अर्नब की आफत से खेतों में बिछी धान की फसल, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी,किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की उठाई मांग सिद्धार्थनगर जिले में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर किसानों पर कहर बनकर टूटा है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई लगातार बारिश तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बांसी, इटवा, शोहरतगढ़, डुमरियागंज और नौगढ़ तहसील क्षेत्रों में धान की तैयार फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई है। कई स्थानों पर दो से ढाई फीट तक पानी भरने से फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है। कटाई से महज 10 दिन पहले आई इस प्राकृतिक आफत ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों के मुताबिक इस बार धान की पैदावार अच्छी हुई थी और फसल कटने के लिए तैयार थी। तेज हवाओं के कारण धान की बालियां टूटकर बिखर गईं, जबकि लगातार बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। जमीन पर गिरी फसल पानी में डूबने से उसके सड़ने का खतरा बना हुआ है। बांसी क्षेत्र के खिरिया गांव निवासी किसान रामनरायन चौधरी, सोनू यादव और पुन्नवासी ने बताया कि खेती के लिए कर्ज लेकर खाद और बीज खरीदा था। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने सारी मेहनत बर्बाद कर दी। अब लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है। फसल को और अधिक नुकसान से बचाने के लिए किसान जल्द से जल्द कटाई कराने की कोशिश में जुटे हैं। इसके चलते हार्वेस्टर की मांग अचानक बढ़ गई है और मशीनों के लिए लंबी कतार लग रही है। किसानों के अनुसार पहले हार्वेस्टर का किराया 1200 रुपये प्रति घंटे था, जो अब बढ़कर 2200 से 2400 रुपये प्रति घंटे तक पहुंच गया है। इससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल राजस्व विभाग की टीम गांवों में भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा खेतों में गिरी फसल की कटाई के लिए सरकारी दर पर हार्वेस्टर उपलब्ध कराया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन की ओर से राहत नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, अगली फसल की बुआई भी प्रभावित हो सकती है।
अर्नब की आफत से खेतों में बिछी धान की फसल, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी,किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की उठाई मांग सिद्धार्थनगर जिले में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर किसानों पर कहर बनकर टूटा है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई लगातार बारिश तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बांसी, इटवा, शोहरतगढ़, डुमरियागंज और नौगढ़ तहसील क्षेत्रों में धान की तैयार फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई है। कई स्थानों पर दो से ढाई फीट तक पानी भरने से फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है। कटाई से महज 10 दिन पहले आई इस प्राकृतिक आफत ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों के मुताबिक इस बार धान की पैदावार अच्छी हुई थी और फसल कटने के लिए तैयार थी। तेज हवाओं के कारण धान की बालियां टूटकर बिखर गईं, जबकि लगातार बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। जमीन पर गिरी फसल पानी में डूबने से उसके सड़ने का खतरा बना हुआ है। बांसी क्षेत्र के खिरिया गांव निवासी किसान रामनरायन चौधरी, सोनू यादव और पुन्नवासी ने बताया कि खेती के लिए कर्ज लेकर खाद और बीज खरीदा था। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने सारी मेहनत बर्बाद कर दी। अब लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है। फसल को और अधिक नुकसान से बचाने के लिए किसान जल्द से जल्द कटाई कराने की कोशिश में जुटे हैं। इसके चलते हार्वेस्टर की मांग अचानक बढ़ गई है और मशीनों के लिए लंबी कतार लग रही है। किसानों के अनुसार पहले हार्वेस्टर का किराया 1200 रुपये प्रति घंटे था, जो अब बढ़कर 2200 से 2400 रुपये प्रति घंटे तक पहुंच गया है। इससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल राजस्व विभाग की टीम गांवों में भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा खेतों में गिरी फसल की कटाई के लिए सरकारी दर पर हार्वेस्टर उपलब्ध कराया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन की ओर से राहत नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, अगली फसल की बुआई भी प्रभावित हो सकती है।
- अर्नब की आफत से खेतों में बिछी धान की फसल, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी,किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की उठाई मांग सिद्धार्थनगर जिले में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर किसानों पर कहर बनकर टूटा है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई लगातार बारिश तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बांसी, इटवा, शोहरतगढ़, डुमरियागंज और नौगढ़ तहसील क्षेत्रों में धान की तैयार फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई है। कई स्थानों पर दो से ढाई फीट तक पानी भरने से फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है। कटाई से महज 10 दिन पहले आई इस प्राकृतिक आफत ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों के मुताबिक इस बार धान की पैदावार अच्छी हुई थी और फसल कटने के लिए तैयार थी। तेज हवाओं के कारण धान की बालियां टूटकर बिखर गईं, जबकि लगातार बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। जमीन पर गिरी फसल पानी में डूबने से उसके सड़ने का खतरा बना हुआ है। बांसी क्षेत्र के खिरिया गांव निवासी किसान रामनरायन चौधरी, सोनू यादव और पुन्नवासी ने बताया कि खेती के लिए कर्ज लेकर खाद और बीज खरीदा था। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने सारी मेहनत बर्बाद कर दी। अब लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है। फसल को और अधिक नुकसान से बचाने के लिए किसान जल्द से जल्द कटाई कराने की कोशिश में जुटे हैं। इसके चलते हार्वेस्टर की मांग अचानक बढ़ गई है और मशीनों के लिए लंबी कतार लग रही है। किसानों के अनुसार पहले हार्वेस्टर का किराया 1200 रुपये प्रति घंटे था, जो अब बढ़कर 2200 से 2400 रुपये प्रति घंटे तक पहुंच गया है। इससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल राजस्व विभाग की टीम गांवों में भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए। प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा खेतों में गिरी फसल की कटाई के लिए सरकारी दर पर हार्वेस्टर उपलब्ध कराया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन की ओर से राहत नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, अगली फसल की बुआई भी प्रभावित हो सकती है।1
- सरदार पटेल की जयंती पर विकास चौधरी के अगुवाई में निकली भव्य शोभायात्रा सैकड़ों लोगों ने किया शोभायात्रा में सहभागिता मेंहदावल, संतकबीरनगर। भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर शनिवार को जनपद हर्षोल्लास से मनाई गई। भव्य शोभायात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर खमरिया ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि विकास चौधरी के अगुवाई में निकली शोभायात्रा में सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वृहद स्तर पर वाहनों के काफिले के साथ निकली यात्रा में युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। हर ओर भारत माता की जय और सरदार पटेल अमर रहें के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस शोभायात्रा की शुरुआत कांटे स्थित विकास चौधरी के आवास से हुई। सुबह से ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से समर्थकों, युवाओं आदि हर वर्ग के लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर सरदार पटेल के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। इसके बाद विकास चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग वाहन से हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय पहुंचे और वही से पदयात्रा करते हुए विकास चौधरी के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हर हाथ में तिरंगा और जुबां पर देशभक्ति के नारे लिए लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मेहदावल बाईपास पहुंची। यहां संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर विकास चौधरी ने समर्थकों के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विकास चौधरी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन एक प्रेरणा है जिन्होंने आजादी के बाद रियासतों का विलय करवाया और देश को एक सूत्र में पिरोकर आजाद भारत की नींव रखी। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका योगदान देश कभी भूल नही सकता है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, भाईचारा और सामाजिक समरसता के भाव को हर किसी को आत्मसात करना चाहिए।। कार्यक्रम के माध्यम से सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और विकास का संदेश दिया गया। सरदार पटेल हमारे समाज के लिए भी हमेशा प्रेरणास्रोत रहे है।4
- संतकबीरनगर- लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती पर समाजसेवी रोहित पटेल ने निकाली भव्य शोभायात्रा, बाबा साहेब की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण राष्ट्रीय एकता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर समाजसेवी रोहित पटेल के नेतृत्व में बच्चों के द्वारा राष्ट्रगान के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा डिग्री कॉलेज से शुरू होकर मेहदावल बाईपास तक निकाली गई। इस दौरान देशभक्ति गीतों और सरदार पटेल अमर रहें के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। शोभायात्रा के समापन पर मेहदावल बाईपास स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर समाजसेवी रोहित पटेल ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर रोहित पटेल ने कहा कि लौह पुरुष सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एक कर अखंड भारत का निर्माण किया। उनकी कुर्बानियां और दृढ़ इच्छाशक्ति को देश कभी नहीं भूल सकता। वहीं बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान देकर देश को एक नई दिशा दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- ऊंची चारदीवारी और पहरेदार भी नहीं रोक पाए, फिल्मी अंदाज में कर दिया यह काम, नेपाल पुलिस हैरान, भारत -नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट? Note : Vairlvideo #reelsvideo #vairlpost #NewsUpdate #Maharajganj #police #ANNEWS #reelsviral #reelsviralシ #reelsfacebook #nepal #dolpda #District #jail #PoliceAction #POLICE ऊंची चारदीवारी और पहरेदार भी नहीं रोक पाए, फिल्मी अंदाज में कर दिया यह काम, नेपाल पुलिस हैरान, भारत -नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट? Note : Vairlvideo #reelsvideo #vairlpost #NewsUpdate #Maharajganj #police #ANNEWS #reelsviral #reelsviralシ #reelsfacebook #nepal #dolpda #District #jail #PoliceAction #POLICE1
