया था। इस प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लवकुशनगर द्वारा 30 दिसंबर 2022 को तथा अपर कलेक्टर, छतरपुर द्वारा 21 जून 2024 को आदेश पारित कर भूमि को पुनः मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज करने एवं अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। उक्त आदेशों के पालन में नायब तहसीलदार मंडल बछौन द्वारा 29 नवंबर 2024 को आदेश जारी कर अवैध कब्जा हटाने एवं ₹10,000 के जुर्माने की कार्रवाई की गई। इसके तहत 18 जनवरी 2025 को राजस्व अमला एवं पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर फसल नष्ट की गई तथा भूमि पर शासन द्वारा पुनः कब्जा ले लिया गया, जो वर्तमान में शासन के अधीन बताई जा रही है। इसके बावजूद जनसुनवाई में पहुंचे बुजुर्ग व्यक्ति ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वयं को न्याय से वंचित बताया और भावुक होकर अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने मामले की पुनः जांच कराने तथा सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का आश्वासन दिया है।1
- महोबा- पूरा मामला महोबा जनपद का है । जहाँ चरखारी के विधायक माननीय श्री बृजभूषण सिंह राजपूत जी नें महोबा दौरे पर आये उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति विभाग में कैबिनेट मंत्री माननीय स्वतंत्रदेव सिंह जी का बीच सड़क पर माननीय विधायक जी नें जल जीवन मिशन मामले पर लगभग 40 ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ घेराव करते हुए जल जीवन मिशन पर हो रही अनियमितताओं की पोल खोली । आगे आप पूरा वीडियो सुनें मामले को विस्तृत रूप से जानकारी के लिये ।1