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सीधी की बेटी आरती टांडिया ने बढ़ाया जिले का गौरव, आदिवासी कला को मिली वैश्विक पहचान सीधी। जिले के आदिवासी अंचल कुसमी की भगवार पंचायत की रहने वाली प्रतिभाशाली कलाकार आरती टांडिया ने अपनी चित्रकला के माध्यम से सीधी और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी बनाई पेंटिंग्स के दक्षिण अफ्रीका और केन्या तक पहुँचने की जानकारी सामने आई है। उनकी कलाकृतियों में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और जीवनशैली की सुंदर झलक देखने को मिलती है। आरती के माता-पिता दोनों वर्तमान में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में पाँच बहनें और एक भाई हैं। आरती को बचपन से ही चित्रकला में विशेष रुचि रही और उन्होंने अपनी कला को आदिवासी संस्कृति एवं सामाजिक जीवन की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। निरंतर प्रयास और प्रतिभा के बल पर आज उनकी कला देश की सीमाओं से बाहर तक पहचान बना रही है। प्रधानमंत्री तक कलाकृति पहुँचने का दावा आरती टांडिया की एक कलाकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचने का दावा किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि उक्त कलाकृति को उनके संग्रह में स्थान मिला। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने तक इसे दावे के रूप में ही देखा जाना उचित है। स्थानीय संस्कृति से वैश्विक मंच तक आरती की पेंटिंग्स केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। उनकी कला स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। आरती टांडिया की इस उपलब्धि पर उनके जनजातीय परिवार, क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं। क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की है कि आरती की प्रतिभा को उचित प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और व्यापक मंच मिले, जिससे भारतीय आदिवासी कला और संस्कृति को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर और अधिक पहचान प्राप्त हो। आरती की कला नई पीढ़ी के लिए यह संदेश भी देती है कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी प्रतिभा, निरंतर परिश्रम और समर्पण के साथ वैश्विक पहचान हासिल कर सकती है।

2 hrs ago
user_Rajneesh Mauriya journalist
Rajneesh Mauriya journalist
Court reporter कुसमी, सीधी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago
120d846f-4ad8-4d30-b437-2551151fc5af

सीधी की बेटी आरती टांडिया ने बढ़ाया जिले का गौरव, आदिवासी कला को मिली वैश्विक पहचान सीधी। जिले के आदिवासी अंचल कुसमी की भगवार पंचायत की रहने वाली प्रतिभाशाली कलाकार आरती टांडिया ने अपनी चित्रकला के माध्यम से सीधी और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी बनाई पेंटिंग्स के दक्षिण अफ्रीका और केन्या तक पहुँचने की जानकारी सामने आई है। उनकी कलाकृतियों में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और जीवनशैली की सुंदर झलक देखने को मिलती है। आरती के माता-पिता दोनों वर्तमान में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में पाँच बहनें और एक भाई हैं। आरती को बचपन से ही चित्रकला में विशेष रुचि रही और उन्होंने अपनी कला को आदिवासी संस्कृति एवं सामाजिक जीवन की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। निरंतर प्रयास और प्रतिभा के बल पर आज उनकी कला देश की सीमाओं से बाहर तक पहचान बना रही है। प्रधानमंत्री तक कलाकृति पहुँचने का दावा आरती टांडिया की एक कलाकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचने का दावा किया जा रहा है। यह भी बताया जा

रहा है कि उक्त कलाकृति को उनके संग्रह में स्थान मिला। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने तक इसे दावे के रूप में ही देखा जाना उचित है। स्थानीय संस्कृति से वैश्विक मंच तक आरती की पेंटिंग्स केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। उनकी कला स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। आरती टांडिया की इस उपलब्धि पर उनके जनजातीय परिवार, क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं। क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की है कि आरती की प्रतिभा को उचित प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और व्यापक मंच मिले, जिससे भारतीय आदिवासी कला और संस्कृति को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर और अधिक पहचान प्राप्त हो। आरती की कला नई पीढ़ी के लिए यह संदेश भी देती है कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी प्रतिभा, निरंतर परिश्रम और समर्पण के साथ वैश्विक पहचान हासिल कर सकती है।