- महराजगंज में पुलिस का बड़ा एक्शन! बिना हेलमेट निकले तो कोतवाली पहुंचीं बाइकें, परिसर में लगी कतार! महराजगंज। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महराजगंज पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर शहर में बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों को रोककर कोतवाली पहुंचाया गया, जिससे परिसर में मोटरसाइकिलों की लंबी कतार लग गई। अभियान के दौरान सीओ सदर अंकुर गौतम और शहर कोतवाल धर्मेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों ने बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को रोककर यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की। अचानक हुई इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। इस दौरान कुछ बाइक सवारों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस का साफ संदेश—हेलमेट पहनें, सुरक्षित रहें! पुलिस का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के जरिए स्पष्ट किया गया कि नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। आपकी सुरक्षा, आपकी जिम्मेदारी। घर से निकलते समय हेलमेट जरूर पहनें। क्या बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई जरूरी है? कमेंट में बताएं।1
- सरदार पटेल संस्थान, उसका कला में धूमधाम से मनाई गई लौह पुरुष की 151वीं जयंती संस्थान के संस्थापक एवं प्रबंधक श्यामलाल चौधरी की अध्यक्षता में हुआ आयोजन, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प संतकबीरनगर। लौह पुरुष एवं भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को सरदार पटेल संस्थान, उसका कला, खलीलाबाद में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान परिसर में सरदार पटेल की जयंती धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार पटेल संस्थान के संस्थापक एवं प्रबंधक श्यामलाल चौधरी ने की।इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उपस्थित लोगों ने सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने तथा सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।सरदार पटेल संस्थान एवं पटेल समाज द्वारा पिछले 50 वर्षों से भी अधिक समय से लगातार 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती धूमधाम से मनाई जाती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी संस्थान परिसर में भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम में रोहित पटेल, साहुल चौधरी, मंटू पटेल, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राम ललित चौधरी, चौधरी स्वीट्स के प्रोपराइटर एवं ग्राम प्रधान दलेलगंज रविंद्र चौधरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भाजपा नेताओं, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया।वक्ताओं ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारत की एकता और अखंडता के महान प्रतीक हैं। स्वतंत्र भारत में रियासतों के एकीकरण तथा राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके विचार आज भी देश को एकजुट रखने और समाज में आपसी सौहार्द स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं।कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाने तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। संस्थान परिसर में आयोजित यह जयंती समारोह श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रप्रेम के वातावरण में संपन्न हुआ।सरदार पटेल संस्थान के संस्थापक एवं प्रबंधक श्यामलाल चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।1
- लखनऊ में वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा, 14 करोड़ के सात दुर्लभ बाज बरामद; मुंबई का तस्कर गिरफ्तार लखनऊ। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के एक कथित सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फाल्कन प्रजाति के सात दुर्लभ बाज बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन पक्षियों की अनुमानित कीमत करीब 14 करोड़ रुपये है। इस बरामदगी ने वन्यजीवों की अवैध तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसटीएफ ने 30 अक्टूबर की रात करीब 7:30 बजे लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र स्थित इरादतनगर मोहल्ले में कार्रवाई कर आरोपी फिरोज मसर्रत खान को गिरफ्तार किया। आरोपी मुंबई, महाराष्ट्र का निवासी बताया गया है। उसके पास से एक मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। एसटीएफ के अनुसार, संरक्षित वन्यजीवों की अवैध तस्करी की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर वन्यजीव और संरक्षित पक्षियों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़े होने की जानकारी दी। जंगलों से संग्रह कर विदेशों तक सप्लाई का दावा जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, गिरोह के सदस्य गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के जंगलों से वन्यजीवों को एकत्र करते थे। इसके बाद मुंबई