धरियावद में वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में पीड़ित परिवार और कई पंचायतों के ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। कई घंटों तक सड़क जाम करने के बाद प्रदर्शनकारी वन विभाग कार्यालय पहुँच गए, जहाँ उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम), डीवाईएसपी नानालाल सालवी और धरियावद थानाधिकारी हजारीलाल मीणा सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। वहीं, विधायक थावरचंद डामोर ने स्पष्ट कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल वन विभाग कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन जारी है और पूरा क्षेत्र अब प्रशासन के अगले कदम पर अपनी नजर बनाए हुए है। पुलिस-प्रशासन भी मौके पर स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।
धरियावद में वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में पीड़ित परिवार और कई पंचायतों के ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। कई घंटों तक सड़क जाम करने के बाद प्रदर्शनकारी वन विभाग कार्यालय पहुँच गए,
जहाँ उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम), डीवाईएसपी नानालाल सालवी और धरियावद थानाधिकारी हजारीलाल मीणा सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर मामले का
समाधान निकालने का प्रयास किया और उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। वहीं, विधायक थावरचंद डामोर ने स्पष्ट कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक
धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल वन विभाग कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन जारी है और पूरा क्षेत्र अब प्रशासन के अगले कदम पर अपनी नजर बनाए हुए है। पुलिस-प्रशासन भी मौके पर स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।
- मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर में बबीता धाकड़ के संपर्क में देश में धमाके कर चुके तीन आतंकी थे।1
- धरियावद क्षेत्र के जूना बोरिया गांव में वन विभाग द्वारा एक गरीब परिवार के मकान को ध्वस्त किए जाने के विरोध में ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को वन विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते हुए एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने सरकार और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। विधायक डामोर ने आरोप लगाया कि जूना बोरिया गांव में जिस मकान को वन विभाग ने अवैध अतिक्रमण बताकर ध्वस्त किया, वह असल में ग्राम पंचायत की भूमि पर निर्मित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि सीमांकन की सही जानकारी के अभाव में विभाग ने यह कार्रवाई की, जिसके चलते एक गरीब परिवार बेघर हो गया। डामोर ने बताया कि इस मकान के टूटने से परिवार की महिला सहित दो मासूम बच्चों का आशियाना उजड़ गया है। विधायक ने वन विभाग की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार को भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और पीड़ित परिवार को शीघ्र आवास निर्माण तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक डामोर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पीड़ित परिवार को राहत नहीं मिली तो वे ग्रामीणों और किसानों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने थोड़ी देर के लिए सड़क को भी जाम कर दिया, जिसे प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद कुछ देर में खोल दिया गया। हालांकि, अपनी मांगें पूरी न होने पर विधायक डामोर सहित सैकड़ों ग्रामीण वन विभाग के कार्यालय में धरने पर बैठ गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगातें मिलीं, जहाँ उनका हवाई पट्टी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में 500 मेगावाट नीमच और 450 मेगावाट शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ₹1553 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित हो रहा है और नीमच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के नीमच में एक भव्य 'विकास महापर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹3,949 करोड़ की एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुल 162 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया और साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।1
- नीमच जिले के जमुनिया कला में लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला नामक व्यक्ति की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई है। इस दुखद घटना के कारण उनकी दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है।1
- नीमच पुलिस ने आम जनता की समस्याओं और सुझावों को सीधे सुनने के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत जिले के सभी पुलिस थानों के बाहर फीडबैक QR कोड लगाए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से कोई भी व्यक्ति थाने में मिले व्यवहार, शिकायत के निस्तारण, या अन्य पुलिस सेवाओं से संबंधित अपने सुझाव और प्रतिक्रिया ऑनलाइन दर्ज करा सकेगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना, शिकायतों का त्वरित समाधान करना और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह डिजिटल पहल पूरी तरह से WhatsApp आधारित है; थाने में आने वाला कोई भी फरियादी परिसर के बाहर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे WhatsApp पर फीडबैक फॉर्म खोलकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकता है। इससे शिकायतकर्ताओं के अनुभव, पुलिस के व्यवहार और कार्यप्रणाली की गुणवत्ता का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सटीक मूल्यांकन किया जा सकेगा। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस जन-केंद्रित पुलिसिंग व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सुशासन के विजन को साकार करते हुए, इस पहल से पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जा रहा है।1
- रविवार को इंदौर के तीन युवक बड़वाह थाना क्षेत्र के चौड़ापाट स्थित चोरल नदी में पार्टी कर रहे थे, तभी अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण वे नदी के बीच में बाढ़ में फंस गए। स्थानीय युवाओं ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रस्सी, बेल्ट और रुमाल की मदद से बचाव अभियान शुरू किया, जिसके बाद तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।1
- रतलाम में BMS की दो दिवसीय नेतृत्व विकास कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस कार्यशाला में नीमच और मंदसौर जिलों के पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रदेश महामंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया।1
- नीमच में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन से ठीक पहले, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे कार्यक्रम स्थल के आसपास तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। विरोध प्रदर्शन के बीच, कांग्रेस नेता तरुण बाहेती सड़क पर लेट गए, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर काफी तनाव बढ़ गया। इस घटनाक्रम के दौरान, पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमा-झपटी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तरुण बाहेती समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कार्यक्रम स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस पूरे घटनाक्रम के चलते नीमच का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।1