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  • सीधी की बेटी आरती टांडिया ने बढ़ाया जिले का गौरव, आदिवासी कला को मिली वैश्विक पहचान सीधी। जिले के आदिवासी अंचल कुसमी की भगवार पंचायत की रहने वाली प्रतिभाशाली कलाकार आरती टांडिया ने अपनी चित्रकला के माध्यम से सीधी और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी बनाई पेंटिंग्स के दक्षिण अफ्रीका और केन्या तक पहुँचने की जानकारी सामने आई है। उनकी कलाकृतियों में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और जीवनशैली की सुंदर झलक देखने को मिलती है। आरती के माता-पिता दोनों वर्तमान में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में पाँच बहनें और एक भाई हैं। आरती को बचपन से ही चित्रकला में विशेष रुचि रही और उन्होंने अपनी कला को आदिवासी संस्कृति एवं सामाजिक जीवन की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। निरंतर प्रयास और प्रतिभा के बल पर आज उनकी कला देश की सीमाओं से बाहर तक पहचान बना रही है। प्रधानमंत्री तक कलाकृति पहुँचने का दावा आरती टांडिया की एक कलाकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचने का दावा किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि उक्त कलाकृति को उनके संग्रह में स्थान मिला। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने तक इसे दावे के रूप में ही देखा जाना उचित है। स्थानीय संस्कृति से वैश्विक मंच तक आरती की पेंटिंग्स केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। उनकी कला स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। आरती टांडिया की इस उपलब्धि पर उनके जनजातीय परिवार, क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं। क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की है कि आरती की प्रतिभा को उचित प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और व्यापक मंच मिले, जिससे भारतीय आदिवासी कला और संस्कृति को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर और अधिक पहचान प्राप्त हो। आरती की कला नई पीढ़ी के लिए यह संदेश भी देती है कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी प्रतिभा, निरंतर परिश्रम और समर्पण के साथ वैश्विक पहचान हासिल कर सकती है।
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    सीधी की बेटी आरती टांडिया ने बढ़ाया जिले का गौरव, आदिवासी कला को मिली वैश्विक पहचान
सीधी। जिले के आदिवासी अंचल कुसमी की भगवार पंचायत की रहने वाली प्रतिभाशाली कलाकार आरती टांडिया ने अपनी चित्रकला के माध्यम से सीधी और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी बनाई पेंटिंग्स के दक्षिण अफ्रीका और केन्या तक पहुँचने की जानकारी सामने आई है। उनकी कलाकृतियों में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और जीवनशैली की सुंदर झलक देखने को मिलती है।
आरती के माता-पिता दोनों वर्तमान में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में पाँच बहनें और एक भाई हैं। आरती को बचपन से ही चित्रकला में विशेष रुचि रही और उन्होंने अपनी कला को आदिवासी संस्कृति एवं सामाजिक जीवन की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। निरंतर प्रयास और प्रतिभा के बल पर आज उनकी कला देश की सीमाओं से बाहर तक पहचान बना रही है।
प्रधानमंत्री तक कलाकृति पहुँचने का दावा
आरती टांडिया की एक कलाकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचने का दावा किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि उक्त कलाकृति को उनके संग्रह में स्थान मिला। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने तक इसे दावे के रूप में ही देखा जाना उचित है।
स्थानीय संस्कृति से वैश्विक मंच तक
आरती की पेंटिंग्स केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। उनकी कला स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