के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार तक उनकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। तस्करी के संभावित नेटवर्क में दुबई, सऊदी अरब और बहरीन जैसे देशों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क की पुष्टि के लिए आगे की जांच की जा रही है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज एसटीएफ के मुताबिक, फाल्कन समेत कुछ दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिन्हें सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है। मामले में मदेयगंज थाने में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 49, 50 और 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। सात दुर्लभ पक्षियों की बरामदगी को वन्यजीव तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। लखनऊ में वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा, 14 करोड़ के सात दुर्लभ बाज बरामद; मुंबई का तस्कर गिरफ्तार लखनऊ। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के एक कथित सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फाल्कन प्रजाति के सात दुर्लभ बाज बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन पक्षियों की अनुमानित कीमत करीब 14 करोड़ रुपये है। इस बरामदगी ने वन्यजीवों की अवैध तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसटीएफ ने 30 अक्टूबर की रात करीब 7:30 बजे लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र स्थित इरादतनगर मोहल्ले में कार्रवाई कर आरोपी फिरोज मसर्रत खान को गिरफ्तार किया। आरोपी मुंबई, महाराष्ट्र का निवासी बताया गया है। उसके पास से एक मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। एसटीएफ के अनुसार, संरक्षित वन्यजीवों की अवैध तस्करी की सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर वन्यजीव और संरक्षित पक्षियों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़े होने की जानकारी दी। जंगलों से संग्रह कर विदेशों तक सप्लाई का दावा जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, गिरोह के सदस्य गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के जंगलों से वन्यजीवों को एकत्र करते थे। इसके बाद मुंबई के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार तक उनकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। तस्करी के संभावित नेटवर्क में दुबई, सऊदी अरब और बहरीन जैसे देशों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इस पूरे नेटवर्क की पुष्टि के लिए आगे की जांच की जा रही है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज एसटीएफ के मुताबिक, फाल्कन समेत कुछ दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिन्हें सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है। मामले में मदेयगंज थाने में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 49, 50 और 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। सात दुर्लभ पक्षियों की बरामदगी को वन्यजीव तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।1
- सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर सतर्कता जागरूकता गोष्ठी में ईमानदारी और पारदर्शिता से कार्य करने का दिया संदेश सिद्धार्थनगर जिले में स्थित 50 शैय्यायुक्त संयुक्त चिकित्सालय बांसी के सभागार में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत शनिवार को जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। 26 अक्टूबर से एक नवंबर 2026 तक चलने वाले इस सप्ताह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता और पारदर्शिता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. उजैर अतहर ने कहा कि सत्यनिष्ठा महज एक शब्द नहीं, बल्कि व्यक्ति के आचरण और कार्यशैली का महत्वपूर्ण आधार है। अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करना ही सच्ची सत्यनिष्ठा है। सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी है। डॉ. आरके सिंह ने कहा कि प्रत्येक कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरी ईमानदारी के साथ करना ही सत्यनिष्ठा का वास्तविक अर्थ है। व्यक्ति के विचार, व्यवहार और कार्यों में ईमानदारी झलकनी चाहिए। कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा से ही समाज और देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी होती हैं। इसलिए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का व्यवहार संवेदनशील, निष्पक्ष एवं जिम्मेदार होना चाहिए। मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार करना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं, डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने कार्यस्थल पर अनुशासन, पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार से दूर रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना प्रत्येक कर्मचारी का नैतिक कर्तव्य है। कार्यक्रम के दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान तथा देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए किए गए प्रयासों को याद किया। इस अवसर पर चीफ फार्मासिस्ट रत्नशंकर चौधरी, फार्मासिस्ट राजेंद्र कुमार चौधरी, केके पांडेय, भानु प्रताप, अर्चना मैसी, गीता पांडेय, गीता भारती सहित चिकित्सालय के चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1