आरती टांडिया की इस उपलब्धि पर उनके जनजातीय परिवार, क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।
क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की है कि आरती की प्रतिभा को उचित प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और व्यापक मंच मिले, जिससे भारतीय आदिवासी कला और संस्कृति को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर और अधिक पहचान प्राप्त हो।
आरती की कला नई पीढ़ी के लिए यह संदेश भी देती है कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी प्रतिभा, निरंतर परिश्रम और समर्पण के साथ वैश्विक पहचान हासिल कर सकती है।
    user_Rajneesh Mauriya journalist
    Rajneesh Mauriya journalist
    Court reporter कुसमी, सीधी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सिंगरौली: जयंत माइंस में हादसे ने बुझाया एक घर का चिराग.? घर से निकला शख्स वापस नहीं लौटा, रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया पीछे सिंगरौली: जयंत माइंस में हादसे ने बुझाया एक घर का चिराग.? घर से निकला शख्स वापस नहीं लौटा, रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया पीछे 😭😭😭
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    सिंगरौली: जयंत माइंस में हादसे ने बुझाया एक घर का चिराग.? घर से निकला शख्स वापस नहीं लौटा, रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया पीछे 
सिंगरौली: जयंत माइंस में हादसे ने बुझाया एक घर का चिराग.? घर से निकला शख्स वापस नहीं लौटा, रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया पीछे 😭😭😭
    user_Santosh kumar
    Santosh kumar
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, बटूरा में 60 टन अवैध कोयला भंडारण पकड़ा, ट्रेलर जब्त ... खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही .. शहडोल 20 अक्टूबर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बटूरा, तहसील बुढ़ार क्षेत्र में कोयला खनन संबंधी शिकायत की जांच की। जांच के दौरान ग्राम बटूरा में सोन नदी के पास लगभग 60 टन कोयले का अवैध भंडारण पाया गया। कार्रवाई के दौरान कोयले के अवैध भंडारण में एक ट्रेलर संलिप्त पाया गया। टीम ने अवैध रूप से भंडारित लगभग 60 टन कोयले एवं ट्रेलर को लावारिस हालत में जब्त किया। जब्त कोयले को जेसीबी की सहायता से ट्रेलर में लोड कराया गया तथा वाहन सहित कोयले को थाना अमलाई की अभिरक्षा में रखा गया है। अवैध कोयला भंडारण के संबंध में प्रकरण तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय शहडोल में प्रस्तुत किया जाएगा।
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    शहडोल,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,,
बटूरा में 60 टन अवैध कोयला भंडारण पकड़ा, ट्रेलर जब्त
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खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही 
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शहडोल 20 अक्टूबर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बटूरा, तहसील बुढ़ार क्षेत्र में कोयला खनन संबंधी शिकायत की जांच की। जांच के दौरान ग्राम बटूरा में सोन नदी के पास लगभग 60 टन कोयले का अवैध भंडारण पाया गया।
कार्रवाई के दौरान कोयले के अवैध भंडारण में एक ट्रेलर  संलिप्त पाया गया। टीम ने अवैध रूप से भंडारित लगभग 60 टन कोयले एवं ट्रेलर को लावारिस हालत में जब्त किया।
जब्त कोयले को जेसीबी की सहायता से ट्रेलर में लोड कराया गया तथा वाहन सहित कोयले को थाना अमलाई की अभिरक्षा में रखा गया है। अवैध कोयला भंडारण के संबंध में प्रकरण तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कलेक्टर न्यायालय शहडोल में प्रस्तुत किया जाएगा।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    21 hrs ago
  • आज स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 950 से अधिक अनुकंपा नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया। आज स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 950 से अधिक अनुकंपा नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया। किसी भी विभाग द्वारा इतनी बड़ी संख्या में अनुकंपा नियुक्तियां प्रदान करना, लंबित प्रकरणों के निराकरण के प्रति हमारी सरकार की गंभीरता, तत्परता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस अवसर पर हमने अपेक्षा व्यक्त की है कि अनुकंपा नियुक्ति के शेष लगभग 300 लंबित प्रकरणों का निराकरण भी इसी वर्ष के अंत तक कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया जारी है। पदोन्नति के कारण रिक्त होने वाले पदों पर नियुक्तियां देकर इन प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में 369 विद्यालय भवनों का निर्माण एवं लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही आज 200 नए विद्यालय भवनों को भी मंजूरी दी गई है। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत भी 200 सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण किया जाएगा। हमारी सरकार द्वारा अब तक विभिन्न विभागों में की गई नियुक्तियों में से 15,000 नियुक्तियां स्कूल शिक्षा विभाग में हुई हैं। इसके अतिरिक्त, 20,000 पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया प्रस्तावित है। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए भी नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय स्कूल शिक्षा विभाग का बजट लगभग ₹400 करोड़ तक सीमित था, जबकि हमारी सरकार ने स्कूल शिक्षा के लिए ₹38,000 करोड़ का बजट दिया है। यह केवल बजट की राशि नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे संकल्प का प्रतीक है। इससे शिक्षा के प्रति हमारी सरकार की प्राथमिकता और कार्य करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 70% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अब तक 1 लाख 45 हजार से अधिक लैपटॉप वितरित किए गए हैं। स्कूटी वितरण से लेकर किताबों और कॉपियों की उपलब्धता तक, विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं को निरंतर बेहतर बनाया जाए। हम सभी अपनी नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सब मिलकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर मध्यप्रदेश को विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी बनाएं और प्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने के संकल्प को साकार करें। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
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    आज स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 950 से अधिक अनुकंपा नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया।
आज स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 950 से अधिक अनुकंपा नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया। किसी भी विभाग द्वारा इतनी बड़ी संख्या में अनुकंपा नियुक्तियां प्रदान करना, लंबित प्रकरणों के निराकरण के प्रति हमारी सरकार की गंभीरता, तत्परता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस अवसर पर हमने अपेक्षा व्यक्त की है कि अनुकंपा नियुक्ति के शेष लगभग 300 लंबित प्रकरणों का निराकरण भी इसी वर्ष के अंत तक कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया जारी है। पदोन्नति के कारण रिक्त होने वाले पदों पर नियुक्तियां देकर इन प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में 369 विद्यालय भवनों का निर्माण एवं लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही आज 200 नए विद्यालय भवनों को भी मंजूरी दी गई है। वहीं, जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत भी 200 सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण किया जाएगा।
हमारी सरकार द्वारा अब तक विभिन्न विभागों में की गई नियुक्तियों में से 15,000 नियुक्तियां स्कूल शिक्षा विभाग में हुई हैं। इसके अतिरिक्त, 20,000 पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया प्रस्तावित है। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए भी नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय स्कूल शिक्षा विभाग का बजट लगभग ₹400 करोड़ तक सीमित था, जबकि हमारी सरकार ने स्कूल शिक्षा के लिए ₹38,000 करोड़ का बजट दिया है। यह केवल बजट की राशि नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे संकल्प का प्रतीक है। इससे शिक्षा के प्रति हमारी सरकार की प्राथमिकता और कार्य करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 70% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अब तक 1 लाख 45 हजार से अधिक लैपटॉप वितरित किए गए हैं। स्कूटी वितरण से लेकर किताबों और कॉपियों की उपलब्धता तक, विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं को निरंतर बेहतर बनाया जाए।
हम सभी अपनी नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम सब मिलकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर मध्यप्रदेश को विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी बनाएं और प्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने के संकल्प को साकार करें।
- *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 min ago
  • 🚩🙏 जय माँ कुदरगढ़ वाली! 🙏🚩 🏞️ माँ के दरबार में आकर मन को मिला सुकून, कुदरगढ़ की वादियों में बसा है भक्ति का जुनून! ❤️🚩 ✨ कुदरगढ़ धाम की खूबसूरत झलक ✨ माँ का आशीर्वाद बना रहे, यही प्रार्थना है। 🙏❤️ #कुदरगढ़ #कुदरगढ़धाम #जयमाँ #मातारानी #भक्तिरस #छत्तीसगढ़ #ReelsIndia #ViralReels
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    🚩🙏 जय माँ कुदरगढ़ वाली! 🙏🚩

🏞️ माँ के दरबार में आकर मन को मिला सुकून,
कुदरगढ़ की वादियों में बसा है भक्ति का जुनून! ❤️🚩

✨ कुदरगढ़ धाम की खूबसूरत झलक ✨
माँ का आशीर्वाद बना रहे, यही प्रार्थना है। 🙏❤️

#कुदरगढ़ #कुदरगढ़धाम #जयमाँ #मातारानी #भक्तिरस #छत्तीसगढ़ #ReelsIndia #ViralReels
    user_Brijendra singh
    Brijendra singh
    Video Creator गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    58 min ago
  • रात 11:30 चोरी करते पकड़े गए दो युवक गुरेता के बताए जा रहे हैं अब तक से दक्षिण द्वारा नाम नहीं बताया गया यह बताया गया है कि एक पटेल थे एक ब्राह्मण थे कल 11:30 बजे रात हमारे यहां से भैंस चुरा कर पकड़े गए हैं ग्रामीण खेर करके पकड़ा है जिसकी सूचना मऊगंज थाने को दी गई थी मऊगंज पुलिस आकर के मौके का निरीक्षण करके चोरों को पकड़ ले गई है और साथ में उनके एक अपाचे थी जो छूट गई है और साथ में तलवार बांका लाठी सब लिए थे करने का प्रयास किया ग्रामीणों द्वारा गुहार लगाने पर जान बची तब जाकर चोरों को पकड़ा गया यस न्यूज़ संवाददाता दीनानाथ गुप्ता की खास रिपोर्ट
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    रात 11:30 चोरी करते पकड़े गए दो युवक गुरेता के बताए जा रहे हैं अब तक से दक्षिण द्वारा नाम नहीं बताया गया यह बताया गया है कि एक पटेल थे एक ब्राह्मण थे कल 11:30 बजे रात हमारे यहां से भैंस चुरा कर पकड़े गए हैं ग्रामीण खेर करके पकड़ा है
जिसकी सूचना मऊगंज थाने को दी गई थी मऊगंज पुलिस आकर के मौके का निरीक्षण करके चोरों को पकड़ ले गई है और साथ में उनके एक अपाचे थी जो छूट गई है और साथ में तलवार बांका लाठी सब लिए थे करने का प्रयास किया ग्रामीणों द्वारा गुहार लगाने पर जान बची तब जाकर चोरों को पकड़ा गया यस न्यूज़ संवाददाता दीनानाथ गुप्ता की खास रिपोर्ट
    user_Patrakar Deenan मंगवाविधायक नर
    Patrakar Deenan मंगवाविधायक नर
    मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्यप्रदेश में पुलिस बैंड के लिए 750 पदों पर होगी भर्ती, आने वाला वर्ष युवा वर्ष के रूप में मनाएगी सरकार: CM डॉ. मोहन यादव
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    मध्यप्रदेश में पुलिस बैंड के लिए 750 पदों पर होगी भर्ती, आने वाला वर्ष युवा वर्ष के रूप में मनाएगी सरकार: CM डॉ. मोहन यादव
    user_Amrendra Shukla पत्रकार
    Amrendra Shukla पत्रकार
    Local News Reporter सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • aap dekh Rahe Hain Mata Ji ke Darbar mein Navratri ke Durga Ji is waqt ki badi khabar hai Jaan subah Navratri prakat 9 October geet chal raha Raghunath ji janab Tak
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    aap dekh Rahe Hain Mata Ji ke Darbar mein Navratri ke Durga Ji
is waqt ki badi khabar hai Jaan subah Navratri prakat 9 October geet chal raha Raghunath ji janab Tak
    user_Patrakar Deenan मंगवाविधायक नर
    Patrakar Deenan मंगवाविधायक नर
    मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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